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Chapter 5

🎓 Class 11📖 Manav Paristhitiki evm pariwar vigyan Bhag-II📖 12 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~18 मिनट
Chapter 4अध्याय 5 / 5

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 12 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव

व्याख्या

वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव

वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव का अर्थ है कपड़ों को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ बनाए रखने के लिए उचित विधि और सावधानियाँ अपनाना। यह प्रक्रिया न केवल कपड़ों की उम्र बढ़ाती है बल्कि पहनने वाले की स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामाजिक छवि को भी प्रभावित करती है। वस्त्रों की देखभाल में कपड़ों को बाहरी क्षति से बचाना, उनके रंग-रूप को बनाए रखना, दाग-धब्बों तथा धूल-मिट्टी को हटाना, कपड़े की चमक और बुनावट को संरक्षित रखना तथा सिलवटों को दूर करना शामिल है। इसके लिए सही तरीके से धुलाई, मरम्मत, सुखाने, इस्तरी करने और भंडारण की आवश्यकता होती है। वस्त्रों की देखभाल में कपड़ों की सामग्री, रंग, बनावट, और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए उचित विधि अपनानी चाहिए। सही देखभाल से कपड़े लंबे समय तक नए जैसे बने रहते हैं और उनकी उपयोगिता बनी रहती है। इस अध्याय में हम वस्त्रों की देखभाल के विभिन्न पहलुओं जैसे मरम्मत, धुलाई, दाग-धब्बे हटाना, ड्राई-क्लीनिंग, भंडारण, और देखभाल संबंधी लेबलों के बारे में विस्तार से जानेंगे।

  • वस्त्रों की देखभाल का उद्देश्य कपड़ों को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ बनाना है।
  • देखभाल में कपड़ों को बाहरी क्षति से बचाना, रंग-रूप बनाए रखना शामिल है।
  • दाग-धब्बे हटाना, सिलवटों को दूर करना भी देखभाल का हिस्सा है।
  • सही धुलाई, मरम्मत, सुखाने, इस्तरी और भंडारण आवश्यक हैं।
  • कपड़ों की सामग्री और रंग के अनुसार देखभाल की विधि भिन्न होती है।
  • 📌 देखभाल: वस्त्रों को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ बनाए रखने की प्रक्रिया।
  • 📌 रखरखाव: वस्त्रों की मरम्मत, सफाई और संरक्षण।

मरम्मत

व्याख्या

मरम्मत

मरम्मत का तात्पर्य कपड़ों में उत्पन्न हुई क्षतियों को ठीक करने से है। कपड़ों के प्रयोग के दौरान या आकस्मिक रूप से कटे, फटे या छेद हो सकते हैं, जिन्हें मरम्मत द्वारा ठीक किया जाता है। मरम्मत में बटनों, रिबन, लेस या अन्य बंधनों को पुनः लगाना, सिलाई करना, तुरपाई करना आदि शामिल हैं। यह कार्य क्षति होते ही तुरंत करना चाहिए ताकि धुलाई के दौरान कपड़े को और अधिक नुकसान न पहुंचे। मरम्मत से कपड़े की उपयोगिता बढ़ती है और वे लंबे समय तक पहने जा सकते हैं। मरम्मत के लिए सही उपकरण जैसे सुई, धागा, कैंची आदि की आवश्यकता होती है। मरम्मत करते समय कपड़े की सामग्री और रंग के अनुसार उपयुक्त धागे और सिलाई की तकनीक का प्रयोग करना चाहिए।

  • मरम्मत का उद्देश्य कपड़ों की क्षतियों को ठीक करना है।
  • कटे, फटे, छेद हुए हिस्सों की मरम्मत आवश्यक है।
  • बटन, रिबन, लेस आदि को पुनः लगाना मरम्मत का हिस्सा है।
  • धुलाई से पहले मरम्मत करना बेहतर होता है।
  • सही उपकरण और तकनीक का प्रयोग आवश्यक है।
  • 📌 मरम्मत: कपड़ों की क्षतियों को ठीक करने की प्रक्रिया।
  • 📌 तुरपाई: कपड़े के छेद या फटे हिस्से को सिलाई द्वारा ठीक करना।

धुलाई

व्याख्या

धुलाई

धुलाई वस्त्रों की दैनिक देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें कपड़ों को साफ़ करना, दाग-धब्बे हटाना, गंदगी दूर करना, और कपड़ों को सिलवट रहित बनाना शामिल है। धुलाई की प्रक्रिया में सबसे पहले दाग-धब्बों की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए उचित अभिकर्मकों का

अभ्यास प्रश्नChapter 5

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.4-5 विद्यार्थियों का समूह बनाएँ तथा अन्य वस्त्रों के प्रेक्षणों की भी तुलना करें।

उत्तर:

इस प्रश्न में विद्यार्थियों को समूह बनाकर विभिन्न वस्त्रों के प्रेक्षणों की तुलना करनी है। इसके लिए वे अलग-अलग रंगीन वस्त्रों के नमूनों पर हुए रंग परिवर्तन और सफेद कपड़े पर लगे दागों का निरीक्षण करेंगे। तुलना के आधार पर वे यह समझ पाएंगे कि कौन सा रंग पक्का है और कौन सा नहीं। इस अभ्यास से वस्त्रों की देखभाल के लिए उचित धोने की विधि का चयन करना आसान होगा।

व्याख्या:

प्रत्येक समूह को दिए गए नमूनों के रंग परिवर्तन और दागों का निरीक्षण करना होगा। फिर वे अपने प्रेक्षणों को एक-दूसरे से तुलना करेंगे। इससे उन्हें वस्त्रों के रंग पकने की गुणवत्ता का पता चलेगा और वे समझ पाएंगे कि किस प्रकार के रंग धोने में सुरक्षित रहते हैं।

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Q2.वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A.A) कपड़ों को केवल साफ करना
B.B) कपड़ों को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ बनाए रखना
C.C) कपड़ों को रंगीन बनाना
D.D) कपड़ों को केवल इस्तरी करना

उत्तर:

कपड़ों को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ बनाए रखना

व्याख्या:

वस्त्रों की देखभाल तथा रखरखाव का उद्देश्य कपड़ों को स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ बनाए रखना होता है ताकि वे लंबे समय तक उपयोगी और आकर्षक बने रहें। यह न केवल कपड़ों की उम्र बढ़ाता है बल्कि पहनने वाले की स्वच्छता और सामाजिक छवि को भी प्रभावित करता है।

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Q3.कपड़ों की मरम्मत में कौन-कौन से कार्य शामिल होते हैं?

उत्तर:

मरम्मत में कटे, फटे, छेद हुए कपड़ों की मरम्मत करना, बटनों/बंधनों को पुनः लगाना, तथा सिलाई और तुरपाई को पुनः करना शामिल होता है। उदाहरण के लिए, यदि कपड़े का बटन खुल गया हो तो उसे सिलाई द्वारा ठीक करना।

व्याख्या:

मरम्मत का अर्थ कपड़ों में उत्पन्न हुई क्षतियों को ठीक करना है। इसमें कटे या फटे हिस्सों की सिलाई, बटनों या लेस को पुनः लगाना तथा तुरपाई करना शामिल है। यह कार्य क्षति होते ही करना आवश्यक होता है ताकि धुलाई के दौरान कपड़े को और नुकसान न पहुंचे।

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Q4.धुलाई की प्रक्रिया में पानी, साबुन और डिटर्जेंट की क्या भूमिका होती है?

उत्तर:

पानी कपड़े को गीला करता है और गंदगी को ढीला करता है। साबुन और डिटर्जेंट गंदगी को पानी में निलंबित रखते हैं जिससे वह पुनः कपड़े पर नहीं जमती। उदाहरण के लिए, साबुन पानी के सतह तनाव को कम करता है जिससे धुलाई प्रभावी होती है।

व्याख्या:

धुलाई में पानी कपड़े में प्रवेश कर उसे गीला करता है और गंदगी को ढीला करता है। साबुन और डिटर्जेंट सरफेक्टेंट होते हैं जो पानी के सतह तनाव को कम करते हैं, जिससे गंदगी आसानी से हटती है और कपड़े साफ़ होते हैं। डिटर्जेंट कठोर जल में भी प्रभावी होते हैं और विभिन्न मशीनों में उपयोग किए जा सकते हैं।

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Q5.निम्नलिखित में से कौन सा दाग वनस्पति के दागों में आता है?
A.A) रक्त
B.B) चाय
C.C) तेल
D.D) स्याही

उत्तर:

चाय

व्याख्या:

वनस्पति के दागों में चाय, काफी, फल तथा सब्जियाँ आते हैं जो अम्लीय होते हैं। रक्त जंतुजन्य दाग है, तेल तैलीय दाग है और स्याही खनिज दाग है।

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Q6.दाग-धब्बे हटाने की प्रक्रिया में "स्पंज से साफ़ करना" विधि क्या है?

उत्तर:

स्पंज से साफ़ करना वह विधि है जिसमें दाग वाले कपड़े के भाग को समतल सतह पर रखा जाता है और उस पर स्पंज से अभिकर्मक लगाया जाता है। फिर नीचे ब्लॉटिंग पेपर रखकर दाग को सोखा जाता है। उदाहरण के लिए, स्याही के दाग पर इस विधि का प्रयोग किया जाता है।

व्याख्या:

इस विधि में दाग वाले हिस्से पर स्पंज से अभिकर्मक लगाया जाता है और नीचे ब्लॉटिंग पेपर रखकर दाग को सोखा जाता है ताकि दाग कपड़े से हट सके। यह विधि विशेष रूप से नाजुक कपड़ों पर उपयोगी होती है।

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Q7.निम्नलिखित में से कौन सा ग्रीज (चिकनाई) सॉल्वेंट है जो दाग हटाने में प्रयोग होता है?
A.A) तारपीन
B.B) बोरेक्स
C.C) अमोनिया
D.D) सोडियम हाइपोक्लोराइट

उत्तर:

तारपीन

व्याख्या:

तारपीन ग्रीज सॉल्वेंट (घोल) है जिसका प्रयोग चिकनाई वाले दागों को हटाने के लिए किया जाता है। बोरेक्स और अमोनिया क्षारीय अभिकर्मक हैं जबकि सोडियम हाइपोक्लोराइट एक ऑक्सीकारी विरंजक है।

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Q8.दाग-धब्बे हटाने के लिए अम्लीय अभिकर्मकों में से कौन सा घरेलू पदार्थ आता है?
A.A) अमोनिया
B.B) नींबू
C.C) बोरेक्स
D.D) सोडियम बाइसल्फ्रेट

उत्तर:

नींबू

व्याख्या:

नींबू एक प्राकृतिक अम्लीय अभिकर्मक है जो दाग हटाने में उपयोग किया जाता है। अमोनिया और बोरेक्स क्षारीय अभिकर्मक हैं जबकि सोडियम बाइसल्फ्रेट अपचयनकारी विरंजक है।

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