Diversity in the Living World
Diversity in the Living World — Study Notes
NCERT-aligned · 8 notes · 3 shown free
Diversity in Plants and Animals Around Us
ExplanationDiversity in Plants and Animals Around Us
प्राकृतिक वातावरण में हमें विभिन्न प्रकार के पौधे और जानवर देखने को मिलते हैं। यह विविधता प्रकृति की सुंदरता और जीवन की विविधता को दर्शाती है। इस अध्याय की शुरुआत में एक प्रकृति भ्रमण का वर्णन है, जिसमें डॉ. रघु और मनीराम चाचा विद्यार्थियों को पौधों और जानवरों की विविधता को समझाने के लिए साथ ले जाते हैं। इस भ्रमण के दौरान, विद्यार्थी विभिन्न प्रकार के पौधों जैसे घास, तुलसी, गुड़हल आदि का अवलोकन करते हैं और पक्षियों की अलग-अलग आवाज़ें सुनते हैं। इस अनुभव से विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलती है कि प्रकृति में हर जीव की अपनी विशेषता होती है। विद्यार्थियों को पौधों के तने, पत्तियों, फूलों और अन्य विशेषताओं को नोटबुक में रिकॉर्ड करने के लिए कहा जाता है। इसी तरह, जानवरों के निवास स्थान, भोजन और चलने के तरीके को भी रिकॉर्ड किया जाता है। इससे विद्यार्थियों को जीवों की विविधता और उनके पर्यावरण के साथ संबंध को समझने में सहायता मिलती है। यह अनुभाग हमें यह सिखाता है कि जीव-जंतु और पौधे अपने-अपने पर्यावरण के अनुसार विभिन्न प्रकार के होते हैं और उनकी विशेषताएँ अलग-अलग होती हैं। इस विविधता को समझना और उसका सम्मान करना आवश्यक है।
- प्रकृति में पौधों और जानवरों की विविधता होती है।
- पौधों के तने, पत्ते, फूल और अन्य विशेषताएँ भिन्न-भिन्न होती हैं।
- जानवरों के निवास स्थान, भोजन और चलने के तरीके में विविधता होती है।
- प्रकृति भ्रमण से जीवों की विविधता को समझने में मदद मिलती है।
- प्रत्येक जीव की अपनी अनूठी विशेषताएँ और आवाज़ होती हैं।
- 📌 विविधता (Diversity): विभिन्न प्रकार के जीवों और पौधों की उपस्थिति।
- 📌 पर्यावरण (Environment): जीवों के रहने और विकास के लिए आवश्यक प्राकृतिक परिस्थितियाँ।
- 📌 निवास स्थान (Habitat): जीवों का प्राकृतिक आवास।
How to Group Plants and Animals?
ExplanationHow to Group Plants and Animals?
प्रकृति में पाए जाने वाले पौधों और जानवरों की विविधता को समझने और अध्ययन करने के लिए उन्हें समूहों में बांटना आवश्यक होता है। समूह बनाने की प्रक्रिया को 'वर्गीकरण' या 'ग्रुपिंग' कहा जाता है। यह प्रक्रिया हमें जीवों की समानताओं और भिन्नताओं के आधार पर उन्हें व्यवस्थित करने में मदद करती है। पौधों को उनके तने की कठोरता, ऊँचाई, पत्तियों के आकार और व्यवस्था, फूलों की उपस्थिति आदि के आधार पर समूहों में बांटा जा सकता है। उदाहरण के लिए, पौधों को हर्ब (छोटे और मुलायम तने वाले), झाड़ी (मध्यम आकार के और कठोर तने वाले) और पेड़ (लंबे और कठोर तने वाले) में वर्गीकृत किया जाता है। जानवरों को उनके आवास, भोजन, शरीर के आकार, रंग, और चलने के तरीके के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, कुछ जानवर उड़ सकते हैं, कुछ चल सकते हैं, कुछ तैर सकते हैं। इस प्रकार की वर्गीकरण से जीवों की समझ बेहतर होती है और उनका अध्ययन सरल हो जाता है। इस अनुभाग में विद्यार्थियों को विभिन्न पौधों और जानवरों की तस्वीरें इकट्ठा करके समूह बनाने की गतिविधि दी गई है, जिससे वे स्वयं वर्गीकरण की प्रक्रिया को समझ सकें।
- जीवों और पौधों को उनकी समानताओं और भिन्नताओं के आधार पर समूहों में बांटना आवश्यक है।
- पौधों को हर्ब, झाड़ी और पेड़ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
- जानवरों को उनके आवास, भोजन और चलने के तरीके के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है।
- वर्गीकरण से जीवों का अध्ययन सरल और व्यवस्थित होता है।
- विभिन्न समूह बनाने के लिए विभिन्न आधार हो सकते हैं जैसे तना, पत्तियाँ, फूल, रंग, आकार आदि।
- 📌 वर्गीकरण (Classification): जीवों को उनके समान गुणों के आधार पर समूहों में बांटना।
- 📌 हर्ब (Herb): छोटे और मुलायम तने वाले पौधे।
- 📌 झाड़ी (Shrub): मध्यम आकार के कठोर तने वाले पौधे।
How to Group Plants?
ExplanationHow to Group Plants?
पौधों को उनके आकार, तने की प्रकृति, शाखाओं की उपस्थिति, पत्तियों के आकार और व्यवस्था के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। मुख्य रूप से पौधों को तीन समूहों में बांटा जाता है: हर्ब्स, झाड़ियाँ और पेड़। हर्ब्स वे पौधे होते हैं जिनका तना मुलायम और हरा होता
Practice Questions — Diversity in the Living World
Includes NCERT exercise questions with answers
Q1.1. Here are two types of seeds. What differences do you find among the roots and leaf venation of their plants? (a) Wheat (b) Kidney beans
Answer:
गेहूं (Wheat) एक मोनोकोट पौधा है, जिसके पौधे में जड़ें रेशेदार (fibrous) होती हैं और पत्तियों में समानांतर नसें (parallel venation) होती हैं। राजमा (Kidney beans) एक डाइकोट पौधा है, जिसके पौधे में मुख्य जड़ (taproot) होती है और पत्तियों में जालीदार नसें (reticulate venation) होती हैं। इस प्रकार, गेहूं की जड़ें रेशेदार और पत्तियों की नसें समानांतर होती हैं जबकि राजमा की जड़ मुख्य जड़ होती है और पत्तियों की नसें जालीदार होती हैं।
Explanation:
मोनोकोट पौधों में रेशेदार जड़ें होती हैं और पत्तियों में समानांतर नसें होती हैं, जबकि डाइकोट पौधों में मुख्य जड़ होती है और पत्तियों में जालीदार नसें होती हैं। गेहूं मोनोकोट है और राजमा डाइकोट।
Q2.2. Names of some animals are given below. Group them based on their habitats. Write the names of aquatic animals in the area marked 'A' and terrestrial animals in the area marked 'B'. Enter the names of animals living in both habitats in part 'C'. Horse, Dolphin, Frog, Sheep, Crocodile, Squirrel, Whale, Earthworm, Pigeon, Tortoise
Answer:
आकृतिक वर्गीकरण इस प्रकार होगा: - क्षेत्र 'A' (Aquatic - जलचर): Dolphin, Whale, Crocodile - क्षेत्र 'B' (Terrestrial - स्थलीय): Horse, Sheep, Squirrel, Earthworm, Pigeon, Tortoise - क्षेत्र 'C' (Both habitats - दोनों आवास): Frog (क्योंकि मेंढक दोनों स्थलीय और जलचर होते हैं) इस प्रकार जानवरों को उनके आवास के आधार पर तीन समूहों में बांटा जा सकता है।
Explanation:
जलचर जानवर वे होते हैं जो पानी में रहते हैं जैसे डॉल्फिन, व्हेल, मगरमच्छ। स्थलीय जानवर जमीन पर रहते हैं जैसे घोड़ा, भेड़, गिलहरी, कबूतर, कछुआ, और पृथ्वी कीड़े जैसे पृथ्वी कीड़ा। मेंढक दोनों जगह रह सकते हैं इसलिए वे दोनों आवासों में आते हैं।
Q3.3. Manu's mother maintains a kitchen garden. One day, she was digging out radish from the soil. She told Manu that radish is a kind of root. Examine a radish and write what type of root it is. What type of venation would you observe in the leaves of radish plant?
Answer:
मूली (Radish) एक मुख्य जड़ (taproot) वाली सब्जी है। इसका मुख्य भाग जड़ होता है जो मोटा और गाजर के आकार का होता है। मूली के पत्तियों में जालीदार नसें (reticulate venation) होती हैं क्योंकि यह डाइकोट पौधा है।
Explanation:
मूली डाइकोट पौधा है, इसलिए इसकी जड़ मुख्य जड़ होती है जो मोटी होती है। इसके पत्तों में जालीदार नसें होती हैं, जो डाइकोट पौधों की विशेषता है।
Q4.4. Look at the image of a mountain goat and a goat found in the plains. Point out the similarities and differences between them. What are the reasons for these differences?
Answer:
समानताएँ: - दोनों ही बकरी हैं और स्तनधारी जानवर हैं। - दोनों के शरीर पर बाल होते हैं और दोनों चार पैरों पर चलते हैं। अंतर: - पहाड़ी बकरी के पैर मजबूत और नुकीले होते हैं जो पहाड़ी इलाकों में चढ़ने में मदद करते हैं, जबकि मैदान की बकरी के पैर सामान्य होते हैं। - पहाड़ी बकरी के बाल घने और मोटे होते हैं ताकि ठंड से बचा जा सके, जबकि मैदान की बकरी के बाल पतले होते हैं। - पहाड़ी बकरी का शरीर अधिक मजबूत और छोटा होता है, मैदान की बकरी का शरीर अपेक्षाकृत बड़ा और कम मजबूत होता है। कारण: - ये अंतर उनके पर्यावरण के अनुसार अनुकूलन (adaptation) हैं। पहाड़ी इलाकों में ठंड और ऊंचाई के कारण विशेष प्रकार के पैर और बाल विकसित हुए हैं। मैदान में रहने वाली बकरी को ऐसी कठोर परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।
Explanation:
प्राकृतिक चयन और अनुकूलन के कारण पहाड़ी और मैदान की बकरियों में शारीरिक अंतर होते हैं। ये उनके जीवन के वातावरण के अनुसार विकसित हुए हैं ताकि वे अपने-अपने आवास में बेहतर जीवित रह सकें।
Q5.5. Group the following animals into two groups based on any feature other than those discussed in the chapter—cow, cockroach, pigeon, bat, tortoise, whale, fish, grasshopper, lizard.
Answer:
जानवरों को उनके शारीरिक लक्षणों के आधार पर दो समूहों में बांटा जा सकता है: समूह 1: स्तनधारी और पक्षी - गाय (cow) - स्तनधारी - कबूतर (pigeon) - पक्षी - चमगादड़ (bat) - स्तनधारी - व्हेल (whale) - स्तनधारी समूह 2: कीट और सरीसृप - तिलचट्टा (cockroach) - कीट - टॉर्टोइस (tortoise) - सरीसृप - मछली (fish) - मछली (जलचर) - टिड्डा (grasshopper) - कीट - छिपकली (lizard) - सरीसृप यह वर्गीकरण उनके प्रकार (class) के आधार पर किया गया है, जो पाठ में चर्चा से अलग है।
Explanation:
जानवरों को उनके वर्ग (class) जैसे स्तनधारी, पक्षी, कीट, सरीसृप आदि के आधार पर समूहित किया जा सकता है। यह वर्गीकरण उनके शरीर की बनावट और जीवनशैली पर आधारित है।
Q6.6. As the population grows and people want more comfortable lives, forests are being cut down to meet various needs. How can this affect our surroundings? How do you think we can address this challenge?
Answer:
वनों की कटाई से हमारे पर्यावरण पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं: - जैव विविधता में कमी आती है क्योंकि कई पौधे और जानवर अपने आवास खो देते हैं। - मिट्टी का कटाव बढ़ता है जिससे भूमि की उर्वरता कम होती है। - वायु प्रदूषण बढ़ता है क्योंकि पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं। - जल चक्र प्रभावित होता है जिससे वर्षा में कमी आ सकती है। इस समस्या का समाधान: - वनों की कटाई को रोकना और नियंत्रित करना। - वृक्षारोपण करना और हरित क्षेत्र बढ़ाना। - सतत विकास के लिए जागरूकता फैलाना। - प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और पुनर्चक्रण। - पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकारी नीतियों का पालन।
Explanation:
वनों की कटाई से पर्यावरणीय असंतुलन होता है, इसलिए हमें सतत विकास और संरक्षण के उपाय अपनाने चाहिए ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो सके।
Q7.7. Analyse the flowchart. What can be examples of 'A' and 'B'?
Answer:
फ्लोचार्ट में 'A' और 'B' के उदाहरण निम्न हो सकते हैं: 'A' - पौधों के समूह (जैसे: मोनोकोट और डाइकोट) 'B' - जानवरों के समूह (जैसे: स्थलीय और जलचर) यह फ्लोचार्ट जीवों को उनके सामान्य लक्षणों के आधार पर वर्गीकृत करने का तरीका दर्शाता है।
Explanation:
फ्लोचार्ट में जीवों को उनके लक्षणों के आधार पर दो मुख्य समूहों में बांटा गया है, जो पौधे और जानवर हो सकते हैं। 'A' और 'B' इन समूहों के उदाहरण हैं।
Q8.8. Raj argues with his friend Sanjay that "Gudhal (hibiscus) plant is a shrub." What questions can Sanjay ask for clarification?
Answer:
संजय राज से निम्न प्रश्न पूछ सकता है: - क्या तुमने गुढ़ाल के तने को देखा है? क्या वह कठोर और लकड़ी जैसा है? - गुढ़ाल की ऊंचाई कितनी होती है? - क्या गुढ़ाल का तना शाखाओं में विभाजित होता है? - क्या गुढ़ाल एक छोटा पेड़ है या झाड़ी? इन प्रश्नों से संजय यह जान सकता है कि गुढ़ाल झाड़ी है या पेड़। झाड़ी के तने पतले और कई शाखाओं वाले होते हैं जबकि पेड़ के तने मोटे और लकड़ी जैसे होते हैं।
Explanation:
किसी पौधे को झाड़ी या पेड़ के रूप में वर्गीकृत करने के लिए उसकी ऊंचाई, तने की कठोरता और शाखाओं के पैटर्न को देखना जरूरी होता है।
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Science · Class 6