मानव विकास | Class 12 Geography Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन

मानव विकास – this guide gives you a concise, exam-ready overview of मानव विकास from Class 12 Geography, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
मानव विकास के उपागम
मानव विकास की समस्या को देखने के विभिन्न दृष्टिकोण या उपागम हैं, जिनमें मुख्य हैं:
(क) आय उपागम: यह मानव विकास को आय के स्तर से जोड़ता है। माना जाता है कि आय का स्तर जितना ऊँचा होगा, स्वतंत्रता और विकल्प भी उतने ही अधिक होंगे।
(ख) कल्याण उपागम: इस उपागम में मानव को विकास का निष्क्रिय लाभार्थी माना जाता है। सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा आदि पर व्यय करके विकास सुनिश्चित किया जाता है।
(ग) न्यूनतम आवश्यकता उपागम: इसे अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने प्रस्तावित किया था। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता और आवास जैसी छह न्यूनतम आवश्यकताओं पर जोर दिया गया है।
(घ) क्षमता उपागम: प्रो. अमर्त्य सेन से संबंधित यह उपागम संसाधनों तक पहुँच के साथ-साथ मानव क्षमताओं के निर्माण को विकास की कुंजी मानता है।
ये उपागम मानव विकास की विभिन्न व्याख्याएँ प्रस्तुत करते हैं और विकास के मापन तथा नीतिगत निर्णयों में सहायक होते हैं।
📊 Diagram: Table on page 5 (4×2)
🔗 Connection: मानव विकास के उपागमों के बाद, अगला भाग मानव विकास के मापन के तरीकों और सूचकांकों की चर्चा करता है।
Table on page 5 (4×2)
| आय उपागम | यह मानव विकास के सबसे पुराने उपागमों में से एक है। इसमें मानव विकास को आय के साथ जोड़ कर देखा जाता है। विचार यह है कि आय का स्तर किसी व्यक्ति द्वारा भोगी जा रही स्वतंत्रता के स्तर को परिलक्षित करता है। आय का स्तर ऊँचा होने पर, मानव विकास का स्तर भी ऊँचा होगा। |
|---|---|
| कल्याण उपागम | यह उपागम मानव को लाभार्थी अथवा सभी विकासात्मक गतिविधियों के लक्ष्य के रूप में देखता है। यह उपागम शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सुख-साधनों पर उच्चतर सरकारी व्यय का तर्क देता है। लोग विकास में प्रतिभागी नहीं हैं किंतु वे केवल निष्क्रिय प्राप्तकर्ता हैं। सरकार कल्याण पर अधिकतम व्यय करके मानव विकास के स्तरों में वृद्धि करने के लिए जिम्मेदार है। |
| आधारभूत आवश्यकता उपागम | इस उपागम को मूल रूप से अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने प्रस्तावित किया था। इसमें छ: न्यूनतम आवश्यकताओं जैसे- स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, जलापूर्ति, स्वच्छता और आवास की पहचान की गई थी। इसमें मानव विकल्पों के प्रश्न की उपेक्षा की गई है और पारिभाषित वर्गों की मूलभूत आवश्यकताओं की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। |
| क्षमता उपागम | इस उपागम का संबंध प्रो. अमल्य सेन से है। संसाधनों तक पहुँच के क्षेत्रों में मानव क्षमताओं का निर्माण बढ़ते मानव विकास की कुंजी है। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आधारभूत आवश्यकता उपागम को संगठन ने प्रस्तावित किया है
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन
प्रत्येक पीढ़ी को अपनी भावी पीढ़ियों के लिए अवसरों एवं विकल्पों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। यह कथन मानव विकास की किस संकल्पना से संबंधित है-
सतत पोषणीयता
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल साक्षरता बताइए-
73 प्रतिशत
निम्न में से किस वर्ष शूमाकर की पुस्तक” स्माल इज ब्यूटीफुल” का प्रकाशन हुआ-
सन 1974 में
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