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विविधता में एकता या 'एक में अनेक' | Class 6 Social Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

विविधता में एकता या 'एक में अनेक' | Class 6 Social Science Notes

विविधता में एकता या 'एक में अनेक' – this guide gives you a concise, exam-ready overview of विविधता में एकता या 'एक में अनेक' from Class 6 Social Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

वस्त्र एवं परिधान

भारत के प्रत्येक क्षेत्र के लोगों ने वस्त्रों और परिधानों की अपनी विशिष्ट शैली विकसित की है। फिर भी, पारंपरिक भारतीय परिधानों में एक समानता भी पाई जाती है। उदाहरण के लिए, अधिकांश भागों में महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली साड़ी, जो बिना सिले हुए एक लंबा कपड़ा होता है, विभिन्न प्रकार के सूत या धागे से बनाया जाता है।

साड़ियाँ मुख्यतः कपास या रेशम से बनी होती हैं, लेकिन आजकल सिंथेटिक कपड़ों से भी बनाई जाती हैं। बनारसी, कांजीवरम, पैठनी, पाटन पटोला, मृगा या मैसूर जैसी रेशमी साड़ियाँ प्रसिद्ध हैं। सूती साड़ियों के भी कई प्रकार होते हैं। साड़ियों को बुनाई, डिजाइन और रंगों के आधार पर कई रूपों में तैयार किया जाता है।

साड़ी का इतिहास बहुत पुराना है। प्राचीन वैशाली (वर्तमान बिहार) में पत्थर पर उकेरी गई आकृति में भी साड़ी पहनी हुई स्त्री दिखाई गई है। साड़ी को पहनने के कई तरीके हैं, जो क्षेत्र और समुदाय के अनुसार बदलते हैं। इसके अलावा, महिलाएँ साड़ी का उपयोग केवल परिधान के रूप में ही नहीं, बल्कि अन्य कई रचनात्मक तरीकों से भी करती हैं, जैसे चित्रों में दिखाया गया है।

इतिहास में भारत विश्व में महीन सूत का प्रमुख उत्पादक रहा है और इसके कपड़े यूरोप तक निर्यात किए जाते थे। 17वीं शताब्दी में सूती कपड़ों पर छपे डिजाइनों ने यूरोपीय परिधानों की कीमतों को प्रभावित किया। इस कारण इंग्लैंड और फ्रांस ने भारत से 'छींट' के आयात पर प्रतिबंध लगाया।

📊 Diagram: भारत के प्रत्येक क्षेत्र के लोगों ने वस्त्रों और परिधानों की अपनी स्वयं की शैली विकसित की है। फिर भी, हम कुछ पारंपरिक भारतीय परिधानों में एक समानता पाते हैं, भले ही उनमें किसी भी प्रकार की सामग्री का ; चित्र 8.3 – रंगीन पारंपरिक भारतीय कपड़ों के कुछ उदाहरण; चित्र 8.4 – महिलाएँ साड़ी का प्रायः एक परिधान के अतिरिक्त अन्य प्रकार से भी उपयोग करती हैं (चित्र – दक्षिण भारत से)।; विगत शताब्दियों में भारत आने वाले विभिन्न विदेशी यात्री इसकी सादगी, सुलभता और पहनने के विविध तरीकों को देखकर अभिभूत हुए। इसके अतिरिक्त, महिलाएँ साड़ी का एक परिधान के रूप में उपयोग करने के अलावा अन्य क

🧪 Activity: साड़ी का उदाहरण लेकर यह समझाएं कि यह कैसे एकता और विविधता दोनों को दर्शाता है। साथ ही, धोती के कपड़े के विभिन्न रूपों और उपयोगों की सूची बनाएं।

🔗 Connection: वस्त्रों की विविधता के बाद हम त्योहारों की विविधता पर चर्चा करेंगे, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता का एक और महत्वपूर्ण पहलू है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जब _____ को परिपथ में जुड़ा हुआ हो, तब बल्ब दीप्त नहीं होगा।

रबड़

यदि हम धारा प्रवाहित तार को स्पर्श करते हैं तो हमारे शरीर को झटका लगता है। यह सुझाव देता है कि ______।

हमारा शरीर एक विद्युत चालक के रूप में कार्य करता है

_______ वे पदार्थ हैं जो परिपथ में विद्युत के प्रवाह को नहीं रोकते हैं।

विद्युत चालक (electrical conductors)

अचल संधि ______ में उपस्थित होती है।

कपाल की अस्थियाँ

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