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दो ध्रुवीयता का अंत | Class 12 Political Science Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

दो ध्रुवीयता का अंत | Class 12 Political Science Notes

दो ध्रुवीयता का अंत – this guide gives you a concise, exam-ready overview of दो ध्रुवीयता का अंत from Class 12 Political Science, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

परिचय

शीत युद्ध के सबसे तनावपूर्ण दौर में बर्लिन-दीवार का निर्माण हुआ था, जो पूंजीवादी पश्चिमी जर्मनी और साम्यवादी पूर्वी जर्मनी के बीच विभाजन का प्रतीक थी। यह दीवार 1961 में बनी और लगभग 28 वर्षों तक खड़ी रही। 1989 में पूर्वी जर्मनी की जनता ने इस दीवार को गिरा दिया, जो शीत युद्ध के अंत और दो ध्रुवीय विश्व व्यवस्था के पतन का प्रतीक था। इस घटना के बाद पूर्वी यूरोप के कई साम्यवादी देशों में जनता के प्रदर्शनों ने उनके शासन को बदल दिया। सोवियत संघ, जो इस साम्यवादी खेमे का नेतृत्व करता था, इन घटनाओं को रोक नहीं पाया और अंततः खुद विघटित हो गया। इस अध्याय में हम सोवियत संघ के पतन के कारणों, प्रक्रिया और परिणामों का विश्लेषण करेंगे, साथ ही शीत युद्ध के बाद की वैश्विक राजनीतिक व्यवस्था और भारत के संबंधों पर भी चर्चा करेंगे।

📊 Diagram: बर्लिन की दीवार पूँजीवादी दुनिया और साम्यवादी दुनिया के बीच विभाजन का प्रतीक थी। 1961 में बनी यह दीवार पश्चिमी बर्लिन को पूर्वी बर्लिन से अलग करती थी। 150 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी यह दीवार 28 वर्षों तक खड़ी रही और आखिरकार जनता ने इसे 9 नवंबर, 1989 को तोड़ दिया। यह दोनों जर्मनी के एकीकरण और साम्यवादी खेमे की समाप्ति की शुरुआत थी। यहाँ दिए गए चित्र इसी कथाक्रम को सामने रखते हैं। 1. लोग दीवार में छोटा सा छेद कर रहें हैं। 2. मुक्त आवागमन को संभव बनाने के लिए दीवार के एक हिस्से को गिरा दिया गया है। 3. 1989 से पहले बर्लिन की दीवार।

🔗 Connection: यह परिचय सोवियत संघ की राजनीतिक व्यवस्था और उसके नेताओं के बारे में विस्तार से चर्चा करने वाले अगले खंड से जुड़ता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवधारणा - लोकतंत्र के निर्माण की चुनौती चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची का पहला मसौदा क्यों स्वीकार नहीं किया गया?

इनमें 40 लाख महिला मतदाताओं का नाम नहीं था।

अवधारणा – कांग्रेस के प्रभुत्व की प्रकृति वह भारत में स्वतंत्र श्रमिक पार्टी के संस्थापक थे। जिन्होंने बाद में अनुसूचित जाति फेडरेशन की स्थापना की। व्यक्ति को पहचानें।

बाबासाहेब भीमराव रामजी अंबेडकर

अवधारणा-जनता सरकार जुलाई 1979 से जनवरी 1980 के बीच भारत के प्रधानमंत्री कौन थे?

चौधरी चरण सिंह

अवधारणा : सोवियत प्रणाली क्या थी? रूसी भाषा किस क्रांति से प्रेरित थी?

समाजवाद के विचार तथा समतावादी समाज कीआवश्यकता

इस अध्याय में महारत हासिल करें

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