दो गौरैया | Class 8 Hindi Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

दो गौरैया – this guide gives you a concise, exam-ready overview of दो गौरैया from Class 8 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
पिताजी और गौरैयों का संघर्ष
इस खंड में पिताजी और गौरैयों के बीच संघर्ष का विस्तार से वर्णन है। जब गौरैयों ने पंखे के गोले में घोंसला बना लिया, तो पिताजी को गुस्सा आ गया। वे जोर-जोर से ताली बजाकर और ‘श...शू’ की आवाज़ करके गौरैयों को डराने की कोशिश करते हैं। गौरैयें घोंसले से सिर निकालकर नीचे देखती हैं और ‘चीं-चीं’ करती हैं, जिससे माँ हँस पड़ती हैं। माँ का मजाक पिताजी को गुस्सा दिलाता है।
पिताजी लाठी लेकर गौरैयों को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। वे दरवाजे बंद करने को कहते हैं ताकि गौरैया बाहर निकल जाएं, लेकिन माँ कहती हैं कि एक दरवाजा खुला छोड़ना चाहिए। पिताजी को यह बात समझ नहीं आती और वे बच्चों को आदेश देते हैं कि वे दरवाजे बंद करें। गौरैयें दरवाजों के नीचे से अंदर आ जाती हैं, जिससे पिताजी और भी गुस्सा हो जाते हैं।
पिताजी दरवाजों के नीचे कपड़े टूँस देते हैं ताकि कोई छेद न रहे, फिर भी गौरैयें रोशनदान के टूटा शीशे से अंदर आ जाती हैं। माँ गंभीरता से कहती हैं कि चिड़ियों को मत निकालो क्योंकि वे अंडे दे चुकी हैं। पिताजी घोंसला तोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन गौरैयें वापस आ जाती हैं। अंत में पिताजी हार मानकर बैठ जाते हैं और घर में फिर से शोर मचने लगता है।
यह खंड मनुष्य और प्रकृति के बीच संघर्ष और सह-अस्तित्व की भावना को दर्शाता है। पिताजी का गुस्सा और माँ की सहानुभूति दोनों पक्षों की भावनाओं को उजागर करती हैं।
📊 Diagram: Figure 9.4 और 9.5 पर पिताजी का ताली बजाते हुए और गौरैयों का घोंसले में बैठा चित्र।
🧪 Activity: छात्रों से कहा जाता है कि वे अपने घर या आस-पास के पक्षियों के व्यवहार को ध्यान से देखें और उनके रहने के स्थानों का निरीक्षण करें।
🔗 Connection: अगले खंड में गौरैयों के पुनः घर में आने और पिताजी के संघर्ष की समाप्ति का वर्णन है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
(क) दोनों गौरैयों को पिताजी जब घर से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे तो माँ क्यों मदद नहीं कर रही थी? बस, वह हँसती क्यों जा रही थी? (ख) देखो जी, चिड़ियों को मत निकालो। माँ ने पिताजी से गंभीरता से यह क्यों कहा? (ग) “किसी को सचमुच बाहर निकालना हो तो उसका घर तोड़ देना चाहिए,” पिताजी ने गुस्से में ऐसा क्यों कहा? क्या पिताजी के इस कथन से माँ सहमत थी? क्या तुम सहमत हो? अगर नहीं तो क्यों? (घ) कमरे में फिर से शोर होने पर भी पिताजी अबकी बार गौरैया की तरफ देखकर मुस्कुराते क्यों रहे?
(क) माँ मदद नहीं कर रही थीं क्योंकि उन्हें गौरैयों से प्रेम था और वे उन्हें निकालने के पक्ष में नहीं थीं। वह हँसती जा रही थीं क्योंकि उन्हें पिताजी की गुस्से वाली प्रतिक्रिया पर हंसी आ रही थी। (ख) माँ ने पिताजी से कहा कि चिड़ियों को मत निकालो क्योंकि वे अपने घर में हैं और उन्हें निकालना उचित नहीं है। वे चिड़ियों की सुरक्षा चाहती थीं। (ग) पिताजी ने गुस्से में कहा कि किसी को सचमुच बाहर निकालना हो तो उसका घर तोड़ देना चाहिए क्योंकि वे गौरैयों की वजह से परेशान थे। माँ इस बात से सहमत नहीं थीं क्योंकि
2. पशु-पक्षी और हम इस कहानी के शुरू में कई पशु-पक्षियों की चर्चा की गई है। कहानी में वे ऐसे कुछ काम करते हैं जैसे मनुष्य करते हैं। उनको ढूँढ़कर तालिका पूरी करो— (क) पक्षी — घर का पता लिखवाकर लाए हैं। (ख) बूढ़ा चूहा — (ग) बिल्ली — (घ) चमगादड़ — (ङ) चींटियाँ —
(क) पक्षी — घर का पता लिखवाकर लाए हैं। (ख) बूढ़ा चूहा — सर्दी लगने की शिकायत करता है और बूढ़ा होने का संकेत देता है। (ग) बिल्ली — घर में घूमती है और चूहों को पकड़ने की कोशिश करती है। (घ) चमगादड़ — रात में उड़ते हैं और अंधेरे में सक्रिय रहते हैं। (ङ) चींटियाँ — मेहनत करती हैं और अपने लिए भोजन इकट्ठा करती हैं।
3. मल्हार नीचे दिए गए वाक्य को पढ़ो— “जब हम लोग नीचे उतरकर आए, तब वे फिर से मौजूद थीं और मज़े से बैठी मल्हार गा रही थीं।” (क) अब तुम पता करो कि मल्हार क्या होता है? इस काम में तुम बड़ों की सहायता भी ले सकते हो। (ख) बताओ कि क्या सचमुच चिड़ियाँ ‘मल्हार’ गा सकती हैं? (ग) बताओ की कहानी में चिड़ियों द्वारा मल्हार गाने की बात क्यों कही गई है?
(क) मल्हार एक प्रकार का गीत होता है, जो आमतौर पर बारिश के मौसम में गाया जाता है। यह एक पारंपरिक संगीत शैली है। (ख) चिड़ियाँ सचमुच मल्हार नहीं गा सकतीं, लेकिन उनकी चहचहाहट को मल्हार के गीत जैसा माना गया है। (ग) कहानी में चिड़ियों द्वारा मल्हार गाने की बात इसलिए कही गई है ताकि उनकी मधुर आवाज़ और खुशहाली का भाव प्रकट हो सके। यह कहानी को जीवंत बनाता है।
4. पाठ से आगे अलग-अलग पक्षी अलग-अलग तरह से घोंसला बनाते हैं। तुम कुछ पक्षियों के घोंसलों के चित्र इकट्ठे करके उसे अपनी कॉपी पर चिपकाकर शिक्षक को दिखाओ।
यह एक क्रियात्मक प्रश्न है जिसमें विद्यार्थी पक्षियों के घोंसलों के चित्र इकट्ठे करेंगे और शिक्षक को दिखाएंगे। इसका उद्देश्य पक्षियों के घोंसलों की विविधता को समझना है।
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