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Chapter 5

🎓 Class 7📖 Malhar📖 17 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~26 min
Chapter 4Chapter 5 of 10Chapter 6

Chapter 5Study Notes

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नहीं होना बीमार

Explanation

नहीं होना बीमार

यह पाठ एक बच्चे के अनुभवों के माध्यम से बीमारी और उसके आसपास के वातावरण को प्रस्तुत करता है। कहानी की शुरुआत में बच्चा अपनी नानीजी के साथ अस्पताल जाकर अपने पड़ोसी सुधाकर काका से मिलने जाता है, जो अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल का माहौल बच्चे को बहुत अच्छा लगता है क्योंकि वहाँ सफाई, शांति और प्राकृतिक वातावरण होता है। बच्चे को बीमार होने का अनुभव भी होता है, जब वह स्कूल नहीं जाना चाहता और बीमारी का बहाना बनाता है। इस दौरान वह अकेला घर में लेटा रहता है, उसे भूख लगती है, लेकिन उसे खाने को ठीक से नहीं मिलता। बच्चे की भावनाएँ जैसे ऊब, जलन, गुस्सा, और अकेलापन पाठ में विस्तार से वर्णित हैं। अंत में बच्चे को एहसास होता है कि बीमार होने का बहाना बनाना सही नहीं था। यह पाठ बच्चों को बीमारी के प्रति सही सोच विकसित करने, बीमारी के दौरान धैर्य रखने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देता है। साथ ही यह बताता है कि बीमारी केवल आराम करने का बहाना नहीं है, बल्कि इसका सही इलाज और देखभाल आवश्यक है।

  • कहानी में बच्चे का अस्पताल और वहाँ के माहौल का वर्णन है।
  • बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल नहीं जाने की कोशिश की।
  • बीमारी के दौरान बच्चे को अकेलापन और भूख का अनुभव हुआ।
  • बच्चे ने अंत में बीमारी का बहाना न बनाने का निर्णय लिया।
  • पाठ में बीमारी के प्रति सही दृष्टिकोण और देखभाल की आवश्यकता समझाई गई है।
  • 📌 बीमारी: शरीर या मन की वह स्थिति जिसमें व्यक्ति स्वस्थ नहीं होता।
  • 📌 अस्पताल: जहाँ बीमारों का इलाज किया जाता है।
  • 📌 साबूदाना: सागू नामक वृक्ष के तने का गूदा, जो खीर बनाने में उपयोग होता है।

बीमारी के दौरान बच्चे के अनुभव

Explanation

बीमारी के दौरान बच्चे के अनुभव

इस अनुभाग में बच्चे के बीमार पड़ने के बाद के अनुभवों का वर्णन है। बच्चे ने स्कूल न जाने के लिए बीमारी का बहाना बनाया और रजाई में लेट गया। नानीजी और नानाजी उसकी देखभाल करते हैं, उसे दवा देते हैं और आराम करने को कहते हैं। बच्चे को भूख लगती है, लेकिन उसे खाने को ठीक से नहीं मिलता। वह बाहर की गतिविधियाँ देखना चाहता है लेकिन मजबूरन बिस्तर पर ही रहता है। बच्चे के मन में अनेक भाव उत्पन्न होते हैं जैसे जलन, गुस्सा, अकेलापन और ऊब। वह सोचता है कि बीमार होना कितना कठिन है। इस अनुभाग में बच्चे की मानसिक स्थिति और उसके विचारों को विस्तार से समझाया गया है।

  • बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाकर आराम करने की कोशिश की।
  • नानीजी-नानाजी ने बच्चे को दवा दी और आराम करने को कहा।
  • बच्चे को भूख लगी लेकिन उसे खाने में सुविधा नहीं मिली।
  • बच्चे के मन में अकेलापन, जलन और गुस्सा जैसे भाव उत्पन्न हुए।
  • बच्चे ने बीमार होने की वास्तविक कठिनाइयों को महसूस किया।
  • 📌 आराम: बीमारी के दौरान शरीर को ठीक होने के लिए विश्राम देना।
  • 📌 दवा: बीमारी को ठीक करने के लिए दी जाने वाली औषधि।
  • 📌 भूख: शरीर की भोजन की आवश्यकता।

पाठ से मेरी समझ से

Explanation

पाठ से मेरी समझ से

इस अनुभाग में पाठ के आधार पर प्रश्नोत्तरी और चर्चा के माध्यम से बच्चे की समझ को परखा गया है। प्रश्नों में बच्चे के विद्यालय न जाने के कारण, बहाने बनाने के परिणाम, बच्चे के मनोभाव और बीमारों के जीवन की विशेषताएँ शामिल हैं। साथ ही विद्यार्थियों को समूह

Practice QuestionsChapter 5

Includes NCERT exercise questions with answers

Q1.पिछले पृष्ठ पर दिए गए वाक्यों को ध्यान से देखिए। इन वाक्यों में आपको कुछ शब्दों से पहले या बाद में कुछ चिह्न दिखाई दे रहे हैं। इन्हें विराम चिह्न कहते हैं। अपने समूह के साथ मिलकर नीचे दिए गए विराम चिह्न को कहानी में ढूँढ़िए। ध्यानपूर्वक देखकर समझिए कि इनका प्रयोग वाक्यों में कहाँ-कहाँ किया जाता है। आपने जो पता किया, उसे नीचे लिखिए— पूर्ण विराम अल्प विराम प्रश्नवाचक चिह्न विस्मयादिबोधक चिह्न उद्धरण चिह्न आवश्यकता हो तो इस प्रश्न का उत्तर पता करने के लिए आप अपने परिजनों, शिक्षकों, पुस्तकालय या इंटरनेट की सहायता ले सकते हैं।

Answer:

पूर्ण विराम का प्रयोग वाक्य के अंत में किया जाता है। अल्प विराम का प्रयोग वाक्य के बीच में विराम देने के लिए किया जाता है जैसे कॉमा। प्रश्नवाचक चिह्न का प्रयोग प्रश्न पूछने वाले वाक्यों के अंत में किया जाता है। विस्मयादिबोधक चिह्न का प्रयोग आश्चर्य, विस्मय या भाव प्रकट करने के लिए किया जाता है। उद्धरण चिह्न का प्रयोग किसी के बोले हुए शब्दों को दर्शाने के लिए किया जाता है। इन विराम चिह्नों को कहानी में ढूँढ़कर उनके प्रयोग को समझना चाहिए।

Explanation:

विराम चिह्न वाक्यों को स्पष्ट और समझने योग्य बनाने के लिए आवश्यक होते हैं। कहानी में इनके प्रयोग से भाव और अर्थ स्पष्ट होते हैं।

EasyNCERT
Q2.आपने कहानी में बच्चे के घर के साथ वाली गली के बारे में बहुत-सी बातें पढ़ी हैं। उन बातों और अपनी कल्पना के आधार पर उस गली का एक चित्र बनाइए।

Answer:

इस प्रश्न का उत्तर विद्यार्थी अपनी कल्पना और कहानी में पढ़ी गई बातों के आधार पर गली का चित्र बनाकर दे सकते हैं। चित्र में गली की चहल-पहल, बच्चे के घर के आस-पास के दृश्य, लोग, दुकानें आदि दिखाए जा सकते हैं।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थी की कल्पना शक्ति और कहानी की समझ को परखने के लिए है। चित्र बनाते समय कहानी के विवरणों का ध्यान रखना चाहिए।

MediumNCERT
Q3.(क) बच्चे ने अस्पताल के वातावरण का विस्तार से सुंदर वर्णन किया है। इसी प्रकार आप अपनी कक्षा का वर्णन कीजिए। (ख) कहानी में बच्चे को घर में अकेले दिन भर लेटे रहना पड़ा था। क्या आप कभी कहीं अकेले रहे हैं? उस समय आपको कैसा लग रहा था? आपने क्या-क्या किया था? (ग) कहानी में आम खाने वाले मुन्नू को देखकर बच्चे को ईर्ष्या हुई थी। क्या आपको कभी किसी से या किसी को आपसे ईर्ष्या हुई है? आपने तब क्या किया था ताकि यह भावना दूर हो जाए? (घ) कहानी में नानाजी-नानीजी बच्चे का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करते हैं। आपके घर और विद्यालय में आपका ध्यान कौन-कौन रखते हैं? कैसे? (ड) आप अपने परिजनों और मित्रों का ध्यान कैसे रखते हैं? क्या-क्या करते हैं या क्या-क्या नहीं करते हैं ताकि उन्हें कम-से-कम परेशानी हो?

Answer:

(क) अपनी कक्षा का वर्णन विस्तार से करें, जैसे कक्षा का आकार, बैठने की व्यवस्था, शिक्षक-शिक्षिकाएँ, सहपाठी, दीवारों पर लगे चित्र आदि। (ख) अकेले रहने के अनुभव को बताएं, उस समय के भाव, क्या किया, कैसा महसूस हुआ। (ग) ईर्ष्या के अनुभव और उसे दूर करने के लिए अपनाए गए उपायों को बताएं। (घ) घर और विद्यालय में ध्यान रखने वाले व्यक्तियों के नाम और वे कैसे ध्यान रखते हैं, इसका वर्णन करें। (ड) परिजनों और मित्रों का ध्यान रखने के तरीके, जैसे उनकी सहायता करना, उनकी बात सुनना, समय पर काम करना आदि बताएं।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थी की आत्म-अवलोकन और अभिव्यक्ति क्षमता को बढ़ाने के लिए है। प्रत्येक भाग में अनुभव और विचार साझा करना आवश्यक है।

MediumNCERT
Q4.(क) कहानी में बच्चे ने बीमारी का बहाना बनाया ताकि उसे स्कूल न जाना पड़े। क्या आपने कभी किसी कारण से बहाना बनाया है? यदि हाँ, तो उसके बारे में बताइए। उस समय आपके मन में कौन-कौन से भाव आ-जा रहे थे? आप कैसा अनुभव कर रहे थे? (ख) आमतौर पर बनाए जाने वाले बहानों की एक सूची बनाइए। (ग) बहाने क्यों बनाने पड़ते हैं? बहाने न बनाने पड़ें, इसके लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं?

Answer:

(क) अपने अनुभव के अनुसार बताएं कि कब और क्यों बहाना बनाया, उस समय के भाव और अनुभव साझा करें। (ख) बहानों की सूची बनाएं जैसे - बीमार होने का बहाना, काम न करने का बहाना, देर से आने का बहाना आदि। (ग) बहाने बनाने के कारणों पर चर्चा करें जैसे डर, आलस्य, जिम्मेदारी से बचना आदि। बहाने न बनाने के लिए ईमानदारी, समय प्रबंधन, जिम्मेदारी लेना आदि उपाय सुझाएं।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थी के नैतिक और सामाजिक व्यवहार की समझ को बढ़ाने के लिए है। बहाने बनाने के कारण और उनसे बचने के उपायों पर विचार करना आवश्यक है।

MediumNCERT
Q5.“मैं रजाई में पड़ा-पड़ा घर में चल रही गतिविधियों का अनुमान लगाता रहा।” कहानी में बच्चे ने अनेक प्रकार के अनुमान लगाए हैं। क्या आपने कभी किसी अनदेखे व्यक्ति/वस्तु/पशु-पक्षी/स्थान आदि के विषय में अनुमान लगाए हैं? किसके बारे में? क्या? कब? विस्तार से बताइए। (संकेत — जैसे पेड़ से आने वाली आवाज सुनकर किसी प्राणी का अनुमान लगाना; कहीं दूर रहने वाले किसी संबंधी/रिश्तेदार के विषय में सुनकर उसके संबंध में अनुमान लगाना।)

Answer:

अपने अनुभव के अनुसार बताएं कि कब और किस विषय में अनुमान लगाया, उस अनुमान के कारण और परिणाम क्या रहे। उदाहरण स्वरूप पेड़ से आवाज सुनकर पक्षी होने का अनुमान लगाना या दूर से किसी की आवाज सुनकर उसका पहचान करना।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थी की अवलोकन शक्ति और तर्क क्षमता को बढ़ाने के लिए है। अनुमान लगाने की प्रक्रिया और उसके अनुभव को विस्तार से बताना चाहिए।

MediumNCERT
Q6.“बहुत ढूँढ़ा गया पर थर्मामीटर मिला ही नहीं। शायद कोई माँगकर ले गया था।” कहानी में बच्चे के घर पर थर्मामीटर (तापमापी) खोजने पर वह मिल नहीं पाता। आमतौर पर हमारे घरों में कोई न कोई ऐसी वस्तु होती है जिसे खोजने पर भी वह नहीं मिलती, जिसे कोई माँगकर ले जाता है या हम जिसे किसी से माँगकर ले आते हैं। अपने घर को ध्यान में रखते हुए ऐसी वस्तुओं की सूची बनाइए— जो खोजने पर भी नहीं मिलती हैं जो कोई माँगकर ले जाते हैं जो आप किसी से माँगकर लाते हैं

Answer:

अपने घर में ऐसी वस्तुओं की सूची बनाएं। उदाहरण के लिए: जो खोजने पर भी नहीं मिलती हैं: पेन, चाबी, मोबाइल चार्जर जो कोई माँगकर ले जाते हैं: किताबें, खिलौने जो आप किसी से माँगकर लाते हैं: पेन, किताबें, स्टेशनरी आइटम इस सूची को अपने अनुभव के अनुसार भरें।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थी की पर्यवेक्षण क्षमता और वस्तुओं के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के लिए है। वस्तुओं को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत करना आवश्यक है।

EasyNCERT
Q7.(क) कहानी में सुधाकर काका को बीमार होने पर साबूदाने की खीर दी गई थी। आपके घर में किसी के बीमार होने पर उसे क्या-क्या खिलाया जाता है? (ख) कहानी में बच्चे को बहुत-सी चीजें खाने का मन है। आपका क्या-क्या खाने का बहुत मन करता है? (ग) कहानी में बच्चा सोचता है कि साबूदाने की खीर सिर्फ बीमारी या उपवास में क्यों मिलती है। आपके घर में ऐसा क्या-क्या है, जो केवल विशेष अवसरों या त्योहारों पर ही बनता है? (घ) कहानी में बच्चा सोचता है कि अगर वह स्कूल जाता तो उसे टेले पर नमक-मिर्च वाले अमरूद खाने को मिलते। आप अपने विद्यालय में क्या-क्या खाते-पीते हैं? विद्यालय में आपका रुचिकर भोजन क्या है? (ड) इस कहानी में भोजन से जुड़ी बच्चे की कई रोचक बातें बताई गई हैं। आपके बचपन की भोजन से जुड़ी कोई विशेष याद क्या है, जिसे आप अब भी याद करते हैं? (च) कहानी में बच्चा भोजन की सुंगध से रजाई फेंककर रसोई में झाँकने लगा। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि घर में किसी विशेष खाने की सुंगध से आप भी रसोई में जाकर तुरंत देखना चाहते हैं कि क्या पक रहा है? आपको किस-किस खाने की सुंगध सबसे अधिक पसंद है?

Answer:

(क) अपने घर में बीमार व्यक्ति को दी जाने वाली विशेष भोजन सामग्री जैसे दाल-चावल, सूप, साबूदाने की खीर आदि बताएं। (ख) अपनी पसंदीदा खाने की चीजों का उल्लेख करें। (ग) त्योहारों या विशेष अवसरों पर बनने वाले व्यंजन जैसे मिठाई, पकवान आदि बताएं। (घ) विद्यालय में खाने-पीने की वस्तुएं और पसंदीदा भोजन का वर्णन करें। (ड) बचपन की भोजन से जुड़ी कोई याद साझा करें। (च) घर में किसी विशेष खाने की सुगंध से जुड़ा अनुभव और पसंदीदा खाने की सुगंध बताएं।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थी के व्यक्तिगत अनुभव और भोजन संबंधी यादों को व्यक्त करने के लिए है। प्रत्येक भाग में विस्तार से उत्तर देना चाहिए।

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Q8.कहानी में आपने खाने-पीने की अनेक वस्तुओं के बारे में पढ़ा है। अब हम आपके सामने खाने-पीने की वस्तुओं या व्यंजनों से जुड़ी कुछ पहेलियाँ लाए हैं। इन्हें बूझिए और उत्तर लिखिए— 1. रोटी जैसा होता है ये, पर आलू से भरा-भरा घी-तेल साथी हैं इसके, दही-चटनी से हरा-भरा 2. दाल-चावल का मेल है यह तो, भारत भर में तुम इसे पाओ, दक्षिण में ये खूब है बनता, चटनी-साभर संग-संग खाओ, गोल-तिकोना इसका आकार, गरम-गरम तुम इसे बनाओ, कौन-सा व्यंजन होता है यह, बोलो बोलो नाम बताओ। 3. नाश्ते का यह बड़ा है खास, महाराष्ट्र में इसका वास, मिर्च-मसाले से भरपूर, संग बटाटा भी मशाहूर, चटपटी चटनी लगी किसे? बूझो नाम तो खाएँ इसे! 4. बेसन से बने चौकोर या गोल, गुजरात में बड़ा है बोल। खाने में नर्म, पानी भरे, धनिया मिर्ची संग सजे। 5. गोल-गोल पानी से भरके, चटनी सोंठ संग इसे खाओ उत्तर-दक्षिण पूर्ब-पश्चिम, गली-मुहल्लों में भी पाओ। खड़ी-मीठी, तीखी हाय, खाना तो इसे हर कोई चाहे! 6. हरे साग संग मुझको पाओ, मक्खन के संग मुझको खाओ। आटा मेरा हल्का पीला, स्वाद मेरा है बड़ा रंगीला। 7. आग में पकती हूँ, सोंधा-सा स्वाद, साथ में खाओ चूरमा, बन जाए फिर बात, गरम दाल से मुझको प्यार, राजस्थान का मैं उपहार। 8. गोल-गोल और श्वेत रंग का रस से भरा हुआ हूँ खूब। मीठी दुनिया का महाराजा चाशनी मीठी डूब-डूब।

Answer:

1. आलू पराठा 2. इडली 3. मिसळ पाव 4. ढोकला 5. मोमो 6. मकई की रोटी 7. बाजरे की रोटी 8. रसगुल्ला प्रत्येक पहेली के उत्तर व्यंजन के वर्णन के आधार पर दिए गए हैं।

Explanation:

पहेलियाँ व्यंजनों के विशेषताओं पर आधारित हैं। सही उत्तर पहचानने के लिए व्यंजन के आकार, स्वाद, क्षेत्रीयता आदि पर ध्यान देना चाहिए।

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