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ik¡pok¡ ikB

🎓 Class 8📖 Durva📖 9 notes🧠 15 Q&A⏱️ ~14 min
ओसChapter 5 of 19Chapter 6

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नाटक में नाटक - परिचय

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नाटक में नाटक - परिचय

इस पाठ 'नाटक में नाटक' में एक समूह बच्चों के नाटक की तैयारी और मंचन की कहानी प्रस्तुत की गई है। कहानी का मुख्य पात्र राकेश है, जो नाटक के निर्देशक और मार्गदर्शक हैं। राकेश का मानना है कि बिना पूरी तैयारी के नाटक नहीं खेलना चाहिए, खासकर जब कलाकार नए हों और मंच पर आकर घबराएं। कहानी में राकेश के साथी मोहन, सोहन और श्याम भी हैं, जो नाटक में अभिनय करते हैं। राकेश खुद चोटिल होने के कारण अभिनय नहीं कर पा रहा है। कहानी में नाटक की तैयारी के दौरान कलाकारों की आपसी लड़ाई, संवाद भूलना, और मंच पर घबराहट जैसी समस्याओं को दिखाया गया है। राकेश की समझदारी और निर्देशन से अंत में नाटक सफल होता है। यह पाठ नाटक की तैयारी, अभिनय की कठिनाइयों, और टीम वर्क के महत्व को उजागर करता है।

  • राकेश नाटक का निर्देशक है, जो पूरी तैयारी पर जोर देता है।
  • कलाकार नए हैं, इसलिए मंच पर घबराते और संवाद भूल जाते हैं।
  • नाटक की तैयारी में आपसी झगड़े और गलतफहमियां होती हैं।
  • राकेश की समझदारी से नाटक की समस्याएं सुलझती हैं।
  • नाटक का नाम 'बड़ा कलाकार' है, जो दूसरों की गलतियों को सुधारने पर जोर देता है।
  • 📌 निर्देशन - संवाद बोलने और अभिनय का तरीका बताना।
  • 📌 रिहर्सल - नाटक की पूर्वाभ्यास प्रक्रिया।
  • 📌 अभिनय - नाटक में भूमिका निभाना।

नाटक की तैयारी और कलाकारों की स्थिति

Explanation

नाटक की तैयारी और कलाकारों की स्थिति

इस भाग में नाटक की तैयारी के दौरान कलाकारों की मानसिक स्थिति और उनकी आपसी बातचीत का वर्णन है। मोहन, सोहन और श्याम नए कलाकार हैं, जो मंच पर आने पर घबराते हैं। राकेश ने उन्हें सात दिन तक रिहर्सल कराई, लेकिन वे अपनी बुद्धूपन और अहंकार के कारण आपस में लड़ते रहते हैं। कलाकारों का आत्मविश्वास कम है, पर राकेश उन्हें हिम्मत देता है। नाटक में मोहन चित्रकार, सोहन शायर और श्याम संगीतकार की भूमिका निभाते हैं। कलाकारों के बीच बहस और संवाद भूलने की स्थिति से नाटक की गुणवत्ता प्रभावित होती है। राकेश पर्दे के पीछे से संवाद बोलकर मदद करता है, लेकिन कलाकारों की गलतफहमियां और झगड़े जारी रहते हैं।

  • कलाकार मंच पर आने पर घबराते और संवाद भूल जाते हैं।
  • राकेश ने सात दिन तक रिहर्सल कराई।
  • कलाकारों में अहंकार और आपसी झगड़े होते हैं।
  • राकेश पर्दे के पीछे से संवाद बोलकर सहायता करता है।
  • कलाकारों की गलतफहमियां नाटक की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं।
  • 📌 रिहर्सल - नाटक की पूर्वाभ्यास प्रक्रिया।
  • 📌 संवाद - नाटक में बोले जाने वाले शब्द।
  • 📌 अहंकार - अपने आप को श्रेष्ठ समझना।

मंच पर नाटक का प्रदर्शन और समस्याएं

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मंच पर नाटक का प्रदर्शन और समस्याएं

इस खंड में नाटक के प्रदर्शन के समय हुई घटनाओं का वर्णन है। जैसे ही पर्दा उठता है, कलाकार अपने-अपने पात्रों में अभिनय करते हैं। मोहन चित्रकार, सोहन शायर और श्याम संगीतकार की भूमिका निभाते हैं। अभिनय शुरू में ठीक चलता है, लेकिन अचानक श्याम अपना संवाद भ

Practice Questionsik¡pok¡ ikB

Includes NCERT exercise questions with answers

Q1.1. पाठ से (क) बच्चों ने मंच की व्यवस्था किस प्रकार की? (ख) पर्दे की आड़ में खड़े अन्य साथी मन-ही-मन राकेश की तुरतबुद्धि की प्रशंसा क्यों कर रहे थे? (ग) नाटक के लिए रिहर्सल की ज़रूरत क्यों होती है?

Answer:

(क) बच्चों ने मंच की व्यवस्था इस प्रकार की कि वे नाटक की रिहर्सल को सफल बना सकें। उन्होंने मंच पर सभी आवश्यक इंतजाम किए और रिहर्सल के दौरान अनुशासन बनाए रखा। (ख) पर्दे की आड़ में खड़े अन्य साथी मन-ही-मन राकेश की तुरतबुद्धि की प्रशंसा इसलिए कर रहे थे क्योंकि राकेश ने नाटक की रिहर्सल में हुई गलतियों को समझदारी से संभाला और लड़ाई-झगड़े के बजाय समस्या का समाधान सुझाया। (ग) नाटक के लिए रिहर्सल इसलिए ज़रूरी होती है ताकि कलाकार अपने संवाद, अभिनय और मंच व्यवस्था को ठीक से समझ सकें, गलती सुधार सकें और नाटक का प्रदर्शन सफल हो सके।

Explanation:

प्रश्न (क) में बच्चों द्वारा मंच की व्यवस्था के तरीके पर ध्यान देना है। (ख) में राकेश की समझदारी और समस्या समाधान की क्षमता को समझना है। (ग) में रिहर्सल की आवश्यकता को समझाना है।

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Q2.2. नाटक की बात “जब नाटक में अभिनय करने वाले कलाकार भी नए हों, मंच पर आकर डर जाते हों, घबरा जाते हों और कुछ-कुछ बुद्धू भी हों, तब तो अधूरी तैयारी से खेलना ही नहीं चाहिए।” (क) ऊपर के वाक्य में नाटक से जुड़े कई शब्द आए हैं; जैसे—अभिनय, कलाकार और मंच आदि। तुम पूरी कहानी को पढ़कर ऐसे ही और शब्दों की सूची बनाओ। तुम इस सूची की तालिका इस प्रकार बना सकते हो— व्यक्तियों या वस्तुओं के नाम | काम कलाकार, मंच | अभिनय

Answer:

इस प्रश्न में विद्यार्थी को कहानी से नाटक से जुड़े शब्दों की सूची बनानी है। उदाहरण के लिए— व्यक्तियों या वस्तुओं के नाम | काम ---|--- कलाकार, मंच | अभिनय निर्देशक | निर्देशन पर्दा | छुपाने का काम रिहर्सल | अभ्यास दर्शक | देखना संवाद | बोलना इस प्रकार विद्यार्थी कहानी के अनुसार नाटक से जुड़े शब्दों को सूचीबद्ध कर सकते हैं।

Explanation:

यह प्रश्न कहानी में आए नाटक से जुड़े शब्दों को पहचानने और उन्हें वर्गीकृत करने का अभ्यास कराता है।

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Q3.3. शायर और शायरी “सोहन बना था शायर।” तुम किसी गज़ल को किसी पुस्तक में पढ़ सकते हो या किसी व्यक्ति द्वारा गाते हुए सुन सकते हो। इसमें से तुम्हें जो भी पसंद हो उसे इकट्ठा करो। उसे तुम समुचित अवसर पर आवश्यकतानुसार गा भी सकते हो।

Answer:

यह प्रश्न विद्यार्थी को गज़ल या शायरी के प्रति रुचि विकसित करने के लिए है। विद्यार्थी अपनी पसंद की गज़ल या शायरी इकट्ठा करें और उसे अवसर अनुसार प्रस्तुत करें।

Explanation:

यह अभ्यास विद्यार्थियों को साहित्यिक रुचि बढ़ाने और अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने में मदद करता है।

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Q4.4. तुम्हारे संवाद “श्याम घबरा गया। वह सहसा चुप हो गया। उसके चुप होने से चित्रकार और शायर महोदय भी चुप हो गए। होना यह चाहिए था कि दोनों कोई बात मन की ही बनाकर बात आगे बढ़ा देते।” अगर तुम श्याम की जगह पर होते, तो अपने मन से कौन से संवाद जोड़ते। लिखो।

Answer:

यदि मैं श्याम की जगह होता तो मैं कहता— “चलिए, हम सब मिलकर इस नाटक को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं। झगड़ा छोड़कर एक-दूसरे की मदद करें।” या “हम सब कलाकार हैं, हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए और मिलकर काम करना चाहिए।” इस प्रकार संवाद जोड़कर नाटक की रिहर्सल को सफल बनाने का प्रयास किया जा सकता है।

Explanation:

यह प्रश्न विद्यार्थियों को संवाद निर्माण और समस्या समाधान के लिए सोचने को प्रेरित करता है।

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Q5.5. सोचो, ऐसा क्यों? नीचे लिखे वाक्य पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दो। “राकेश को गुस्सा भी आ रहा था और रोना भी।” (क) तुम्हारे विचार से राकेश को गुस्सा और रोना क्यों आ रहा होगा? “राकेश मंच पर पहुँच गया। सब चुप हो गए, सकपका गए।” (ख) तुम्हारे विचार से राकेश जब मंच पर पहुँचा, बाकी सब कलाकार क्यों चुप हो गए होंगे? “दर्शक सब शांत थे, भींचक्के थे।” (ग) दर्शक भींचक्के क्यों हो गए थे? “मैंने कहा था न कि रिहर्सल में भी यह मानकर चलो कि दर्शक सामने ही बैठे हैं।” (घ) राकेश ने ऐसा क्यों कहा होगा?

Answer:

(क) राकेश को गुस्सा इसलिए आ रहा था क्योंकि रिहर्सल में कलाकारों के बीच झगड़ा हो गया था और वह चाहता था कि सब ठीक से काम करें। रोना इसलिए आ रहा था क्योंकि वह इस स्थिति से दुखी भी था। (ख) जब राकेश मंच पर पहुँचा तो बाकी कलाकार चुप हो गए क्योंकि वे उसकी समझदारी और अनुशासन के कारण डर या सम्मान से चुप हो गए होंगे। (ग) दर्शक भींचक्के इसलिए हो गए क्योंकि वे नाटक के बीच हुई असामान्य घटनाओं को देखकर आश्चर्यचकित थे और सोच रहे थे कि नाटक बिगड़ गया है। (घ) राकेश ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि रिहर्सल में भी कलाकारों को मानना चाहिए कि दर्शक सामने बैठे हैं, जिससे वे पूरी गंभीरता और अनुशासन के साथ अभिनय करें।

Explanation:

प्रत्येक उपप्रश्न में कहानी के भाव और पात्रों की मनोदशा को समझकर उत्तर देना है।

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Q6.6. चलो अभिनय करें कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। उन संवादों को अभिनय के साथ बोलकर दिखाओ। (क) चित्रकार महोदय हाथ में कूची पकड़े-आँखें नचा-नचाकर, मटक-मटककर बोल रहे थे, “अरे चमगादड़, तुझे क्या खाक शायरी करना आता है। जबरदस्ती ही तुझे यह पाटें दे दिया। तूने सारा गड्ढबड़ कर दिया।” (ख) मोहन बोला, “मेरा तो दिल बहुत जोरों से धड़क रहा है।” (ग) राकेश पहुँचते ही एक कुर्सी पर बैठते हुए बोला, “आज मुझे अस्पताल में हाथ पर पट्टी बँधवाने में देर हो गई, तो तुमने इस तरह ‘रिहर्सल’ की है। जोर-जोर से लड़ने लगे।” (घ) चित्रकार महोदय ने हाथ उठाकर कहा, “देख, मुँह सँभालकर बोल।”

Answer:

यह प्रश्न विद्यार्थियों को कहानी के संवादों को अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए है। विद्यार्थी इन संवादों को भाव-भंगिमा के साथ बोलकर अभिनय कर सकते हैं। इससे उनकी अभिव्यक्ति और अभिनय कौशल विकसित होगा।

Explanation:

अभिनय के अभ्यास के लिए संवादों को अभिनय के साथ प्रस्तुत करना आवश्यक है।

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Q7.7. शब्दों का फेर “जब संगीत की स्वर लहरी गूँजती है तो पशु-पक्षी तक मुग्ध हो जाते हैं, शायर साहब! आप क्या समझते हैं संगीत को?” इस संवाद को पढ़ो और बताओ कि— (क) कहानी में इसके बदले किसने, क्यों और क्या बोला? तुम उसको लिखकर बताओ। (ख) कहानी में शायर के बदले गाजर कहने से क्या हुआ? तुम भी अगर किसी शब्द के बदले किसी अन्य शब्द का प्रयोग कर दो तो क्या होगा?

Answer:

(क) कहानी में इस संवाद के बदले चित्रकार महोदय ने कहा कि शायर के बदले गाजर कह दिया। यह इसलिए किया गया ताकि शायर की बात का मजाक उड़ाया जा सके और झगड़ा बढ़े। (ख) शायर के बदले गाजर कहने से माहौल में हास्य पैदा हुआ और झगड़ा और बढ़ गया। यदि हम किसी शब्द के बदले दूसरा शब्द प्रयोग करें तो उसका प्रभाव संवाद के भाव और अर्थ पर पड़ता है। कभी-कभी यह हास्य या गंभीरता बढ़ा सकता है।

Explanation:

यह प्रश्न शब्दों के प्रयोग और उनके प्रभाव को समझने के लिए है।

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Q8.8. तुम्हारा शीर्षक इस कहानी का शीर्षक ‘नाटक में नाटक’ है। कहानी में जो नाटक है तुम उसका शीर्षक बताओ।

Answer:

कहानी में नाटक के भीतर एक और नाटक चल रहा है, जो नाटक की तैयारी और उसमें आने वाली कठिनाइयों को दर्शाता है। इसलिए इसका शीर्षक 'नाटक में नाटक' उपयुक्त है। विद्यार्थी अपनी समझ के अनुसार कोई उपयुक्त शीर्षक भी दे सकते हैं जैसे— 'रिहर्सल की कहानी', 'कलाकारों की जद्दोजहद' आदि।

Explanation:

यह प्रश्न कहानी के शीर्षक और उसके अर्थ को समझने के लिए है।

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