NCERTCh 5निःशुल्क

Chapter 5

🎓 Class 12📖 Ganit-II📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट
Chapter 4अध्याय 5 / 7Chapter 6

Chapter 5अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

11.1 भूमिका (Introduction)

व्याख्या

11.1 भूमिका (Introduction)

त्रि-विमीय ज्यामिति का अध्ययन कक्षा XI में वैश्लेषिक ज्यामिति के परिचय के दौरान प्रारंभ हुआ था, जहाँ हमने मुख्यतः कार्तीय विधि का उपयोग किया था। इस अध्याय में, सदिशों की मूल संकल्पनाओं का उपयोग करते हुए त्रि-विमीय ज्यामिति के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। सदिशों के बीजगणित का त्रि-विमीय ज्यामिति में उपयोग अध्ययन को सरल एवं सुप्राह्य बनाता है। इस अध्याय में हम दो बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा के दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात, अंतरिक्ष में रेखाओं और तलों के समीकरण, दो रेखाओं, दो तलों और एक रेखा तथा एक तल के बीच के कोण, विषमतलीय रेखाओं के बीच न्यूनतम दूरी और एक तल की एक बिंदु से दूरी जैसे विषयों पर विचार करेंगे। अधिकांश परिणाम सदिशों के रूप में प्राप्त किए जाएंगे और उनका कार्तीय रूप भी प्रस्तुत किया जाएगा ताकि ज्यामितीय और विश्लेषणात्मक चित्रण स्पष्ट हो सके।

  • त्रि-विमीय ज्यामिति में सदिशों का उपयोग अध्ययन को सरल बनाता है।
  • इस अध्याय में रेखाओं के दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात का अध्ययन होगा।
  • अंतरिक्ष में रेखाओं और तलों के समीकरणों का विश्लेषण किया जाएगा।
  • दो रेखाओं, दो तलों और रेखा तथा तल के बीच के कोणों पर विचार होगा।
  • विषमतलीय रेखाओं के बीच न्यूनतम दूरी और तल की बिंदु से दूरी भी अध्ययन का भाग हैं।
  • 📌 त्रि-विमीय ज्यामिति: तीन आयामों में ज्यामिति का अध्ययन।
  • 📌 दिक्-कोसाइन: रेखा द्वारा अक्षों के साथ बनाए गए कोणों के कोसाइन।
  • 📌 दिक्-अनुपात: रेखा के दिक्-कोसाइन के समानुपाती संख्याएँ।

11.2 रेखा के दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात (Direction Cosines and Direction Ratios of a Line)

अवधारणा

11.2 रेखा के दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात (Direction Cosines and Direction Ratios of a Line)

कक्षा 10 में हमने जाना था कि किसी रेखा द्वारा x, y और z-अक्षों के साथ बनाए गए कोण α, β, γ को दिक्-कोण कहा जाता है। इन कोणों के कोसाइन cosα, cosβ और cosγ को उस रेखा के दिक्-कोसाइन कहते हैं। यदि रेखा की दिशा विपरीत कर दी जाए तो दिक्-कोसाइन के चिह्न बदल जाते हैं। इसलिए किसी रेखा के लिए दिक्-कोसाइन के दो समूह होते हैं। रेखा के दिक्-कोसाइन l, m, n से निरूपित होते हैं, जो अक्षों के साथ बने कोणों के कोसाइन होते हैं और इनका वर्ग योग 1 होता है, अर्थात् l² + m² + n² = 1। रेखा के दिक्-कोसाइन के समानुपाती संख्याओं को दिक्-अनुपात कहते हैं। यदि दिक्-अनुपात a, b, c हैं, तो दिक्-कोसाइन l, m, n निम्नानुसार होंगे: l = ± a / √(a² + b² + c²), m = ± b / √(a² + b² + c²), n = ± c / √(a² + b² + c²) यहाँ ± चिह्न रेखा की दिशा के अनुसार होता है। दिक्-अनुपातों के कई समूह हो सकते हैं क्योंकि वे समानुपाती होते हैं।

  • दिक्-कोसाइन रेखा द्वारा अक्षों के साथ बनाए गए कोणों के कोसाइन होते हैं।
  • दिक्-कोसाइन l, m, n का वर्ग योग 1 होता है।
  • दिक्-अनुपात वे संख्याएँ हैं जो दिक्-कोसाइन के समानुपाती होती हैं।
  • दिक्-कोसाइन और दिक्-अनुपात के बीच संबंध: l/a = m/b = n/c = k।
  • दिक्-कोसाइन के दो समूह होते हैं क्योंकि रेखा की दिशा दो हो सकती है।
  • 📌 दिक्-कोसाइन: रेखा द्वारा अक्षों के साथ बनाए गए कोणों के कोसाइन।
  • 📌 दिक्-अनुपात: दिक्-कोसाइन के समानुपाती संख्याएँ।

11.2.1 दो बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा की दिक्-कोसाइन (Direction cosines of a line passing through two points)

अवधारणा

11.2.1 दो बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा की दिक्-कोसाइन (Direction cosines of a line passing through two points)

दो बिंदु P(x₁, y₁, z₁) और Q(x₂, y₂, z₂) को मिलाने वाली रेखा अद्वितीय होती है। इस रेखा की दिक्-कोसाइन ज्ञात करने के लिए, हम रेखा PQ की दिक्-कोसाइन l, m, n मानते हैं, जो क्रमशः x, y और z-अक्षों के साथ बनाए गए कोण α, β, γ के कोसाइन हैं। त्रिभुज PNQ में

अभ्यास प्रश्नChapter 5

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.1. यदि एक रेखा $x, y$ और $z$-अक्ष के साथ क्रमशः $90^\circ, 135^\circ, 45^\circ$ के कोण बनाती है तो इसकी दिक्-कोसाइन ज्ञात कीजिए।

उत्तर:

दिक्-कोसाइन वे कोसाइन होते हैं जो रेखा द्वारा x, y और z-अक्षों के साथ बनाये गए कोणों के होते हैं। दी गई कोण हैं: \(90^\circ, 135^\circ, 45^\circ\) इसलिए, दिक्-कोसाइन होंगे: \[ \cos 90^\circ = 0, \quad \cos 135^\circ = -\frac{1}{\sqrt{2}}, \quad \cos 45^\circ = \frac{1}{\sqrt{2}} \] अतः दिक्-कोसाइन हैं \(0, -\frac{1}{\sqrt{2}}, \frac{1}{\sqrt{2}}\)।

व्याख्या:

दिक्-कोसाइन किसी रेखा के x, y, z अक्षों के साथ बनाये गए कोणों के कोसाइन होते हैं। दिए गए कोणों के कोसाइन निकालकर सीधे दिक्-कोसाइन प्राप्त होते हैं।

EasyNCERT
Q2.2. एक रेखा की दिक्-कोसाइन ज्ञात कीजिए जो निर्देशांशों के साथ समान कोण बनाती है।

उत्तर:

यदि रेखा निर्देशांशों के साथ समान कोण बनाती है, तो सभी कोण बराबर होंगे। चूंकि दिक्-कोसाइन \(l, m, n\) हैं और \(l^2 + m^2 + n^2 = 1\) होता है। यदि सभी समान हैं, तो \(l = m = n = x\) कहें। तो, \(3x^2 = 1 \Rightarrow x^2 = \frac{1}{3} \Rightarrow x = \pm \frac{1}{\sqrt{3}}\) अतः दिक्-कोसाइन हैं \(\frac{1}{\sqrt{3}}, \frac{1}{\sqrt{3}}, \frac{1}{\sqrt{3}}\) या उनके ऋणात्मक मान।

व्याख्या:

सभी दिक्-कोसाइन समान होने पर उनका वर्ग योग 1 होता है। इससे प्रत्येक दिक्-कोसाइन का मान निकालना सरल है।

EasyNCERT
Q3.3. यदि एक रेखा के दिक्-अनुपात $-18, 12, -4$, हैं तो इसकी दिक्-कोसाइन क्या हैं?

उत्तर:

दिए गए दिक्-अनुपात हैं: \(-18, 12, -4\) दिक्-कोसाइन निकालने के लिए पहले इनका मान निकालते हैं: \[ \sqrt{(-18)^2 + 12^2 + (-4)^2} = \sqrt{324 + 144 + 16} = \sqrt{484} = 22 \] अतः दिक्-कोसाइन होंगे: \[ \frac{-18}{22} = -\frac{9}{11}, \quad \frac{12}{22} = \frac{6}{11}, \quad \frac{-4}{22} = -\frac{2}{11} \] अतः दिक्-कोसाइन हैं \(-\frac{9}{11}, \frac{6}{11}, -\frac{2}{11}\)।

व्याख्या:

दिक्-अनुपात को उनके मान (magnitude) से भाग देकर दिक्-कोसाइन प्राप्त होते हैं।

MediumNCERT
Q4.4. दर्शाइए कि बिंदु $(2, 3, 4), (-1, -2, 1), (5, 8, 7)$ सरेख हैं।

उत्तर:

बिंदु हैं: \(A(2,3,4), B(-1,-2,1), C(5,8,7)\) सरेखता जांचने के लिए, देखें कि \(\overrightarrow{AB}\) और \(\overrightarrow{BC}\) सदिश अनुपात में हैं या नहीं। \[ \overrightarrow{AB} = B - A = (-1 - 2, -2 - 3, 1 - 4) = (-3, -5, -3) \] \[ \overrightarrow{BC} = C - B = (5 + 1, 8 + 2, 7 - 1) = (6, 10, 6) \] अब देखें कि क्या \(\overrightarrow{BC} = k \overrightarrow{AB}\) के लिए कोई वास्तविक संख्या \(k\) है: \[ \frac{6}{-3} = -2, \quad \frac{10}{-5} = -2, \quad \frac{6}{-3} = -2 \] सभी अनुपात समान हैं, अतः \(k = -2\) इसलिए, बिंदु सरेख हैं।

व्याख्या:

यदि दो सदिश अनुपात में हैं, तो तीन बिंदु सरेख होते हैं। यहाँ \(\overrightarrow{BC} = -2 \overrightarrow{AB}\) है।

MediumNCERT
Q5.5. एक त्रिभुज की भुजाओं की दिक्-कोसाइन ज्ञात कीजिए यदि त्रिभुज के शीर्ष बिंदु $(3, 5, -4), (-1, 1, 2)$ और $(-5, -5, -2)$ हैं।

उत्तर:

त्रिभुज के शीर्ष हैं: \(A(3,5,-4), B(-1,1,2), C(-5,-5,-2)\) भुजाओं के सदिश: \[ \overrightarrow{AB} = B - A = (-1 - 3, 1 - 5, 2 + 4) = (-4, -4, 6) \] \[ \overrightarrow{BC} = C - B = (-5 + 1, -5 - 1, -2 - 2) = (-4, -6, -4) \] \[ \overrightarrow{CA} = A - C = (3 + 5, 5 + 5, -4 + 2) = (8, 10, -2) \] अब, भुजाओं की लंबाई: \[ |AB| = \sqrt{(-4)^2 + (-4)^2 + 6^2} = \sqrt{16 + 16 + 36} = \sqrt{68} \] \[ |BC| = \sqrt{(-4)^2 + (-6)^2 + (-4)^2} = \sqrt{16 + 36 + 16} = \sqrt{68} \] \[ |CA| = \sqrt{8^2 + 10^2 + (-2)^2} = \sqrt{64 + 100 + 4} = \sqrt{168} \] दिक्-कोसाइन निकालने के लिए, कोणों के बीच के सदिश गुणन का उपयोग करें। उदाहरण के लिए, कोण A के लिए: \[ \cos \theta_A = \frac{\overrightarrow{AB} \cdot \overrightarrow{AC}}{|AB||AC|} \] जहाँ \(\overrightarrow{AC} = C - A = (-5 - 3, -5 - 5, -2 + 4) = (-8, -10, 2)\) \[ \overrightarrow{AB} \cdot \overrightarrow{AC} = (-4)(-8) + (-4)(-10) + 6(2) = 32 + 40 + 12 = 84 \] \[ |AB| = \sqrt{68}, \quad |AC| = \sqrt{168} \] \[ \cos \theta_A = \frac{84}{\sqrt{68} \times \sqrt{168}} = \frac{84}{\sqrt{11424}} = \frac{84}{\approx 106.91} \approx 0.786 \] इसी प्रकार, अन्य कोणों के लिए भी दिक्-कोसाइन निकालें।

व्याख्या:

त्रिभुज की भुजाओं के सदिश निकालकर उनके बीच के कोणों के कोसाइन निकालते हैं। दिक्-कोसाइन कोण के कोसाइन के बराबर होते हैं।

HardNCERT
Q6.1. दर्शाइए कि दिक्-कोसाइन \(\frac{12}{13}\), \(\frac{-3}{13}\), \(\frac{-4}{13}\); \(\frac{4}{13}\), \(\frac{12}{13}\), \(\frac{3}{13}\); \(\frac{3}{13}\), \(\frac{-4}{13}\), \(\frac{12}{13}\) वाली तीन रेखाएँ परस्पर लंबवत् हैं।

उत्तर:

तीन रेखाओं के दिशा सदिश क्रमशः \(\vec{a} = \left(\frac{12}{13}, \frac{-3}{13}, \frac{-4}{13}\right)\), \(\vec{b} = \left(\frac{4}{13}, \frac{12}{13}, \frac{3}{13}\right)\), और \(\vec{c} = \left(\frac{3}{13}, \frac{-4}{13}, \frac{12}{13}\right)\) हैं। यदि तीन रेखाएँ परस्पर लंबवत् हैं, तो उनके दिशा सदिशों का जोड़ शून्य होना चाहिए या वे एक-दूसरे के लिए लंबवत् होने चाहिए। जाँच करते हैं: \(\vec{a} \cdot \vec{b} = \frac{12}{13} \times \frac{4}{13} + \left(-\frac{3}{13}\right) \times \frac{12}{13} + \left(-\frac{4}{13}\right) \times \frac{3}{13} = \frac{48}{169} - \frac{36}{169} - \frac{12}{169} = 0\) \(\vec{b} \cdot \vec{c} = \frac{4}{13} \times \frac{3}{13} + \frac{12}{13} \times \left(-\frac{4}{13}\right) + \frac{3}{13} \times \frac{12}{13} = \frac{12}{169} - \frac{48}{169} + \frac{36}{169} = 0\) \(\vec{c} \cdot \vec{a} = \frac{3}{13} \times \frac{12}{13} + \left(-\frac{4}{13}\right) \times \left(-\frac{3}{13}\right) + \frac{12}{13} \times \left(-\frac{4}{13}\right) = \frac{36}{169} + \frac{12}{169} - \frac{48}{169} = 0\) इस प्रकार, तीनों रेखाएँ परस्पर लंबवत् हैं।

व्याख्या:

तीन रेखाओं के दिशा सदिशों के बीच डॉट प्रोडक्ट निकालकर जांचा कि वे शून्य हैं, जो दर्शाता है कि वे परस्पर लंबवत् हैं।

MediumNCERT
Q7.2. दर्शाइए कि बिंदुओं \((1, -1, 2)\), \((3, 4, -2)\) से होकर जाने वाली रेखा बिंदुओं \((0, 3, 2)\) और \((3, 5, 6)\) से जाने वाली रेखा पर लंब है।

उत्तर:

पहली रेखा के दो बिंदु हैं: \(A(1, -1, 2)\) और \(B(3, 4, -2)\)। दिशा सदिश \(\vec{AB} = (3 - 1)\hat{i} + (4 + 1)\hat{j} + (-2 - 2)\hat{k} = 2\hat{i} + 5\hat{j} - 4\hat{k}\) दूसरी रेखा के दो बिंदु हैं: \(C(0, 3, 2)\) और \(D(3, 5, 6)\)। दिशा सदिश \(\vec{CD} = (3 - 0)\hat{i} + (5 - 3)\hat{j} + (6 - 2)\hat{k} = 3\hat{i} + 2\hat{j} + 4\hat{k}\) दो रेखाएँ परस्पर लंब हैं यदि उनके दिशा सदिशों का डॉट प्रोडक्ट शून्य हो: \(\vec{AB} \cdot \vec{CD} = 2 \times 3 + 5 \times 2 + (-4) \times 4 = 6 + 10 - 16 = 0\) इसलिए, रेखाएँ परस्पर लंब हैं।

व्याख्या:

दो रेखाओं के दिशा सदिशों का डॉट प्रोडक्ट निकालकर जांचा कि वह शून्य है, अतः वे परस्पर लंबवत् हैं।

EasyNCERT
Q8.3. दर्शाइए कि बिंदुओं \((4, 7, 8)\), \((2, 3, 4)\) से होकर जाने वाली रेखा, बिंदुओं \((-1, -2, 1)\), \((1, 2, 5)\) से जाने वाली रेखा के समांतर है।

उत्तर:

पहली रेखा के दो बिंदु हैं: \(P(4,7,8)\) और \(Q(2,3,4)\)। दिशा सदिश \(\vec{PQ} = (2 - 4)\hat{i} + (3 - 7)\hat{j} + (4 - 8)\hat{k} = -2\hat{i} -4\hat{j} -4\hat{k}\) दूसरी रेखा के दो बिंदु हैं: \(R(-1,-2,1)\) और \(S(1,2,5)\)। दिशा सदिश \(\vec{RS} = (1 + 1)\hat{i} + (2 + 2)\hat{j} + (5 - 1)\hat{k} = 2\hat{i} + 4\hat{j} + 4\hat{k}\) \(\vec{PQ} = -1 \times \vec{RS}\) है, अतः वे समांतर हैं।

व्याख्या:

दिशा सदिशों की तुलना कर यह दिखाया कि वे एक-दूसरे के समानुपाती हैं, अतः रेखाएँ समांतर हैं।

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