Chapter 2
Chapter 2 — अध्ययन नोट्स
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2.1 निर्देशांक ज्यामिति का परिचय
व्याख्या2.1 निर्देशांक ज्यामिति का परिचय
निर्देशांक ज्यामिति (Co-ordinate Geometry) गणित की वह शाखा है जिसमें ज्यामितीय आकृतियों का अध्ययन निर्देशांकों (Coordinates) की सहायता से किया जाता है। यह शाखा गणित के दो प्रमुख क्षेत्रों, ज्यामिति और बीजगणित, का संयोजन है। निर्देशांक पद्धति का विकास रेने देकार्त (René Descartes) ने किया था, इसलिए इसे डिकार्टियन ज्यामिति भी कहते हैं। निर्देशांक ज्यामिति के माध्यम से बिंदुओं, रेखाओं, वृत्तों, समतलों आदि के गुणों का विश्लेषण संख्यात्मक रूप में किया जा सकता है। निर्देशांक पद्धति के प्रयोग से हम जटिल ज्यामितीय समस्याओं को बीजगणितीय समीकरणों के रूप में हल कर सकते हैं।
- निर्देशांक ज्यामिति ज्यामिति और बीजगणित का संयोजन है।
- निर्देशांक पद्धति का विकास रेने देकार्त ने किया।
- निर्देशांक पद्धति से बिंदुओं की स्थिति संख्याओं द्वारा व्यक्त की जाती है।
- इस पद्धति में ज्यामितीय समस्याओं को बीजगणितीय समीकरणों के रूप में हल किया जाता है।
- निर्देशांक ज्यामिति का प्रयोग भौतिकी, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर ग्राफिक्स आदि में होता है।
- 📌 निर्देशांक (Coordinate): किसी बिंदु की स्थिति को दर्शाने वाले संख्यात्मक मान।
- 📌 निर्देशांक तल (Coordinate Plane): दो लम्बवत अक्षों द्वारा निर्मित समतल।
2.2 निर्देशांक तल और निर्देशांक अक्ष
अवधारणा2.2 निर्देशांक तल और निर्देशांक अक्ष
निर्देशांक तल (Coordinate Plane) दो लम्बवत रेखाओं, x-अक्ष (क्षैतिज) और y-अक्ष (लम्बवत), द्वारा निर्मित समतल होता है। इन दोनों अक्षों का प्रतिच्छेदन बिंदु मूल (Origin) कहलाता है, जिसका निर्देशांक (0, 0) होता है। निर्देशांक तल को चार चतुर्थांशों (Quadrants) में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक बिंदु की स्थिति को (x, y) के रूप में दर्शाया जाता है, जहाँ x-अक्ष पर दूरी x और y-अक्ष पर दूरी y होती है। यदि x धनात्मक है तो बिंदु दाएँ ओर, ऋणात्मक है तो बाएँ ओर; y धनात्मक है तो ऊपर, ऋणात्मक है तो नीचे स्थित होता है।
- निर्देशांक तल दो लम्बवत अक्षों द्वारा निर्मित समतल है।
- मूल बिंदु (0, 0) दोनों अक्षों का प्रतिच्छेदन बिंदु है।
- निर्देशांक तल चार चतुर्थांशों में विभाजित होता है।
- प्रत्येक बिंदु की स्थिति (x, y) के रूप में व्यक्त की जाती है।
- x और y के संकेत से बिंदु का स्थान ज्ञात होता है।
- 📌 मूल (Origin): निर्देशांक तल का केंद्र, निर्देशांक (0, 0)।
- 📌 चतुर्थांश (Quadrant): निर्देशांक तल का एक-एक भाग, कुल चार होते हैं।
2.3 दो बिंदुओं के बीच की दूरी
सूत्र2.3 दो बिंदुओं के बीच की दूरी
निर्देशांक तल पर दो बिंदुओं के बीच की दूरी ज्ञात करने के लिए दूरी सूत्र (Distance Formula) का प्रयोग किया जाता है। यदि दो बिंदु A(x₁, y₁) और B(x₂, y₂) हैं, तो उनके बीच की दूरी AB = √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²] होती है। यह सूत्र पाइथागोरस प्रमेय पर आधार
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Co-ordinate Geometry and Mathematical Programming · Vardhman Mahaveer Open University