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मुद्रा और बैंकिंग | Class 12 Economics Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

मुद्रा और बैंकिंग | Class 12 Economics Notes

मुद्रा और बैंकिंग – this guide gives you a concise, exam-ready overview of मुद्रा और बैंकिंग from Class 12 Economics, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

बैंकिंग प्रणाली और मुद्रा सृजन

बैंकिंग प्रणाली अर्थव्यवस्था में मुद्रा सृजन की मुख्य संस्था है। बैंक जनता से जमा स्वीकार करते हैं और उसका एक हिस्सा अनिवार्य कोष के रूप में रिजर्व बैंक के पास रखते हैं, जबकि बाकी राशि ऋण के रूप में देते हैं। इस प्रक्रिया में जब बैंक ऋण देते हैं, तो वह नई मुद्रा सृजित करते हैं क्योंकि ऋण प्राप्तकर्ता इसका उपयोग खर्च या निवेश के लिए करते हैं, जिससे बाजार में मुद्रा की मात्रा बढ़ जाती है। इस प्रकार, बैंकिंग प्रणाली द्वारा जमा और ऋण के चक्र से मुद्रा की कुल आपूर्ति बढ़ती है। मुद्रा सृजन की यह प्रक्रिया मुद्रा गुणक के सिद्धांत पर आधारित है। बैंकिंग प्रणाली के इस कार्य से आर्थिक गतिविधियों को वित्तीय संसाधन उपलब्ध होते हैं, जिससे उत्पादन और रोजगार बढ़ते हैं। हालांकि, बैंकिंग प्रणाली को नकद कोष अनुपात, बैंक दर आदि के माध्यम से नियंत्रित किया जाता है ताकि मुद्रास्फीति न बढ़े और आर्थिक स्थिरता बनी रहे।

📊 Diagram: Table on page 6 (4×4); Formula on page 5; Formula on page 6

🧪 Activity: इस अनुभाग में बैंकिंग प्रणाली के मुद्रा सृजन के उदाहरण और तालिका प्रस्तुत की गई है।

🔗 Connection: यह अनुभाग भारतीय रिजर्व बैंक और मुद्रा नियंत्रण के विषय में विस्तार से चर्चा करता है।

Table on page 6 (4×4)

आस्तियाँदेनदारियाँ
कोषरु. 100जमाएँरु. 100
नेट वेथरु. 0
योगरु. 100योगरु. 100

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यदि सकल घरेलू उत्पाद अवस्फीतिक 100 गुना है तो सूचित होता है –

मौद्रिक GDP = वास्तविक GDP

यदि मौद्रिक घरेलू उत्पाद 900 रुपये है और कीमत सूचकांक (सकल घरेलू उत्पाद अवस्फीतिक) 90 है | वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद क्या होगा ?

1000 रुपये

मुद्रा क्या है और इसका आर्थिक प्रणाली में क्या महत्व है?

मुद्रा वह माध्यम है जिसके द्वारा वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान की प्रक्रिया सरल होती है। इसका महत्व मूल्य का सामान्य मापक होना, मूल्य का संग्रहण करना और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना है। उदाहरण के लिए, मुद्रा के बिना वस्तु-व्यवहार कठिन होता है।

निम्नलिखित में से कौन वस्तु मुद्रा का उदाहरण है?

सोना

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