Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
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साम्यावस्था का परिचय
व्याख्यासाम्यावस्था का परिचय
रसायन शास्त्र में साम्यावस्था (Equilibrium) वह अवस्था है जिसमें किसी रासायनिक अभिक्रिया में आगे और पीछे की अभिक्रियाएँ समान दर से चल रही होती हैं। इसका अर्थ यह है कि अभिक्रिया में शामिल पदार्थों की सांद्रता समय के साथ स्थिर रहती है, यद्यपि अभिक्रिया निरंतर चल रही होती है। साम्यावस्था दो प्रकार की होती है - गतिशील साम्यावस्था और स्थैतिक साम्यावस्था। गतिशील साम्यावस्था में अभिक्रिया आगे और पीछे दोनों दिशाओं में निरंतर चलती रहती है, लेकिन उनकी दरें समान होती हैं, जिससे पदार्थों की सांद्रता स्थिर रहती है। स्थैतिक साम्यावस्था में अभिक्रिया पूरी तरह रुक जाती है। रासायनिक अभिक्रियाओं में गतिशील साम्यावस्था अधिक सामान्य है। साम्यावस्था की अवधारणा रासायनिक अभिक्रियाओं के अध्ययन और नियंत्रण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे अभिक्रिया की दिशा, उत्पादों और अभिकारकों की मात्रा का निर्धारण किया जा सकता है।
- साम्यावस्था वह अवस्था है जिसमें आगे और पीछे की अभिक्रियाएँ समान दर से चलती हैं।
- गतिशील साम्यावस्था में अभिक्रिया निरंतर चलती रहती है लेकिन सांद्रता स्थिर रहती है।
- स्थैतिक साम्यावस्था में अभिक्रिया पूरी तरह रुक जाती है।
- साम्यावस्था में पदार्थों की सांद्रता समय के साथ स्थिर रहती है।
- यह अवधारणा रासायनिक अभिक्रियाओं के अध्ययन में महत्वपूर्ण है।
- 📌 साम्यावस्था: वह अवस्था जिसमें अभिक्रिया की आगे और पीछे की दरें समान होती हैं।
- 📌 गतिशील साम्यावस्था: ऐसी साम्यावस्था जिसमें अभिक्रिया निरंतर चलती रहती है।
- 📌 स्थैतिक साम्यावस्था: ऐसी साम्यावस्था जिसमें अभिक्रिया पूरी तरह रुक जाती है।
गतिशील साम्यावस्था
व्याख्यागतिशील साम्यावस्था
गतिशील साम्यावस्था वह अवस्था है जिसमें रासायनिक अभिक्रिया आगे और पीछे दोनों दिशाओं में निरंतर चलती रहती है, लेकिन उनकी दरें समान होती हैं। इसका अर्थ है कि अभिक्रिया में शामिल पदार्थों की सांद्रता समय के साथ स्थिर रहती है। उदाहरण के लिए, जब हाइड्रोजन और आयोडीन गैसें एक बंद पात्र में मिलाई जाती हैं, तो वे हाइड्रोजन आयोडाइड (HI) बनाती हैं। प्रारंभ में, आगे की अभिक्रिया की दर अधिक होती है क्योंकि अभिकारकों की सांद्रता अधिक होती है। जैसे-जैसे उत्पाद बनते हैं, पीछे की अभिक्रिया की दर बढ़ती है। अंततः, आगे और पीछे की अभिक्रिया की दरें समान हो जाती हैं और साम्यावस्था स्थापित हो जाती है। इस अवस्था में, अभिकारकों और उत्पादों की सांद्रता स्थिर रहती है, परन्तु वे बराबर नहीं होतीं। गतिशील साम्यावस्था में अभिक्रिया पूरी तरह रुकती नहीं है, बल्कि दोनों दिशाओं में अभिक्रिया निरंतर चलती रहती है।
- गतिशील साम्यावस्था में आगे और पीछे की अभिक्रिया की दरें समान होती हैं।
- इस अवस्था में पदार्थों की सांद्रता स्थिर रहती है।
- अभिक्रिया पूरी तरह रुकती नहीं है, बल्कि निरंतर चलती रहती है।
- उदाहरण: H2 + I2 ⇌ 2HI अभिक्रिया में गतिशील साम्यावस्था।
- साम्यावस्था में अभिकारक और उत्पाद की सांद्रता स्थिर लेकिन समान नहीं होती।
- 📌 गतिशील साम्यावस्था: वह अवस्था जिसमें अभिक्रिया निरंतर चलती रहती है लेकिन आगे और पीछे की दरें समान होती हैं।
- 📌 अभिक्रिया दर: किसी अभिक्रिया में प्रति इकाई समय में अभिकारकों या उत्पादों की सांद्रता में परिवर्तन की दर।
साम्यावस्था की स्थिति और अभिक्रिया दर
व्याख्यासाम्यावस्था की स्थिति और अभिक्रिया दर
किसी रासायनिक अभिक्रिया में साम्यावस्था की स्थिति को समझने के लिए अभिक्रिया की आगे और पीछे की दरों का अध्ययन आवश्यक है। प्रारंभ में, जब अभिकारकों की सांद्रता अधिक होती है, तो आगे की अभिक्रिया की दर अधिक होती है और उत्पाद बनते हैं। जैसे-जैसे उत्पाद बन
अभ्यास प्रश्न — Chapter 6
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.प्रश्न. निम्नलिखित में से किस गैस में प्रसार की दर सबसे कम होगी?
उत्तर:
(ग) F 2
Q2.प्रश्न. एक आदर्श गैस के लिए संपीड्यता कारक, z है-
उत्तर:
(घ) एक के बराबर
Q3.प्रश्न. साबुन और डिटर्जेंट की सफाई की क्रिया किसके कारण होती है?
उत्तर:
(घ) प्रष्ठ तनाव
Q4.प्रश्न. किसी तरल पदार्थ की श्यानता एक माप है-
उत्तर:
(ख) घर्षण प्रतिरोध
Q5.प्रश्न. किसकी श्यानता अधिकतम है-
उत्तर:
घ)ग्लिसरॉल
Q6.प्रश्न. तापमान में वृद्धि के साथ, तरल की प्रष्ठ तनाव-
उत्तर:
(क) घटता है
Q7.प्रश्न. निरंतर तापमान पर, गैस का दबाव एक तिहाई तक कम हो जाता है, आयतन-
उत्तर:
(ख) तीन गुना तक बढ़ जायेगा
Q8.प्रश्न. निम्न दबाव में चार्ल्स के नियम के अनुसार सही गणितीय संबंध क्या है?
उत्तर:
(क) VαT
Rasayan Vigyan bhag-I के सभी 6 अध्याय
Chemistry · Class 11