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लेन-देनों का अभिलेखन - 1 | Class 11 Accountancy Notes

द्वारा ConceptScroll Team · प्रकाशित 17 जुलाई 2026 · 2 मिनट का पठन

लेन-देनों का अभिलेखन - 1 | Class 11 Accountancy Notes

लेन-देनों का अभिलेखन - 1 – this guide gives you a concise, exam-ready overview of लेन-देनों का अभिलेखन - 1 from Class 11 Accountancy, written by ConceptScroll editors and reviewed against the latest NCERT textbook.

3.1 व्यावसायिक सौदे व स्रोत प्रलेख

व्यवसाय में होने वाले सौदों का अभिलेखन तभी संभव होता है जब उनके प्रमाण उपलब्ध हों। इन प्रमाणों को स्रोत प्रलेख कहा जाता है। स्रोत प्रलेख व्यापारिक लेन-देन के साक्ष्य होते हैं, जो लेखांकन में अभिलेखन के लिए आधार प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, रोकड़ पर्ची, विक्रय बिल, जमा पर्ची, चेक, वेतन पर्ची आदि। स्रोत प्रलेखों का व्यवस्थित संकलन और क्रम संख्या के अनुसार संग्रहण आवश्यक होता है ताकि किसी भी समय लेन-देन की पुष्टि की जा सके। स्रोत प्रलेखों के बिना लेखांकन अभिलेखन अधूरा और अविश्वसनीय होता है। लेखांकन प्रमाणक का कोई निश्चित प्रारूप नहीं होता, परंतु इनमें फर्म का नाम, तिथि, प्रमाणक संख्या, नाम खाता, जमा खाता, राशि और विवरण जैसे आवश्यक तत्व होते हैं। व्यावसायिक सौदों के आधार पर प्रमाणक तैयार किए जाते हैं, जो सरल, जटिल या मिश्रित हो सकते हैं। सरल सौदों में केवल दो खाते शामिल होते हैं, जबकि जटिल सौदों में एकाधिक खाते। प्रमाणक बनाने वाले और अनुमोदन करने वाले व्यक्तियों के हस्ताक्षर भी अनिवार्य होते हैं। इस प्रकार स्रोत प्रलेख लेखांकन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं।

📊 Diagram: चित्र 3.1 सौदा प्रमाणक का प्रारूप चित्र; चित्र 3.2 नाम प्रमाणक एवं जमा प्रमाणक का प्रारूप; चित्र 3.3 जटिल सौदे के प्रमाणक का प्रारूप।

🧪 Activity: स्रोत प्रलेखों के विभिन्न प्रकारों का अवलोकन और वर्गीकरण।

🔗 Connection: लेखांकन समीकरण की व्याख्या के लिए आधार तैयार करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बैंक से प्राप्त बिलों में दी गई छूट का अनादरण हो गया। कुल बिक्री की गणना करते समय, निम्न में से किस प्रकार किया जाता है ?

केवल देनदारों के खाते में डेबिट(आहरण या नामे) किया जाएगा और बिल प्राप्य खाते में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

कथन I: - चूँकि दोहरी प्रविष्टि प्रणाली का पालन नहीं किया गया है, इसलिए परीक्षण संतुलन(तलपट) तैयार नहीं किया जा सकता है और खातों की सटीकता सुनिश्चित नहीं की जा सकती है। कथन II: - व्यवसाय की लाभप्रदता, तरलता और करदानक्षमता का विश्लेषण अपूर्ण रिकॉर्ड के माध्यम से नहीं किया जा सकता है। फिर भी इससे बाहरी लोगों से धन जुटाने और भविष्य की व्यावसायिक गतिविधियों की योजना बनाने में समस्या नहीं होगी।अपूर्ण रिकॉर्ड से खातों की सीमा के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

केवल पहला कथन सही है |

उधार खरीद की गणना के लिए कुल लेनदारों का खाता (कुल लेनदार लेखा) तैयार करते समय, हम नकद खरीद को कहाँ दिखाते है?

इसे कुल लेनदार खाते में नहीं दिखाया जाता |

रोजनामचा किस क्रम में लेनदेन को सूचीबद्ध करता है?

कालानुक्रमिक (कालक्रमानुसार)

इस अध्याय में महारत हासिल करें

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