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पृथ्वी से परे | Class 6 Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

पृथ्वी से परे | Class 6 Science Notes

पृथ्वी से परे – this guide gives you a concise, exam-ready overview of पृथ्वी से परे from Class 6 Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

12.1 तारे और तारा-मंडल

रात्रि-आकाश में हमें अनेक तारे दिखाई देते हैं, जिनमें कुछ चमकीले और कुछ धुंधले होते हैं। तारे स्वयं के प्रकाश से चमकते हैं। प्राचीन काल में लोग तारों के समूहों को पैटर्न के रूप में देखते थे, जो जंतुओं, वस्तुओं या कहानियों के पात्रों जैसे प्रतीत होते थे। इन पैटर्नों को तारा-मंडल कहा जाता था। ये पैटर्न यात्रियों के लिए दिशा-निर्देशन में सहायक थे। आधुनिक खगोलशास्त्र में तारा-मंडल का अर्थ आकाश के निश्चित क्षेत्र से है, जिसमें वे सभी तारे सम्मिलित होते हैं। अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ ने 88 तारा-मंडलों की परिसीमाएँ निर्धारित की हैं, जिससे संपूर्ण आकाश को 88 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। भारतीय खगोलशास्त्र में तारा-मंडलों को नक्षत्र भी कहा जाता है, जैसे आर्द्रा नक्षत्र, कृत्तिका नक्षत्र आदि। कुछ प्रसिद्ध तारा-मंडल जैसे ओरायन, वृष, कैनिस मेजर आदि की पहचान उनके पैटर्न और कहानियों से होती है। ध्रुव तारा, जो लिटिल डिपर तारा-मंडल का हिस्सा है, उत्तर दिशा का निर्धारण करता है और उत्तर गोलार्ध में लगभग स्थिर दिखाई देता है। विभिन्न संस्कृतियों ने तारा-मंडलों को अलग-अलग नाम और कहानियाँ दी हैं, जो आकाश के अध्ययन को रोचक बनाती हैं।

📊 Diagram: विभिन्न संस्कृतियों ने तारा- मंडल की परिसीमाओं को अलग-अलग ढंग से निर्दिष्ट किया। बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन — आई.ए.यू.) ने अंतरराष्ट्रीय; चित्र 12.3— कुछ तारा-मंडल और तारे; भारतीय खगोलशास्त्र में ‘नक्षत्र’ शब्द का उपयोग किसी तारे या तारा-मंडल के लिए किया जाता है, जैसे— आर्द्रा नक्षत्र (ओरायन तारा-मंडल में बीटलजूज नाम का तारा), कृत्तिका नक्षत्र (वृष तारा-मंडल में प्लायोडिज नाम का तारा-समूह)।

🔗 Connection: यह खंड रात्रि-आकाश के अवलोकन की तकनीकों और प्रकाश प्रदूषण के प्रभाव की चर्चा के लिए आधार बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. निम्नलिखित का मिलान कीजिए — | स्तंभ I | स्तंभ II | | --- | --- | | (i) पृथ्वी का उपग्रह | (क) ओरियन | | (ii) लाल ग्रह | (ख) शुक्र | | (iii) तारा-मंडल | (ग) मंगल | | (iv) एक ग्रह जिसे सामान्यतः सांध्य तारा कहा जाता है | (घ) चंद्रमा |

मिलान इस प्रकार है: (i) पृथ्वी का उपग्रह — (घ) चंद्रमा (ii) लाल ग्रह — (ग) मंगल (iii) तारा-मंडल — (क) ओरियन (iv) एक ग्रह जिसे सामान्यतः सांध्य तारा कहा जाता है — (ख) शुक्र

2. (क) निम्नलिखित पहेलियों को हल कीजिए — - मेरे नाम का पहला अक्षर मंत्रणा में है यंत्रणा में नहीं, - मेरे नाम का दूसरा अक्षर गगन और सागर दोनों में है, - मेरे नाम का तीसरा अक्षर जल में है, जग में नहीं, - मैं सूर्य की परिक्रमा करने वाला एक ग्रह हूँ। (ख) इस प्रकार की दो पहेलियाँ आप स्वयं बनाइए।

(क) पहेली का उत्तर है 'मंगल'। पहेली के अनुसार:

  • पहला अक्षर 'म' मंत्रणा में है, यंत्रणा में नहीं।
  • दूसरा अक्षर 'ं' (अनुस्वार) गगन और सागर दोनों में है।
  • तीसरा अक्षर 'ग' जल में है, जग में नहीं।
  • यह सूर्य की परिक्रमा करने वाला ग्रह है।

इससे स्पष्ट होता है कि उत्तर 'मंगल' है।

(ख) छात्र स्वयं दो ऐसी पहेलियाँ बनाएँ जो ग्रहों या तारों से संबंधित हों।

3. निम्नलिखित में से कौन सौर परिवार का सदस्य नहीं है? - (क) लुब्धक - (ग) धूमकेतु (ख) शुद्रग्रह - (घ) प्लूटो

सौर परिवार के सदस्य नहीं है: (क) लुब्धक।

व्याख्या:

  • लुब्धक (ध्रुव तारा) सौर परिवार का सदस्य नहीं है, यह एक तारा है।
  • धूमकेतु, शुद्रग्रह और प्लूटो सौर परिवार के सदस्य हैं।
4. निम्नलिखित में से कौन सूर्य का ग्रह नहीं है? - (क) बृहस्पति - (ग) प्लूटो (ख) वरुण - (घ) शनि

सूर्य का ग्रह नहीं है: (ग) प्लूटो।

व्याख्या:

  • प्लूटो को अब ग्रह की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है और इसे बौना ग्रह माना जाता है।
  • बृहस्पति, वरुण और शनि सूर्य के ग्रह हैं।

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