Chapter 7
Chapter 7 — अध्ययन नोट्स
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प्रायिकता का परिचय
व्याख्याप्रायिकता का परिचय
प्रायिकता गणित की वह शाखा है जो अनिश्चित घटनाओं के घटित होने की संभावना का अध्ययन करती है। जब हम किसी प्रयोग या घटना के परिणाम को निश्चित रूप से नहीं जान पाते, तब हम उसकी प्रायिकता की सहायता से उस घटना के घटित होने की संभावना का मापन करते हैं। उदाहरण के लिए, सिक्का उछालने पर सिर या पूंछ आने की संभावना को प्रायिकता के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। प्रायिकता का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में अनिश्चितता के विश्लेषण के लिए किया जाता है जैसे कि सांख्यिकी, अभियांत्रिकी, वित्त, और विज्ञान। प्रायिकता का मान हमेशा 0 और 1 के बीच होता है, जहाँ 0 का अर्थ है घटना का असंभव होना और 1 का अर्थ है घटना का निश्चित होना। प्रायिकता के अध्ययन के लिए सबसे पहले हमें नमूना स्थान (Sample Space) और घटनाओं (Events) को समझना आवश्यक है। नमूना स्थान किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समूह होता है। किसी विशेष परिणाम या परिणामों के समूह को घटना कहा जाता है। प्रायिकता की गणना में इन अवधारणाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। इस अध्याय में हम प्रायिकता के मूल सिद्धांतों, नियमों, सशर्त प्रायिकता, बेयस प्रमेय, और इनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का विस्तार से अध्ययन करेंगे।
- प्रायिकता अनिश्चित घटनाओं की संभावना का मापन है।
- प्रायिकता का मान 0 से 1 के बीच होता है।
- नमूना स्थान किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समूह है।
- घटना नमूना स्थान का कोई उपसमूह होती है।
- प्रायिकता का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में अनिश्चितता के विश्लेषण के लिए होता है।
- 📌 प्रायिकता: किसी घटना के घटित होने की संभावना।
- 📌 नमूना स्थान: किसी प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समूह।
- 📌 घटना: नमूना स्थान का कोई उपसमूह।
घटनाएँ और उनके प्रकार
व्याख्याघटनाएँ और उनके प्रकार
घटना (Event) किसी प्रयोग के नमूना स्थान का एक उपसमूह होती है। जब हम किसी प्रयोग को करते हैं, तो उसके सभी संभावित परिणामों का समूह नमूना स्थान कहलाता है। किसी विशेष परिणाम या परिणामों के समूह को घटना कहा जाता है। उदाहरण के लिए, पासा फेंकने पर 4 का आना एक घटना है। घटनाओं के प्रकार मुख्यतः तीन होते हैं: 1. निश्चित घटना (Sure Event): ऐसी घटना जो निश्चित रूप से घटित होती है। उदाहरण के लिए, पासा फेंकने पर 1 से 6 के बीच कोई संख्या आना निश्चित घटना है। इसकी प्रायिकता 1 होती है। 2. असंभव घटना (Impossible Event): ऐसी घटना जो कभी नहीं घटित होती। उदाहरण के लिए, पासा फेंकने पर 7 का आना असंभव घटना है। इसकी प्रायिकता 0 होती है। 3. संभावित घटना (Possible Event): ऐसी घटना जो घट भी सकती है और नहीं भी। उदाहरण के लिए, सिक्का उछालने पर सिर आना संभावित घटना है। इसके अतिरिक्त, घटनाओं के अन्य प्रकार भी होते हैं जैसे: - समवर्ती (Mutually Exclusive) घटनाएँ: ऐसी घटनाएँ जो एक साथ नहीं हो सकतीं। उदाहरण के लिए, सिक्का उछालने पर सिर और पूंछ एक साथ नहीं आ सकते। - स्वतंत्र (Independent) घटनाएँ: ऐसी घटनाएँ जिनका एक-दूसरे पर कोई प्रभाव नहीं होता। उदाहरण के लिए, दो अलग-अलग सिक्कों को उछालना। - संयुक्त (Compound) घटना: ऐसी घटना जो दो या अधिक घटनाओं के संयोजन से बनती है। उदाहरण के लिए, पासा फेंकने पर 2 या 4 का आना। घटनाओं की समझ प्रायिकता के नियमों को सही ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक है।
- घटना नमूना स्थान का उपसमूह होती है।
- निश्चित घटना की प्रायिकता 1 होती है।
- असंभव घटना की प्रायिकता 0 होती है।
- समवर्ती घटनाएँ एक साथ नहीं हो सकतीं।
- स्वतंत्र घटनाओं का एक-दूसरे पर कोई प्रभाव नहीं होता।
- संयुक्त घटना दो या अधिक घटनाओं का संयोजन होती है।
- 📌 निश्चित घटना: वह घटना जो निश्चित रूप से घटित होती है।
- 📌 असंभव घटना: वह घटना जो कभी नहीं घटित होती।
- 📌 समवर्ती घटनाएँ: ऐसी घटनाएँ जो एक साथ नहीं हो सकतीं।
प्रायिकता के नियम
व्याख्याप्रायिकता के नियम
प्रायिकता के नियम हमें विभिन्न घटनाओं की प्रायिकता को जोड़ने और गुणा करने में सहायता करते हैं। ये नियम घटनाओं के प्रकार पर निर्भर करते हैं। मुख्य नियम निम्नलिखित हैं: 1. योग नियम (Addition Rule): यदि A और B दो घटनाएँ हैं, तो उनकी संयुक्त घटना A ∪ B
अभ्यास प्रश्न — Chapter 7
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.1. यदि E और F इस प्रकार की घटनाएँ हैं कि P(E) = 0.6, P(F) = 0.3 और P(E ∩ F) = 0.2, तो P(E|F) और P(F|E) ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दी गई जानकारी है: P(E) = 0.6, P(F) = 0.3, P(E ∩ F) = 0.2 P(E|F) = P(E ∩ F) / P(F) = 0.2 / 0.3 = 2/3 ≈ 0.6667 P(F|E) = P(E ∩ F) / P(E) = 0.2 / 0.6 = 1/3 ≈ 0.3333
व्याख्या:
सप्रतिबंध प्रायिकता का सूत्र है: P(E|F) = P(E ∩ F) / P(F) P(F|E) = P(E ∩ F) / P(E) सभी मानों को सूत्र में रखकर हल किया गया।
Q2.2. P(A|B) ज्ञात कीजिए, यदि P(B) = 0.5 और P(A ∩ B) = 0.32
उत्तर:
दी गई जानकारी: P(B) = 0.5, P(A ∩ B) = 0.32 P(A|B) = P(A ∩ B) / P(B) = 0.32 / 0.5 = 0.64
व्याख्या:
सप्रतिबंध प्रायिकता का सूत्र: P(A|B) = P(A ∩ B) / P(B) मानों को सूत्र में रखकर हल किया गया।
Q3.3. यदि P(A) = 0.8, P(B) = 0.5 और P(B|A) = 0.4 ज्ञात कीजिए (i) P(A ∩ B) (ii) P(A|B) (iii) P(A ∪ B)
उत्तर:
दी गई जानकारी: P(A) = 0.8, P(B) = 0.5, P(B|A) = 0.4 (i) P(A ∩ B) = P(A) × P(B|A) = 0.8 × 0.4 = 0.32 (ii) P(A|B) = P(A ∩ B) / P(B) = 0.32 / 0.5 = 0.64 (iii) P(A ∪ B) = P(A) + P(B) - P(A ∩ B) = 0.8 + 0.5 - 0.32 = 0.98
व्याख्या:
सप्रतिबंध प्रायिकता का सूत्र: P(A ∩ B) = P(A) × P(B|A) P(A|B) = P(A ∩ B) / P(B) P(A ∪ B) = P(A) + P(B) - P(A ∩ B) सभी मानों को सूत्र में रखकर हल किया गया।
Q4.4. P(A ∪ B) ज्ञात कीजिए यदि 2 P(A) = P(B) = \frac{5}{13} और P(A|B) = \frac{2}{5}
उत्तर:
दी गई जानकारी: 2 P(A) = P(B) = 5/13 इससे P(B) = 5/13 और P(A) = (5/13)/2 = 5/26 P(A|B) = 2/5 P(A ∩ B) = P(B) × P(A|B) = (5/13) × (2/5) = 2/13 P(A ∪ B) = P(A) + P(B) - P(A ∩ B) = (5/26) + (5/13) - (2/13) = (5/26) + (10/26) - (4/26) = (11/26)
व्याख्या:
पहले P(A) और P(B) के मान ज्ञात किए। फिर सप्रतिबंध प्रायिकता से P(A ∩ B) निकाला। अंत में योग सूत्र से P(A ∪ B) निकाला।
Q5.5. यदि P(A) = \frac{6}{11}, P(B) = \frac{5}{11} और P(A \cup B) = \frac{7}{11} तो ज्ञात कीजिए (i) P(A \cap B) (ii) P(A|B) (iii) P(B|A)
उत्तर:
दी गई जानकारी: P(A) = 6/11, P(B) = 5/11, P(A ∪ B) = 7/11 (i) P(A ∩ B) = P(A) + P(B) - P(A ∪ B) = 6/11 + 5/11 - 7/11 = 4/11 (ii) P(A|B) = P(A ∩ B) / P(B) = (4/11) / (5/11) = 4/5 = 0.8 (iii) P(B|A) = P(A ∩ B) / P(A) = (4/11) / (6/11) = 4/6 = 2/3 ≈ 0.6667
व्याख्या:
P(A ∩ B) को योग सूत्र से निकाला। फिर सप्रतिबंध प्रायिकता के सूत्र से P(A|B) और P(B|A) निकाले।
Q6.6. एक सिक्के को तीन बार उछाला गया है: (i) E: तीसरी उछाल पर चित F: पहली दोनों उछालों पर चित (ii) E: न्यूनतम दो चित F: अधिकतम एक चित (iii) E: अधिकतम दो पट F: न्यूनतम दो पट P(E|F) ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
प्रत्येक भाग के लिए: (i) E: तीसरी उछाल पर चित F: पहली दोनों उछालों पर चित नमूना स्थान में कुल 2^3 = 8 परिणाम हैं। F का अर्थ है पहली दो उछालों पर चित, अत: F = {चित, चित, X} जहाँ X तीसरी उछाल है (चित या पट) F के अंतर्गत 2 संभावित परिणाम: (चित, चित, चित), (चित, चित, पट) E ∩ F = तीसरी उछाल पर चित और पहली दो उछालों पर चित = {(चित, चित, चित)} P(E|F) = P(E ∩ F) / P(F) = (1/8) / (2/8) = 1/2 (ii) E: न्यूनतम दो चित F: अधिकतम एक चित E और F परस्पर विरोधी हैं क्योंकि E में कम से कम दो चित हैं और F में अधिकतम एक चित है। अतः P(E ∩ F) = 0 इसलिए P(E|F) = 0 (iii) E: अधिकतम दो पट F: न्यूनतम दो पट E: अधिकतम दो पट मतलब 0,1 या 2 पट F: न्यूनतम दो पट मतलब 2 या 3 पट E ∩ F = ठीक 2 पट सभी संभावित परिणाम 8 हैं। 2 पट वाले परिणाम: (चित, पट, पट), (पट, चित, पट), (पट, पट, चित) → कुल 3 F में 2 या 3 पट वाले परिणाम: 2 पट वाले 3 + 3 पट वाला 1 (पट, पट, पट) = 4 P(E ∩ F) = 3/8 P(F) = 4/8 = 1/2 P(E|F) = (3/8) / (1/2) = 3/4 = 0.75
व्याख्या:
प्रत्येक भाग में नमूना स्थान के आधार पर घटनाओं के संभावित परिणाम निकाले। फिर सप्रतिबंध प्रायिकता का सूत्र P(E|F) = P(E ∩ F) / P(F) लागू किया।
Q7.7. दो सिक्कों को एक बार उछाला गया है: (i) E: एक सिक्के पर पट प्रकट होता है F: एक सिक्के पर चित प्रकट होता है (ii) E: कोई पट प्रकट नहीं होता है F: कोई चित प्रकट नहीं होता है P(E|F) ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
दो सिक्कों के नमूना स्थान में 4 परिणाम हैं: {(पट, पट), (पट, चित), (चित, पट), (चित, चित)} (i) E: एक सिक्के पर पट E = {(पट, चित), (चित, पट)} F: एक सिक्के पर चित F = {(पट, चित), (चित, पट)} E ∩ F = {(पट, चित), (चित, पट)} P(F) = 2/4 = 1/2 P(E ∩ F) = 2/4 = 1/2 P(E|F) = P(E ∩ F) / P(F) = (1/2) / (1/2) = 1 (ii) E: कोई पट नहीं E = {(चित, चित)} F: कोई चित नहीं F = {(पट, पट)} E ∩ F = ∅ P(F) = 1/4 P(E ∩ F) = 0 P(E|F) = 0 / (1/4) = 0
व्याख्या:
नमूना स्थान के आधार पर घटनाओं के संभावित परिणाम निकाले। सप्रतिबंध प्रायिकता का सूत्र लागू किया।
Q8.8. एक पासे को तीन बार उछाला गया है: E: तीसरी उछाल पर संख्या 4 प्रकट होना F: पहली दो उछालों पर क्रमश: 6 तथा 5 प्रकट होना P(E|F) ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
नमूना स्थान में कुल 6^3 = 216 परिणाम हैं। घटना F: पहली उछाल पर 6 और दूसरी उछाल पर 5 F में केवल तीसरी उछाल की संख्या स्वतंत्र है, जो 1 से 6 तक हो सकती है। अतः F के 6 परिणाम हैं। घटना E ∩ F: तीसरी उछाल पर 4 और पहली दो उछाल पर क्रमशः 6 तथा 5 इसलिए E ∩ F में केवल एक परिणाम है: (6,5,4) P(F) = 6 / 216 = 1/36 P(E ∩ F) = 1 / 216 P(E|F) = P(E ∩ F) / P(F) = (1/216) / (1/36) = 1/6 ≈ 0.1667
व्याख्या:
घटना F के अंतर्गत तीसरी उछाल की संख्या स्वतंत्र है। सप्रतिबंध प्रायिकता का सूत्र लागू किया।
Ganit-II के सभी 7 अध्याय
Mathematics · Class 12