Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
6 जितना बांटेंगे उतना बढ़ेगा
व्याख्या6 जितना बांटेंगे उतना बढ़ेगा
इस अध्याय की शुरुआत बीजगणितीय अभिव्यक्तियों और उनके गुणन के वितरण गुणधर्म से होती है। बीजगणित में अक्षर प्रतीकों का उपयोग करके हम संख्याओं के गुणन और योग के बीच के संबंध को सरलता से समझ सकते हैं। वितरण गुणधर्म यह बताता है कि यदि किसी संख्या को दो या दो से अधिक संख्याओं के योग से गुणा किया जाए तो उसे प्रत्येक संख्या से गुणा करके प्राप्त गुणनफलों का योग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि a, b, c तीन संख्याएँ हैं, तो a × (b + c) = ab + ac होता है। इस अध्याय में हम गुणन के विभिन्न नियमों और उनके व्यावहारिक उपयोगों को विस्तार से समझेंगे। **Table on page 7 (19×11)** | x | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | 1 | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | | 2 | 2 | 4 | 6 | 8 | 10 | 12 | 14 | 16 | 18 | 20 | | 3 | 3 | 6 | 9 | 12 | 15 | 18 | 21 | 24 | 27 | 30 | | 4 | 4 | 8 | 12 | 16 | 20 | 24 | 28 | 32 | 36 | 40 | | 5 | 5 | 10 | 15 | 20 | 25 | 30 | 35 | 40 | 45 | 50 | | 6 | 6 | 12 | 18 | 24 | 30 | 36 | 42 | 48 | 54 | 60 | | 7 | 7 | 14 | 21 | 28 | 35 | 42 | 49 | 56 | 63 | 70 | | 8 | 8 | 16 | 24 | 32 | 40 | 48 | 56 | 64 | 72 | 80 | | 9 | 9 | 18 | 27 | 36 | 45 | 54 | 63 | 72 | 81 | 90 | | 10 | 10 | 20 | 30 | 40 | 50 | 60 | 70 | 80 | 90 | 100 | | 3 × 5 | 3 × 6 | 3 × 7 | | --- | --- | --- | | 4 × 5 | 4 × 6 | 4 × 7 | | 5 × 5 | 5 × 6 | 5 × 7 | | | | | | --- | --- | --- | | | pq | | | | | | **Table on page 11 (2×2)** | वितरण गुणधर्म का प्रयोग | सर्वसमिका का प्रयोग | | --- | --- | | $(6x + 5)^2 = (6x + 5)(6x + 5)$ **Table on page 20 (7×7)** | फरवरी | | | | | | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरू | शुक्र | शनि | | | | | | | | 1 | | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 | | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | | 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 | | 23 | 24 | 25 | 26 | 27 | 28 | | **Table on page 20 (2×2)** | a | (a + 1) | | --- | --- | | a + 7 | (a + 8) |
- बीजगणितीय भाषा में गुणन और योग के बीच संबंध को वितरण गुणधर्म कहते हैं।
- गुणन का वितरण गुणधर्म: a × (b + c) = ab + ac
- गुणा की क्रमविनिमेयता और संघटनशीलता गुणा के नियमों में शामिल हैं।
- वितरण गुणधर्म का उपयोग बहुपदों के गुणन में किया जाता है।
- इस अध्याय में गुणन के नियमों के व्यावहारिक उदाहरण और ज्यामितीय अर्थ भी समझाए गए हैं।
- 📌 वितरण गुणधर्म: गुणा का वह नियम जो योग के गुणा में वितरण को दर्शाता है।
- 📌 क्रमविनिमेयता: गुणा में पदों के स्थान बदलने पर परिणाम समान रहता है।
- 📌 संघटनशीलता: गुणा के समूह बदलने पर परिणाम समान रहता है।
6.1 गुणन के कुछ गुणधर्म
व्याख्या6.1 गुणन के कुछ गुणधर्म
गुणन के कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्मों में गुणनफल में वृद्धि का अध्ययन शामिल है। यदि दो संख्याएँ a और b हैं, तो उनमें से किसी एक या दोनों में वृद्धि करने पर गुणनफल में कितना परिवर्तन होगा, इसे हम वितरण गुणधर्म की सहायता से समझ सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि b में 1 की वृद्धि की जाए, तो नया गुणनफल a × (b + 1) = ab + a होगा, जिससे गुणनफल में वृद्धि a होती है। यदि दोनों संख्याओं में 1 की वृद्धि की जाए, तो नया गुणनफल (a + 1)(b + 1) = ab + a + b + 1 होगा, अर्थात् गुणनफल में a + b + 1 की वृद्धि होगी। इसी प्रकार, यदि एक संख्या में वृद्धि और दूसरी में कमी की जाए, तो गुणनफल में वृद्धि या कमी का पता लगाया जा सकता है। यह गुणधर्म पूर्णांकों सहित ऋणात्मक संख्याओं पर भी लागू होता है।
- गुणनफल में वृद्धि का निर्धारण वितरण गुणधर्म से किया जा सकता है।
- यदि एक संख्या में 1 की वृद्धि हो तो वृद्धि दूसरी संख्या के बराबर होती है।
- दोनों संख्याओं में 1 की वृद्धि से गुणनफल में a + b + 1 की वृद्धि होती है।
- यदि एक संख्या में वृद्धि और दूसरी में कमी हो तो वृद्धि या कमी का निर्धारण किया जा सकता है।
- गुणन के नियम ऋणात्मक पूर्णांकों पर भी लागू होते हैं।
- 📌 गुणनफल में वृद्धि: गुणा के परिणाम में होने वाला परिवर्तन।
- 📌 पूर्णांक: धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य सहित सभी पूर्ण संख्याएँ।
गुणा के नियम और उनके उपयोग
व्याख्यागुणा के नियम और उनके उपयोग
गुणा के नियमों में क्रमविनिमेयता, संघटनशीलता और वितरण गुणधर्म शामिल हैं। क्रमविनिमेयता कहती है कि a × b = b × a होता है, अर्थात् गुणा में पदों का स्थान बदलने से परिणाम नहीं बदलता। संघटनशीलता यह बताती है कि (a × b) × c = a × (b × c) होता है। वितरण गुण
अभ्यास प्रश्न — Chapter 6
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.s² - 2s - 8 का गुणनखंड _________ है।
उत्तर:
(s - 4)(s + 2)
व्याख्या:
[{"id": "6dfed14d-1f47-46d0-aaaa-da56a4f11a79", "type": "html", "value": " -4 + 2 = -2 और -4 x 2 = -8 s² - 2s -8 = s² - 4s + 2s - 8 = s(s - 4) + 2(s - 4) = (s - 4)(s + 2) इसलिए, विकल्प 3 सही उत्तर है। "}]
Q2.q² + 4q - 21 का गुणनखंड _________ है।
उत्तर:
(q + 7)(q - 3)
व्याख्या:
[{"id": "1142e53e-b9ed-4320-b38f-69904353bca3", "type": "html", "value": " 7 + (-3) = 4 और 7 x (-3) = -21 q² + 4q - 21 = q² + 7q - 3q - 21 = q(q + 7) - 3(q + 7) = (q + 7)(q - 3) इसलिए, विकल्प 2 सही उत्तर है। "}]
Q3.p² - 12p + 32 का गुणनखंड _________ है।
उत्तर:
(p - 8)(p - 4)
व्याख्या:
[{"id": "29fd5991-8796-4517-b05e-849f01661158", "type": "html", "value": " (-8) + (-4) = (-12) और (-8) x (-4) = 32 p² - 12p + 32 = p² - 8p - 4p + 32 = p(p - 8) - 4(p - 8) = (p - 8)(p - 4) इसलिए, विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]
Q4.a² + 10a - 39 का गुणनखंड _________ है।
उत्तर:
(a + 13)(a - 3)
व्याख्या:
[{"id": "64f906ea-9e80-4c22-a6c9-f0db2a5c4e6d", "type": "html", "value": " 13 + (-3) = 10 और 13 x (-3) = -39 a² + 10a - 39 = a² + 13a -3a -39 = a(a + 13) -3(a + 13) = (a + 13)(a - 3) इसलिए विकल्प 1 सही उत्तर है। "}]
Q5.u² + u - 42 का गुणनखंड _________ है।
उत्तर:
(u + 7)(u - 6)
व्याख्या:
[{"id": "43fe2fe7-ec5d-4743-91b1-7b6091de3d4c", "type": "html", "value": " 7 + (-6) = 1 और 7 x (-6) = -42 u² + u - 42 = u² + 7u - 6u - 42 = u(u + 7) - 6(u + 7) = (u+7)(u-6) इसलिए, विकल्प 3 सही उत्तर है। "}]
Q6.एक आयत का क्षेत्रफल b² -15b + 36 है। अगर उसकी लंबाई (b - 3) है तो चौड़ाई _______ होगी।
उत्तर:
(b - 12)
व्याख्या:
[{"id": "e76fdb6e-b206-4ce1-8dce-667129474780", "type": "html", "value": " (-12) + (-3) = (-15) और (-12) x (-3) = 36 b² - 15b + 36 = b² - 12b - 3b + 36 = b(b - 12) - 3( b -12) = (b - 12)(b - 3) आयत का क्षेत्रफल = लंबाई x चौड़ाई मतलब, b² - 15b + 36 = (b - 12)(b - 3) और लंबाई = (b - 3) इसलिए चौड़ाई = (b - 12) इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]
Q7.घटना P की प्रायिकता (Probability) ____ यह नहीं हो सकती।
उत्तर:
-1
व्याख्या:
[{"id": "1f7e88da-84c9-4417-a814-686958dff4d1", "type": "html", "value": " घटना की प्रायिकता कभी ऋणात्मक नहीं हो सकती। "}]
Q8.बारंबारता बंटन (Frequency distribution) में वर्ग (Class) 0 - 15, 15 – 30, 30 - 45 है, और वर्ग अंतराल की चौड़ाई (Class width) 15 है। तो पांचवे वर्ग की उच्च वर्ग सीमा (Upper class limit) क्या है?
उत्तर:
75
व्याख्या:
[{"id": "d79e3c3b-77de-4155-8629-c2388de532e9", "type": "html", "value": " प्रत्येक वर्ग की चौड़ाई 15 है, इसलिए पांचवा वर्ग 60 - 75 होगा मतलब पांचवे वर्ग की उच्च वर्ग सीमा 75 होगी। "}]
Ganita Prakash (Hindi) के सभी 7 अध्याय
Mathematics · Class 8