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Chapter 7

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Co-ordinate Geomatery and Mathematical Programming (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट

Chapter 7अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

7.1 परिचय

व्याख्या

7.1 परिचय

इस अनुभाग में समन्वय ज्यामिति (Co-ordinate Geometry) और गणितीय प्रोग्रामिंग (Mathematical Programming) का परिचय दिया गया है। समन्वय ज्यामिति गणित की वह शाखा है जिसमें ज्यामितीय आकृतियों का अध्ययन संख्यात्मक रूप में किया जाता है। इसमें बिंदु, रेखा, वृत्त आदि के स्थान को निर्देशांक (Coordinates) के माध्यम से दर्शाया जाता है। गणितीय प्रोग्रामिंग वह विधि है जिसमें किसी समस्या के लिए गणितीय मॉडल तैयार कर, उसे हल किया जाता है। इसमें अधिकतम या न्यूनतम मान निकालने के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है। इस अध्याय में दोनों विषयों की मूल बातें, उनके उपयोग, और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है।

  • समन्वय ज्यामिति में निर्देशांक प्रणाली का उपयोग होता है।
  • गणितीय प्रोग्रामिंग में समस्याओं का गणितीय मॉडल तैयार किया जाता है।
  • दोनों विषयों का उपयोग विज्ञान, इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र आदि में होता है।
  • इस अध्याय में बिंदु, रेखा, क्षेत्रफल, और प्रोग्रामिंग की समस्याओं का अध्ययन किया जाएगा।
  • समन्वय ज्यामिति से ज्यामितीय आकृतियों का विश्लेषण आसान होता है।
  • गणितीय प्रोग्रामिंग से निर्णय लेने में सहायता मिलती है।
  • 📌 निर्देशांक: किसी बिंदु का स्थान दर्शाने वाली संख्याएँ।
  • 📌 गणितीय मॉडल: समस्या का गणितीय रूप में निरूपण।

7.2 निर्देशांक प्रणाली

अवधारणा

7.2 निर्देशांक प्रणाली

इस अनुभाग में निर्देशांक प्रणाली (Coordinate System) की विस्तृत व्याख्या दी गई है। निर्देशांक प्रणाली दो अक्षों - क्षैतिज (X-अक्ष) और ऊर्ध्वाधर (Y-अक्ष) - के माध्यम से किसी बिंदु का स्थान दर्शाने की विधि है। सबसे सामान्य प्रणाली कार्तीय निर्देशांक प्रणाली है, जिसमें प्रत्येक बिंदु को (x, y) के रूप में दर्शाया जाता है। X-अक्ष और Y-अक्ष एक-दूसरे को समकोण पर काटते हैं, और उनका मिलन बिंदु 'मूल' (Origin) कहलाता है। निर्देशांक प्रणाली से ज्यामितीय आकृतियों का विश्लेषण सरल हो जाता है।

  • कार्तीय निर्देशांक प्रणाली में दो अक्ष होते हैं: X और Y।
  • मूल (Origin) वह बिंदु है जहाँ दोनों अक्ष मिलते हैं।
  • किसी बिंदु के निर्देशांक (x, y) होते हैं।
  • X-अक्ष क्षैतिज और Y-अक्ष ऊर्ध्वाधर होता है।
  • निर्देशांक प्रणाली से बिंदु, रेखा, और आकृतियों का स्थान ज्ञात किया जाता है।
  • क्वाड्रेंट्स (चतुर्थांश) में बिंदुओं का वर्गीकरण किया जाता है।
  • 📌 मूल: X और Y-अक्ष का मिलन बिंदु (0,0)।
  • 📌 चतुर्थांश: निर्देशांक प्रणाली के चार भाग।

7.3 बिंदु के निर्देशांक

परिभाषा

7.3 बिंदु के निर्देशांक

इस अनुभाग में बिंदु के निर्देशांक (Coordinates of a Point) की परिभाषा और निर्धारण की विधि दी गई है। किसी बिंदु का निर्देशांक (x, y) होता है, जहाँ x उसकी X-अक्ष पर दूरी और y उसकी Y-अक्ष पर दूरी दर्शाता है। यदि बिंदु मूल से x दूरी पर X-अक्ष के समानांतर