Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
परिचय
व्याख्यापरिचय
इस खंड में चिंतन की अवधारणा का परिचय दिया गया है। चिंतन का सामान्य अर्थ है मन में विचारों का आना और उन्हें समझना। दैनिक जीवन में हम चिंतन शब्द का उपयोग विभिन्न संदर्भों में करते हैं, जैसे याद करने, ध्यान देने या अनिश्चितता व्यक्त करने के लिए। मनोविज्ञान में चिंतन को एक स्वतंत्र मानसिक प्रक्रिया के रूप में समझा जाता है, जिसमें व्यक्ति किसी समस्या, विषय या स्थिति पर ध्यान केंद्रित करता है और उसके बारे में सोचता है। चिंतन के माध्यम से हम समस्याओं का समाधान करते हैं, निर्णय लेते हैं, विकल्पों का मूल्यांकन करते हैं और नए विचार उत्पन्न करते हैं। इस खंड में यह भी बताया गया है कि बच्चे भी खेलते समय स्वयं से बात करते हैं, जो चिंतन की प्रक्रिया का एक उदाहरण है। साथ ही, भाषा और विचार के बीच के संबंध को भी समझने का प्रयास किया गया है। चिंतन मानव संज्ञान का आधार है और यह केवल मनुष्यों में पाया जाता है।
- चिंतन का अर्थ है मन में विचारों का आना और उन्हें समझना।
- चिंतन एक मानसिक प्रक्रिया है जिसमें समस्या समाधान, निर्णय लेना शामिल है।
- बच्चे खेलते समय स्वयं से बात करते हैं, जो चिंतन का उदाहरण है।
- भाषा और विचार के बीच गहरा संबंध होता है।
- चिंतन मानव संज्ञान का आधार है और केवल मनुष्यों में पाया जाता है।
- 📌 चिंतन: मानसिक प्रक्रिया जिसमें विचार आते हैं और उन्हें समझा जाता है।
- 📌 संज्ञान: मानसिक गतिविधियाँ जैसे ध्यान, स्मरण, सोच आदि।
चिंतन का स्वरूप
व्याख्याचिंतन का स्वरूप
चिंतन एक उच्चतर मानसिक प्रक्रिया है जो केवल मनुष्यों में पाई जाती है। यह वातावरण से प्राप्त सूचनाओं का प्रहस्तन (संग्रहण) और विश्लेषण करता है। उदाहरण के लिए, जब हम एक चित्र देखते हैं, तो हम केवल उसके रंग या आकृति पर ध्यान नहीं देते, बल्कि उसके अर्थ को समझने के लिए अपने ज्ञान से जोड़ने का प्रयास करते हैं। चिंतन संगठित और लक्ष्य-निर्देशित होता है, जैसे खाना बनाना या गणित की समस्या हल करना। यह एक आंतरिक मानसिक प्रक्रिया है, जिसे हम बाह्य व्यवहार से अनुमानित कर सकते हैं। जैसे शतरंज खिलाड़ी की अगली चाल देखकर हम उसके चिंतन का अनुमान लगाते हैं। चिंतन के आधारभूत तत्वों में मानसिक प्रतिमा और संप्रत्यय शामिल हैं। मानसिक प्रतिमा वह मानसिक चित्र है जो हम किसी वस्तु या घटना की कल्पना करते समय बनाते हैं, जबकि संप्रत्यय वस्तुओं या घटनाओं के सामान्य लक्षणों के आधार पर वर्गीकरण है। संप्रत्यय हमारे ज्ञान को व्यवस्थित करने में मदद करता है।
- चिंतन एक उच्चतर मानसिक प्रक्रिया है जो सूचनाओं का प्रहस्तन और विश्लेषण करता है।
- यह संगठित और लक्ष्य-निर्देशित होता है।
- मानसिक प्रतिमा वह मानसिक चित्र है जो हम कल्पना करते हैं।
- संप्रत्यय वस्तुओं या घटनाओं के सामान्य लक्षणों के आधार पर वर्गीकरण है।
- संप्रत्यय ज्ञान को व्यवस्थित करने में सहायता करता है।
- 📌 मानसिक प्रतिमा: वस्तु या घटना का मानसिक चित्रण।
- 📌 संप्रत्यय: वस्तुओं या घटनाओं के सामान्य लक्षणों के आधार पर वर्गीकरण।
चिंतन की प्रक्रिया
व्याख्याचिंतन की प्रक्रिया
चिंतन की प्रक्रिया में समस्या समाधान एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। जब हम किसी समस्या का सामना करते हैं, तो उसका समाधान खोजने के लिए हम विभिन्न मानसिक संक्रियाएँ अपनाते हैं। समस्या समाधान में प्रारंभिक अवस्था समस्या की पहचान होती है, जिसके बाद समस्या का न
अभ्यास प्रश्न — Chapter 7
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.क्रियाकलाप 7.2 समस्या 1 वर्ण विपर्यास : वर्णों को पुन: क्रम में रखते हुए शब्द बनाइए। (आप कुछ मिलते जुलते शब्द भी बना सकते हैं।) NAGMARA BOLMPER SLEVO STGNIH TOLUSONI
उत्तर:
समाधान: NAGMARA - MANGARA (या अन्य मिलते-जुलते शब्द) BOLMPER - PROBLEM SLEVO - LOVES STGNIH - SIGHT TOLUSONI - SOLUTION यहाँ प्रत्येक वर्णमाला समूह से उपयुक्त शब्द बनाना है।
व्याख्या:
प्रत्येक वर्ण समूह के अक्षरों को पुनः क्रम में लगाकर अर्थपूर्ण शब्द बनाएं। उदाहरण के लिए, BOLMPER से PROBLEM बनता है।
Q2.क्रियाकलाप 7.2 समस्या 2 बिंदुओं को जोड़ना : चार सीधी रेखाएँ खींचकर सभी नी बिंदुओं को कागज से अपनी पेंसिल हटाए बिना जोड़ें।
उत्तर:
समाधान: चार सीधी रेखाएँ खींचकर सभी नौ बिंदुओं को जोड़ने के लिए, रेखाओं को बिंदुओं के पार जाकर सीमाओं से बाहर निकालना होगा। यह समस्या 'नौ बिंदु समस्या' के रूप में जानी जाती है। पहली रेखा तीन बिंदुओं को कवर करती है, दूसरी रेखा अगली तीन, तीसरी रेखा शेष तीन और चौथी रेखा सीमाओं से बाहर निकलते हुए बिंदुओं को जोड़ती है। इस प्रकार बिना पेंसिल हटाए सभी बिंदुओं को चार रेखाओं से जोड़ा जा सकता है।
व्याख्या:
यह समस्या मानसिक विन्यास को तोड़ने के लिए है। रेखाएँ सीमाओं के बाहर जाकर बिंदुओं को जोड़ती हैं।
Q3.क्रियाकलाप 7.2 समस्या 3 अपने मित्र के साथ 'तीन बोतलों में पानी' वाले क्रियाकलाप को करने का प्रयास कीजिए। तीन बोतल अ, ब और स हैं। बोतल अ में 21 मिली., ब में 127 मिली. और स में 3 मिली. जल आ सकता है। इन तीन बोतलों की सहायता से आपके मित्र को 100 मिली. जल लेना है। यहाँ इस तरह की 6 और समस्याएँ हैं। ये सातों समस्याएँ नीचे प्रस्तुत की गई हैं। | समस्याएँ | वांछित मात्रा | बोतलों की क्षमता मिली. में | | | | --- | --- | --- | --- | --- | | | | अ | ब | स | | 1. | 100 | 21 | 127 | 3 | | 2. | 99 | 14 | 163 | 25 | | 3. | 5 | 18 | 43 | 10 | | 4. | 21 | 9 | 42 | 6 | | 5. | 31 | 20 | 59 | 4 | | 6. | 20 | 23 | 49 | 3 | | 7. | 25 | 28 | 76 | 3 |
उत्तर:
समाधान: यह समस्या बोतलों में मापी गई मात्रा को सही तरीके से मापने की है। उदाहरण के लिए, समस्या 1 में 21, 127 और 3 मिलीलीटर की बोतलों से 100 मिलीलीटर पानी मापना है। समाधान के लिए बोतलों में पानी भरना और खाली करना, एक बोतल से दूसरी में पानी डालना आदि क्रियाएँ करनी होंगी। उदाहरण (समस्या 1): 1. बोतल ब (127 मिली) को भरें। 2. बोतल ब से बोतल अ (21 मिली) में पानी डालें जब तक अ भर न जाए। अब बोतल ब में 106 मिली बचा है। 3. बोतल अ को खाली करें। 4. बोतल ब से बोतल अ में फिर से पानी डालें। अब बोतल ब में 85 मिली बचा है। 5. बोतल अ में 21 मिली है, बोतल स (3 मिली) को भरें और बोतल अ में डालें। अब बोतल अ में 24 मिली है। 6. इस प्रकार क्रियाओं को आगे बढ़ाकर 100 मिली पानी मापा जा सकता है। अन्य समस्याओं के लिए भी इसी प्रकार बोतलों में पानी डालने-खाली करने की रणनीति अपनानी होगी।
व्याख्या:
यह समस्या मापन और तर्क कौशल की है। बोतलों की क्षमता और पानी की मात्रा को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध क्रियाएँ करनी होती हैं।
Q4.प्रश्न: 3, 6, 9, ... अगला अंक क्या होगा?
उत्तर:
यह एक अंक शृंखला है जिसमें प्रत्येक अंक पिछले अंक से 3 अधिक है। 3 के बाद 6, फिर 9 आता है। अतः अगला अंक 9 + 3 = 12 होगा।
व्याख्या:
शृंखला 3, 6, 9,... है। प्रत्येक अंक पिछले अंक से 3 अधिक है। इसलिए अगला अंक 9 + 3 = 12 होगा।
Q5.कपड़ों के कौन-कौन से उपयोग हैं?
उत्तर:
कपड़ों के अनेक उपयोग होते हैं जैसे: शरीर को ढकना और सुरक्षा प्रदान करना, मौसम से बचाव करना (जैसे ठंड या गर्मी से), सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान देना, सौंदर्य और आकर्षण बढ़ाना, और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का माध्यम होना।
व्याख्या:
कपड़े न केवल शरीर को ढकने का काम करते हैं बल्कि ये सामाजिक और सांस्कृतिक प्रतीक भी होते हैं। वे मौसम के अनुसार शरीर की सुरक्षा करते हैं और व्यक्ति की शैली व व्यक्तित्व को दर्शाते हैं।
Q6.आप एक कुर्सी में क्या सुधार सुझाएँगे जिससे कि वह अधिक आरामदेह और सौंदर्य की दृष्टि से सुखद बन जाए?
उत्तर:
कुर्सी में सुधार के लिए सुझाव: 1) आराम के लिए कुर्सी की पीठ और सीट पर नरम गद्दी लगाना। 2) ऊँचाई और झुकाव को समायोजित करने की सुविधा देना। 3) मजबूत और टिकाऊ सामग्री का उपयोग करना। 4) डिजाइन में सौंदर्य बढ़ाने के लिए रंग और आकृति में नवीनता लाना। 5) कुर्सी के पैर फिसलने से बचाने के लिए रबर के पैड लगाना।
व्याख्या:
कुर्सी को आरामदेह बनाने के लिए गद्दी और समायोजन की सुविधा आवश्यक है। सौंदर्य के लिए रंग, डिजाइन और सामग्री महत्वपूर्ण हैं। टिकाऊपन और सुरक्षा भी ध्यान में रखनी चाहिए।
Q7.यदि विद्यालयों से परीक्षा समाप्त कर दी जाए तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि विद्यालयों से परीक्षा समाप्त कर दी जाए तो इसके कई प्रभाव हो सकते हैं: 1) विद्यार्थियों पर परीक्षा की चिंता कम होगी जिससे वे अधिक स्वतंत्रता से सीख सकेंगे। 2) परन्तु, मूल्यांकन का अभाव होने से विद्यार्थियों की प्रगति का सही आकलन करना कठिन होगा। 3) शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की जिम्मेदारी बढ़ेगी कि वे नियमित रूप से सीखने और पढ़ाने पर ध्यान दें। 4) प्रतिस्पर्धा की भावना कम हो सकती है, जिससे कुछ विद्यार्थियों की प्रेरणा प्रभावित हो सकती है। 5) समग्र शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता होगी ताकि सीखने के अन्य तरीकों को अपनाया जा सके।
व्याख्या:
परीक्षा समाप्ति से शिक्षा प्रणाली में बदलाव आएगा। मूल्यांकन के बिना सीखने की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। इसलिए अन्य मूल्यांकन विधियों को अपनाना आवश्यक होगा।
Q8.चिंतन शब्द का सामान्य और मनोविज्ञान में विशेष अर्थ क्या है? चिंतन की प्रक्रिया में कौन-कौन से मानसिक क्रियाएँ सम्मिलित होती हैं?
उत्तर:
चिंतन सामान्य अर्थ में मन में विचारों का आना और उन्हें समझना है। मनोविज्ञान में यह एक स्वतंत्र मानसिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति किसी समस्या या विषय पर ध्यान केंद्रित कर सोचता है। इसमें समस्या समाधान, निर्णय लेना, विकल्पों का मूल्यांकन और नए विचार उत्पन्न करना सम्मिलित होता है।
व्याख्या:
चिंतन का सामान्य अर्थ है मन में विचारों का आना और उन्हें समझना। मनोविज्ञान में चिंतन एक मानसिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति किसी विषय, समस्या या स्थिति पर सोचता है। यह प्रक्रिया समस्या समाधान, निर्णय लेना, विकल्पों का मूल्यांकन और नए विचार उत्पन्न करने जैसे मानसिक क्रियाओं को सम्मिलित करती है। उदाहरण के लिए, बच्चे खेलते समय स्वयं से बात करते हैं जो चिंतन की प्रक्रिया का उदाहरण है।
Manovigyan के सभी 8 अध्याय
Psychology · Class 11