दोो गौौरैै याा | Class 8 Hindi Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 5 मिनट का पठन

दोो गौौरैै याा – this guide gives you a concise, exam-ready overview of दोो गौौरैै याा from Class 8 Hindi, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
पिताजी और माँ की गौरैयों के प्रति प्रतिक्रियाएँ
इस अनुभाग में पिताजी और माँ की गौरैयों के प्रति भिन्न-भिन्न प्रतिक्रियाओं का वर्णन है। पिताजी गौरैयों को घर से निकालने के लिए कूद-फाँद कर, ताली बजाकर और ‘श...शू’ कहकर उन्हें डराने की कोशिश करते हैं। पर गौरैयें घोंसले से सिर निकालकर नीचे झाँकती हैं और ‘चीं-चीं’ करती हैं। माँ इस पर हँसती हैं और व्यंग्य करती हैं कि चिड़ियाँ एक-दूसरे से पूछ रही हैं कि यह आदमी कौन है और नाच क्यों रहा है।
पिताजी गुस्से में लाठी लेकर गौरैयों को भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन गौरैयें बार-बार घर के अंदर आ जाती हैं। माँ की हँसी और व्यंग्य से पिताजी और भी अधिक गुस्सा हो जाते हैं। माँ की यह प्रतिक्रिया कहानी में हास्य और व्यंग्य का तत्व जोड़ती है।
माँ और पिताजी के बीच यह संवाद कहानी को रोचक बनाता है और उनके स्वभाव के अंतर को दर्शाता है। माँ की सहनशीलता और व्यंग्यात्मक दृष्टिकोण के विपरीत पिताजी की चिड़चिड़ाहट और गुस्सा कहानी में तनाव पैदा करता है।
📊 Diagram: See figure_2: पिताजी की गौरैयों को भगाने की कोशिश करते हुए चित्र।
🧪 Activity: कहानी में माँ और पिताजी के संवादों को पढ़कर उनके स्वभाव के अंतर पर चर्चा करें।
🔗 Connection: अगले भाग में गौरैयों के बार-बार लौटने और पिताजी के प्रयासों का विस्तार से वर्णन है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
(ख) अपने उत्तर को अपने मित्रों के उत्तर से मिलाइए और विचार कीजिए कि आपने कौन-से अर्थ का चुनाव किया है और क्यों?
यह प्रश्न विद्यार्थियों के विचार और चर्चा पर आधारित है। विद्यार्थी अपने उत्तरों की तुलना मित्रों के उत्तरों से करेंगे और यह सोचेंगे कि उन्होंने किस अर्थ का चुनाव किया और क्यों। इसका कोई निश्चित उत्तर नहीं है।
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए। (क) “अब तो ये नहीं उड़ेंगी। पहले इन्हें उड़ा देते, तो उड़ जाती। अब तो इन्होंने यहाँ घोंसला बना लिया है।” (ख) “एक दिन अंदर नहीं घुस पाएँगी, तो घर छोड़ देंगी।” (ग) “किसी को सचमुच बाहर निकालना हो, तो उसका घर तोड़ देना चाहिए।”
विद्यार्थी इन पंक्तियों का अर्थ अपने अनुसार समझकर लिखेंगे। (क) यह बताता है कि गौरैया अब घोंसला बना चुकी हैं और उड़ने की स्थिति में नहीं हैं। (ख) यह आशंका या संभावना व्यक्त करता है कि यदि गौरैया अंदर नहीं जा पाईं तो वे घर छोड़ देंगी। (ग) यह कथन कठोरता से किसी को बाहर निकालने के लिए घर तोड़ने की बात करता है। उत्तर विद्यार्थियों के विचारों पर निर्भर करेगा।
पाठ को पुनः ध्यान से पढ़िए, पता लगाइए और लिखिए। (क) आपको कहानी का कौन-सा पात्र सबसे अच्छा लगा — घर पर रहने आई गौरैयाँ, माँ, पिताजी, लेखक या कोई अन्य प्राणी? आपको उसकी कौन-कौन सी बातें अच्छी लगीं और क्यों? (ख) लेखक के घर में चिड़िया ने अपना घोंसला कहाँ बनाया? उसने घोंसला वहीं क्यों बनाया होगा? (ग) क्या आपको लगता है कि पशु-पक्षी भी मनुष्यों के समान परिवार और घर का महत्व समझते हैं? अपने उत्तर के समर्थन में कहानी से उदाहरण दीजिए। (घ) “अब मैं हार मानने वाला आदमी नहीं हूँ।” इस कथन से पिताजी के स्वभाव के कौन-से गुण उभरकर आते हैं? (ड) कहानी में गौरैयों के व्यवहार में कब और कैसा बदलाव आया? यह बदलाव क्यों आया? (संकेत — कहानी में खोजिए कि उन्होंने गाना कब बंद कर दिया?) (च) कहानी में गौरैयाँ ने किन-किन स्थानों से घर में प्रवेश किया था? सूची बनाइए। (छ) इस कहानी को कौन सुना रहा है? आपको यह बात कैसे पता चली? (ज) माँ बार-बार क्यों कह रही होंगी कि गौरैयाँ घर छोड़कर नहीं जाएँगी?
यह प्रश्न विद्यार्थियों से कहानी के पात्रों, घटनाओं और भावनाओं पर गहराई से विचार करने को कहता है।
(क) उत्तर व्यक्तिगत हो सकता है। उदाहरण: मुझे माँ अच्छा लगा क्योंकि वह गौरैयों के प्रति दयालु और समझदार थीं। (ख) चिड़िया ने लेखक के घर की खिड़की के पास घोंसला बनाया होगा क्योंकि वहाँ सुरक्षित और आरामदायक स्थान था। (ग) हाँ, पशु-पक्षी भी परिवार और घर का महत्व समझते हैं। उदाहरण के लिए, गौरैया ने अपना घोंसला बनाया और बच्चों की देखभाल की। (घ) पिताजी में धैर्य, दृढ़ता और हार न मानने का स्वभाव दिखता है। (ड
(क) कल्पना कीजिए कि आप उस घर में रहते हैं जहाँ चिड़ियाँ अपना घर बना रही हैं। अपने घर में उन्हें देखकर आप क्या करते? (ख) मान लीजिए कि कहानी में चिड़िया नहीं, बल्कि नीचे दिए गए प्राणियों में से कोई एक प्राणी घर में घुस गया है। ऐसे में घर के लोगों का व्यवहार कैसा होगा? क्यों? (प्राणियों के नाम— चूहा, कुत्ता, मच्छर, बिल्ली, कबूतर, कॉकरोच, तितली, मक्खी) (ग) “मैं अवाक् उनकी ओर देखता रहा।” लेखक को विस्मय या हैरानी किसे देखकर हुई? उसे विस्मय क्यों हुआ होगा? (घ) “माँ मदद तो करती नहीं थीं, बैठी हँसे जा रही थीं।” माँ ने गौरियों को निकालने में पिताजी की सहायता क्यों नहीं की होगी? (ड) “एक चूहा अंगीठी के पीछे बैठना पसंद करता है, शायद बूढ़ा है उसे सर्दी बहुत लगती है।” लेखक ने चूहे के विशेष व्यवहार से अनुमान लगाया कि उसे सर्दी लगती होगी। आप भी किसी एक अपरिचित व्यक्ति या प्राणी के व्यवहार को ध्यान से देखकर अनुमान लगाइए कि वह क्या सोच रहा होगा, क्या करता होगा या वह कैसा व्यक्ति होगा आदि। (संकेत— आपको उसके व्यवहार पर ध्यान देना है, उसके रंग-रूप या वेशभूषा पर नहीं) (च) “पिताजी कहते हैं कि यह घर सराय बना हुआ है।” सराय और घर में कौन-कौन से अंतर होते हैं?
यह प्रश्न कल्पना, विश्लेषण और तर्क पर आधारित हैं।
(क) मैं चिड़ियों को देखकर खुश होता, उनकी देखभाल करता और उन्हें सुरक्षित महसूस कराता। (ख) यदि कोई अन्य प्राणी जैसे कुत्ता या बिल्ली घर में घुसा, तो लोग उसे निकालने की कोशिश करेंगे क्योंकि वे नुकसान पहुंचा सकते हैं। (ग) लेखक को गौरैयों को देखकर आश्चर्य हुआ क्योंकि वे बिना डर के घर में घुसीं। (घ) माँ ने शायद इसलिए मदद नहीं की क्योंकि वे स्थिति को मजाकिया या हल्के में ले रही थीं। (ड) उदाहरण के लिए, यदि कोई व्यक्ति बार-बार कपड़े समेटता है तो वह चिंति
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