दीवानों की हस्ती | Class 8 Hindi Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

दीवानों की हस्ती – this guide gives you a concise, exam-ready overview of दीवानों की हस्ती from Class 8 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
भाववाचक संज्ञाएँ और उनका प्रयोग
भाववाचक संज्ञाएँ वे संज्ञाएँ होती हैं जो किसी भावना, गुण या अवस्था का बोध कराती हैं। कहानी में भाववाचक संज्ञाओं का प्रयोग पात्रों की भावनाओं को व्यक्त करने के लिए किया गया है। उदाहरण के लिए, ममता, दुख, विनम्रता, अहंकार, बोध, आस्था, जुड़ाव, करुणा, क्रूरता आदि भाववाचक संज्ञाएँ हैं। ये संज्ञाएँ कहानी के पात्रों की मनोस्थिति और उनके बीच के संबंधों को स्पष्ट करती हैं। लेखक ने इन संज्ञाओं का प्रयोग संवादों और वर्णन में किया है ताकि कहानी में भावनात्मक गहराई आ सके। भाववाचक संज्ञाओं के माध्यम से पाठक पात्रों की संवेदनाओं को महसूस कर पाता है और कहानी से जुड़ाव बढ़ता है।
📊 Diagram: Table on page 11 (11×3)
🧪 Activity: छात्रों को कहानी के अंशों से भाववाचक संज्ञाएँ खोजने और उनके भावों को समझाने के लिए कहें।
🔗 Connection: भाववाचक संज्ञाओं के बाद कहानी के समापन और मुख्य संदेश पर चर्चा होगी।
Table on page 11 (11×3)
| क्रम | पंक्तियाँ | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|
| 1. | वह लज्जित होकर कहने लगे— ‘नहीं, यह टोकरी हमसे न उठाई जाएगी।’ | ममता / स्नेह |
| 2. | वृद्धा के उपर्युक्त वचन सुनते ही उनकी आँखें खुल गईं। | दुख / पीड़ा |
| 3. | उनके मन में कुछ दया आ गई। | विनम्रता / विनय |
| 4. | इससे भरोसा है कि वह रोटी खाने लगेगी। | अहंकार / घमंड |
| 5. | महाराज क्षमा करें तो एक विनती है। | बोध / आत्मज्ञान |
| 6. | अब यही उसकी पोती इस वृद्धाकाल में एकमात्र आधार थी। | आस्था / विश्वास |
| 7. | जमींदार साहब धन-मद से गर्वित हो अपना कर्तव्य भूल गए थे। | जुड़ाव / मोह |
| 8. | उस झोंपड़ी में उसका मन ऐसा कुछ लग गया था कि बिना मरे वहाँ से वह निकलना ही नहीं चाहती थी। | करुणा / दया |
| 9. | जब उसे अपनी पूर्वस्थिति की याद आ जाती तो मारे दुख के फूट-फूट कर रोने लगती थी। | क्रूरता / अन्याय |
| 10. | बाल की खाल निकालने वाले वकीलों की थैली गरम कर उन्होंने अदालत से झोंपड़ी पर अपना कब्जा कर लिया। | लज्जा / पछतावा |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साईकिल प्रशिक्षण शिविर कहाँ लगा था?
किला कुरुचि
कौन बौद्धिक जड़ता का प्रतीक नहीं है ?
सहनशीलता।
यह पाठ किस शैली में लिखा गया है?
आत्मकथात्मक
'दीवानों की हस्ती' कविता के रचयिता भगवती चरण वर्मा का जन्म कब और कहाँ हुआ ?
30 अगस्त 1903, शफीपुर, उत्तर-प्रदेश में
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