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उठ किसान ओ

🎓 Class 8📖 Durva📖 9 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~14 min
Chapter 6Chapter 7 of 19Chapter 8

उठ किसान ओStudy Notes

NCERT-aligned · 9 notes · 3 shown free

उठ किसान ओ

Explanation

उठ किसान ओ

यह पाठ एक कविता है जिसका शीर्षक है 'उठ किसान ओ'। इस कविता में किसान को सावन के मौसम में उठने और खेतों की हरियाली का स्वागत करने के लिए प्रेरित किया गया है। कविता में बादलों के घिर आने का वर्णन है जो सावन की बारिश लेकर आते हैं। ये बादल किसान के लिए नए जीवन और खुशहाली का संदेश लेकर आते हैं। कवि ने बादलों को 'परदेसी पाहुन' कहा है, जो दूर से आकर किसान के खेतों को सींचते हैं। बारिश की फुहारें खेतों में छिपकर खेलती हैं, जिससे खेत हरे-भरे हो जाते हैं और किसान के सपनों को साकार करती हैं। कविता में बादलों की गरज और बारिश को बहुत सुंदर और जीवंत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। बादलों का नाचना-गाना, फुहारों की चादर ओढ़ना, और खेतों में छिपकर आँखमिचौनी खेलना, ये सभी चित्र किसान के जीवन में वर्षा के महत्व को दर्शाते हैं। यह कविता किसान और प्रकृति के बीच के गहरे संबंध को उजागर करती है। कविता का भाव है कि सावन के मौसम में किसान को जागना चाहिए क्योंकि बारिश से खेतों में हरियाली आएगी, जिससे अन्न उगेगा और किसान की खुशहाली होगी। यह कविता प्रकृति की सुंदरता और कृषि के महत्व को सरल और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती है।

  • कविता में किसान को सावन के मौसम में उठने के लिए प्रेरित किया गया है।
  • बादल सावन की बारिश लेकर आते हैं जो खेतों को हरा-भरा करते हैं।
  • बादलों को 'परदेसी पाहुन' कहा गया है जो दूर से आते हैं।
  • बारिश की फुहारें खेतों में छिपकर खेलती हैं।
  • कविता में प्रकृति और किसान के बीच के संबंध को दर्शाया गया है।
  • 📌 बादल - आकाश में पानी के बूंदों से बने घने समूह।
  • 📌 पुरवाई - पूर्व की ओर से चलने वाली ठंडी हवा।
  • 📌 फुहार - बारिश की नन्हीं-नन्हीं बूँदें।

अभ्यास

Explanation

अभ्यास

इस खंड में कविता 'उठ किसान ओ' के शब्दार्थ और उसके आधार पर प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। शब्दार्थ में कविता के कठिन शब्दों के अर्थ समझाए गए हैं जैसे 'घिरना' का मतलब चारों ओर से आना, 'फुहार' का अर्थ बौछार या बारिश की नन्हीं बूंदें, 'पुरवाई' का मतलब पूर्व की ओर से चलने वाली हवा आदि। प्रश्नों के माध्यम से छात्रों को कविता की गहराई में जाने और उसके भावों को समझने का अवसर मिलता है। जैसे, बादल किसान के साथी हैं क्योंकि वे उसके खेतों को सींचते हैं। बादल किसान के प्राणों में नया राग इसलिए भरते हैं क्योंकि वे जीवनदायिनी बारिश लेकर आते हैं। पुरवाई किसान के लिए शीतलता और खुशहाली का संदेश लेकर आई है। इसके अलावा, छात्रों से पूछा जाता है कि जब हरा खेत लहराएगा तो क्या होगा, और बादलों के घिर आने पर किसान को उठने के लिए क्यों कहा गया है। यह अभ्यास कविता के भावों को समझने और उनकी व्याख्या करने में मदद करता है। इस खंड में 'छिपा है कौन?' शीर्षक से कविता की एक पंक्ति का विश्लेषण है, जहाँ बादलों को मुस्कुराते हुए दिखाया गया है। छात्रों से पूछा जाता है कि कवि को इन सब में कौन-कौन सी चीजें दिखाई दे सकती हैं, जैसे गर्म हवा, सागर की लहरें, फूल की सुगंध आदि। यह कविता की कल्पना और भावनाओं को समझने का अभ्यास है।

  • कविता के कठिन शब्दों के अर्थ समझाए गए हैं।
  • प्रश्नों के माध्यम से कविता के भावों को समझने का अभ्यास कराया गया है।
  • बादलों को किसान के साथी के रूप में देखा गया है।
  • पुरवाई को किसान के लिए खुशहाली का संदेश माना गया है।
  • कविता की कल्पना और भावनाओं को समझने के लिए विश्लेषणात्मक प्रश्न दिए गए हैं।
  • 📌 शब्दार्थ - किसी शब्द का अर्थ।
  • 📌 पुरवाई - पूर्व दिशा से चलने वाली ठंडी हवा।
  • 📌 आँखमिचौनी - छुपा-छुपी का खेल।

किस्म-किस्म की खेती

Concept

किस्म-किस्म की खेती

इस खंड में विद्यार्थियों को आजकल भारत में की जाने वाली विभिन्न प्रकार की खेती के बारे में जानने और समझने के लिए प्रेरित किया गया है। पुराने जमाने की तुलना में आज किसान कई तरह की फसलों और उत्पादों की खेती करते हैं। खेती का स्वरूप व्यापक और विविध हो गय

Practice Questionsउठ किसान ओ

Includes NCERT exercise questions with answers

Q1.1. कविता से नीचे लिखी पंक्तियाँ पढ़ो। आपस में चर्चा करके इसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो- (क) “तेरे हरे-भरे सावन के साथी ये आए हैं” क्या बादल हरे-भरे सावन के साथी हैं अथवा किसान के? या दोनों के। (ख) “तेरे प्राणों में भरने को नया राग लाए हैं” बादल ऐसा क्या लाए हैं जिससे किसान के प्राणों में नया राग भर जाएगा? (ग) “यह संदेशा ले कर आई, सरस मधुर शीतल पुरवाई” पुरवाई किसान के लिए क्या संदेशा लेकर आई होगी? (घ) “तेरे लिए, अकेले तेरे लिए, कहाँ से चलकर आई” क्या सचमुच पुरवाई केवल किसान के लिए चलकर आई है? वह कहाँ से चलकर आई होगी?

Answer:

उत्तर- (क) बादल हरे-भरे सावन के साथी हैं और किसान के भी। बादल बरसात लाते हैं जिससे खेत हरे-भरे हो जाते हैं। इसलिए वे सावन के साथी भी हैं और किसान के साथी भी। (ख) बादल बारिश लाते हैं जो किसान के जीवन में नई ऊर्जा और उमंग भर देता है, इसलिए वे नया राग लाते हैं। (ग) पुरवाई किसान के लिए ठंडी और सुखद हवा का संदेशा लेकर आई होगी जो फसलों के लिए लाभकारी है। (घ) पुरवाई केवल किसान के लिए नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चलकर आई होगी। यह हवा पूर्व की ओर से चलकर आती है।

Explanation:

प्रत्येक प्रश्न का उत्तर कविता के भाव और अर्थ के आधार पर दिया गया है। बादल और पुरवाई किसान के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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Q2.2. कविता के आधार पर बताओ कि (क) जब हरा खेत लहरायेगा तो क्या होगा? (ख) बादलों के घिर आने पर कवि किसान को उठने के लिए क्यों कहता है? (ग) रूप बदल कर बादल किसान के कौन से सपनों को साकार करेगा?

Answer:

उत्तर- (क) जब हरा खेत लहराएगा तो खेत में हरियाली और खुशहाली आएगी। यह फसलों के बढ़ने का संकेत है। (ख) बादल घिर आने पर कवि किसान को उठने के लिए कहता है क्योंकि बारिश होने वाली है, जो फसलों के लिए लाभकारी है। किसान को काम में लगना चाहिए। (ग) बादल रूप बदलकर किसान के सपनों को साकार करेगा जैसे कि अच्छी फसल, खुशहाली और समृद्धि।

Explanation:

कविता में बादलों और खेतों के बीच संबंध को दर्शाया गया है। बादल किसान के लिए आशा और समृद्धि के प्रतीक हैं।

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Q3.3. छिपा है कौन? “हरा खेत जब लहराएगा हरी पताका फहराएगा छिपा हुआ बादल तब उसमें रूप बदलकर मुसकाएगा” कविता में हम पाते हैं कि सावन की हरियाली बादलों के कारण ही हुई है इसलिए कवि को उस हरियाली में मुसकराते बादल ही दिखाई देते हैं। बताओ, कवि को इन सब में कौन दिखाई दे सकता है— (क) गर्म हवा। लू के थपेड़े। (ख) सागर में उठती ऊँची-ऊँची लहरें। (ग) सुगंध फैलाता हुआ फूल। (घ) चैन की नींद सोती हुई बालिका।

Answer:

उत्तर- (क) कवि को गर्म हवा और लू के थपेड़े दिखाई नहीं देते क्योंकि वे सुखाड़ और कष्ट देते हैं। (ख) सागर में उठती ऊँची-ऊँची लहरें भी बादलों और बारिश के साथ जुड़ी होती हैं, इसलिए कवि को वे दिखाई दे सकते हैं। (ग) सुगंध फैलाता हुआ फूल भी प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक है, इसलिए कवि को वह भी दिखाई दे सकता है। (घ) चैन की नींद सोती हुई बालिका भी शांति और सुख का प्रतीक है, इसलिए कवि को वह भी दिखाई दे सकती है।

Explanation:

कविता में प्रकृति के विभिन्न रूपों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। कवि की दृष्टि से ये सभी रूप दिखाई देते हैं।

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Q4.4. किस्म-किस्म की खेती आजकल पुराने जमाने की अपेक्षा किसान बहुत अधिक चीजों की खेती करने लगे हैं। खेती का स्वरूप बहुत विशाल हो गया है। पता करो कि आजकल भारत के लोग किन-किन चीजों की खेती करते हैं? अपने साथियों के साथ मिलकर एक सूची तैयार करो।

Answer:

उत्तर- यह प्रश्न शोधात्मक है। विद्यार्थी अपने आस-पास के किसानों से पूछ-पूछकर या इंटरनेट आदि से जानकारी लेकर भारत में की जाने वाली विभिन्न फसलों की खेती की सूची तैयार कर सकते हैं। उदाहरण के लिए- धान, गेहूँ, मक्का, गन्ना, तिलहन, फल, सब्जियाँ, मसाले, फूल, औषधीय पौधे आदि।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थियों को कृषि के विविध स्वरूपों को जानने और समझने के लिए प्रेरित करता है।

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Q5.5. मातृभाषा की कविता अपनी मातृभाषा में ‘किसान’ पर लिखी गई कविता को अपने मित्रों व शिक्षक को सुनाओ।

Answer:

उत्तर- यह प्रश्न विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में कविता प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करता है। विद्यार्थी अपनी मातृभाषा में किसान विषय पर कोई कविता याद कर सकते हैं या स्वयं लिख सकते हैं और कक्षा में प्रस्तुत कर सकते हैं।

Explanation:

यह अभ्यास भाषा कौशल और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ाने के लिए है।

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Q6.6. खेल-खेल में “छिपे खेत में, आँखमिचौनी सी करते आए हैं” तुम जानते हो कि आँखमिचौनी एक खेल है जिसमें एक खिलाड़ी आँखें बंद कर लेता है और बाकी खिलाड़ी छिप जाते हैं। तुम भी अपने आस-पास खेले जाने वाले ऐसे ही कुछ खेलों के नाम लिखो। यह भी बताओ कि इन खेलों को कैसे खेलते हैं?

Answer:

उत्तर- विद्यार्थी अपने अनुभव के अनुसार खेलों के नाम लिख सकते हैं जैसे- लुका-छिपी, कबड्डी, गिल्ली-डंडा, पिट्ठू आदि। साथ ही वे इन खेलों के नियम और खेलने का तरीका लिख सकते हैं। उदाहरण- लुका-छिपी में एक खिलाड़ी 'इक, दो, तीन, चार, पाँच' गिनकर आँखें बंद करता है और बाकी खिलाड़ी छिप जाते हैं। फिर वह छिपे खिलाड़ियों को खोजता है।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थियों को खेलों के बारे में सोचने और उन्हें शब्दों में व्यक्त करने के लिए है।

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Q7.7. गरजना-बरसना “उड़ने वाले काले जलधर नाच-नाच कर गरज-गरज कर ओढ़ फुहारों की सित चादर देख उतरते हैं धरती पर” बादल गरज-गरज कर धरती पर बरसते हैं परंतु इसके बिलकुल उलट एक मुहावरा है— जो गरजते हैं, वे बरसते नहीं। कक्षा में पाँच-पाँच बच्चों के समूह बनाकर चर्चा करो कि दोनों बातों में से कौन-सी बात अधिक सही है। अपने उत्तर का कारण भी बताओ। चर्चा के बाद प्रत्येक समूह का एक प्रतिनिधि पूरी कक्षा को अपने समूह के विचार बताएगा।

Answer:

उत्तर- यह प्रश्न चर्चा पर आधारित है। विद्यार्थी समूह में मिलकर विचार करेंगे कि वास्तविक जीवन में बादल गरजते हैं और बरसते भी हैं, इसलिए पहली बात सही है। मुहावरा 'जो गरजते हैं, वे बरसते नहीं' का अर्थ है कि जो लोग जोर-जोर से धमकी देते हैं, वे अक्सर कार्रवाई नहीं करते। दोनों का अलग-अलग संदर्भ है।

Explanation:

यह प्रश्न मुहावरों के अर्थ और उनके वास्तविक जीवन में उपयोग को समझने के लिए है।

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Q8.8. और मुहावरे वर्षा से जुड़े या वर्षा के बारे में कुछ और मुहावरे खोजो। उनका प्रयोग करते हुए एक-एक वाक्य बनाओ।

Answer:

उत्तर- विद्यार्थी वर्षा से जुड़े मुहावरे जैसे- 'मेघा बरसे, काले बादल छाए', 'बारिश की बूंदें', 'सावन आया', 'आसमान से पानी बरसना' आदि खोज सकते हैं। उदाहरण वाक्य- 'आज तो मेघा बरसे, खेत हरे-भरे हो गए।' या 'सावन आया, किसान खुश हो गया।' आदि।

Explanation:

यह अभ्यास मुहावरों के अर्थ और प्रयोग को समझने के लिए है।

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