Chapter 17
Chapter 17 — अध्ययन नोट्स
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परिचय
व्याख्यापरिचय
इस खंड में राजपूताना की रियासतों के विलय तथा राजस्थान राज्य के निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का परिचय दिया गया है। भारत की स्वतंत्रता के समय राजपूताना क्षेत्र में अनेक छोटी-बड़ी रियासतें थीं, जिनका प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक स्वरूप भिन्न-भिन्न था। ब्रिटिश शासन के दौरान राजपूताना की रियासतों को 'एजेंसी' के रूप में संगठित किया गया था, जिसमें 19 रियासतें और 3 प्रमुख ठिकाने शामिल थे। स्वतंत्रता के पश्चात् भारत सरकार के समक्ष इन रियासतों का एकीकरण एक बड़ी चुनौती थी। इस अध्याय में विस्तार से बताया गया है कि किस प्रकार इन रियासतों का भारत संघ में विलय हुआ और राजस्थान राज्य का गठन हुआ।
- राजपूताना में 19 रियासतें और 3 प्रमुख ठिकाने थे।
- ब्रिटिश काल में राजपूताना को विशेष प्रशासनिक इकाई के रूप में रखा गया।
- स्वतंत्रता के समय इन रियासतों का विलय एक जटिल प्रक्रिया थी।
- राजस्थान राज्य का निर्माण कई चरणों में हुआ।
- राजपूताना की रियासतों का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक महत्व था।
- 📌 रियासत: एक स्वायत्त या अर्ध-स्वायत्त शासकीय इकाई, जिसे राजा या नवाब शासित करता था।
- 📌 विलय: किसी छोटे राज्य या क्षेत्र का बड़े राज्य में सम्मिलित होना।
राजपूताना की रियासतों की स्थिति (1947 में)
व्याख्याराजपूताना की रियासतों की स्थिति (1947 में)
1947 में, जब भारत स्वतंत्र हुआ, राजपूताना क्षेत्र में 19 रियासतें (जैसे जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, सिरोही, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, किशनगढ़, शाहपुरा) और 3 प्रमुख ठिकाने (लावन, कुंभलगढ़, अम्बेर) थीं। इन रियासतों का प्रशासनिक ढांचा ब्रिटिश सरकार के अधीन था, परन्तु आंतरिक प्रशासन में इन्हें स्वायत्तता प्राप्त थी। प्रत्येक रियासत का अपना शासक, प्रशासनिक तंत्र, न्याय व्यवस्था तथा राजस्व प्रणाली थी। अधिकांश रियासतें पारंपरिक सामाजिक-आर्थिक संरचना पर आधारित थीं, जहाँ जमींदार, सामंत, ठाकुर आदि की भूमिका महत्वपूर्ण थी।
- राजपूताना में 19 रियासतें और 3 ठिकाने थे।
- प्रत्येक रियासत का अपना शासक और प्रशासनिक ढांचा था।
- ब्रिटिश सरकार के साथ संधि के अनुसार रियासतें आंतरिक मामलों में स्वतंत्र थीं।
- सामाजिक-आर्थिक संरचना सामंती थी।
- रियासतों के बीच आपसी संबंध जटिल थे।
- 📌 ठिकाना: छोटी रियासत या जागीर, जो किसी बड़ी रियासत के अधीन होती थी।
- 📌 सामंती व्यवस्था: सामाजिक-आर्थिक संरचना जिसमें भूमि स्वामित्व और प्रशासन सामंतों के हाथ में होता है।
राजपूताना की रियासतों का भारत संघ में विलय
व्याख्याराजपूताना की रियासतों का भारत संघ में विलय
स्वतंत्रता के पश्चात् भारत सरकार के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती देशी रियासतों का भारत संघ में एकीकरण थी। सरदार वल्लभभाई पटेल और वी.पी. मेनन के नेतृत्व में रियासतों के शासकों से 'विलय पत्र' (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर कराए गए। राजपूताना की अधिका
SLM - History of Rajasthan (Earliest Time to 1956 AD) (Hindi) के सभी 16 अध्याय
History of Rajasthan (Earliest Time to 1956 AD) · Vardhman Mahaveer Open University
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