Ch 12निःशुल्क

Chapter 12

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - History of Rajasthan (Earliest Time to 1956 AD) (Hindi)📖 9 नोट्स⏱️ ~14 मिनट
Chapter 9अध्याय 10 / 16Chapter 13

Chapter 12अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

राजस्थान में ब्रिटिश प्रभुसत्ता की स्थापना का कालखंड 1817-18 ई. अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस काल में राजस्थान के विभिन्न राजवंशों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधियाँ कीं, जिससे यहाँ के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक ढांचे में गहरा परिवर्तन आया। इस अध्याय में हम जानेंगे कि किस प्रकार ब्रिटिश नीति, कूटनीति और सैन्य शक्ति के माध्यम से राजस्थान के राजाओं को संधियों के लिए बाध्य किया गया। साथ ही, यह भी समझेंगे कि इन संधियों के क्या कारण थे, उनकी प्रमुख शर्तें क्या थीं, और इनका राजस्थान के भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ा।

  • 1817-18 ई. में राजस्थान के अधिकांश राज्यों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधियाँ कीं।
  • इन संधियों के पीछे मराठा, पिण्डारी और भील आक्रमणों का भय प्रमुख कारण था।
  • ब्रिटिशों ने सुरक्षा, न्याय और प्रशासन के नाम पर हस्तक्षेप बढ़ाया।
  • राजस्थान की स्वतंत्रता समाप्त होकर ब्रिटिश अधीनता स्थापित हुई।
  • इन संधियों ने राजस्थान के राजनीतिक स्वरूप को बदल दिया।
  • 📌 ब्रिटिश प्रभुसत्ता: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा भारतीय राज्यों पर नियंत्रण स्थापित करना।
  • 📌 संधि: दो या दो से अधिक पक्षों के बीच लिखित समझौता।

राजस्थान की राजनीतिक स्थिति (1817 ई. के पूर्व)

व्याख्या

राजस्थान की राजनीतिक स्थिति (1817 ई. के पूर्व)

1817 ई. से पूर्व राजस्थान की राजनीतिक स्थिति अत्यंत जटिल थी। यहाँ के विभिन्न राजवंश लगातार आपसी संघर्ष, मराठा आक्रमण, पिण्डारी लूटपाट और भील विद्रोहों से जूझ रहे थे। मराठों ने राजस्थान के राज्यों से भारी कर वसूली और हस्तक्षेप किया, जिससे राजाओं की शक्ति क्षीण हो गई। पिण्डारी लुटेरों ने गाँव-गाँव में आतंक फैलाया। भील जनजाति ने भी विद्रोह कर अस्थिरता को बढ़ाया। इन परिस्थितियों में राजाओं की सुरक्षा और राज्य की स्थिरता खतरे में थी।

  • राजस्थान के राज्य आपसी संघर्ष और बाहरी आक्रमणों से कमजोर हो गए थे।
  • मराठों ने कर वसूली और हस्तक्षेप से राजाओं को असहाय बना दिया।
  • पिण्डारी लुटेरों के कारण जनता में असुरक्षा की भावना थी।
  • भील विद्रोहों ने प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित किया।
  • राजाओं के पास ब्रिटिश संरक्षण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
  • 📌 मराठा: महाराष्ट्र क्षेत्र से संबंधित शक्तिशाली सैन्य जाति।
  • 📌 पिण्डारी: मध्य भारत के लुटेरे समूह, जो मराठों के सहयोगी थे।
  • 📌 भील: राजस्थान की एक प्रमुख जनजाति, जो पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करती थी।

ब्रिटिश हस्तक्षेप के कारण

व्याख्या

ब्रिटिश हस्तक्षेप के कारण

ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने राजस्थान में हस्तक्षेप के कई कारणों को आधार बनाया। सबसे प्रमुख कारण था मराठा और पिण्डारी संकट, जिससे राजस्थान के राजाओं की सुरक्षा खतरे में थी। ब्रिटिशों ने अपने साम्राज्य विस्तार की नीति के तहत राजस्थान के राज्यों को संर