Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
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5.1 क्या यह गुणज है?
व्याख्या5.1 क्या यह गुणज है?
इस अनुभाग में हम क्रमागत संख्याओं के योग और उनके गुणज होने की संभावना पर विचार करेंगे। अंशु ने विभिन्न संख्याओं को क्रमागत संख्याओं के योग के रूप में लिखा है, जैसे 7 = 3 + 4, 10 = 1 + 2 + 3 + 4, 12 = 3 + 4 + 5, 15 = 7 + 8 आदि। इससे प्रश्न उठते हैं कि क्या सभी प्राकृतिक संख्याएँ क्रमागत संख्याओं के योग के रूप में लिखी जा सकती हैं? और किन संख्याओं को एक से अधिक तरीकों से लिखा जा सकता है? अंशु ने यह भी देखा कि सभी विषम संख्याएँ दो क्रमागत संख्याओं के योग के रूप में लिखी जा सकती हैं। इसके बाद, चार क्रमागत संख्याओं (जैसे 3, 4, 5, 6) के बीच '+' और '−' चिह्न लगाकर विभिन्न व्यंजनों का निर्माण किया गया। कुल आठ विभिन्न व्यंजक बनते हैं, जिनकी गणना की गई। इन व्यंजकों के परिणामों का विश्लेषण करने पर पाया गया कि सभी परिणाम सम संख्याएँ हैं। यह एक रोचक तथ्य है कि चाहे '+' और '−' चिह्न किसी भी प्रकार से लगाएं, चार क्रमागत संख्याओं के व्यंजकों का मान हमेशा सम संख्या ही होगा। इस घटना को बीजगणितीय रूप में समझाने के लिए, चार संख्याओं a, b, c, d को लेते हुए व्यंजकों के मानों में परिवर्तन करने पर उनके बीच का अंतर सदैव 2b, 2c, या 2d के रूप में होगा, जो सम संख्या है। अतः सभी व्यंजकों की समता समान रहती है। यह समता विषम और सम संख्याओं के गुणों के आधार पर भी सिद्ध की जा सकती है। इस प्रकार, इस अनुभाग में संख्याओं के गुणज, क्रमागत संख्याओं के योग, और '+' तथा '−' चिह्नों के संयोजन से बनने वाले व्यंजकों की समता पर गहन विचार किया गया है।
- क्रमागत संख्याओं के योग से प्राकृतिक संख्याओं को व्यक्त करने के प्रश्न उठते हैं।
- चार क्रमागत संख्याओं के बीच '+' और '−' चिह्न लगाकर आठ व्यंजक बनते हैं।
- इन सभी व्यंजकों के मान सम संख्याएँ होती हैं।
- बीजगणितीय दृष्टिकोण से व्यंजकों के मानों में परिवर्तन सदैव सम संख्या के अंतर के रूप में होता है।
- सम और विषम संख्याओं के गुणों से व्यंजकों की समता समझी जा सकती है।
- 📌 क्रमागत संख्याएँ: एक के बाद एक बढ़ती हुई संख्याएँ जैसे 3, 4, 5, 6।
- 📌 गुणज: किसी संख्या का वह गुणज जो उसे पूर्णतः विभाजित करता है।
- 📌 सम संख्या: 2 से पूर्णतः विभाजित होने वाली संख्या।
सम संख्याओं का विभंजन
व्याख्यासम संख्याओं का विभंजन
इस खंड में सम संख्याओं के विभाजन और उनके गुणों पर विस्तार से चर्चा की गई है। सम संख्याएँ वे होती हैं जो 2 से पूर्णतः विभाजित होती हैं। बिना गणना किए, विभिन्न अंकगणितीय व्यंजकों की समता का निर्धारण किया गया है, जैसे 43 + 37, 672 – 348, 4 × 347 × 3 आदि। बीजगणितीय व्यंजनों के माध्यम से यह समझाया गया है कि किन व्यंजकों का मान सदैव सम संख्या होगा। उदाहरण के लिए, व्यंजक 4m + 2q का मान सदैव सम होगा क्योंकि 4m और 2q दोनों सम संख्याएँ हैं, और उनका योग भी सम होगा। इसे 2(2m + q) के रूप में लिखा जा सकता है, जो स्पष्ट करता है कि इसका एक गुणनखंड 2 है। इसके अतिरिक्त, सम संख्याओं को 4 के गुणज और 4 के गुणज न होने वाले दो वर्गों में विभाजित किया गया है। 4 के गुणज सम संख्याएँ 4 से विभाजित करने पर शेषफल 0 देती हैं, जबकि अन्य सम संख्याएँ 4 से विभाजित करने पर शेषफल 2 देती हैं। दो सम संख्याओं के योग के आधार पर यह भी समझाया गया है कि जब दोनों सम संख्याएँ 4 की गुणज हों, तो उनका योग भी 4 का गुणज होगा। यदि दोनों सम संख्याएँ 4 की गुणज न हों, तब भी उनका योग 4 का गुणज होगा क्योंकि उनके शेषफल 2 और 2 का योग 4 होता है। इस प्रकार, सम संख्याओं के गुणों का विश्लेषण करते हुए उनके योग, गुणज, और विभाज्यता के नियमों को समझाया गया है।
- सम संख्याएँ 2 से पूर्णतः विभाजित होती हैं।
- बीजगणितीय व्यंजकों से सम संख्याओं के गुणों का विश्लेषण किया जा सकता है।
- सम संख्याएँ 4 के गुणज और 4 के गुणज न होने वाले दो वर्गों में विभाजित होती हैं।
- दो सम संख्याओं का योग 4 का गुणज हो सकता है, दोनों के प्रकार पर निर्भर करता है।
- विभाज्यता के नियमों को बीजगणित और दृश्यांकन से समझाया गया है।
- 📌 सम संख्या: 2 से विभाजित होने वाली संख्या।
- 📌 गुणज: किसी संख्या का वह रूप जो उसे पूर्णतः विभाजित करता है।
- 📌 विभाज्यता: किसी संख्या का दूसरे संख्या से पूर्णतः विभाजित होना।
गुणज और विभाज्यता के नियम
व्याख्यागुणज और विभाज्यता के नियम
इस अनुभाग में गुणज और विभाज्यता के नियमों को विस्तार से समझाया गया है। यदि कोई संख्या k से विभाजित होती है, तो उसके सभी गुणज भी k से विभाजित होंगे। उदाहरण के लिए, यदि कोई संख्या 7 से विभाजित है, तो उसके गुणज भी 7 से विभाजित होंगे। इसके अलावा, यदि को
अभ्यास प्रश्न — Chapter 5
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.संख्या 1249x, 5 और 10 से विभाज्य (Divisible) हैं। अंक x ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
0
व्याख्या:
[{"id": "a8bbb5e3-d960-41d9-bfb4-8f25b5e2e13e", "type": "html", "value": " संख्या 1249x,5 और 10 से विभाज्य (Divisible) है। 5 से विभाज्यता के नियम अनुसार (Rule of divisibility by 5), यदि एक संख्या के इकाई स्थान पर अंक 0 या 5 हो, तो वह संख्या 5 से विभाज्य होती है। 10 से विभाज्यता के नियम अनुसार (Rule of divisibility by 10), यदि एक संख्या के इकाई स्थान का अंक 0 हो, तो वह 10 से विभाज्य होती है। दी गई संख्या 5 और 10 से विभाज्य है, इसलिए, x के स्थान का अंक 0 होगा। "}]
Q2.निम्नलिखित संख्याओं में से कौनसी संख्या 2, 5 और 10 से विभाज्य (Divisible) है?
उत्तर:
63850
व्याख्या:
[{"id": "5b0e67df-9dde-4c47-8ecf-458c6ebccdf0", "type": "html", "value": " 2 से विभाज्यता के नियम अनुसार (Rule of divisibility by 2), यदि एक संख्या के इकाई (Unit) के स्थान का अंक 0, 2, 4, 6 या 8 हो, तो संख्या 2 से विभाज्य होती है। 5 से विभाज्यता के नियम (Rule of divisibility by 5) अनुसार, यदि एक संख्या के इकाई के स्थान का अंक 0 या 5 हो, तो वह 5 से विभाज्य होती है। 10 से विभाज्यता के नियम (Rule of divisibility by 10) अनुसार, यदि एक संख्या के इकाई के स्थान का अंक 0 हो, तो वह 10 से विभाज्य होती है। विभाज्यता के इन नियमों के अनुसार, यदि संख्या के इकाई का अंक 0 होगा तो वह 2, 5 और 10 से विभाज्य होगी। इसलिए, विकल्प 2 सही जवाब है। "}]
Q3.एक 5 अंकों वाली संख्या p230q में, p और q का मान ज्ञात कीजिए, जहाँ p230q, 2 और 5 से विभाज्य (Divisible) हैं।
उत्तर:
p, 0 से 9 तक कोई भी अंक हो सकता है, q = 0
व्याख्या:
[{"id": "98a2a0a4-9a48-4114-95a3-b6683f74191d", "type": "html", "value": " 2 से विभाज्यता के नियम (Rule of divisibility by 2) अनुसार, यदि एक संख्या के इकाई (unit) के स्थान का अंक 0, 2, 4, 6, या 8 हो तो वह 2 से विभाज्य (Divisible) होती है। 5 से विभाज्यता के नियम (Rule of divisibility by 5) अनुसार, यदि एक संख्या के इकाई के स्थान का अंक 0 या 5 हो, तो वह 5 से विभाज्य होती है। हमे दिया है कि, p230q, 2 और 5 से विभाज्य है। यानि कि, 0 इकाई का अंक होगा। इसलिए, q का मान 0 है। चूँकि, विभाज्यता के नियमों की जाँच, इकाई के स्थान के अंक के लिए की जाती है, इसलिए, p, 0 से 9 तक कोई भी अंक हो सकता है। इसलिए, विकल्प 3 सही जवाब है। "}]
Q4.मान लीजिए, x ÷ 5 का शेषफल (Remainder) 4 है , x ÷ 3 का शेषफल 0 है, और x ÷ 2 का शेषफल 1 है। संख्या x के इकाई के स्थान का अंक ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
9
व्याख्या:
[{"id": "e6feb733-fcbb-4c51-b393-1a70454c3e5d", "type": "html", "value": " चूँकि, x ÷ 5 का शेषफल (Remainder) 4 है, इसलिए, x के इकाई का अंक 4 या 1 हो सकता है। चूँकि x ÷ 2 का शेषफल 1 है और x ÷ 3 का शेषफल 0 है, इसलिए, इकाई का अंक 1 होगा। अतः, विकल्प 4 सही जवाब है। "}]
Q5.निम्नलिखित में से कौनसी संख्या 9 से विभाज्य (Divisible) नहीं है?
उत्तर:
4132
व्याख्या:
[{"id": "e52a2718-59f3-4f88-9cb0-728adc5d16be", "type": "html", "value": " 9 से विभाज्यता के नियम (Rule of divisibility by 9) के अनुसार, यदि संख्या के अंकों का योग 9 से विभाज्य (Divisible) है, तो संख्या 9 से विभाज्य होगी। चलिए, 1836 की 9 से विभाज्यता (Divisibility by 9) की जाँच करें। 1 + 8 + 3 + 6 = 9 + 9 = 18 और 18, 9 से विभाज्य हैं। इसलिए, 1836, 9 से विभाज्य है। चलिए, 99999 की 9 से विभाज्यता की जाँच करें। 99999 = 9 + 9 + 9 + 9 + 9 = 45 और 45, 9 से विभाज्य हैं। इसलिए, 99999, 9 से विभाज्य है। चलिए, 369 की 9 से विभाज्यता की जाँच करें। 3 + 6 + 9 = 9 + 9 = 18 और 18, 9 से विभाज्य है, इसलिए,369, 9 से विभाज्य है। चलिए, 4132 की 9 से विभाज्यता की जाँच करें। 4 + 1 + 3 + 2 = 5 + 5 = 10 और 10, 9 से विभाज्य नहीं है, इसलिए, 4132, 9 से विभाज्य नहीं है। इसलिए, विकल्प 4 सही जवाब है। "}]
Q6.निम्नलिखित कथनों में से कौनसा कथन सत्य है? (i) यदि एक संख्या 3 की गुणज (Multiple) है, तो वह संख्या 9 की भी गुणज होगी। (ii) यदि एक संख्या 9 की गुणज है, तो वह संख्या 9 की भी गुणज होगी।
उत्तर:
कथन (ii)
व्याख्या:
[{"id": "d68c6815-b618-4d00-9ece-da62fd998ef2", "type": "html", "value": " संख्या N, 3 से विभाज्य (Divisible) होगी, यदि उसके अंकों का योग 3 से विभाज्य है, और संख्या N 9 से विभाज्य होगी यदि उसके अंकों का योग 9 से विभाज्य है। कथन (i) के लिए: संख्या 27 पर विचार कीजिए, 27, 3 और 9 दोनों का गुणज (Multiple) हैं , अब यदि हम संख्या 15 पर विचार करें, तो यह 3 का गुणज है लेकिन 9 का गुणज नहीं है। अतः कथन (i) हमेशा सत्य नहीं है। कथन (ii) के लिए: संख्या 27 पर विचार कीजिए, संख्या 27, 9 और 3 दोनों की गुणज है। 9 का गुणज हमेशा 3 का गुणज होता है। इसलिए, कथन (ii) हमेशा सत्य है। इसलिए, विकल्प 2 सही जवाब है। "}]
Q7.अंक p का ऐसा न्यूनतम मान ज्ञात कीजिए कि 183p6, 9 से विभाज्य हो।
उत्तर:
0
व्याख्या:
[{"id": "bfb433cf-74d3-4652-96f3-92f470701598", "type": "html", "value": " हमें, p का ऐसा मान ज्ञात करना है कि 183p6, ९ से विभाज्य हो। 9 से विभाज्यता के नियम (Rule of divisibility by 9) अनुसार, यदि संख्या के सभी अंकों का योग 9 से विभाज्य (Divisible) है, तो संख्या भी 9 से विभाज्य होगी। इसलिए, 1 + 8 + 3 + p + 6 = 18 + p p का मान 0 से 9 तक की कोई भी संख्या हो सकती है। चलिए p का मान 0 लें। इसलिए, 18 + 0 = 18 और 18, 9 से विभाज्य है। इसलिए, p का मान 0 हो सकता है। चलिए p का मान 1 लें। इसलिए, 18 + 1 = 19 19, 1 से विभाज्य नहीं हैं, इसलिए, p का मान 1 नहीं हो सकता। इसी तरह, p का मान 2,3,4,5,6,7 या 8 नहीं हो सकता। यदि हम p का मान 9 ले, तो 18 + 9 = 27 और 27,9 से विभाज्य है, इसलिए, p का मान 9 हो सकता है। इसलिए, p का मान 0 या 9 हो सकता हैं। चूँकि, इन दोनों में 0 न्यूनतम है इसलिए, p का न्यूनतम मान (Least value) 0 होगा। अतः, विकल्प 1 सही जवाब है। "}]
Q8.संख्या 33x5069 में अंक x का न्यूनतम मान ज्ञात कीजिए, जहाँ संख्या 33x5069, ३ और ९ से विभाज्य है।
उत्तर:
1
व्याख्या:
[{"id": "ec51a587-d040-4827-a388-85b543f95dd2", "type": "html", "value": " यदि हम ध्यान से देखें, ३, ९ का गुणनखंड (Factor) है। इसलिए, कोई भी संख्या यदि ९ से विभाज्य (Divisible) होगी तो वह ३ से भी विभाज्य होगी। इसलिए, हम ९ से विभाज्यता (Divisibility by ९) की ही जाँच करेंगे। 33x5069 = 3 + 3 + x + 5 + 0 + 6 + 9 = 6 + x + 20 = 26 + x x का मान ० से ९ तक कोई भी अंक हो सकता है। चलिए, x का मान x = ० लें। इसलिए, 26 + x = 26 + 0 = 26 और २६ ९ से विभाज्य नहीं है। इसलिए, x, ० नहीं हो सकता। चलिए, x का मान x = 1 लें। इसलिए, 26 + x = 26 + 1 = 27 और २७, ९ से विभाज्य है, इसलिए, x का मान १ हो सकता है। चलिए, x का मान x = 2 लें। इसलिए, 26 + x = 26 + 2 = 28 और २८, ९ से विभाज्य नहीं है। इसलिए, x का मान २ नहीं हो सकता। इसी तरह, x का मान 3, 4, 5, 6, 7, 8. 9 नहीं हो सकता। ० से ९ तक जब x का मान १ होगा तब संख्या 33x5069, ३ और ९ से विभाज्य होगी। इसलिए, x = १ सही जवाब है, अतः, विकल्प २ सही जवाब है। "}]
Ganita Prakash (Hindi) के सभी 7 अध्याय
Mathematics · Class 8