आदमीी काा अनुुपाात | Class 8 Hindi Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 5 मिनट का पठन

आदमीी काा अनुुपाात – this guide gives you a concise, exam-ready overview of आदमीी काा अनुुपाात from Class 8 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
आदमी का अनुपात
इस अध्याय की कविता 'आदमी का अनुपात' में कवि गिरिजा कुमार माथुर ने मानव और ब्रह्मांड के बीच के अनुपात को दर्शाया है। कविता में बताया गया है कि कैसे एक व्यक्ति, जो एक छोटे से कमरे में होता है, वह अपने आसपास के बड़े-बड़े स्थानों जैसे घर, मोहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी और अंततः ब्रह्मांड के बीच के अनुपात को समझने की कोशिश करता है। कविता में विस्तार से दिखाया गया है कि पृथ्वी, जो करोड़ों में एक है, वह भी ब्रह्मांड के अनगिनत नक्षत्रों में एक छोटी सी इकाई मात्र है।
कवि ने मानव की मनोवैज्ञानिक प्रवृत्तियों जैसे ईर्ष्या, अहंकार, स्वार्थ, घृणा और अविश्वास को भी उजागर किया है, जो मनुष्य को सीमाओं में बाँधते हैं और उसे दूसरों का स्वामी समझने की भूल में डाल देते हैं। कविता में यह भी दिखाया गया है कि मनुष्य अपने छोटे से कमरे में भी दो दुनिया रचाता है, अर्थात वह अपने भीतर विभिन्न विचारों, भावनाओं और संघर्षों को समेटे रहता है।
यह कविता हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि मानव का स्थान ब्रह्मांड में कितना छोटा है, फिर भी उसकी सोच और व्यवहार में कितनी बड़ी उलझनें और सीमाएं हैं। कविता का उद्देश्य हमें अपने अहंकार और नकारात्मक भावनाओं से ऊपर उठकर व्यापक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
📊 Diagram: Figure on page 1 showing the hierarchical relationship from व्यक्ति (person) to ब्रह्मांड (universe).
🧪 Activity: कविता को पढ़कर विद्यार्थियों से पूछें कि वे मानव और ब्रह्मांड के अनुपात को कैसे समझते हैं और अपने विचार साझा करें।
🔗 Connection: यह परिचय अगले खंड में कवि गिरिजा कुमार माथुर के जीवन और उनकी रचनाओं के परिचय से जुड़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अब आप नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों को पहचानकर लिखिए — 1. दो व्यक्ति कमरे में 2. अनगिन नक्षत्रों में 3. लाखों ब्रह्मांडों में 4. अपना एक ब्रह्मांड 5. संख्यातीत शंख सी 6. एक कमरे में 7. दो दुनिया रचाता है
विशेषण और विशेष्य शब्द इस प्रकार हैं: 2. विशेषण: अनगिन, विशेष्य: नक्षत्रों 3. विशेषण: लाखों, विशेष्य: ब्रह्मांडों 4. विशेषण: अपना, एक; विशेष्य: ब्रह्मांड 5. विशेषण: संख्यातीत, शंख सी; विशेष्य: दीवारें 6. विशेषण: एक; विशेष्य: कमरे 7. विशेषण: दो; विशेष्य: दुनिया
(क) कोई ऐसी स्थिति बताइए जहाँ ‘अनुपात’ बिगड़ गया हो — जैसे काम का बोझ अधिक और समय कम। (ख) आप अपने परिवार, विद्यालय या मोहल्ले में ‘विराटता’ (विशाल दृष्टिकोण) कैसे ला सकते हैं? कुछ उपाय सोचकर लिखिए। (संकेत — किसी को अनदेखा न करना, सबकी सहायता करना आदि) (ग) ‘करोड़ों में एक ही पृथ्वी’ — इस पंक्ति को पढ़कर आपके मन में क्या भाव आता है? आप इस अनोखी पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए क्या-क्या करेंगे? (घ) कविता हमें ‘अपने को दूजे का स्वामी बताने’ के प्रति सचेत करती है। आप अपने किन-किन गुणों को प्रबल करेंगे ताकि आपमें ऐसा भाव न आए? (ड) अपने जीवन में ऐसी तीन ‘दीवारों’ के विषय में सोचिए जो आपने स्वयं खड़ी की हैं (जैसे — डर, संकोच आदि)। फिर एक योजना बनाइए कि आप उन्हें कैसे तोड़ेंगे? क्या समाज में भी ऐसी दीवारें होती हैं? उन्हें गिराने में हम कैसे सहायता कर सकते हैं?
उत्तर उदाहरण: (क) जब काम का बोझ बहुत अधिक हो और समय कम हो, तब अनुपात बिगड़ जाता है। जैसे परीक्षा की तैयारी में समय कम और पढ़ाई का काम ज्यादा हो। (ख) विराटता लाने के लिए हम सबकी मदद करें, किसी को अनदेखा न करें, सभी की बात सुनें और सबके साथ मिलकर काम करें। (ग) करोड़ों में एक पृथ्वी होने का भाव हमें इसकी अनमोलता समझाता है। इसे सुरक्षित रखने के लिए हम पर्यावरण की रक्षा करेंगे, पेड़ लगायेंगे, प्रदूषण कम करेंगे। (घ) मैं अपने अहंकार, स्वार्थ और दूसरों को नीचा दिखाने के भाव को कम करूँगा। सहानुभूति, सहयो
तालिका के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर खोजिए — 1. जिस संख्या में 15 शून्य होते हैं, उसे क्या कहते हैं? 2. महाशंख में कितने शून्य होते हैं? 3. एक लाख में कितने हजार होते हैं? 4. उपर्युक्त तालिका के अनुसार सबसे छोटी और सबसे बड़ी संख्या कौन-सी है? 5. दस करोड़ और एक अरब को जोड़ने पर कौन-सी संख्या आएगी?
1. जिस संख्या में 15 शून्य होते हैं, उसे 'पद्म' कहते हैं। क्योंकि पद्म = 10¹⁵ 2. महाशंख में 19 शून्य होते हैं। क्योंकि महाशंख = 10¹⁹ 3. एक लाख में 100 हजार होते हैं। क्योंकि 1 लाख = 1,00,000 और 1 हजार = 1,000, अतः 1,00,000 ÷ 1,000 = 100 4. सबसे छोटी संख्या 'एक (इकाई)' है जो 1 (10⁰) है, और सबसे बड़ी संख्या 'महाशंख' है जो 10¹⁹ है। 5. दस करोड़ = 10⁸, एक अरब = 10⁹ जोड़ने पर: 10⁸ + 10⁹ = 100,000,000 + 1,000,000,000 = 1,100,000,000 इसे 'ग्यारह करोड़' कहते हैं।
एक समूह चर्चा आयोजित करें जिसमें सभी मानवों के लिए समान अवसरों की आवश्यकता पर बल दिया जाए। (भले ही उनका जेंडर, आय, मत, विश्वास, शारीरिक रूप, रंग या आकार-प्रकार आदि कैसा भी हो)
उत्तर उदाहरण: सभी मानवों को समान अवसर मिलना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति का सम्मान और अधिकार समान है। चाहे वह किसी भी जाति, धर्म, लिंग, आय, रंग या शारीरिक स्थिति का हो, उसे शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए। इससे समाज में समरसता और विकास होगा।
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