Chapter 8
Chapter 8 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
8.1 परिचय
व्याख्या8.1 परिचय
इस अनुभाग में वैश्वीकरण के युग में विकासशील देशों के लिए पड़ोसी देशों की विकास नीतियों को समझने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। वैश्वीकरण के कारण भौगोलिक सीमाएँ धीरे-धीरे अर्थहीन होती जा रही हैं, जिससे देशों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए पड़ोसी देशों की आर्थिक रणनीतियों का अध्ययन करना आवश्यक हो गया है। भारत, पाकिस्तान और चीन के विकास अनुभवों की तुलना से हमें उनकी नीतियों, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों और विकास की गति को समझने में मदद मिलती है। इस अनुभाग में यह भी बताया गया है कि इन तीनों देशों की राजनीतिक व्यवस्थाएँ, सामाजिक पृष्ठभूमि और आर्थिक संरचनाएँ भले ही भिन्न हों, पर विकास के लिए अपनाई गई नीतियाँ और उनके परिणामों की तुलना करना आवश्यक है। भारत लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है, जबकि पाकिस्तान में सैन्यवादी शासन और चीन में निर्देशित अर्थव्यवस्था है। इन भिन्नताओं के बावजूद, तीनों देशों ने स्वतंत्रता के बाद विकास के लिए पंचवर्षीय योजनाओं को अपनाया। इस परिचयात्मक खंड में वैश्वीकरण के प्रभाव, क्षेत्रीय सहयोग के महत्व और पड़ोसी देशों के विकास अनुभवों के अध्ययन की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
- वैश्वीकरण के कारण देशों को पड़ोसी देशों की विकास नीतियों को समझना आवश्यक हुआ।
- भारत, पाकिस्तान और चीन की राजनीतिक व्यवस्थाएँ और आर्थिक संरचनाएँ भिन्न हैं।
- तीनों देशों ने स्वतंत्रता के बाद पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से विकास की योजना बनाई।
- पड़ोसी देशों के विकास अनुभवों का अध्ययन क्षेत्रीय सहयोग और प्रतिस्पर्धा को समझने में सहायक है।
- वैश्वीकरण के चलते विकासशील देशों को विकसित देशों के साथ-साथ अन्य विकासशील देशों से भी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है।
- 📌 वैश्वीकरण: विश्व के देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों का बढ़ना।
- 📌 पंचवर्षीय योजना: पाँच वर्षों की अवधि के लिए विकास की योजनाएँ।
- 📌 निर्देशित अर्थव्यवस्था: सरकार द्वारा आर्थिक गतिविधियों का नियंत्रण।
8.2 विकास पथ: एक चित्रांकन
व्याख्या8.2 विकास पथ: एक चित्रांकन
इस अनुभाग में भारत, चीन और पाकिस्तान के विकास पथ की तुलनात्मक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। तीनों देशों ने स्वतंत्रता के आसपास एक समान समय में विकास की योजनाएँ प्रारंभ कीं। भारत ने 1951-56 में प्रथम पंचवर्षीय योजना की शुरुआत की, पाकिस्तान ने 1956 में अपनी मध्यकालिक योजना और चीन ने 1953 में अपनी पहली पंचवर्षीय योजना लागू की। चीन ने 1958 में 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य देश का तीव्र औद्योगीकरण था। इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कम्यून (सामूहिक खेती) शुरू की गई। हालांकि इस योजना में सूखे और अन्य समस्याओं के कारण विफलता हुई। 1966-76 के दौरान चीन में सांस्कृतिक क्रांति चली, जिसमें छात्रों और विशेषज्ञों को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा गया। 1978 में चीन ने सुधारों की शुरुआत की, जिसमें कृषि क्षेत्र में भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में बांटना, विदेशी निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक सुधार शामिल थे। पाकिस्तान ने 1950-60 के दशकों में आयात प्रतिस्थापन नीति अपनाई, और 1970-80 के दशक में पूंजीगत वस्तुओं के उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया। बाद में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया गया। भारत ने भी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का विकास किया और सामाजिक विकास पर जोर दिया। इस अनुभाग में तीनों देशों के विकास पथ की समानताओं और भिन्नताओं का विश्लेषण किया गया है।
- भारत, पाकिस्तान और चीन ने स्वतंत्रता के बाद लगभग एक ही समय में पंचवर्षीय योजनाएँ शुरू कीं।
- चीन ने 1958 में 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान के तहत सामूहिक खेती और औद्योगीकरण की कोशिश की।
- 1978 में चीन ने कृषि और औद्योगिक सुधारों की शुरुआत की, जिससे आर्थिक संवृद्धि में तेजी आई।
- पाकिस्तान ने आयात प्रतिस्थापन नीति अपनाई और बाद में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित किया।
- भारत ने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और सामाजिक विकास पर जोर दिया।
- 📌 ग्रेट लीप फॉरवर्ड: चीन की 1958 में शुरू की गई तीव्र औद्योगीकरण योजना।
- 📌 कम्यून: सामूहिक खेती और उत्पादन की व्यवस्था।
- 📌 आयात प्रतिस्थापन नीति: घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आयात पर नियंत्रण।
8.3 जनांकिकीय संकेतक
व्याख्या8.3 जनांकिकीय संकेतक
इस अनुभाग में भारत, चीन और पाकिस्तान के जनांकिकीय संकेतकों की तुलनात्मक समीक्षा की गई है। विश्व की कुल जनसंख्या में से लगभग एक व्यक्ति भारतीय और दूसरा चीनी है। पाकिस्तान की जनसंख्या भारत और चीन की तुलना में कम है, लगभग दसवां भाग। चीन का क्षेत्रफल सबस
अभ्यास प्रश्न — Chapter 8
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.1. क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के बनने के कारण दीजिए।
उत्तर:
क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के बनने के कारण हैं: - देशों के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापार को बढ़ावा देना। - संसाधनों का बेहतर उपयोग और साझा करना। - आर्थिक विकास को तेज करना। - राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता को बढ़ावा देना। - वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर स्थिति प्राप्त करना।
व्याख्या:
क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों का गठन मुख्यतः आर्थिक सहयोग, संसाधनों के साझा उपयोग, और विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। इससे सदस्य देशों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा में लाभ होता है।
Q2.2. वे विभिन्न साधन कौन से हैं जिनकी सहायता से देश अपनी घरेलू व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं?
उत्तर:
देश अपनी घरेलू व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए निम्नलिखित साधनों का उपयोग करते हैं: - आर्थिक सुधार और नीतियाँ लागू करना। - बुनियादी ढांचे का विकास। - शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार। - तकनीकी उन्नति और नवाचार को प्रोत्साहित करना। - विदेशी निवेश को आकर्षित करना। - सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का क्रियान्वयन।
व्याख्या:
देशों द्वारा घरेलू व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी क्षेत्रों में सुधार किए जाते हैं, जिससे समग्र विकास सुनिश्चित होता है।
Q3.3. वे समान विकासात्मक नीतियाँ कौन-सी हैं जिनका कि भारत और पाकिस्तान ने अपने-अपने विकासात्मक पथ के लिए पालन किया है?
उत्तर:
भारत और पाकिस्तान ने निम्नलिखित समान विकासात्मक नीतियाँ अपनाई हैं: - पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से विकास। - कृषि और उद्योग दोनों क्षेत्रों में सुधार। - शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। - बुनियादी ढांचे का विकास। - गरीबी उन्मूलन के लिए योजनाएँ। - आर्थिक सुधारों के माध्यम से विकास को प्रोत्साहित करना।
व्याख्या:
दोनों देशों ने विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से नीतियाँ अपनाई हैं, जिनमें कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है।
Q4.4. 1958 में प्रारंभ की गई चीन के ग्रेट लीप फॉरवर्ड अभियान की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
ग्रेट लीप फॉरवर्ड अभियान चीन में 1958 में शुरू किया गया था जिसका उद्देश्य था देश को तेजी से औद्योगिक और कृषि दोनों क्षेत्रों में विकसित करना। इस योजना के तहत छोटे-छोटे कृषि सामूहिक फार्मों को मिलाकर बड़े सामूहिक फार्म बनाए गए और स्टील उत्पादन को बढ़ावा दिया गया। हालांकि, इस योजना के कारण कृषि उत्पादन में गिरावट आई और व्यापक अकाल पड़ा जिससे लाखों लोगों की मृत्यु हुई।
व्याख्या:
ग्रेट लीप फॉरवर्ड अभियान का उद्देश्य चीन को तेजी से विकसित करना था, लेकिन योजना की गलतियों और प्रकृतिक आपदाओं के कारण यह असफल रही। इससे चीन की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।
Q5.5. चीन की तीव्र औद्योगिक संवृद्धि 1978 में उसके सुधारों के आधार पर हुई थी। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। 1978 में चीन ने आर्थिक सुधारों की शुरुआत की, जिसमें कृषि क्षेत्र में सामूहिक फार्मों को समाप्त कर व्यक्तिगत खेती को प्रोत्साहित किया गया, विदेशी निवेश को आकर्षित किया गया, और निजी उद्यमों को बढ़ावा दिया गया। इन सुधारों से उत्पादन बढ़ा, रोजगार के अवसर बढ़े और चीन की अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास हुआ।
व्याख्या:
1978 के बाद चीन ने बाजार आधारित सुधार लागू किए, जिससे आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ीं और औद्योगिक संवृद्धि हुई। यह सुधार चीन की आर्थिक सफलता का मुख्य आधार हैं।
Q6.6. पाकिस्तान द्वारा अपने आर्थिक विकास के लिए किए गए विकासात्मक पहलों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
पाकिस्तान ने आर्थिक विकास के लिए निम्नलिखित पहलें की हैं: - पंचवर्षीय योजनाओं का क्रियान्वयन। - कृषि सुधार और सिंचाई परियोजनाएँ। - औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन। - शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। - विदेशी निवेश आकर्षित करना। - गरीबी उन्मूलन के लिए योजनाएँ।
व्याख्या:
पाकिस्तान ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध विकास, कृषि और उद्योग में सुधार, तथा सामाजिक क्षेत्रों में निवेश किया है।
Q7.7. चीन में ‘एक संतान’ नीति का महत्वपूर्ण निहितार्थ क्या है?
उत्तर:
चीन की ‘एक संतान’ नीति का निहितार्थ है कि प्रत्येक परिवार को केवल एक ही संतान पैदा करने की अनुमति है। इसका उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना और संसाधनों पर दबाव कम करना था। इस नीति के कारण जन्म दर में कमी आई, लेकिन साथ ही जनसंख्या में वृद्ध लोगों की संख्या बढ़ गई और लिंग अनुपात में असंतुलन भी पैदा हुआ।
व्याख्या:
‘एक संतान’ नीति जनसंख्या नियंत्रण की एक कठोर नीति थी, जिसने चीन की सामाजिक और आर्थिक संरचना पर गहरा प्रभाव डाला।
Q8.8. चीन, पाकिस्तान और भारत के मुख्य जनांकिकीय संकेतकों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
मुख्य जनांकिकीय संकेतक निम्नलिखित हैं: - जन्म दर - मृत्यु दर - प्रजनन दर - शिशु मृत्यु दर - जीवन प्रत्याशा - जनसंख्या घनत्व - नगरीकरण का स्तर चीन में जन्म दर और प्रजनन दर कम है, पाकिस्तान में प्रजनन दर अधिक है, और भारत में जनसंख्या घनत्व अधिक है।
व्याख्या:
जनांकिकीय संकेतक देशों की जनसंख्या की संरचना और विकास को दर्शाते हैं, जो नीति निर्धारण में सहायक होते हैं।
Bhartiya Airthryavstha Ka Vikas के सभी 8 अध्याय
Economics · Class 11