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भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकता | Class 12 Political Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकता | Class 12 Political Science Notes

भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकता – this guide gives you a concise, exam-ready overview of भाषाई विविधता और राष्ट्रीय एकता from Class 12 Political Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

द्रविड़ आंदोलन

द्रविड़ आंदोलन भारत के क्षेत्रीय आंदोलनों में सबसे प्रभावशाली था, जिसका नेतृत्व ई.वी. रामास्वामी नायकर 'पेरियार' ने किया। यह आंदोलन दक्षिण भारत में उत्तर भारतीय और ब्राह्मणवादी वर्चस्व के विरोध में था। आंदोलन ने कभी सशस्त्र संघर्ष की राह नहीं अपनाई, बल्कि सार्वजनिक बहस और चुनावी मंच का उपयोग किया। द्रविड़ कड़गम नामक राजनीतिक संगठन की स्थापना हुई, जो ब्राह्मणों के वर्चस्व और हिंदी-उत्तर भारतीय प्रभुत्व के विरोध में था। 1965 के हिंदी विरोधी आंदोलन की सफलता ने डीएमके को लोकप्रिय बनाया। 1967 के विधानसभा चुनावों में डीएमके ने बड़ी सफलता हासिल की और तब से तमिलनाडु की राजनीति में द्रविड़ दलों का वर्चस्व बना हुआ है। इस आंदोलन ने क्षेत्रीय गौरव और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया और भारतीय राष्ट्रवाद के भीतर क्षेत्रीयता और एकता के बीच संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया।

📊 Diagram: ई. वी. रामास्वामी नायकर (1879-1973) : पेरियार के नाम से प्रसिद्ध; ऊनीश्वरवाद के प्रबल समर्थक; जाति-विरोधी आंदोलन एवं द्रविड़ अस्मिता के उद्भावक; राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में; आत्मसम्मान आंदोलन के जनक (1925); ब्राह्मण विरोधी आंदोलन का नेतृत्व; जस्टिस पार्टी के कार्यकर्ता और द्रविड़ कड़गम की स्थापना; हिंदी और उत्तर भारतीय वर्चस्व का विरोध; 'उत्तर भारतीय लोग एवं ब्राह्मण द्रविड़ों से अलग आर्य हैं' इस मत का प्रतिपादन किया। (figure_12, figure_13)

🧪 Activity: इस खंड में कोई विशेष गतिविधि नहीं दी गई है।

🔗 Connection: यह अनुभाग दक्षिण भारत के क्षेत्रीय आंदोलन को समझाता है, जो बाद के अनुभागों में अन्य क्षेत्रीय आंदोलनों से तुलना करने में सहायक होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में क्षेत्रीय आकांक्षाओं के उभरने का मुख्य कारण क्या है?

सांस्कृतिक विविधता और स्वायत्तता की भावना

‘कश्मीरियत’ शब्द किस भावना को दर्शाता है?

कश्मीर के लोगों की क्षेत्रीय और सांस्कृतिक पहचान

भारत सरकार ने क्षेत्रीय आकांक्षाओं को किस प्रकार संबोधित किया है?

संवाद, समझौते और संवैधानिक उपायों द्वारा

जम्मू एवं कश्मीर को संविधान के किस अनुच्छेद के तहत विशेष दर्जा प्राप्त था?

अनुच्छेद 370

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