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अपचयापचय अभिक्रियाएँ | Class 11 Chemistry Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 4 मिनट का पठन

अपचयापचय अभिक्रियाएँ | Class 11 Chemistry Notes

अपचयापचय अभिक्रियाएँ – this guide gives you a concise, exam-ready overview of अपचयापचय अभिक्रियाएँ from Class 11 Chemistry, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

अपचयोपचन अभिक्रियाएँ तथा इलेक्ट्रोड प्रक्रम

अपचयोपचय अभिक्रियाओं में इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण विद्युत रासायनिक प्रक्रियाओं का आधार होता है। उदाहरण के लिए, जब जिंक की छड़ को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो जिंक इलेक्ट्रॉन खोकर Zn²⁺ आयन बनता है (ऑक्सीकरण) और कॉपर आयन इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर धातु के रूप में जमता है (अपचयन)। इस प्रक्रिया में ऊष्मा उत्पन्न होती है, जो विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित हो सकती है।

डेनियल सेल इस सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें दो आधे सेल होते हैं: Zn/Zn²⁺ और Cu/Cu²⁺। प्रत्येक इलेक्ट्रोड पर अलग-अलग अर्द्ध-अभिक्रियाएँ होती हैं। Zn इलेक्ट्रोड (एनोड) पर Zn → Zn²⁺ + 2e⁻ (ऑक्सीकरण) होता है, जबकि Cu इलेक्ट्रोड (कैथोड) पर Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu (अपचयन) होता है। इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह बाहरी तार के माध्यम से होता है, जबकि आयनों का प्रवाह लवण-सेतु के माध्यम से होता है।

प्रत्येक इलेक्ट्रोड पर विभव को इलेक्ट्रोड विभव कहते हैं, और मानक परिस्थितियों में इसे मानक इलेक्ट्रोड विभव (E°) कहा जाता है। हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का मानक विभव 0.00 वोल्ट माना जाता है। विभिन्न इलेक्ट्रोड विभवों के आधार पर हम यह अनुमान लगा सकते हैं कि कौन सा पदार्थ अधिक प्रवृत्त है इलेक्ट्रॉन खोने या पाने के लिए। इस प्रकार, इलेक्ट्रोड विभवों की तालिका से धातुओं की सक्रियता श्रेणी और अभिक्रिया की दिशा निर्धारित की जा सकती है।

📊 Diagram: चित्र 7.3 डेनियल सेल की आयोजना। एनोड पर Zn के ऑक्सीकरण द्वारा उत्पन्न इलेक्ट्रॉन बाहरी परिपथ से कैथोड तक पहुँचते हैं। सेल के अंदर का परिपथ लवण-सेतु के माध्यम से आयनों के विस्थापन द्वारा पूरा होता है। ध्यान दीजिए कि विद्युत्-प्रवाह की दिशा इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह की दिशा के विपरीत है।

🧪 Activity: कॉपर सल्फेट के विलयन में जिंक की पट्टी डालकर डेनियल सेल की क्रिया का अवलोकन करें। विद्युत् प्रवाह और इलेक्ट्रोड विभव को समझें।

🔗 Connection: यह अनुभाग अपचयोपचय अभिक्रियाओं के विद्युत रासायनिक पहलुओं को समझाता है, जो आगे विद्युत संभावनाओं और सेल की क्रिया के अध्ययन से जुड़ता है।

Table on page 16 (35×3)

अभिक्रिया (ऑक्सीकृत स्वरूप +ne⁻ → अपचयित स्वरूप)E°/V
F₂(g) + 2e⁻→ 2F⁻2.87
Co³⁺ + e⁻→ Co²⁺1.81
H₂O₂ + 2H⁺ + 2e⁻→ 2H₂O1.78
MnO₄⁻ + 8H⁺ + 5e⁻→ Mn²⁺ + 4H₂O1.51
Au³⁺ + 3e⁻→ Au(s)1.40
Cl₂(g) + 2e⁻→ 2Cl⁻1.36
Cr₂O₇²⁻ + 14H⁺ + 6e⁻→ 2Cr³⁺ + 7H₂O1.33
O₂(g) + 4H⁺ + 4e⁻→ 2H₂O1.23
MnO₂(s) + 4H⁺ + 2e⁻→ Mn²⁺ + 2H₂O1.23
Br₂ + 2e⁻→ 2Br⁻1.09
NO₃⁻ + 4H⁺ + 3e⁻→ NO(g) + 2H₂O0.97
2Hg²⁺ + 2e⁻→ Hg₂²⁺0.92
Ag⁺ + e⁻→ Ag(s)0.80
Fe³⁺ + e⁻→ Fe²⁺0.77
O₂(g) + 2H⁺ + 2e⁻→ H₂O₂0.68
I₂(s) + 2e⁻→ 2I⁻0.54
Cu⁺ + e⁻→ Cu(s)0.52
Cu²⁺ + 2e⁻→ Cu(s)0.34
AgCl(s) + e⁻→ Ag(s) + Cl⁻0.22
AgBr(s) + e⁻→ Ag(s) + Br⁻0.10
2H⁺ + 2e⁻→ H₂(g)0.00
Pb²⁺ + 2e⁻→ Pb(s)-0.13
Sn²⁺ + 2e⁻→ Sn(s)-0.14
Ni²⁺ + 2e⁻→ Ni(s)-0.25
Fe²⁺ + 2e⁻→ Fe(s)-0.44
Cr³⁺ + 3e⁻→ Cr(s)-0.74
Zn²⁺ + 2e⁻→ Zn(s)-0.76
2H₂O + 2e⁻→ H₂(g) + 2OH⁻-0.83
Al³⁺ + 3e⁻→ Al(s)-1.66
Mg²⁺ + 2e⁻→ Mg(s)-2.36
Na⁺ + e⁻→ Na(s)-2.71
Ca²⁺ + 2e⁻→ Ca(s)-2.87
K⁺ + e⁻→ K(s)-2.93
Li⁺ + e⁻→ Li(s)-3.05

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1. निम्नलिखित अणुओं में से, ब्रोमीन किसमें अधिकतम ऑक्सीकरण संख्या दिखाता है?

(ग) KBrO 4

प्रश्न -निम्नलिखित में से किस यौगिक में आयोडीन की ऑक्सीकरण संख्या भिन्नात्मक होती है?

ख) I 3

प्रश्न . OsO 4 में ऑस्मियम (Os) का ऑक्सीकरण संख्या है

घ) +8

प्रश्न . CH 3 COOH में कार्बोक्जिलिक कार्बन का ऑक्सीकरण संख्या

(घ) +3

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