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चिकित्सा उपागम | Class 12 Psychology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

चिकित्सा उपागम – this guide gives you a concise, exam-ready overview of चिकित्सा उपागम from Class 12 Psychology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

चिकित्सा के प्रकार

मनश्चिकित्सा के तीन मुख्य प्रकार हैं: मनोगतिक (psychodynamic), व्यवहार (behavioural), और अस्तित्वपरक (existential/humanistic) चिकित्सा। मनोगतिक चिकित्सा के अनुसार मानसिक समस्याओं के कारण अंत:मनोदंड में विद्यमान द्वंद्व होते हैं, जो बाल्यावस्था की अतृप्त इच्छाओं और अनसुलझे भय से उत्पन्न होते हैं। इसका उपचार मुक्त साहचर्य और स्वप्न विश्लेषण द्वारा किया जाता है। व्यवहार चिकित्सा दोषपूर्ण व्यवहार और विचार प्रतिरूपों को पहचानकर उन्हें अनुकूली व्यवहारों से प्रतिस्थापित करती है। यह वर्तमान व्यवहार पर केंद्रित होती है और अतीत को केवल कारण समझने के लिए देखती है। अस्तित्वपरक चिकित्सा व्यक्ति के अकेलेपन, विसंबंधन और जीवन के अर्थ की खोज में असफलता को मनोवैज्ञानिक कष्ट का कारण मानती है। इसका उपचार सकारात्मक, स्वीकारात्मक और अनिर्णायक वातावरण प्रदान करके सेवार्थी को अपनी समस्याओं का स्वयं अन्वेषण करने में सहायता करना है। चिकित्सक इस प्रक्रिया में मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। प्रत्येक चिकित्सा प्रकार में चिकित्सक और सेवार्थी के बीच चिकित्सात्मक संबंध की प्रकृति, उपचार की विधि, लाभ और अवधि भिन्न होती है।

📊 Diagram: इस खंड में चिकित्सा प्रकारों की तुलना तालिका के रूप में प्रस्तुत की गई है।

🔗 Connection: यह खंड व्यवहार चिकित्सा के विस्तृत विवेचन की ओर ले जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्रियाकलाप 5.3 आपका मित्र परीक्षा से पहले बहुत अधीर और आतंकित महसूस कर रहा है। वह ऊपर-नीचे चहलकदमी कर रहा है, अध्ययन करने में असमर्थ है तथा उसे लगता है कि उसने जो कुछ सीखा था वह सब भूल गया है। अंत:श्वसन (गहरा श्वास लेना), उसे कुछ समय (5-10 सेकण्ड) तक रोककर रखना, फिर निःश्वसन (श्वास निकालना) द्वारा विश्राम करने में उसकी मदद कीजिए। उसे यह क्रिया 5-10 बार दोहराने के लिए कहिए। उसे अपने श्वसन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी कहिए। स्वयं आप भी कभी अधीरता महसूस करने पर यह

इस क्रियाकलाप में, आपको अपने मित्र को परीक्षा के तनाव से राहत दिलाने के लिए गहरी श्वास लेने, उसे कुछ समय रोककर रखने और फिर धीरे-धीरे श्वास निकालने की प्रक्रिया सिखानी है।

समाधान: 1. अपने मित्र को शांत वातावरण में बैठने के लिए कहें। 2. उसे गहरी श्वास लेने के लिए कहें (अंत:श्वसन)। 3. श्वास को 5-10 सेकंड तक रोककर रखें। 4. फिर धीरे-धीरे श्वास बाहर निकालें (निःश्वसन)। 5. यह प्रक्रिया 5-10 बार दोहराएं। 6. मित्र को अपने श्वसन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहें।

इस प्रक्रिया से मित्र की अधीरता और तनाव

प्रश्नावली 1. मनोवैज्ञानिक चिकित्सा उपागम के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए। 2. मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के सिद्धांतों की व्याख्या कीजिए। 3. मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के लाभों और सीमाओं का उल्लेख कीजिए। 4. मनोवैज्ञानिक चिकित्सा और औषधीय चिकित्सा में क्या अंतर है? 5. निम्नलिखित में से किसे मनोवैज्ञानिक चिकित्सा के अंतर्गत नहीं माना जाता है? (i) मनोविश्लेषणात्मक चिकित्सा (ii) व्यवहार चिकित्सा (iii) औषधीय चिकित्सा (iv) संज्ञानात्मक चिकित्सा

1. मनोवैज्ञानिक चिकित्सा उपागम के विभिन्न प्रकार हैं: (i) मनोविश्लेषणात्मक चिकित्सा: यह चिकित्सा सिग्मंड फ्रायड द्वारा विकसित की गई थी, जिसमें अचेतन मन की प्रक्रियाओं को समझने और हल करने का प्रयास किया जाता है। (ii) व्यवहार चिकित्सा: इसमें व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए शास्त्रीय अनुबंधन, संवेगात्मक अनुबंधन, और प्रचालन अनुबंधन तकनीकों का उपयोग किया जाता है। (iii) संज्ञानात्मक चिकित्सा: इसमें व्यक्ति के विचारों और विश्वासों में परिवर्तन लाकर समस्याओं का समाधान किया जाता है। (iv) मान

मानसिक रोगियों के पुनःस्थापन के उद्देश्य क्या हैं? पुनःस्थापन की प्रक्रिया में कौन-कौन सी गतिविधियाँ सम्मिलित होती हैं?

मानसिक रोगियों के पुनःस्थापन का मुख्य उद्देश्य रोगी को सशक्त बनाना होता है ताकि वह समाज का एक उत्पादक सदस्य बन सके। पुनःस्थापन की प्रक्रिया में निम्नलिखित गतिविधियाँ सम्मिलित होती हैं:

1. व्यावसायिक चिकित्सा: इसमें रोगियों को मोमबत्ती बनाना, कागज की थैली बनाना और कपड़ा बुनना सिखाया जाता है। इससे वे कार्य अनुशासन विकसित कर सकते हैं। 2. सामाजिक कौशल प्रशिक्षण: भूमिका-निर्वाह, अनुकरण और अनुदेश के माध्यम से रोगियों को सामाजिक कौशल सिखाए जाते हैं ताकि वे अंतर्वैयक्तिक कौशल विकसित कर सकें और सामाजिक

1. मनश्चिकित्सा की प्रकृति एवं विषय-क्षेत्र का वर्णन कीजिए। मनश्चिकित्सा में चिकित्सात्मक संबंध के महत्व को उजागर कीजिए।

मनश्चिकित्सा (Psychotherapy) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें प्रशिक्षित मनोचिकित्सक व्यक्ति की मानसिक समस्याओं को समझने, उनका उपचार करने तथा व्यक्ति को बेहतर जीवन जीने में सहायता प्रदान करता है। इसका विषय-क्षेत्र मानसिक विकारों, भावनात्मक समस्याओं, व्यवहार संबंधी कठिनाइयों, तथा तनाव आदि को शामिल करता है। मनश्चिकित्सा में चिकित्सात्मक संबंध (therapeutic relationship) अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह विश्वास, सहानुभूति, और स्वीकार्यता पर आधारित होता है। चिकित्सक और रोगी के बीच यह संबंध रोगी को अपनी

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