Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
सांतत्य (Continuity)
अवधारणासांतत्य (Continuity)
सांतत्य गणित की एक मूलभूत अवधारणा है जो फलनों के व्यवहार को समझने में सहायता करती है। किसी फलन f(x) को बिंदु x = a पर निरंतर (continuous) कहा जाता है यदि उस बिंदु पर फलन का मान, बाएँ से सीमा (limit from left) और दाएँ से सीमा (limit from right) तीनों बराबर हों। अर्थात्, यदि lim x→a⁻ f(x) = lim x→a⁺ f(x) = f(a), तो फलन f(x) बिंदु x = a पर निरंतर है। इसका अर्थ है कि फलन में उस बिंदु पर कोई विराम, छलांग या टूटाव नहीं होता। निरंतर फलन ग्राफ पर बिना किसी टूट-फूट के एक सतत रेखा के रूप में प्रदर्शित होता है। निरंतरता का अध्ययन फलनों के व्यवहार को समझने, उनकी सीमा निकालने, और अवकलनीयता के लिए आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- फलन f(x) बिंदु x = a पर निरंतर तभी होगा जब lim x→a⁻ f(x) = lim x→a⁺ f(x) = f(a)
- निरंतरता का अर्थ है फलन में उस बिंदु पर कोई विराम या छलांग न होना
- निरंतर फलन का ग्राफ बिना टूट-फूट के एक सतत रेखा होता है
- सांतत्य फलनों के व्यवहार को समझने और अवकलनीयता के लिए आधार बनाती है
- निरंतरता की जाँच के लिए बाएँ सीमा, दाएँ सीमा और फलन का मान तीनों की तुलना आवश्यक है
- यदि कोई फलन किसी बिंदु पर निरंतर नहीं है तो उसे असतत (discontinuous) कहा जाता है
- 📌 सांतत्य (Continuity): फलन का बिना किसी विराम के निरंतर होना।
- 📌 सीमा (Limit): किसी बिंदु के निकट फलन का मान।
- 📌 असततता (Discontinuity): फलन में विराम या छलांग होना।
निरंतरता के प्रकार (Types of Continuity)
व्याख्यानिरंतरता के प्रकार (Types of Continuity)
निरंतरता को मुख्यतः तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: सामान्य निरंतरता, बाएँ से निरंतरता, और दाएँ से निरंतरता। बाएँ से निरंतरता का अर्थ है कि फलन की सीमा बिंदु के बाएँ ओर से फलन के मान के बराबर हो, अर्थात् lim x→a⁻ f(x) = f(a)। इसी प्रकार, दाएँ से निरंतरता का अर्थ है कि फलन की सीमा बिंदु के दाएँ ओर से फलन के मान के बराबर हो, अर्थात् lim x→a⁺ f(x) = f(a)। सामान्य निरंतरता तब होती है जब दोनों सीमाएँ और फलन का मान समान हों। असततता के प्रकार भी इसी आधार पर वर्गीकृत किए जाते हैं जैसे छलांग असततता, हटाने योग्य असततता आदि। निरंतरता के प्रकारों को समझना फलन के व्यवहार का विश्लेषण करने में मदद करता है।
- बाएँ से निरंतरता: lim x→a⁻ f(x) = f(a)
- दाएँ से निरंतरता: lim x→a⁺ f(x) = f(a)
- सामान्य निरंतरता: दोनों सीमाएँ और फलन का मान बराबर हों
- असततता के प्रकार: हटाने योग्य, छलांग, अनंत असततता
- निरंतरता के प्रकार फलन के व्यवहार को समझने में सहायक होते हैं
- निरंतरता के प्रकारों के आधार पर फलन के ग्राफ की विशेषताएँ निर्धारित होती हैं
- 📌 बाएँ से निरंतरता (Left-hand continuity): केवल बाएँ सीमा के आधार पर निरंतरता।
- 📌 दाएँ से निरंतरता (Right-hand continuity): केवल दाएँ सीमा के आधार पर निरंतरता।
- 📌 हटाने योग्य असततता (Removable discontinuity): असततता जिसे फलन के मान को बदलकर हटाया जा सकता है।
फलनों की सांतत्य की जाँच (Checking Continuity of Functions)
व्याख्याफलनों की सांतत्य की जाँच (Checking Continuity of Functions)
किसी फलन की सांतत्य की जाँच करने के लिए एक निश्चित प्रक्रिया अपनाई जाती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि फलन किसी बिंदु पर निरंतर है या नहीं। इस प्रक्रिया के तीन मुख्य चरण होते हैं: (1) फलन का उस बिंदु पर मान निकालना, (2) बाएँ से सीमा निकालना, औ
अभ्यास प्रश्न — Chapter 5
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.1. निम्नलिखित फलनों की x = 2 पर सांतत्य की जाँच कीजिए: (i) f(x) = x^2 (ii) f(x) = { x, x < 2; 4, x ≥ 2 }
उत्तर:
हल: (i) f(x) = x^2 पर x = 2 पर सांतत्य की जाँच: 1. f(2) = (2)^2 = 4 2. बाएँ सीमा: lim_{x→2^-} f(x) = lim_{x→2^-} x^2 = 4 3. दाएँ सीमा: lim_{x→2^+} f(x) = lim_{x→2^+} x^2 = 4 चूँकि बाएँ सीमा = दाएँ सीमा = f(2), अतः फलन x = 2 पर सांतत है। (ii) f(x) = { x, x < 2; 4, x ≥ 2 } 1. f(2) = 4 2. बाएँ सीमा: lim_{x→2^-} f(x) = lim_{x→2^-} x = 2 3. दाएँ सीमा: lim_{x→2^+} f(x) = lim_{x→2^+} 4 = 4 यहाँ बाएँ सीमा ≠ दाएँ सीमा, अतः फलन x = 2 पर सांतत नहीं है।
व्याख्या:
प्रत्येक फलन के लिए, पहले f(2) ज्ञात किया। फिर बाएँ और दाएँ सीमा निकाली। यदि तीनों बराबर हैं तो फलन सांतत है, अन्यथा नहीं। पहले फलन में तीनों 4 हैं, दूसरे में बाएँ सीमा 2 और दाएँ सीमा 4 है, अतः सांतत्य नहीं।
Q2.2. सिद्ध कीजिए कि f(x) = x^3 - 3x + 2 सभी वास्तविक संख्याओं के लिए सांतत है।
उत्तर:
हल: हम जानते हैं कि बहुपद फलन सभी वास्तविक संख्याओं पर सांतत होते हैं। यहाँ f(x) = x^3 - 3x + 2 एक बहुपद फलन है। अतः f(x) सभी वास्तविक संख्याओं पर सांतत है। वैकल्पिक रूप से, किसी भी x = a के लिए, lim_{x→a} f(x) = f(a) क्योंकि बहुपद फलन की सीमा और उसका मान बराबर होते हैं। अतः सिद्ध हुआ।
व्याख्या:
बहुपद फलन (Polynomial function) हर जगह सांतत होते हैं, क्योंकि उनके लिए सीमा और फलन का मान हर बिंदु पर बराबर होता है।
Q3.3. यदि f(x) = |x|, तो x = 0 पर सांतत्य की जाँच कीजिए।
उत्तर:
हल: f(x) = |x| 1. f(0) = |0| = 0 2. बाएँ सीमा: lim_{x→0^-} |x| = lim_{x→0^-} -x = 0 3. दाएँ सीमा: lim_{x→0^+} |x| = lim_{x→0^+} x = 0 तीनों मान 0 हैं, अतः फलन x = 0 पर सांतत है।
व्याख्या:
f(0) = 0, बाएँ और दाएँ सीमा दोनों 0 हैं, अतः फलन x = 0 पर सांतत है।
Q4.4. सिद्ध कीजिए कि यदि कोई फलन x = a पर अवकलनीय है, तो वह बिंदु पर सांतत भी होगा।
उत्तर:
हल: मान लीजिए f(x) x = a पर अवकलनीय है। अर्थात्, \lim_{h\to 0} \frac{f(a+h) - f(a)}{h} \text{ का अस्तित्व है।} अब, \lim_{x\to a} f(x) = \lim_{h\to 0} f(a+h) = f(a) + \lim_{h\to 0} [f(a+h) - f(a)] यदि \lim_{h\to 0} [f(a+h) - f(a)] = 0, तो \lim_{x\to a} f(x) = f(a) क्योंकि अवकलनीयता के लिए यह शर्त आवश्यक है, अतः फलन x = a पर सांतत होगा।
व्याख्या:
अवकलनीयता के लिए सीमा का अस्तित्व और f(a) का बराबर होना आवश्यक है, अतः फलन सांतत भी होगा।
Q5.5. निम्नलिखित फलनों की x = 0 पर अवकलनीयता की जाँच कीजिए: (i) f(x) = |x| (ii) f(x) = x^2
उत्तर:
हल: (i) f(x) = |x| बाएँ व्युत्पन्न: \lim_{h\to 0^-} \frac{|0+h| - |0|}{h} = \lim_{h\to 0^-} \frac{-h}{h} = -1 दाएँ व्युत्पन्न: \lim_{h\to 0^+} \frac{|0+h| - |0|}{h} = \lim_{h\to 0^+} \frac{h}{h} = 1 चूँकि बाएँ और दाएँ व्युत्पन्न बराबर नहीं हैं, अतः x = 0 पर अवकलनीय नहीं है। (ii) f(x) = x^2 बाएँ व्युत्पन्न: \lim_{h\to 0^-} \frac{(0+h)^2 - 0^2}{h} = \lim_{h\to 0^-} \frac{h^2}{h} = 0 दाएँ व्युत्पन्न: \lim_{h\to 0^+} \frac{h^2}{h} = 0 दोनों बराबर हैं, अतः x = 0 पर अवकलनीय है।
व्याख्या:
प्रत्येक फलन के लिए बाएँ और दाएँ व्युत्पन्न निकाले। यदि दोनों बराबर हैं तो अवकलनीय, अन्यथा नहीं। |x| के लिए -1 और 1, x^2 के लिए दोनों 0।
Q6.1. सिद्ध कीजिए कि फलन $f(x) = 5x - 3$, $x = 0$, $x = -3$ तथा $x = 5$ पर संतत है।
उत्तर:
फलन $f(x) = 5x - 3$ एक रैखिक फलन है जो सभी वास्तविक संख्याओं पर निरंतर होता है। इसलिए, $x=0$, $x=-3$ तथा $x=5$ पर भी यह फलन संतत है। संततता की परिभाषा के अनुसार, किसी बिंदु $c$ पर फलन $f$ संतत होगा यदि $ \lim_{x \to c} f(x) = f(c)$। चूंकि $f$ रैखिक है, अतः $ \lim_{x \to c} f(x) = 5c - 3 = f(c)$। अतः $x=0$, $x=-3$, और $x=5$ पर $f$ संतत है।
व्याख्या:
रैखिक फलन $f(x) = 5x - 3$ सभी वास्तविक संख्याओं पर निरंतर होता है। इसलिए किसी भी बिंदु $c$ पर $ \lim_{x \to c} f(x) = f(c)$ होता है। अतः $x=0$, $x=-3$, और $x=5$ पर फलन संतत है।
Q7.2. $x = 3$ पर फलन $f(x) = 2x^2 - 1$ के सांतत्य की जाँच कीजिए।
उत्तर:
फलन $f(x) = 2x^2 - 1$ एक बहुपद फलन है जो सभी वास्तविक संख्याओं पर निरंतर होता है। संततता की जाँच के लिए, $f(3) = 2(3)^2 - 1 = 2 imes 9 - 1 = 18 - 1 = 17$ अब, $\lim_{x \to 3} f(x) = \lim_{x \to 3} (2x^2 - 1) = 2(3)^2 - 1 = 17$ चूंकि $\lim_{x \to 3} f(x) = f(3)$, अतः $f$ फलन $x=3$ पर संतत है।
व्याख्या:
बहुपद फलन सभी वास्तविक संख्याओं पर निरंतर होते हैं। यहाँ $f(3)$ और $\lim_{x \to 3} f(x)$ दोनों समान हैं, अतः फलन $x=3$ पर संतत है।
Q8.3. निम्नलिखित फलनों के सांतत्य की जाँच कीजिए: (a) $f(x) = x - 5$ (b) $f(x) = \frac{1}{x - 5}$, $x \neq 5$ (c) $f(x) = \frac{x^2 - 25}{x + 5}$, $x \neq -5$ (d) $f(x) = |x - 5|$
उत्तर:
(a) $f(x) = x - 5$ एक रैखिक फलन है, अतः सभी $x$ पर निरंतर है। इसलिए यह सभी बिंदुओं पर संतत है। (b) $f(x) = \frac{1}{x - 5}$ है। यह फलन $x=5$ पर परिभाषित नहीं है। अतः $x=5$ पर असंतत है। अन्य सभी बिंदुओं पर निरंतर है। (c) $f(x) = \frac{x^2 - 25}{x + 5} = \frac{(x - 5)(x + 5)}{x + 5} = x - 5$, जब $x \neq -5$। अतः $x \neq -5$ पर यह रैखिक फलन की तरह व्यवहार करता है और निरंतर है। $x = -5$ पर परिभाषित नहीं है, अतः वहाँ असंतत है। (d) $f(x) = |x - 5|$ निरंतर है क्योंकि परिमाण फलन निरंतर होता है। अतः सभी $x$ पर संतत है।
व्याख्या:
रैखिक फलन निरंतर होते हैं। भिन्न फलन जहाँ हर विभाजक शून्य होता है, वहाँ असंतत होते हैं। परिमाण फलन निरंतर होता है।
Ganit-I के सभी 6 अध्याय
Mathematics · Class 12