Chapter 6
Chapter 6 — Study Notes
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प्रस्तावना
Explanationप्रस्तावना
भारत में विकास के उच्च स्तर पर पहुँचने के लिए यह आवश्यक है कि विकास का लाभ देश के सभी भागों में, विशेषकर ग्रामीण जनसंख्या तक पहुँचे। इसके लिए संगठित प्रयास किए जा रहे हैं। आज का समाज सूचना प्रधान है, जिसमें संचार एवं विस्तार का ज्ञान अत्यंत महत्वपूर्ण है। संचार एवं विस्तार के माध्यम से जनसमूह में जागरूकता और संवेदनशीलता उत्पन्न कर उन्हें शिक्षित और समर्थ बनाया जाता है। यह शिक्षा परिवारों और समाजों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह क्षेत्र विकास संचार और मीडिया के सिद्धांतों तथा व्यवहार को समेकित करता है, जिससे छात्र विकास की प्रक्रिया में जनसंपर्क साधनों और प्रकारिता के क्षेत्र में विकास की नीतियों और भूमिका का विश्लेषण कर सकें। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दाता एजेंसियाँ वेबसाइट, प्रकाशन, वीडियो और अन्य बहु-माध्यमों द्वारा सूचना का आदान-प्रदान कर रही हैं। गैर-सरकारी संगठन भी विभिन्न संचार कार्यनीतियों का परिष्कृत उपयोग कर रहे हैं। वैश्वीकरण के कारण अंतर्राष्ट्रीय विकास की समस्याओं को समझने की आवश्यकता बढ़ी है। समाज को अभावग्रस्त समुदाय की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनाने की पैरवी भी बढ़ी है। मीडिया और संचार के क्षेत्र में सामूहिक और सामाजिक सोच, कार्यक्रमों की योजना, शिक्षा और संचार सामग्री तैयार करने में निपुण कर्मचारियों की मांग बढ़ रही है। इस क्षेत्र के स्नातकों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास एजेंसियों, सार्वजनिक, वाणिज्यिक और अलाभकारी क्षेत्रों में जीविका के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्र जीविका के अवसर भी हैं। सन् 2017 में विश्व के नेताओं ने 17 सतत विकास लक्ष्य निर्धारित किए, जिन्हें 2030 तक प्राप्त करना है। ये लक्ष्य वैश्विक हैं, पर प्रत्येक देश ने इन्हें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अनुकूलित किया है। भारत के सामने निर्धनता निवारण, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जेंडर समानता जैसी चुनौतियाँ हैं, जिनके समाधान के लिए विस्तार कार्यक्रम बनाए गए हैं। ये कार्यक्रम विस्तार शिक्षाविदों, गैर-सरकारी संगठनों, शैक्षिक एवं अनुसंधान संस्थाओं तथा उद्यमियों को नई जानकारियाँ और प्रौद्योगिकियाँ प्रदान करते हैं। समय के साथ विस्तार कार्यक्रमों में परिवर्तन हुए हैं और ये नवीन कार्यप्रणालियों के साथ विकसित हुए हैं। अनेक सरकारी, अंतर्राष्ट्रीय और गैर-सरकारी संस्थाएँ ऐसे व्यक्तियों की आवश्यकता महसूस करती हैं जो सामाजिक व्यवहार, संचार कार्यनीतियाँ, अंत:क्षेप, साधन और प्रशिक्षण की व्यवस्था कर सकें ताकि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और सामाजिक विकास कार्यक्रमों को सफल बनाया जा सके। संचार एवं विस्तार मानव पारिस्थितिकी एवं परिवार विज्ञान का एक क्षेत्र है, जिसे विभिन्न नामों से जाना जाता है, जैसे शिक्षा विस्तार, विकास संचार, गृह-विज्ञान तथा संचार प्रबंधन आदि, पर इनके विषय क्षेत्र समान हैं।
- विकास का लाभ देश के सभी भागों में पहुँचाना आवश्यक है।
- संचार एवं विस्तार के माध्यम से जनसमूह में जागरूकता और संवेदनशीलता उत्पन्न होती है।
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियाँ सूचना के बहु-माध्यमों द्वारा आदान-प्रदान कर रही हैं।
- सतत विकास लक्ष्य 2030 तक प्राप्त करने के लिए विस्तार कार्यक्रम बनाए गए हैं।
- विकास संचार मानव पारिस्थितिकी एवं परिवार विज्ञान का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
- इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है और जीविका के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
- 📌 विकास संचार: सामाजिक विकास के लिए संचार की क्षमता का उपयोग।
- 📌 सतत विकास लक्ष्य: 2030 तक वैश्विक विकास के लिए निर्धारित लक्ष्य।
- 📌 विस्तार कार्यक्रम: विकास की जानकारी और कौशल प्रदान करने वाले कार्यक्रम।
विकास संचार तथा पत्रकारिता
Explanationविकास संचार तथा पत्रकारिता
संचार हमारे सामाजिक एवं व्यावसायिक जीवन का अभिन्न अंग है। टेलीविजन, रेडियो और समाचार-पत्रों के माध्यम से हम स्वास्थ्य, पर्यावरण, उपभोग, निर्धनता जैसे विषयों की जानकारी प्राप्त करते हैं। विकास पत्रकारिता एक सामाजिक गतिविधि है जो समुदाय की भावनाओं और आवश्यकताओं को मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुँचाती है। पत्रकारिता का महत्व इसलिए है क्योंकि यह जनता को अभिव्यक्ति का अधिकार प्रदान करती है। विकास पत्रकारिता समाज के विकास और परिवर्तन के लिए आवश्यक सूचना और जागरूकता फैलाती है। विकास संचार तथा पत्रकारिता सामाजिक परिवर्तन के लिए आवश्यक हैं। ये सरकारी, गैर-सरकारी संस्थाओं और मीडिया के बीच संवाद स्थापित करते हैं। विकास पत्रकारिता में पत्रकारों को सामाजिक मुद्दों पर निष्पक्ष और संवेदनशील रिपोर्टिंग करनी होती है। इसके लिए उन्हें संचार के विभिन्न माध्यमों का ज्ञान और कौशल होना आवश्यक है। विकास संचार का उद्देश्य समाज के अभावग्रस्त वर्गों को सशक्त बनाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाना है। इस क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों को सामाजिक व्यवहार, संचार कार्यनीतियाँ, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान करनी होती है। विकास संचार तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में रोजगार के अनेक अवसर हैं, जैसे कि मुद्रण माध्यम, रेडियो, टेलीविजन, सामुदायिक रेडियो, अनुसंधान संस्थान, प्रशिक्षण संस्थान आदि। छात्र इस क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर सकते हैं।
- संचार सामाजिक और व्यावसायिक जीवन का अभिन्न अंग है।
- विकास पत्रकारिता समाज के विकास और परिवर्तन के लिए आवश्यक है।
- जनता को अभिव्यक्ति का अधिकार पत्रकारिता के माध्यम से प्राप्त होता है।
- विकास संचार अभावग्रस्त वर्गों को सशक्त बनाने का माध्यम है।
- इस क्षेत्र में रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
- विकास संचार और पत्रकारिता में तकनीकी और सामाजिक कौशल आवश्यक हैं।
- 📌 विकास पत्रकारिता: सामाजिक विकास के लिए पत्रकारिता।
- 📌 जनसंचार माध्यम: सूचना प्रसारित करने के साधन जैसे रेडियो, टेलीविजन, समाचार-पत्र।
खगोशैली की परिकल्पना
Conceptखगोशैली की परिकल्पना
खगोशैली की परिकल्पना लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रकारिता (जनमत संग्रह) की भूमिका को दर्शाती है। लोकतंत्र में जनता की भागीदारी आवश्यक है और प्रकारिता इसके अभिन्न अंग हैं। विकास संचार तथा प्रकारिता के सिद्धांत और व्यवहार लगातार विकसित हो रहे हैं और हमार
Practice Questions — Chapter 6
Includes NCERT exercise questions with answers
Q1.1. विकास संचार क्या है और विकास में इसकी क्या भूमिका है?
Answer:
विकास संचार वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से सूचना, ज्ञान और विचारों का आदान-प्रदान करके सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा दिया जाता है। विकास में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण है क्योंकि यह लोगों को जागरूक करता है, व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करता है, और विकास संबंधी पहलों को सफल बनाने में सहायता करता है।
Explanation:
विकास संचार के द्वारा सूचना का प्रभावी प्रसार होता है जो विकास कार्यों को समझने और अपनाने में लोगों की सहायता करता है। यह सामाजिक बदलाव के लिए आवश्यक संवाद स्थापित करता है।
Q2.2. विकास संचार की अपेक्षित विशिष्टताएँ क्या हैं?
Answer:
विकास संचार की अपेक्षित विशिष्टताएँ निम्नलिखित हैं: - स्पष्ट और सरल भाषा का प्रयोग - लक्षित समूह की आवश्यकताओं के अनुरूप सामग्री - व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करना - सांस्कृतिक और सामाजिक संदर्भों का सम्मान - प्रभावी संवाद और सहभागिता - तकनीकी और संचार कौशलों का समुचित उपयोग - संवेदनशीलता और सहानुभूति
Explanation:
ये विशिष्टताएँ विकास संचार को प्रभावी बनाती हैं जिससे वह लक्षित समुदाय के बीच संदेश को सही ढंग से पहुँचाकर विकास कार्यों को सफल बनाता है।
Q3.3. अभियान क्या है? अपनी पसंद की समस्या पर अभियान के लिए एक नारा बनाइए।
Answer:
अभियान एक संगठित प्रयास होता है जिसका उद्देश्य किसी विशेष सामाजिक, आर्थिक या पर्यावरणीय समस्या के प्रति जागरूकता फैलाना और व्यवहार परिवर्तन लाना होता है। नारा उदाहरण: 'स्वच्छता अपनाओ, स्वस्थ जीवन बनाओ।'
Explanation:
अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है। नारा सरल, प्रभावशाली और यादगार होना चाहिए ताकि वह संदेश को प्रभावी ढंग से संप्रेषित कर सके।
Q4.4. समुदाय रेडियो आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) से किस प्रकार भिन्न है?
Answer:
समुदाय रेडियो स्थानीय समुदायों द्वारा संचालित और उनके लिए विशेष रूप से बनाई गई रेडियो सेवा है, जो स्थानीय मुद्दों, संस्कृति और आवश्यकताओं पर केंद्रित होती है। जबकि आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) एक राष्ट्रीय प्रसारण सेवा है जो व्यापक दर्शकों के लिए समाचार, शिक्षा और मनोरंजन प्रदान करती है। मुख्य भिन्नताएँ: - समुदाय रेडियो स्थानीय और सीमित क्षेत्रीय होता है, आकाशवाणी राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होता है। - समुदाय रेडियो में स्थानीय लोगों की भागीदारी अधिक होती है। - समुदाय रेडियो स्थानीय भाषा और संस्कृति को प्राथमिकता देता है।
Explanation:
समुदाय रेडियो का उद्देश्य स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाना और उनकी आवाज़ को प्रसारित करना है, जबकि आकाशवाणी का उद्देश्य व्यापक राष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँच बनाना है।
Q5.5. अपने विद्यालय के पुस्तकालय से एक समाचार-पत्र लीजिए। पर्यावरण से संबंधित समाचारों को देखिए। कक्षा में छात्रों से सिनेमा, जीवन शैलियों तथा विकास से संबंधित समाचारों की दृष्टि सीमा और उनके संभावित कारणों की चर्चा कीजिए।
Answer:
यह प्रश्न एक गतिविधि है जिसमें छात्र समाचार-पत्र से पर्यावरण संबंधित समाचारों का अध्ययन करते हैं और कक्षा में चर्चा करते हैं। चर्चा में निम्न बिंदु शामिल हो सकते हैं: - सिनेमा और जीवन शैली के पर्यावरण पर प्रभाव - विकास के कारण पर्यावरणीय समस्याएँ - समाचारों में पर्यावरण संरक्षण के प्रयास - सामाजिक और आर्थिक कारण जो पर्यावरण को प्रभावित करते हैं इस प्रकार की चर्चा से छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और आलोचनात्मक सोच विकसित होती है।
Explanation:
यह प्रश्न छात्रों को समाचार-पत्र विश्लेषण और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए प्रेरित करता है, जिससे उनकी समझ और संचार कौशल में सुधार होता है।
Q6.6. ‘सूचना संचार प्रौद्योगिकियाँ विकास की भावी वाहिका हैं’। टिप्पणी कीजिए।
Answer:
सूचना संचार प्रौद्योगिकियाँ (ICT) विकास की भावी वाहिका हैं क्योंकि ये सूचना के त्वरित प्रसार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम हैं। ICT के माध्यम से ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों तक विकास संबंधी जानकारी पहुँचाई जा सकती है, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। ICT के कारण संचार की बाधाएँ कम होती हैं, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन होता है, और लोगों की भागीदारी बढ़ती है। इसलिए, यह विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
Explanation:
ICT के उपयोग से विकास कार्यों की प्रभावशीलता बढ़ती है, सूचना का दायरा विस्तृत होता है, और लोगों को सशक्त बनाने में मदद मिलती है। इसलिए इसे विकास की भावी वाहिका कहा जाता है।
Q7.विकास संचार क्या है और इसका सामाजिक विकास में क्या महत्व है?
Answer:
विकास संचार वह प्रक्रिया है जिसमें संचार की क्षमता का उपयोग सामाजिक विकास के लिए एक प्रमुख उत्प्रेरक के रूप में किया जाता है। इसका उद्देश्य सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाना और समुदाय को सूचना देकर शिक्षित करना है। उदाहरण के लिए, रेड रिबन एक्सप्रेस अभियान ने एच.आई.वी. एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाई।
Explanation:
विकास संचार सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए संचार के सिद्धांतों और प्रक्रियाओं का योजनाबद्ध उपयोग है। यह समुदाय को सूचना देता है, उन्हें शिक्षित करता है और सामाजिक विकास में सहयोग करता है।
Q8.निम्नलिखित में से कौन सा विकास संचार की मुख्य विशेषताओं में शामिल नहीं है?
Answer:
इसका उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ कमाना है
Explanation:
विकास संचार का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना तथा समुदाय को शिक्षित करना है, न कि केवल व्यावसायिक लाभ कमाना। इसलिए विकल्प B सही उत्तर है।
All 7 Chapters in Manav Paristhitiki avam Parivar Vigyan Bhag 2
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