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दो गौरैया | Class 8 Hindi Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 5 मिनट का पठन

दो गौरैया | Class 8 Hindi Notes

दो गौरैया – this guide gives you a concise, exam-ready overview of दो गौरैया from Class 8 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

दो गौरैया

इस पाठ में लेखक अपने घर में रहने वाले जीव-जंतुओं और पक्षियों का वर्णन करता है। घर में माँ, पिताजी और लेखक रहते हैं, लेकिन पिताजी कहते हैं कि यह घर सराय की तरह है, जहाँ वे मेहमान हैं और असली मालिक पक्षी और जीव-जंतु हैं। आँगन में आम का पेड़ है, जहाँ तरह-तरह के पक्षी डेरा डाले रहते हैं। लेखक बताते हैं कि जो पक्षी पहाड़ियों-घाटियों से उड़कर दिल्ली आते हैं, वे सीधे उनके घर पहुँच जाते हैं, जैसे उनके घर का पता लिखा हो। यहाँ तोते, कौवे, गौरैया, कबूतर, चमगादड़, छिपकलियाँ, चींटियाँ और चूहे भी रहते हैं। चूहों की शोरगुल की वजह से परिवार के लोग ठीक से सो नहीं पाते। एक बूढ़ा चूहा अँगीठी के पीछे बैठता है, शायद उसे सर्दी लगती है, और एक चूहा बाथरूम की टंकी पर बैठना पसंद करता है, शायद उसे गर्मी लगती है। बिल्ली घर में नहीं रहती, लेकिन कभी-कभी आती है और दूध पी जाती है। इस तरह लेखक ने घर के जीव-जंतुओं और पक्षियों का जीवंत चित्रण किया है।

एक दिन दो गौरैया बिना पूछे घर के अंदर घुस आईं और मकान का निरीक्षण करने लगीं। वे रोशनदान पर और खिड़की पर बैठतीं। दो दिन बाद उन्होंने बैठक की छत पर लगे पंखे के गोले में अपना घोंसला बना लिया। माँ और पिताजी दोनों गौरैयों को देखकर हँसते और गुस्सा होते हैं। पिताजी उन्हें निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन गौरैया बार-बार वापस आ जाती हैं। पिताजी का गुस्सा बढ़ता है और वे लाठी लेकर गौरैयों को घर से बाहर निकालने की कोशिश करते हैं। माँ व्यंग्य करती हैं कि चूहों को भी निकाल नहीं पाए, अब चिड़ियों को निकालेंगे।

पिताजी कई बार गौरैयों को बाहर निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन वे हर बार वापस आ जाती हैं। अंत में पिताजी घोंसला तोड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन गौरैया फिर भी वापस आ जाती हैं। अंततः पिताजी हार मानकर बैठ जाते हैं और घर में फिर से शोर मचने लगता है, लेकिन इस बार वे मुस्कुराते हैं। यह कहानी घर में जीव-जंतुओं के साथ सह-अस्तित्व और मनुष्य की भावनाओं को दर्शाती है।

📊 Diagram: Figure 9.1 और 9.2 पर घर के आँगन और पक्षियों का चित्रण; Figure 9.3 पर गौरैयों का मकान निरीक्षण करते हुए चित्र।

🧪 Activity: पाठ में वर्णित जीव-जंतु और पक्षियों के व्यवहार को समझने के लिए घर के आसपास पक्षियों और जीव-जंतुओं को ध्यान से देखना।

🔗 Connection: अगले खंड में गौरैयों के साथ पिताजी और माँ के संवाद और उनकी प्रतिक्रिया का वर्णन है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

(क) दोनों गौरैयों को पिताजी जब घर से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे तो माँ क्यों मदद नहीं कर रही थी? बस, वह हँसती क्यों जा रही थी? (ख) देखो जी, चिड़ियों को मत निकालो। माँ ने पिताजी से गंभीरता से यह क्यों कहा? (ग) “किसी को सचमुच बाहर निकालना हो तो उसका घर तोड़ देना चाहिए,” पिताजी ने गुस्से में ऐसा क्यों कहा? क्या पिताजी के इस कथन से माँ सहमत थी? क्या तुम सहमत हो? अगर नहीं तो क्यों? (घ) कमरे में फिर से शोर होने पर भी पिताजी अबकी बार गौरैया की तरफ देखकर मुस्कुराते क्यों रहे?

(क) माँ मदद नहीं कर रही थीं क्योंकि उन्हें गौरैयों से प्रेम था और वे उन्हें निकालने के पक्ष में नहीं थीं। वह हँसती जा रही थीं क्योंकि उन्हें पिताजी की गुस्से वाली प्रतिक्रिया पर हंसी आ रही थी। (ख) माँ ने पिताजी से कहा कि चिड़ियों को मत निकालो क्योंकि वे अपने घर में हैं और उन्हें निकालना उचित नहीं है। वे चिड़ियों की सुरक्षा चाहती थीं। (ग) पिताजी ने गुस्से में कहा कि किसी को सचमुच बाहर निकालना हो तो उसका घर तोड़ देना चाहिए क्योंकि वे गौरैयों की वजह से परेशान थे। माँ इस बात से सहमत नहीं थीं क्योंकि

2. पशु-पक्षी और हम इस कहानी के शुरू में कई पशु-पक्षियों की चर्चा की गई है। कहानी में वे ऐसे कुछ काम करते हैं जैसे मनुष्य करते हैं। उनको ढूँढ़कर तालिका पूरी करो— (क) पक्षी — घर का पता लिखवाकर लाए हैं। (ख) बूढ़ा चूहा — (ग) बिल्ली — (घ) चमगादड़ — (ङ) चींटियाँ —

(क) पक्षी — घर का पता लिखवाकर लाए हैं। (ख) बूढ़ा चूहा — सर्दी लगने की शिकायत करता है और बूढ़ा होने का संकेत देता है। (ग) बिल्ली — घर में घूमती है और चूहों को पकड़ने की कोशिश करती है। (घ) चमगादड़ — रात में उड़ते हैं और अंधेरे में सक्रिय रहते हैं। (ङ) चींटियाँ — मेहनत करती हैं और अपने लिए भोजन इकट्ठा करती हैं।

3. मल्हार नीचे दिए गए वाक्य को पढ़ो— “जब हम लोग नीचे उतरकर आए, तब वे फिर से मौजूद थीं और मज़े से बैठी मल्हार गा रही थीं।” (क) अब तुम पता करो कि मल्हार क्या होता है? इस काम में तुम बड़ों की सहायता भी ले सकते हो। (ख) बताओ कि क्या सचमुच चिड़ियाँ ‘मल्हार’ गा सकती हैं? (ग) बताओ की कहानी में चिड़ियों द्वारा मल्हार गाने की बात क्यों कही गई है?

(क) मल्हार एक प्रकार का गीत होता है, जो आमतौर पर बारिश के मौसम में गाया जाता है। यह एक पारंपरिक संगीत शैली है। (ख) चिड़ियाँ सचमुच मल्हार नहीं गा सकतीं, लेकिन उनकी चहचहाहट को मल्हार के गीत जैसा माना गया है। (ग) कहानी में चिड़ियों द्वारा मल्हार गाने की बात इसलिए कही गई है ताकि उनकी मधुर आवाज़ और खुशहाली का भाव प्रकट हो सके। यह कहानी को जीवंत बनाता है।

4. पाठ से आगे अलग-अलग पक्षी अलग-अलग तरह से घोंसला बनाते हैं। तुम कुछ पक्षियों के घोंसलों के चित्र इकट्ठे करके उसे अपनी कॉपी पर चिपकाकर शिक्षक को दिखाओ।

यह एक क्रियात्मक प्रश्न है जिसमें विद्यार्थी पक्षियों के घोंसलों के चित्र इकट्ठे करेंगे और शिक्षक को दिखाएंगे। इसका उद्देश्य पक्षियों के घोंसलों की विविधता को समझना है।

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