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Chapter 10

🎓 Vardhman Mahaveer Open University📖 SLM - Co-ordinate Geomatery and Mathematical Programming (Hindi)📖 10 नोट्स⏱️ ~15 मिनट

Chapter 10अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

10.1 रैखिक प्रोग्रामन समस्याएँ : परिचय

व्याख्या

10.1 रैखिक प्रोग्रामन समस्याएँ : परिचय

इस अनुभाग में रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं का परिचय दिया गया है। रैखिक प्रोग्रामन गणित की एक शाखा है जिसमें किसी वस्तु के उत्पादन, संसाधनों के आवंटन, या लागत को न्यूनतम/अधिकतम करने के लिए गणितीय मॉडल तैयार किए जाते हैं। इसमें उद्देश्य फलन (Objective Function) तथा बाधाएँ (Constraints) रैखिक रूप में होती हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी फैक्ट्री में दो प्रकार के उत्पाद बनाए जाते हैं और संसाधनों की सीमाएँ हैं, तो रैखिक प्रोग्रामन द्वारा यह निर्धारित किया जा सकता है कि किस उत्पाद का कितना उत्पादन किया जाए जिससे लाभ अधिकतम हो। रैखिक प्रोग्रामन का उपयोग उद्योग, कृषि, परिवहन, वित्त आदि क्षेत्रों में किया जाता है। इसमें मुख्यतः तीन तत्व होते हैं: (1) उद्देश्य फलन, (2) बाधाएँ, (3) गैर-ऋणात्मकता शर्त।

  • रैखिक प्रोग्रामन समस्याएँ संसाधनों के इष्टतम उपयोग के लिए गणितीय मॉडल प्रदान करती हैं।
  • उद्देश्य फलन तथा बाधाएँ रैखिक रूप में होती हैं।
  • रैखिक प्रोग्रामन का उपयोग उद्योग, कृषि, परिवहन आदि में होता है।
  • इसमें गैर-ऋणात्मकता शर्त भी होती है।
  • रैखिक प्रोग्रामन समस्याएँ वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में सहायक हैं।
  • 📌 रैखिक प्रोग्रामन: गणितीय तकनीक जिसमें उद्देश्य फलन और बाधाएँ रैखिक होती हैं।
  • 📌 उद्देश्य फलन: वह समीकरण जिसे अधिकतम/न्यूनतम करना होता है।
  • 📌 बाधाएँ: सीमाएँ जो संसाधनों के उपयोग पर लगाई जाती हैं।

10.2 रैखिक प्रोग्रामन समस्या का गणितीय मॉडल

अवधारणा

10.2 रैखिक प्रोग्रामन समस्या का गणितीय मॉडल

इस अनुभाग में रैखिक प्रोग्रामन समस्या के गणितीय मॉडल की संरचना बताई गई है। किसी समस्या को रैखिक प्रोग्रामन के रूप में प्रस्तुत करने के लिए सबसे पहले उद्देश्य फलन और बाधाएँ निर्धारित की जाती हैं। उद्देश्य फलन वह समीकरण होता है जिसे अधिकतम या न्यूनतम करना होता है, जैसे लाभ या लागत। बाधाएँ संसाधनों की सीमाएँ होती हैं, जो रैखिक समीकरण या असमताएँ होती हैं। उदाहरण के लिए, यदि x और y दो वस्तुओं की मात्रा हैं, तो उद्देश्य फलन Z = ax + by हो सकता है। बाधाएँ px + qy ≤ R, rx + sy ≤ S आदि हो सकती हैं। साथ ही, x ≥ 0, y ≥ 0 की गैर-ऋणात्मकता शर्त भी होती है।

  • रैखिक प्रोग्रामन समस्या में उद्देश्य फलन और बाधाएँ रैखिक होती हैं।
  • गणितीय मॉडल में सभी सीमाएँ असमताएँ या समीकरण के रूप में होती हैं।
  • गैर-ऋणात्मकता शर्त आवश्यक है।
  • मॉडल तैयार करने के लिए समस्या का विश्लेषण जरूरी है।
  • सभी चर वास्तविक और गैर-ऋणात्मक होते हैं।
  • 📌 गणितीय मॉडल: समस्या को समीकरणों और असमताओं के रूप में प्रस्तुत करना।
  • 📌 गैर-ऋणात्मकता: सभी चर शून्य या उससे अधिक होते हैं।

10.3 रैखिक प्रोग्रामन समस्या का ग्राफिकल समाधान

व्याख्या

10.3 रैखिक प्रोग्रामन समस्या का ग्राफिकल समाधान

इस अनुभाग में रैखिक प्रोग्रामन समस्या के ग्राफिकल समाधान की प्रक्रिया बताई गई है। दो चर (x और y) वाली समस्या को x-y अक्ष पर ग्राफ के माध्यम से हल किया जाता है। सबसे पहले सभी बाधाओं को ग्राफ पर रेखाओं के रूप में दर्शाया जाता है। बाधाएँ असमताएँ होती है