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किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र: कक्षा 12 के लिए पूर्ण मार्गदर्शिका

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 2 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र: कक्षा 12 के लिए पूर्ण मार्गदर्शिका

कक्षा 12 के भौतिकी के अध्याय किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र में हम प्रकाश के अपवर्तन, क्रांतिक कोण, पूर्ण आंतरिक परावर्तन और विभिन्न प्रकाशिक यंत्रों के सिद्धांतों को विस्तार से समझेंगे। यह ज्ञान NCERT और CBSE परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अपवर्तनांक और उसकी भूमिका

अपवर्तनांक (Refractive Index) किसी माध्यम में प्रकाश की गति की तुलना निर्वात में प्रकाश की गति से करता है। इसे $n = \frac{c}{v}$ से परिभाषित किया जाता है, जहाँ $c$ निर्वात में प्रकाश की गति है और $v$ उस माध्यम में प्रकाश की गति।

  • अपवर्तनांक एक आयामहीन संख्या है।
  • यह प्रकाश के अपवर्तन की क्षमता को दर्शाता है।
  • विभिन्न माध्यमों के अपवर्तनांक अलग-अलग होते हैं, जैसे जल का अपवर्तनांक लगभग 1.33 है।

इससे यह समझा जा सकता है कि प्रकाश किसी माध्यम में धीमा हो जाता है, जिससे उसकी दिशा में परिवर्तन (अपवर्तन) होता है।

क्रांतिक कोण और पूर्ण आंतरिक परावर्तन

क्रांतिक कोण (Critical Angle) वह न्यूनतम कोण है जिसके लिए प्रकाश किरण पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) करती है। यह तब होता है जब प्रकाश अधिक घनत्व वाले माध्यम से कम घनत्व वाले माध्यम की सीमा पर आता है।

पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए आवश्यक शर्तें:

  • प्रकाश अधिक अपवर्तक माध्यम से कम अपवर्तक माध्यम की ओर जाए।
  • अपवर्तन कोण $90^\circ$ हो।

क्रांतिक कोण $\theta_c$ को निम्न सूत्र से व्यक्त किया जाता है:

$$\sin \theta_c = \frac{n_2}{n_1}$$

जहाँ $n_1 > n_2$ है। उदाहरण के लिए, जल (n=1.33) और वायु (n=1) के लिए क्रांतिक कोण लगभग $48.75^\circ$ होता है।

माध्यमअपवर्तनांक (n)क्रांतिक कोण ($\theta_c$)
जल1.3348.75°
क्राउन काँच1.5241.14°
सघन फ्लिंट काँच1.6237.31°
हीरा2.4224.41°

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लेंस के प्रकार और उनके गुण

लेंस दो प्रकार के होते हैं: उत्तल (Convex) और अवतल (Concave)।

  • उत्तल लेंस: यह प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित करता है। इसका फोकल लंबाई धनात्मक होती है।
  • अवतल लेंस: यह प्रकाश किरणों को फैलाता है। इसका फोकल लंबाई ऋणात्मक होती है।

लेंस की फोकल लंबाई $f$ और शक्ति $P$ के बीच संबंध:

$$P = \frac{100}{f(\text{cm})}$$

जब दो लेंस संयोजित होते हैं, तो उनकी संयुक्त फोकल लंबाई $F$:

$$\frac{1}{F} = \frac{1}{f_1} + \frac{1}{f_2}$$

जहाँ $f_1$ और $f_2$ क्रमशः पहले और दूसरे लेंस की फोकल लंबाई हैं।

उदाहरण: यदि एक उत्तल लेंस की फोकल लंबाई 80 सेमी और एक अवतल लेंस की 50 सेमी है, तो संयुक्त शक्ति:

$$P = \frac{100}{80} - \frac{100}{50} = 1.25 - 2 = -0.75 D$$

इस संयोजन का प्रभाव अवतल लेंस जैसा होगा।

प्रकाशिक यंत्रों में किरण प्रकाशिकी का उपयोग

किरण प्रकाशिकी के सिद्धांतों का उपयोग विभिन्न प्रकाशिक यंत्रों में होता है, जैसे:

  • दूरबीन (Telescope): दूरबीन में उत्तल और अवतल लेंस का संयोजन होता है। टॉम की दूरबीन में शीशा की फोकल लंबाई +15 सेमी और +150 सेमी होती है।
  • माइक्रोस्कोप: इसमें भी लेंसों की सहायता से वस्तु की छवि को बड़ा किया जाता है।

इन यंत्रों में प्रकाश की किरणों का अपवर्तन और परावर्तन मुख्य भूमिका निभाते हैं। पूर्ण आंतरिक परावर्तन का प्रयोग प्रकाश को यंत्र में नियंत्रित रूप से मार्गदर्शित करने में किया जाता है।

पूर्ण आंतरिक परावर्तन का प्रयोग और गतिविधि

पूर्ण आंतरिक परावर्तन की प्रक्रिया को समझने के लिए एक सरल प्रयोग किया जा सकता है:

  • एक जल और वायु की सीमा पर प्रकाश किरण डालें।
  • क्रांतिक कोण से अधिक कोण पर प्रकाश पूरी तरह जल के अंदर परावर्तित होगा।
  • इस प्रयोग से क्रांतिक कोण मापा जा सकता है।

यह प्रयोग NCERT की कक्षा 12 की भौतिकी पुस्तक में भी दिया गया है। इससे छात्रों को प्रकाश के व्यवहार को व्यावहारिक रूप से समझने में मदद मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपवर्तनांक क्या है?

अपवर्तनांक किसी माध्यम में प्रकाश की गति की तुलना निर्वात में प्रकाश की गति से करता है।

क्रांतिक कोण किसे कहते हैं?

क्रांतिक कोण वह न्यूनतम कोण है जिस पर पूर्ण आंतरिक परावर्तन होता है।

दो लेंसों का संयुक्त फोकल लंबाई कैसे निकालते हैं?

संयुक्त फोकल लंबाई $F$ निकालने के लिए $\frac{1}{F} = \frac{1}{f_1} + \frac{1}{f_2}$ सूत्र का उपयोग करें।

पानी में हवा का बुलबुला किस प्रकार के लेंस की तरह व्यवहार करता है?

पानी में हवा का बुलबुला अवतल लेंस की तरह व्यवहार करता है।

पूर्ण आंतरिक परावर्तन कब होता है?

जब प्रकाश अधिक घनत्व वाले माध्यम से कम घनत्व वाले माध्यम की सीमा पर क्रांतिक कोण से अधिक कोण पर आता है।

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