Chapter 6
Chapter 6 — अध्ययन नोट्स
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प्रस्तावना
व्याख्याप्रस्तावना
इस अध्याय 'भव्यः सत्याग्रहाश्रमः' की प्रस्तावना में महात्मा गांधी द्वारा स्थापित साबरमती सत्याग्रह आश्रम का परिचय दिया गया है। यह पाठ श्रीमती श्रमाराव द्वारा रचित सत्याग्रहगीता के चतुर्थ अध्याय से उद्धृत है, जिसमें साबरमती आश्रम और महात्मा गांधी के आदर्श आचरण का वर्णन है। लेखिका का उद्देश्य आधुनिक युग में बढ़ते आतंकवाद और अन्याय के विरुद्ध सत्य, अहिंसा और सदाचार के मार्ग को अपनाने की प्रेरणा देना है। आश्रम की स्थापना 1917 में साबरमती नदी के किनारे अहमदाबाद के समीप की गई थी। इस आश्रम को महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद स्वतंत्रता आंदोलन को संगठित करने के लिए एक आदर्श स्थल के रूप में स्थापित किया। आश्रम में सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह, स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग, निर्भीकता और रुचि-नियंत्रण जैसे जीवन मूल्यों का पालन किया जाता था। आश्रम का उद्देश्य केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि सामाजिक सुधार और आत्मशुद्धि भी था। आश्रम के सदस्य बिना भेदभाव के रहते थे और सामूहिक श्रम, सेवा तथा साधना में लगे रहते थे। इस प्रस्तावना में आश्रम के आदर्शों को आधुनिक भारत की सामाजिक-राजनीतिक परिस्थिति से जोड़ा गया है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को गांधी के सिद्धांतों को अपनाकर अपने समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य करना आवश्यक बताया गया है।
- सत्याग्रह आश्रम की स्थापना 1917 में साबरमती नदी के किनारे हुई।
- महात्मा गांधी ने इसे स्वतंत्रता आंदोलन का केंद्र बनाया।
- आश्रम में सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों का पालन होता था।
- आधुनिक युग में आतंकवाद और अन्याय के विरुद्ध गांधी के आदर्शों का पालन आवश्यक है।
- आश्रम का उद्देश्य राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक सुधार भी था।
- 📌 सत्याग्रह आश्रम: महात्मा गांधी द्वारा स्थापित एक आदर्श आश्रम जहाँ सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का पालन किया जाता था।
- 📌 अहिंसा: किसी भी प्रकार की हिंसा न करना।
- 📌 अपरिग्रह: धन-संपत्ति का संचय न करना।
सत्याग्रह आश्रम की स्थापना
व्याख्यासत्याग्रह आश्रम की स्थापना
सत्याग्रह आश्रम की स्थापना महात्मा गांधी ने 1917 में साबरमती नदी के किनारे की। दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद गांधीजी ने महसूस किया कि स्वतंत्रता आंदोलन को संगठित करने और सामाजिक सुधार के लिए एक स्थायी स्थान की आवश्यकता है। इस आश्रम को उन्होंने अपने अनुयायियों के साथ मिलकर स्थापित किया। आश्रम का स्थान ऐसा था जहाँ वे अपने अनुयायियों के साथ मिलकर सत्य, अहिंसा, और आत्मसंयम के सिद्धांतों का अभ्यास कर सकें। आश्रम में रहने वाले सभी सदस्य बिना जाति, धर्म या सामाजिक भेदभाव के एक साथ रहते थे। यहाँ सामूहिक श्रम, स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग, और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाता था। आश्रम का उद्देश्य केवल राजनीतिक स्वतंत्रता प्राप्त करना ही नहीं था, बल्कि सामाजिक सुधार, आत्मशुद्धि, और नैतिक जीवन के आदर्श स्थापित करना भी था। आश्रम की स्थापना के समय गांधीजी ने इसे 'सत्याग्रहाश्रम' नाम दिया, जिसका अर्थ है सत्य के आधार पर स्थापित आश्रम। आश्रम के सदस्य सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह, स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग, निर्भीकता और रुचि-नियंत्रण जैसे जीवन मूल्यों का पालन करते थे। इस आश्रम ने स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा दी और सामाजिक सुधारों की नींव रखी।
- सत्याग्रह आश्रम की स्थापना 1917 में साबरमती नदी के किनारे हुई।
- महात्मा गांधी ने इसे स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधार के लिए स्थापित किया।
- आश्रम में जाति, धर्म, सामाजिक भेदभाव नहीं था।
- सामूहिक श्रम, स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग, और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया गया।
- आश्रम के सदस्य सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह जैसे सिद्धांतों का पालन करते थे।
- 📌 सत्याग्रहाश्रम: सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित आश्रम।
- 📌 स्वदेशी: अपने देश की वस्तुओं का प्रयोग।
- 📌 कुटीर उद्योग: छोटे पैमाने पर घरेलू उद्योग।
आश्रम के उद्देश्य
अवधारणाआश्रम के उद्देश्य
सत्याग्रह आश्रम के उद्देश्य महात्मा गांधी के जीवन दर्शन पर आधारित थे। इसका मुख्य उद्देश्य सत्य, अहिंसा, और आत्मसंयम के सिद्धांतों का पालन करना था। आश्रम में रहने वाले सभी सदस्य बिना किसी भेदभाव के रहते थे और सामूहिक श्रम, सेवा, और साधना में लगे रहते
अभ्यास प्रश्न — Chapter 6
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.1. अधोलिखितानां प्रश्नानामुत्तराणि संस्कृतभाष्या देयानि (क) अयं पाठ: कस्माद् ग्रन्थात् सद्भूलित:। (ख) महात्मा (गाँधी) सत्याग्रहाश्रमं कस्या: (नद्या:) तीरे स्थापयामास? (ग) आश्रमवासिनां कृते महात्मा कीदृश: आसीत्? (घ) अस्मिन् पाठे महात्मन: तुलना केन सह कृता? (ङ) समृद्धि: केषां जायते? (च) सत्याग्रहाश्रम: इति नाम केन कथं च दत्तम्? (छ) अस्य पाठस्य रचयित्री का? (ज) महात्मन: ब्रतानि कानि आसन्? (झ) महात्मा केषां दोषै: उपवासमकरोत्। (ञ) किम् पश्यत: गान्धिन: गुणै: जना: तस्य पदानुगाः जाता:?
उत्तर:
1.(क) अयं पाठ: 'भव्यः सत्याग्रहाश्रमः' इति ग्रन्थात् सद्भूलित:। (ख) महात्मा (गाँधी) सत्याग्रहाश्रमं साबरमती नद्याः तीरे स्थापयामास। (ग) आश्रमवासिनां कृते महात्मा दयालु, संयमी, अनुशासित च आसीत्। (घ) अस्मिन् पाठे महात्मन: तुलना स्वयमेव स्वर्गीय महात्मा लोकोत्तमेन सह कृता। (ङ) समृद्धि: आश्रमवासिनां परिश्रमात्, सत्याग्रहस्य प्रभावात् च जायते। (च) सत्याग्रहाश्रम: इति नाम महात्मा द्वारा सत्याग्रहस्य आश्रम रूपेण स्थापनेन दत्तम्। (छ) अस्य पाठस्य रचयित्री महात्मा गांधी। (ज) महात्मन: ब्रतानि सत्य, अहिंसा, संयम, तपस्या, ब्रह्मचर्य इत्यादीनि आसन्। (झ) महात्मा केषां दोषै: उपवासमकरोत्? - अन्याय, अत्याचार, अन्योन्यविरोधादीनां दोषै: उपवासं कृतवान्। (ञ) किम् पश्यत: गान्धिन: गुणै: जना: तस्य पदानुगाः जाता:? - जनाः महात्मनः सत्य, अहिंसा, धैर्य, संयमादीनि गुणानि पश्यन्ति तेन तस्य पदानुगाः जाताः।
व्याख्या:
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर पाठ के अनुसार संस्कृत में दिया गया है। महात्मा गांधी के सत्याग्रह आश्रम से संबंधित सभी प्रश्नों के उत्तर उनके जीवन और शिक्षाओं पर आधारित हैं।
Q2.2. अधोलिखितश्लोकानां सान्वयं मातृभाष्या अर्थं लिखत। (क) अहिंसा सत्यमस्तेयं ... निर्भीतीरुचिसंयम:।। (ख) साक्षात् सत्यप्रदीपोऽयं ... हृदयान्मोहजं तम:।। (ग) अधर्ममपि दृष्ट्वा ... तत् प्रतिपद्यते।।
उत्तर:
2.(क) अहिंसा, सत्य, अस्तेय, निर्भयता, रुचि, संयम ये गुण हैं जो सत्याग्रह के मूल आधार हैं। इसका अर्थ है कि अहिंसा और सत्य के साथ-साथ चोरी न करना, भय रहित होना, रुचि और संयम का पालन करना आवश्यक है। (ख) साक्षात् सत्यप्रदीपः अर्थात् यह दीपक सत्य का प्रत्यक्ष प्रकाश है जो हृदय के मोह को दूर करता है। (ग) अधर्म को देखकर भी यदि कोई उसे त्याग कर धर्म का पालन करता है, तो वह सच्चा साधक कहलाता है।
व्याख्या:
प्रत्येक श्लोक का मातृभाषा में अर्थ दिया गया है जो श्लोक के भाव को स्पष्ट करता है।
Q3.3. अधोलिखितपदानां परिचयं दत्त समुद्रार:, प्रतिबन्द्रम्, समृद्धि:, ध्यायन्, दृष्ट्वा, समाश्रित्य, दत्तम्, मत्वा
उत्तर:
3. शब्द परिचय: - समुद्रार: - समुद्र के किनारे या समुद्र के पास - प्रतिबन्द्रम् - बाधा, अवरोध - समृद्धि: - समृद्धि, उन्नति - ध्यायन् - ध्यान करते हुए - दृष्ट्वा - देखकर - समाश्रित्य - आश्रय लेकर - दत्तम् - दिया हुआ - मत्वा - मानकर, सोचकर
व्याख्या:
प्रत्येक शब्द का सरल हिंदी में अर्थ दिया गया है जिससे विद्यार्थी शब्दों का सही अर्थ समझ सकें।
Q4.4. सविग्रहं समासनाम लिखत (क) सत्याग्रहाश्रमम् (ख) महात्मा (ग) ब्रह्मचर्यापरिग्रहौ (घ) सुकलत्र: (ङ) निष्फलम्
उत्तर:
4. समासविग्रह: (क) सत्याग्रहाश्रमम् = सत्य + आग्रह + आश्रमम् (ख) महात्मा = महा + आत्मा (ग) ब्रह्मचर्यापरिग्रहौ = ब्रह्मचर्य + अपरिग्रहौ (घ) सुकलत्र: = सु + कलत्र: (ङ) निष्फलम् = नि + फलम्
व्याख्या:
प्रत्येक समास का विग्रह करके उसके भागों को स्पष्ट किया गया है।
Q5.5. सत्याग्रहमहत्त्वमधिकृत्य मातृभाषया दश वाक्यानि लिखत
उत्तर:
5. सत्याग्रह का महत्त्व: 1. सत्याग्रह अहिंसा का सर्वोच्च रूप है। 2. यह अन्याय के विरुद्ध शांतिपूर्ण संघर्ष है। 3. सत्याग्रह से समाज में सुधार आता है। 4. यह व्यक्ति को आत्मबल प्रदान करता है। 5. सत्याग्रह से सामाजिक अन्याय दूर होते हैं। 6. यह मनुष्य को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है। 7. सत्याग्रह से स्वतंत्रता संग्राम में सफलता मिली। 8. यह अहिंसात्मक शक्ति का परिचायक है। 9. सत्याग्रह से लोगों में एकता और सहिष्णुता बढ़ती है। 10. सत्याग्रह से मनुष्य का चरित्र निर्मल होता है।
व्याख्या:
सत्याग्रह के विभिन्न महत्त्वों को सरल हिंदी में दस वाक्यों में प्रस्तुत किया गया है।
Q6.6. अधोलिखितशब्दानां सन्धिच्छेदं कुरुत नवैतानि, मिताशी, मुनिर्भुद्र:, दीप्यतेऽखिलभारते, सत्यपि, पितेव, व्यवर्धन्त, सर्वदाप्याचरिष्याम:
उत्तर:
6. सन्धिच्छेद: - नवैतानि = न + एव + इतानि - मिताशी = मित + आशी - मुनिर्भुद्र: = मुनि + भुद्र: - दीप्यतेऽखिलभारते = दीप्यते + अखिल + भारत - सत्यपि = सत्य + अपि - पितेव = पिता + इव - व्यवर्धन्त = वि + अभवर्धन्त - सर्वदाप्याचरिष्याम: = सर्व + दा + अपि + आचरिष्याम:
व्याख्या:
प्रत्येक शब्द का सन्धि विच्छेद करके उसके भागों को स्पष्ट किया गया है।
Q7.7. रिक्तस्थानानि पूर्यत (क) तत्स्तीरे ... सत्याग्रहाश्रम:। (ख) अहिंसा ... प्रतिग्रहौ। (ग) अधर्ममपि ... वाञ्छति। (घ) सत्ये सत्यपि ... प्रतिपद्यते। (ङ) आश्रमाद् ... दूयते।
उत्तर:
7. रिक्तस्थान पूर्ति: (क) तत्स्तीरे स्थापितः सत्याग्रहाश्रम:। (ख) अहिंसा सत्याग्रहस्य प्रतिग्रहौ। (ग) अधर्ममपि त्यज्यते वाञ्छति। (घ) सत्ये सत्यपि दृढतया प्रतिपद्यते। (ङ) आश्रमाद् दूरं दूयते।
व्याख्या:
प्रत्येक रिक्त स्थान में उपयुक्त शब्दों को भरकर वाक्य पूर्ण किए गए हैं।
Q8.सत्याग्रहाश्रम: शब्द का अर्थ क्या है और इसे किसने स्थापित किया?
उत्तर:
सत्याग्रहाश्रम: का अर्थ है सत्य के आधार पर स्थापित आश्रम। इसे महात्मा गांधी ने साबरमती नदी के किनारे 1917 में स्थापित किया।
व्याख्या:
सत्याग्रहाश्रम: शब्द का शाब्दिक अर्थ है ऐसा आश्रम जो सत्य पर आधारित हो। महात्मा गांधी ने इसे स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधार के लिए एक आदर्श स्थल के रूप में स्थापित किया, जहाँ सत्य, अहिंसा, ब्रह्मचर्य, और आत्मसंयम जैसे जीवन मूल्यों का पालन होता था।