ह्रास, प्रावधान और संचय | Class 11 Accountancy Notes
द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 3 मिनट का पठन
ह्रास, प्रावधान और संचय – this guide gives you a concise, exam-ready overview of ह्रास, प्रावधान और संचय from Class 11 Accountancy, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.
ह्रास की गणना के तरीके (Methods of Depreciation Calculation)
ह्रास की गणना के लिए विभिन्न विधियाँ अपनाई जाती हैं, जो संपत्ति के मूल्य में कमी को सही ढंग से दर्शाती हैं। प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं: 1) सीधे घटाव विधि (Straight Line Method): इसमें संपत्ति की लागत से अवशिष्ट मूल्य घटाकर उपयोगी आयु से भाग दिया जाता है। प्रत्येक वर्ष समान राशि ह्रास के रूप में मान ली जाती है। 2) घटती शेष विधि (Diminishing Balance Method): इसमें प्रत्येक वर्ष संपत्ति के शेष मूल्य का एक निश्चित प्रतिशत ह्रास के रूप में लिया जाता है। इससे पहले वर्षों की तुलना में बाद के वर्षों में ह्रास कम होता है। 3) उत्पादन इकाई विधि (Units of Production Method): इसमें ह्रास का निर्धारण संपत्ति के उत्पादन या उपयोग की इकाइयों के आधार पर किया जाता है। यह विधि उन संपत्तियों के लिए उपयुक्त है जिनका उपयोग उत्पादन से जुड़ा होता है। प्रत्येक विधि की अपनी विशेषताएँ और उपयोगिता होती है, और व्यवसाय अपनी जरूरत के अनुसार विधि चुनता है।
📊 Diagram: इस अनुभाग में तीनों विधियों के तुलनात्मक चार्ट हो सकते हैं, जिसमें प्रत्येक वर्ष के ह्रास की राशि और संपत्ति के शेष मूल्य को दिखाया गया हो।
🧪 Activity: छात्रों को निर्देश दिया जाता है कि वे दिए गए आंकड़ों के आधार पर सीधे घटाव और घटती शेष विधि से ह्रास की गणना करें और तुलना करें।
🔗 Connection: यह अनुभाग ह्रास की गणना के तरीकों को समझाने के बाद ह्रास के लेखांकन की प्रक्रिया की ओर बढ़ता है, जिससे ह्रास को वित्तीय विवरणों में सही ढंग से दिखाया जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ह्रास क्या है?
ह्रास वह प्रक्रिया है जिसमें किसी स्थायी परिसम्पत्ति के मूल्य में उसके उपयोग, समय के प्रभाव, तकनीकी अप्रचलन या अन्य कारणों से धीरे-धीरे कमी आती है। यह कमी परिसम्पत्ति के उपयोगी जीवन के दौरान होती है।
2. ह्रास की आवश्यकता को संक्षेप में बताइए?
ह्रास की आवश्यकता इसलिए होती है ताकि परिसम्पत्तियों के मूल्य में आई कमी को सही ढंग से लाभ-हानि खाते में दिखाया जा सके, कर निर्धारण के लिए सही लाभ ज्ञात किया जा सके, परिसम्पत्तियों के प्रतिस्थापन के लिए धन संचय किया जा सके, और वित्तीय स्थिति का सही चित्रण किया जा सके।
3. ह्रास के क्या कारण हैं?
ह्रास के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं: 1. परिसम्पत्ति का उपयोग (Wear and Tear) 2. समय का प्रभाव (Passage of Time) 3. तकनीकी अप्रचलन (Obsolescence) 4. प्राकृतिक कारण (Natural Factors) 5. आकस्मिक क्षति (Accidental Loss)
4. ह्रास की राशि को प्रभावित करने वाला तत्वों को समझाइए?
ह्रास की राशि को प्रभावित करने वाले तत्व: 1. परिसम्पत्ति की लागत (Cost of Asset) 2. अनुमानित उपयोगी जीवन (Estimated Useful Life) 3. अनुमानित अवशिष्ट मूल्य (Estimated Residual Value) 4. ह्रास की विधि (Method of Depreciation) 5. परिसम्पत्ति का उपयोग (Usage of Asset)
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