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शब्दरूपाणि | Class 9 Sanskrit Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

शब्दरूपाणि – this guide gives you a concise, exam-ready overview of शब्दरूपाणि from Class 9 Sanskrit, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

पुलिङ्गशब्द:

इस अनुभाग में संस्कृत भाषा के पुलिङ्ग (पुरुषलिङ्ग) शब्दों के शब्दरूपों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। संस्कृत में पुलिङ्ग शब्दों के विभक्तियों (विभक्ति) के अनुसार उनके विभिन्न रूप होते हैं। यहाँ 'न्' कारान्त पुलिङ्ग शब्द 'ब्रह्मन्', 'गुणिन्', 'पथिन्' तथा 'स्' कारान्त पुलिङ्ग शब्द 'विद्वस्', 'चन्द्रमस्', 'पुंस्', 'वेधस्', 'द्' कारान्त 'सुहृद्', 'ज्' कारान्त 'वणिज्' और 'भिषज्' के शब्दरूपों को एकवचन, द्विवचन और बहुवचन में विभक्तियों के अनुसार प्रस्तुत किया गया है।

यह विभक्तियाँ संस्कृत व्याकरण की मूलभूत इकाइयाँ हैं, जो शब्दों के वाक्य में प्रयोग के अनुसार उनके रूप बदलती हैं। प्रत्येक शब्द के लिए प्रथमा से सप्तमी तक के विभक्ति रूपों को समझना आवश्यक है। उदाहरण के लिए, 'ब्रह्मन्' शब्द का प्रथमा एकवचन रूप 'ब्रह्मा', द्विवचन 'ब्रह्माणो', बहुवचन 'ब्रह्माणः' है। इसी प्रकार, अन्य विभक्तियों के रूप भी दिए गए हैं।

यहाँ पर प्रत्येक शब्द के सम्बोधन रूप भी दिए गए हैं, जो संवाद या सम्बोधन में प्रयुक्त होते हैं, जैसे 'हे ब्रह्मन्', 'हे गुणिन्' आदि। इस प्रकार के शब्दरूपों का अभ्यास संस्कृत भाषा के शुद्ध प्रयोग के लिए अत्यंत आवश्यक है।

📊 Diagram: इस अनुभाग में विभिन्न पुलिङ्ग शब्दों के विभक्ति रूपों को तालिका के रूप में प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक तालिका में विभक्ति, एकवचन, द्विवचन, बहुवचन और सम्बोधन रूप स्पष्ट रूप से दर्शाए गए हैं। उदाहरण स्वरूप, 'ब्रह्मन्' शब्द की विभक्तियों की तालिका में प्रत्येक विभक्ति के तीनों वचन रूप क्रमवार दिखाए गए हैं।

🧪 Activity: इस अनुभाग में कोई विशेष गतिविधि नहीं दी गई है, परन्तु छात्रों को विभिन्न पुलिङ्ग शब्दों के विभक्ति रूपों का अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

🔗 Connection: यह अनुभाग संस्कृत के स्त्रीलिङ्ग शब्दों के शब्दरूपों के अध्ययन से जुड़ता है, जहाँ स्त्रीलिङ्ग शब्दों के विभक्ति रूपों का विस्तार से वर्णन किया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संस्कृत में संज्ञा के कितने प्रकार होते हैं और वे कौन-कौन से हैं?

तीन प्रकार: व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक

निम्नलिखित में से कौन सा सर्वनाम का प्रकार नहीं है?

क्रियावाचक

संस्कृत में क्रिया के कितने काल होते हैं और वे कौन-कौन से हैं?

तीन काल: वर्तमान, भूतकाल, भविष्यत काल

विशेषण का संस्कृत में क्या कार्य होता है?

संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताना

इस अध्याय में महारत हासिल करें

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