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Chapter 5

🎓 Class 10📖 Loktantrik Rajniti📖 9 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~14 मिनट
Chapter 4अध्याय 5 / 5

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परिचय

व्याख्या

परिचय

इस अध्याय की शुरुआत में हम लोकतंत्र के परिणामों पर विचार करेंगे। लोकतंत्र केवल चुनाव कराने या बहुमत से सरकार बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके व्यापक परिणाम समाज और नागरिकों के जीवन में गहरे प्रभाव डालते हैं। लोकतंत्र से हम क्या-क्या उम्मीद कर सकते हैं, क्या वास्तविक जीवन में ये उम्मीदें पूरी होती हैं, और लोकतंत्र के परिणामों का मूल्यांकन कैसे किया जाए, ये सभी प्रश्न इस अध्याय का मूल विषय हैं। लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं जैसे शासन के स्वरूप, आर्थिक कल्याण, सामाजिक समानता, राजनीतिक समानता, शांति, नागरिक अधिकार और जिम्मेदारियां, तथा चुनौतियों पर गहराई से चर्चा की जाएगी। इस प्रक्रिया में हमें लोकतंत्र के सकारात्मक परिणाम तो मिलेंगे ही, साथ ही इसके सामने खड़ी चुनौतियों और सवालों पर भी विचार करना होगा। यह अध्याय हमें लोकतंत्र के गुण-दोष को समझने और उसकी वास्तविकता से परिचित कराने का प्रयास करता है।

  • लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है।
  • लोकतंत्र के परिणाम समाज और नागरिकों के जीवन में गहरे प्रभाव डालते हैं।
  • लोकतंत्र के मूल्यांकन के लिए उसके विभिन्न पहलुओं पर विचार आवश्यक है।
  • लोकतंत्र के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों परिणामों को समझना जरूरी है।
  • लोकतंत्र की चुनौतियाँ और सवाल भी महत्वपूर्ण हैं।
  • 📌 लोकतंत्र: शासन की ऐसी व्यवस्था जिसमें जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है और शासन में भाग लेती है।
  • 📌 परिणाम: किसी क्रिया या व्यवस्था के प्रभाव या नतीजे।

लोकतंत्र के परिणामों का मूल्यांकन कैसे करें?

व्याख्या

लोकतंत्र के परिणामों का मूल्यांकन कैसे करें?

लोकतंत्र के परिणामों का मूल्यांकन करना आवश्यक है क्योंकि इससे हमें यह समझने में मदद मिलती है कि लोकतंत्र वास्तव में कितनी सफल व्यवस्था है। कक्षा 9 में हमने जाना था कि लोकतंत्र अन्य शासन व्यवस्थाओं से बेहतर है क्योंकि यह नागरिकों में समानता, व्यक्ति की गरिमा, बेहतर फैसले, टकरावों का समाधान और गलतियों को सुधारने की गुंजाइश प्रदान करता है। हालांकि व्यवहार में लोकतंत्र की कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्टि नहीं होती। लोकतंत्र में विभिन्न प्रकार के दबाव और मांगें होती हैं, जिन्हें संतुष्ट करना कठिन होता है। लोकतंत्र को केवल नैतिक कारणों से पसंद करना पर्याप्त नहीं, बल्कि इसके समर्थन के पीछे युक्तिपरक कारण भी होते हैं। दुनिया के अधिकांश देशों में लोकतंत्र के तत्व जैसे चुनाव, राजनीतिक दल और नागरिक अधिकार मौजूद हैं, लेकिन सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक भिन्नताओं के कारण लोकतंत्र के परिणाम भी भिन्न होते हैं। लोकतंत्र को हर समस्या का समाधान मानना उचित नहीं है, बल्कि इसे शासन का एक स्वरूप समझना चाहिए जो कुछ स्थितियाँ बनाता है, जिनसे नागरिकों को लाभ उठाना होता है। लोकतंत्र सभी सामाजिक बुराइयों को मिटाने वाली जादू की छड़ी नहीं है। इसलिए हमें लोकतंत्र से क्या उम्मीद करनी चाहिए और इसके वास्तविक रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए।

  • लोकतंत्र के मूल्यांकन के लिए उसके सिद्धांत और व्यवहार दोनों को देखना जरूरी है।
  • लोकतंत्र नागरिकों में समानता और गरिमा को बढ़ावा देता है।
  • लोकतंत्र में फैसलों में सुधार और टकरावों को संभालने की क्षमता होती है।
  • लोकतंत्र को हर समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता।
  • विभिन्न देशों में लोकतंत्र के परिणाम सामाजिक-आर्थिक भिन्नताओं के कारण अलग-अलग होते हैं।
  • 📌 मूल्यांकन: किसी वस्तु या व्यवस्था की गुणवत्ता या प्रभाव का आकलन।
  • 📌 नैतिक कारण: सिद्धांत या आदर्शों पर आधारित कारण।
  • 📌 युक्तिपरक कारण: तर्क और तथ्य पर आधारित कारण।

उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध शासन

व्याख्या

उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध शासन

लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह लोगों को अपने शासक चुनने का अधिकार देता है और सरकार को उनके प्रति जवाबदेह बनाता है। लोकतांत्रिक शासन में सरकार को जनता की जरूरतों और अपेक्षाओं का ध्यान रखना होता है। हालांकि, लोकतंत्र में सरकारें निर्णय लेने

अभ्यास प्रश्नChapter 5

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.किसी भी क्षेत्र के सभी जीव तथा वातावरण के अजैविक कारक संयोजित रूप से _________ निर्मित करते है
A.पर्यावरण
B.आहार श्रृंखला
C.पारितंत्र (Ecosystem)
D.आहार जाल

उत्तर:

पारितंत्र (Ecosystem)

व्याख्या:

[{"id": "58005576-5565-4bce-bf5d-777119bb12a7", "type": "html", "value": " किसी भी क्षेत्र के सभी जीव तथा वातावरण के अजैविक कारक संयोजित रूप से 'पारितंत्र' निर्मित करते है। "}]

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Q2.चयन कीजिए कि जैविक और अजैविक घटकों के संबंध में कौन सा विकल्प विषम है ।
A.सूक्ष्मजीव
B.जल
C.मेंढक
D.वृक्ष

उत्तर:

जल

व्याख्या:

[{"id": "a9d2be18-7709-4c6d-bea2-4dec02d2d665", "type": "html", "value": " जल 'पारितंत्र' का अजैविक घटक है किंतु सभी विकल्प पारितंत्र के जैविक घटक हैं। "}]

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Q3.सभी प्रकार के पारितंत्र के लिए भोजन बनाने वाले स्वपोषी __________ कहलाते है।
A.उत्पादक (Producer)
B.उपभोक्ता (Consumer)
C.अपघटक (Decomposer)
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

उत्पादक (Producer)

व्याख्या:

[{"id": "fd9e2ab5-e097-498b-be92-d5415448d369", "type": "html", "value": " सभी प्रकार के पारितंत्र के लिए भोजन बनाने वाले स्वपोषी 'उत्पादक ' कहलाते है। "}]

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Q4.पृथ्वी के सभी पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह किस प्रकार का है?
A.द्विदिशिक
B.बहुदिशिक
C.कोई विशेष दिशा नहीं
D.एकदिशिक (unidirectional)

उत्तर:

एकदिशिक (unidirectional)

व्याख्या:

[{"id": "f7dc921a-85d1-44fb-bf95-b58e7bdd89f7", "type": "html", "value": " पृथ्वी के सभी पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह एकदिशिक है अतः विकल्प 4 सही उत्तर है। "}]

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Q5.दिए गए कथनो में से सही विकल्प का चयन कीजिए। कथन 1 : आहार जाल ,आहार शृंखला का हिस्सा है कथन 2 : आहार श्रृंखला, आहार जाल का हिस्सा है।
A.कथन 1
B.कथन 2
C.न तो कथन 1 और न ही कथन 2
D.कथन 1 और 2 दोनों ही

उत्तर:

कथन 2

व्याख्या:

[{"id": "9b164e69-47fb-44ac-b95b-63706aba5867", "type": "html", "value": " जैसा कि हम जानते हैं कि कई आहार श्रृंखलाएं मिलकर आहार जाल बनाती हैं इसलिए कथन 2 सही है अतः विकल्प 2 सही उत्तर है। "}]

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Q6.उत्पादक स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा क्या होगी ,यदि दी गई आहार श्रृंखला में ऊर्जा की मात्रा चौथे पोषी स्तर पर 6 kJ हो ? घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज़
A.6 kJ
B.60 kJ
C.600 kJ
D.6000 kJ

उत्तर:

6000 kJ

व्याख्या:

[{"id": "15221e09-2929-4aa6-9f64-3847f2bae0d6", "type": "html", "value": " edit solution- \"जैसा कि हम जानते हैं कि आहार श्रृंखला के प्रत्येक पोषी स्तर से 10% ऊर्जा ही अगले स्थर पर जाती है। इसका अर्थ है कि यदि चौथे पोषी स्तर पर ऊर्जा 6 kJ है तो यह तीसरे पोषी स्तर पर 60 kJ, दूसरे पोषी स्तर पर 600 kJ तथा पहले पोषी स्तर पर 6000 kJ होगा जो की उत्पादक(घास) है। \" "}]

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Q7.अनुज अचानक बीमार पड़ गए, और चिकित्सक ने उन्हें बताया कि DDT जैसे अ-जैवनिम्नीकरणीय अवयवों की मात्रा उनके शरीर में अधिक है। अनुज की बीमारी का कारण बताते हुए सही विकल्प का चयन कीजिए।
A.सुपोषण (eutrophication)
B.प्रदूषण
C.जैवआवर्धन (biomagnification)
D.उपरोक्त कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

जैवआवर्धन (biomagnification)

व्याख्या:

[{"id": "06d0a6f2-a232-40f7-9008-5369d86c2b7b", "type": "html", "value": " आहार श्रंखला में अ-जैवनिम्नीकरणीय कीटनाशकों का प्रत्येक पोषी स्तर पर बढ़ती मात्रा में संगृहीत होना 'जैव आवर्धन' कहलाता है, इसलिए अनुज की बीमारी का कारण जैव आवर्धन है। "}]

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Q8.1. लोकतंत्र किस तरह उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध सरकार का गठन करता है?

उत्तर:

लोकतंत्र में सरकार जनता के द्वारा चुनी जाती है और जनता के प्रति उत्तरदायी होती है। चुनावों के माध्यम से जनता अपनी पसंद के प्रतिनिधियों को चुनती है, जो सरकार बनाते हैं। सरकार को अपने कार्यों के लिए जनता को जवाबदेह होना पड़ता है। यदि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती तो अगले चुनाव में उसे हटाया जा सकता है। इस प्रकार लोकतंत्र में सरकार उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध होती है क्योंकि वह जनता की सहमति से सत्ता में आती है और जनता के हितों की रक्षा करती है।

व्याख्या:

लोकतंत्र में सरकार की वैधता जनता की सहमति पर निर्भर करती है। चुनावों के माध्यम से सरकार बनती है और जनता के प्रति जवाबदेह होती है। यदि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती तो उसे हटाया जा सकता है। इस प्रक्रिया से सरकार उत्तरदायी और जिम्मेवार बनती है।

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