Biologyकक्षा 11पुष्पी पादपों की आकारिकीहिंदी

पुष्पी पादपों की आकारिकी | Class 11 Biology Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

पुष्पी पादपों की आकारिकी | Class 11 Biology Notes

पुष्पी पादपों की आकारिकी – this guide gives you a concise, exam-ready overview of पुष्पी पादपों की आकारिकी from Class 11 Biology, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

5.3 पत्ती

पत्ती (Leaf) तने पर लगी हुई पाश्वीय, चपटी संरचना होती है जो प्रकाश संश्लेषण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्ती गाँठ पर स्थित होती है और उसके कक्ष में कली होती है जो बाद में शाखा बन सकती है। पत्तियाँ प्ररोह के शीर्षस्थ मेरिस्टेम से निकलती हैं और अग्निभिसारी (Spiral) रूप में लगती हैं।

एक सामान्य पत्ती के तीन भाग होते हैं: पर्णधार (Petiole), पर्णवृत्त (Stipule) और स्तरिका (Lamina)। पर्णधार पत्ती को तने से जोड़ता है और इसके आधार पर अनुपर्ण (Stipules) निकलते हैं। स्तरिका पत्ती का हरा, फैला हुआ भाग होता है जिसमें शिराएँ (Veins) और शिरिकाएँ (Veinlets) होती हैं। शिराएँ पत्ती को दृढ़ता प्रदान करती हैं और जल, खनिज तथा भोजन के परिवहन का कार्य करती हैं।

पत्ती पर शिराओं के विन्यास को शिराविन्यास कहते हैं। यदि शिराएँ जाल-सा बनती हैं तो उसे जालिका शिराविन्यास कहते हैं, जो द्विबीजपत्री पौधों में सामान्य है। यदि शिराएँ समानांतर होती हैं तो उसे समानांतर शिराविन्यास कहते हैं, जो एकबीजपत्री पौधों में पाया जाता है।

पत्तियाँ सरल (Simple) या संयुक्त (Compound) हो सकती हैं। सरल पत्ती की स्तरिका अछिन्न होती है या कटाव मध्यशिरा तक नहीं पहुँचता। संयुक्त पत्ती में स्तरिका कई पत्रकों में विभाजित होती है। संयुक्त पत्तियाँ पिच्छाकार (पत्तिकाएँ एक अक्ष पर) या हस्ताकार (पत्तिकाएँ एक बिंदु पर) हो सकती हैं।

पत्तियों के तने पर लगने के क्रम को पर्णविन्यास कहते हैं, जो एकांतर, सम्मुख या चक्करदार हो सकता है।

📊 Diagram: चित्र 5.4 पत्ती की संरचना (अ) पत्ती के भाग (ब) जालिका शिराविन्यास (स) समानांतर शिराविन्यास; चित्र 5.5 संयुक्त पत्तियां (अ) पिच्छाकारी संयुक्त पत्ती (ब) हस्ताकार संयुक्त पत्ती; चित्र 5.6: विभिन्न प्रकार का पर्णविन्यास (अ) एकांतरण (ब) सम्मुख (स) चक्करदार

🧪 Activity: विभिन्न पौधों की पत्तियों को इकट्ठा कर उनके प्रकार (सरल, संयुक्त) और शिराविन्यास (जालिका, समानांतर) का अध्ययन करें।

🔗 Connection: पत्तियों के अध्ययन के बाद पुष्पक्रम और पुष्प की संरचना को समझना आसान होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीज का टेस्टा किससे विकसित होता है

(घ) बाहरी पूर्णांक

....... के फूलों में रेडियल समरूपता पाई जाती है

घ) ब्रासिका

———— एक फूल के गैर जरूरी हिस्से हैं

क) पुंकेसर और स्त्रीकेसर

1. एक पिच्छाकार संयुक्त पत्ती हस्ताकार संयुक्त पत्ती से किस प्रकार भिन्न है?

पिच्छाकार संयुक्त पत्ती में पत्तिकाएँ एक ही रेखा के दोनों ओर क्रमबद्ध होती हैं, जैसे मटर की पत्ती। इसे पिच्छाकार (पिनेट) संयुक्त पत्ती कहते हैं।

हस्ताकार संयुक्त पत्ती में पत्तिकाएँ एक ही बिंदु से निकलती हैं, जैसे गुलमोहर की पत्ती। इसे हस्ताकार (पामेट) संयुक्त पत्ती कहते हैं।

अतः भिन्नता यह है कि पिच्छाकार संयुक्त पत्ती में पत्तिकाएँ एक मध्य रेखा पर क्रमबद्ध होती हैं जबकि हस्ताकार संयुक्त पत्ती में पत्तिकाएँ एक ही बिंदु से निकलती हैं।

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