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Chapter 4

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Co-ordinate Geometry and Mathematical Programming (Hindi)📖 11 नोट्स⏱️ ~17 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 8Chapter 5

Chapter 4अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

4.1 परिचय

व्याख्या

4.1 परिचय

इस अनुभाग में शंकु (Conic Sections) का परिचय दिया गया है। शंकु का अध्ययन गणित में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ज्यामिति, भौतिकी, इंजीनियरिंग तथा अन्य क्षेत्रों में प्रयुक्त होता है। शंकु का निर्माण एक शंकु (Cone) को एक समतल (Plane) द्वारा काटने से होता है। इस प्रक्रिया में विभिन्न आकृतियाँ प्राप्त होती हैं, जैसे वृत्त (Circle), दीर्घवृत्त (Ellipse), परवलय (Parabola) और अधिवृत्त (Hyperbola)। इन आकृतियों को 'शंकु अनुभाग' कहा जाता है। शंकु अनुभागों का अध्ययन समन्वय ज्यामिति (Coordinate Geometry) के माध्यम से किया जाता है, जिसमें प्रत्येक आकृति का समीकरण (Equation) निर्धारित किया जाता है। इस अध्याय में शंकु अनुभागों के समीकरणों, उनके गुणों, तथा गणितीय प्रोग्रामिंग (Mathematical Programming) के आधार पर समस्याओं का समाधान प्रस्तुत किया गया है।

  • शंकु अनुभागों का निर्माण शंकु को समतल द्वारा काटने से होता है।
  • मुख्य शंकु अनुभाग हैं: वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय, अधिवृत्त।
  • समन्वय ज्यामिति द्वारा इन आकृतियों के समीकरणों का अध्ययन किया जाता है।
  • शंकु अनुभागों का उपयोग भौतिकी, इंजीनियरिंग, खगोल विज्ञान आदि में होता है।
  • इस अध्याय में शंकु अनुभागों के समीकरणों और गुणों का विश्लेषण किया गया है।
  • 📌 शंकु अनुभाग: शंकु को समतल द्वारा काटने से प्राप्त आकृतियाँ।
  • 📌 समन्वय ज्यामिति: ज्यामिति का वह भाग जिसमें बिंदुओं की स्थिति का विश्लेषण समन्वय (x, y) के माध्यम से किया जाता है।

4.2 शंकु अनुभागों का सामान्य समीकरण

सूत्र

4.2 शंकु अनुभागों का सामान्य समीकरण

इस अनुभाग में शंकु अनुभागों का सामान्य समीकरण प्रस्तुत किया गया है। समन्वय ज्यामिति में, शंकु अनुभागों को द्विघात समीकरण (Quadratic Equation) द्वारा दर्शाया जाता है। सामान्य रूप में, शंकु अनुभाग का समीकरण Ax² + Bxy + Cy² + Dx + Ey + F = 0 होता है, जहाँ A, B, C, D, E, F वास्तविक संख्याएँ हैं और कम से कम एक संख्याएँ A, B, C शून्य नहीं होती हैं। यह समीकरण शंकु अनुभागों की सभी आकृतियों (वृत्त, दीर्घवृत्त, परवलय, अधिवृत्त) को दर्शाता है। समीकरण के विभिन्न मानों के आधार पर आकृति का निर्धारण किया जाता है। इस अनुभाग में समीकरण की व्याख्या, विभिन्न आकृतियों के लिए आवश्यक शर्तें तथा समीकरणों की पहचान के तरीके दिए गए हैं।

  • शंकु अनुभागों का सामान्य समीकरण Ax² + Bxy + Cy² + Dx + Ey + F = 0 है।
  • A, B, C, D, E, F वास्तविक संख्याएँ हैं।
  • कम से कम एक संख्याएँ A, B, C शून्य नहीं होनी चाहिए।
  • समीकरण के विभिन्न मानों से शंकु अनुभाग की प्रकृति निर्धारित होती है।
  • इस समीकरण से सभी शंकु अनुभागों का अध्ययन किया जा सकता है।
  • 📌 द्विघात समीकरण: x और y के वर्ग वाले समीकरण।
  • 📌 शर्त: समीकरण की प्रकृति निर्धारित करने के लिए आवश्यक गणितीय नियम।

4.3 वृत्त का समीकरण

सूत्र

4.3 वृत्त का समीकरण

इस अनुभाग में वृत्त (Circle) का समीकरण प्रस्तुत किया गया है। वृत्त वह आकृति है जिसमें किसी निश्चित बिंदु (केंद्र) से समान दूरी पर स्थित सभी बिंदुओं का स्थान होता है। यदि केंद्र (h, k) और त्रिज्या r हो, तो वृत्त का समीकरण (x - h)² + (y - k)² = r² होता