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Chapter 7

🎓 Class 7📖 Samaj Ka Aadhyan: Bharat or uske aage Part-I📖 10 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~15 मिनट
Chapter 6अध्याय 7 / 12Chapter 8

Chapter 7अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

गुप्त काल—अथक सूजनशीलता का युग

अवधारणा

गुप्त काल—अथक सूजनशीलता का युग

गुप्त काल भारतीय इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरवशाली युग है, जिसे 'अथक सृजनशीलता का युग' भी कहा जाता है। यह काल तीसरी से छठी शताब्दी सामान्य संवत (लगभग 320 से 550 ईस्वी) तक फैला हुआ था। इस काल में न केवल राजनीतिक रूप से एक शक्तिशाली साम्राज्य का निर्माण हुआ, बल्कि सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक, और वैज्ञानिक क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई। इस युग को भारतीय इतिहास में 'उत्कृष्ट युग' या 'क्लासिकल ऐज' के रूप में जाना जाता है क्योंकि इस समय विद्या, कला, साहित्य और विज्ञान का उत्कर्ष हुआ। गुप्त काल की शुरुआत के समय भारत में कई छोटे-छोटे राज्यों का अस्तित्व था, पर गुप्त वंश के शासकों ने युद्ध, कूटनीति और वैवाहिक गठबंधनों के माध्यम से एक विशाल साम्राज्य का निर्माण किया। इस काल में शासन व्यवस्था सुव्यवस्थित थी और सामाजिक जीवन में धार्मिकता, संस्कारों और जाति व्यवस्था का पालन होता था। साथ ही, इस युग में शिक्षा और विश्वविद्यालयों का विकास हुआ, जैसे नालंदा विश्वविद्यालय, जो दूर-दूर से छात्रों को आकर्षित करता था। गुप्तकालीन कला और साहित्य को भारतीय सभ्यता का स्वर्ण युग माना जाता है। इस काल के दौरान कालिदास जैसे महान कवि और आर्यभट जैसे वैज्ञानिक हुए जिन्होंने गणित और खगोल विज्ञान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। धार्मिक दृष्टि से यह काल हिंदू धर्म के पुनरुत्थान का काल था, लेकिन बौद्ध और जैन धर्मों को भी संरक्षण मिला। इस प्रकार गुप्तकाल एक समृद्ध, स्थिर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध युग था जिसने भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। **Table on page 22 (6×2)** | अ | ब | | --- | --- | | (1) कांचीपुरम | (क) जातक कथाओं को दर्शाने वाले जीवंत गुफा चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। | | (2) उज्जयिनी | (ख) यह स्थान चट्टान काटकर बनाई गई गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें हिंदू देवी-देवताओं, विशेषकर भगवान विष्णु की उत्कृष्ट प्रतिमाएँ उत्कीर्ण की गई हैं। | | (3) उदयगिरि | (ग) गुप्त शासकों की राजधानी | | (4) अजंता | (घ) ‘एक हजार मंदिरों का शहर’ के रूप में प्रसिद्ध है। | | (5) पाटलिपुत्र | (ङ) प्राचीन भारत में शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र |

  • गुप्त काल तीसरी से छठी शताब्दी सामान्य संवत तक फैला।
  • इसे भारतीय इतिहास का 'अथक सृजनशीलता का युग' और 'उत्कृष्ट युग' कहा जाता है।
  • राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक और वैज्ञानिक क्षेत्रों में प्रगति हुई।
  • शासन व्यवस्था सुव्यवस्थित और प्रभावशाली थी।
  • नालंदा विश्वविद्यालय जैसे शिक्षा केंद्र विकसित हुए।
  • हिंदू धर्म का पुनरुत्थान हुआ, साथ ही बौद्ध और जैन धर्मों को संरक्षण मिला।
  • 📌 गुप्त काल: तीसरी से छठी शताब्दी सामान्य संवत तक का भारतीय इतिहास का युग।
  • 📌 उत्कृष्ट युग: भारतीय इतिहास का वह काल जब कला, साहित्य और विज्ञान का उत्कर्ष हुआ।
  • 📌 नालंदा विश्वविद्यालय: गुप्तकालीन प्रमुख शिक्षा केंद्र।

गुप्त साम्राज्य का विस्तार

व्याख्या

गुप्त साम्राज्य का विस्तार

गुप्त साम्राज्य का विस्तार मुख्यतः चंद्रगुप्त प्रथम और उनके उत्तराधिकारियों के शासनकाल में हुआ। चंद्रगुप्त प्रथम ने अपनी रानी कुमारदेवी के साथ विवाह कर राजनीतिक गठबंधन स्थापित किया, जिससे साम्राज्य का विस्तार हुआ। इसके बाद समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त द्वितीय जैसे शक्तिशाली शासकों ने अपने साम्राज्य का विस्तार उत्तर भारत के अधिकांश भागों में किया। चंद्रगुप्त द्वितीय, जिन्हें 'विक्रमादित्य' के नाम से भी जाना जाता है, ने अपने समय में कला, साहित्य, और विज्ञान को संरक्षण दिया। उनके शासनकाल में गुप्त साम्राज्य ने उत्तर और पश्चिम भारत के साथ-साथ मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों पर नियंत्रण स्थापित किया। साम्राज्य के विस्तार में युद्ध, कूटनीति, और वैवाहिक गठबंधनों का महत्वपूर्ण योगदान था। उदाहरण के लिए, प्रभावती गुप्त का विवाह दक्षिण के वाकाटक राज्य के राजकुमार से हुआ, जिससे दोनों राज्यों के बीच मित्रता और सहयोग स्थापित हुआ। गुप्त साम्राज्य के विस्तार से भारतीय उपमहाद्वीप में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक समृद्धि आई।

  • चंद्रगुप्त प्रथम ने कुमारदेवी से विवाह कर साम्राज्य का विस्तार किया।
  • समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त द्वितीय ने साम्राज्य का विस्तार उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में किया।
  • विवाह और कूटनीति के माध्यम से राजनीतिक गठबंधन बनाए गए।
  • चंद्रगुप्त द्वितीय को 'विक्रमादित्य' के नाम से जाना जाता है।
  • साम्राज्य के विस्तार से राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक समृद्धि आई।
  • 📌 चंद्रगुप्त प्रथम: गुप्त साम्राज्य के संस्थापक शासक।
  • 📌 विक्रमादित्य: चंद्रगुप्त द्वितीय की उपाधि, जिसका अर्थ है 'सूर्य के समान राजा'।
  • 📌 प्रतिशासक: अल्पवयस्क राजा के स्थान पर अस्थायी शासन करने वाला।

गुप्तकाल की प्रशासनिक व्यवस्था

व्याख्या

गुप्तकाल की प्रशासनिक व्यवस्था

गुप्तकाल की प्रशासनिक व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित और प्रभावशाली थी। साम्राज्य को छोटे-छोटे प्रांतों में बांटा गया था, जिन्हें राज्य या प्रदेश कहा जाता था। प्रत्येक प्रांत का प्रशासन एक राज्यपाल या स्थानीय शासक के द्वारा किया जाता था, जो केंद्र सरकार

अभ्यास प्रश्नChapter 7

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.घरों, उद्योगों, अस्पतालों, कार्यालयों आदि से निकासित अपशिष्ट जल को ___________ कहा जाता है।
A.नल का जल
B.वाहित (Sewage) जल
C.स्वच्छ जल
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

वाहित (Sewage) जल

व्याख्या:

[{"id": "1f41764a-0618-4a75-a8fc-b323c196d852", "type": "html", "value": " घरों, उद्योगों, अस्पतालों, कार्यालयों इत्यादि से निकासित अपशिष्ट जल को वाहित जल कहा जाता है। यह द्रव अपशिष्ट का रूप है जिसमें रसायन, तेल, अशुद्धियाँ इत्यादि जैसे प्रदूषक होते हैं जो जल को उपभोग के लिए अनुपयुक्त बनाते हैं। "}]

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Q2.जल की सफ़ाई वह प्रक्रम है जिसमें जल से __________ को हटा दिया जाता है।
A.प्रदूषक (pollutants)
B.पोषक तत्व
C.ऑक्सीजन
D.उपरोक्त सभी विकल्प

उत्तर:

प्रदूषक (pollutants)

व्याख्या:

[{"id": "7634f188-6188-419e-a5d4-32cdf034f846", "type": "html", "value": " जल की सफ़ाई वह प्रक्रम है जिसमें जल से प्रदूषकों को हटा दिया जाता है, इस प्रक्रम को अपशिष्ट जल उपचार या वाहित मल उपचार के रूप में भी जाना जाता है। ऐसा जल को पुनःउपयोग के लायक बनाने के लिए किया जाता है। "}]

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Q3.निम्न में से कौन-सा रोग संदूषित जल के कारण होता है।
A.क्षयरोग (Tuberculosis)
B.चेचक (Chicken pox)
C.मीज़िल्स
D.दस्त (Diarrhea)

उत्तर:

दस्त (Diarrhea)

व्याख्या:

[{"id": "bcef0860-8d14-4ede-82ca-e51219609fc0", "type": "html", "value": " दस्त संदूषित जल के पेय से होता है और इससे टाइफ़ाइड भी हो सकता है। अन्य सब वायु जनित रोग हैं। "}]

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Q4.विषम ज्ञात कीजिए:
A.टाइफ़ाइड
B.हैज़ा (Cholera)
C.मलेरिया
D.पेचिश (Dysentery)

उत्तर:

मलेरिया

व्याख्या:

[{"id": "24474f46-a4e4-40d9-b89c-4e168dc5dcf6", "type": "html", "value": " मलेरिया जो मच्छरों के कारण होने वाला परजीवी रोग है, अन्य सभी जल जनित रोग हैं। "}]

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Q5._________ के कारण जल संदूषित हो जाता है।
A.प्रदूषण
B.औद्योगीकरण
C.शहरीकरण (Urbanization)
D.उपरोक्त सभी विकल्प

उत्तर:

उपरोक्त सभी विकल्प

व्याख्या:

[{"id": "6ed94775-4a51-4023-b64f-e1376567c12b", "type": "html", "value": " औद्योगीकरण और शहरीकरण जल प्रदूषण के कारक है जिसके कारण जल को संदूषित करने वाले हानिकारक रसायनों को बिना उपचारित किए ही जल में निर्मोचित कर दिया जाता हैं। "}]

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Q6.संदूषित जल के उचित उपचार के पश्चात, इसका उपयोग __________ के लिए किया जाता है।
A.वृक्षारोपण
B.सिंचाई
C.फ्लशिंग
D.उपरोक्त सभी विकल्प

उत्तर:

उपरोक्त सभी विकल्प

व्याख्या:

[{"id": "6274103a-a916-4d7b-9c90-add11fca5bb9", "type": "html", "value": " संदूषित जल के उचित उपचार के बाद जल का पुनर्नवीनीकरण किया जाता है और इसका उपयोग वृक्षारोपण, सिंचाई और फ्लशिंग प्रक्रियाओं के लिए किया जाता है। "}]

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Q7.अनुपचारित अपशिष्ट जल को जल निकायों में निर्मोचित करने से _________ होता है।
A.पोषक तत्वों में वृद्धि
B.ऑक्सीजन के स्तर में वृद्धि
C.निम्न ऑक्सीजन स्तर
D.जीवाणुओं की संख्या में कमी

उत्तर:

निम्न ऑक्सीजन स्तर

व्याख्या:

[{"id": "7d4ab289-76d5-40e5-b9ca-7447ca5c2437", "type": "html", "value": " जल निकायों में अनुपचारित अपशिष्ट जल निर्मोचन से जीवाणुओं की संख्या में वृद्धि होती है जो जल में उपस्थित ऑक्सीजन का उपयोग अपने विकास के लिए करते हैं और अंततः जल में ऑक्सीजन के स्तर को कम कर देते हैं। "}]

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Q8.तेल, वसा और ग्रीस __________ प्रक्रम द्वारा उद्धरीत (extracted) किए जाते हैं।
A.क्लोरीनीकरण (Chlorination)
B.प्लवीकरण (Floatation)
C.अवसादन (Sedimentation)
D.वातन (Aeration)

उत्तर:

प्लवीकरण (Floatation)

व्याख्या:

[{"id": "e00b7b2d-569f-479b-99dd-28489a6d9a25", "type": "html", "value": " प्लवीकरण वह प्रक्रम है जिसमें जल टैंक में संग्रहीत हो जाता है और जल के ऊपर प्लवित तेल, ग्रीस और वसा को हटा दिया जाता है। "}]

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