Chapter 5
Chapter 5 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
13.1 भूमिका
व्याख्या13.1 भूमिका
इस अनुभाग में नाभिक की अवधारणा की भूमिका प्रस्तुत की गई है। पिछले अध्याय में हमने जाना कि प्रत्येक परमाणु का धनावेश केंद्र में संकेंद्रित होकर नाभिक बनाता है। नाभिक का आकार परमाणु की तुलना में अत्यंत छोटा होता है। α-कणों के प्रकीर्णन प्रयोगों से यह ज्ञात हुआ कि नाभिक की त्रिज्या परमाणु की त्रिज्या की तुलना में लगभग 10⁴ गुना कम होती है। इसका अर्थ है कि नाभिक का आयतन परमाणु के आयतन का लगभग 10⁻¹² भाग होता है। इसलिए परमाणु में अधिकांशतः रिक्त स्थान होता है। यदि परमाणु को कक्षा के कमरे के आकार का मान लें तो नाभिक एक पिन के शीर्ष के आकार के समान होगा। इसके बावजूद, परमाणु का लगभग 99.9% द्रव्यमान नाभिक में ही संकेंद्रित होता है। इस अनुभाग में यह प्रश्न उठाए गए हैं कि क्या नाभिक की भी कोई संरचना है? यदि है तो इसके अवयव कौन-कौन से हैं? वे कैसे जुड़े हैं? इस अध्याय में इन प्रश्नों के उत्तर खोजे जाएंगे। साथ ही नाभिक के आकार, द्रव्यमान, स्थायित्व, रेडियोएक्टिवता, विखंडन और संलयन जैसी नाभिकीय प्रक्रियाओं की भी चर्चा की जाएगी।
- परमाणु का धनावेश केंद्र में संकेंद्रित होकर नाभिक बनाता है।
- नाभिक का आकार परमाणु की तुलना में लगभग 10⁴ गुना छोटा होता है।
- परमाणु का लगभग 99.9% द्रव्यमान नाभिक में होता है।
- परमाणु में अधिकांशतः रिक्त स्थान होता है।
- नाभिक की संरचना, उसके अवयव और उनके आपसी संबंधों का अध्ययन इस अध्याय का उद्देश्य है।
- 📌 नाभिक: परमाणु का धनावेशित केंद्र जिसमें अधिकांश द्रव्यमान संकेंद्रित होता है।
- 📌 α-कण: हीलियम के नाभिक, जो परमाणु के अध्ययन में प्रयोग होते हैं।
13.2 परमाणु द्रव्यमान एवं नाभिक की संरचना
व्याख्या13.2 परमाणु द्रव्यमान एवं नाभिक की संरचना
इस अनुभाग में परमाणु द्रव्यमान की मापन इकाई, समस्थानिक, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की खोज तथा नाभिक की संरचना का विस्तार से वर्णन है। परमाणु का द्रव्यमान बहुत छोटा होता है, इसलिए इसे किलोग्राम में व्यक्त करना सुविधाजनक नहीं होता। अतः परमाणु द्रव्यमान मात्रक (u) का प्रयोग किया जाता है, जिसे 12C परमाणु के द्रव्यमान के 1/12वें भाग के रूप में परिभाषित किया गया है। इसका मान 1.660539 × 10⁻²⁷ किलोग्राम होता है। परमाणु द्रव्यमान मात्रक में विभिन्न तत्वों के परमाणु द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के लगभग पूर्ण गुणज होते हैं, लेकिन कुछ अपवाद भी हैं, जैसे क्लोरीन। क्लोरीन के दो समस्थानिक होते हैं जिनके द्रव्यमान 34.98 u और 36.98 u हैं, और उनकी सापेक्ष बहुलता 75.4% और 24.6% है। प्राकृतिक क्लोरीन का औसत द्रव्यमान इन समस्थानिकों के भारित औसत के बराबर होता है। नाभिक में धन आवेश केवल प्रोटॉनों का होता है, जिनकी संख्या परमाणु क्रमांक Z के बराबर होती है। इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर होते हैं। न्यूट्रॉन की खोज 1932 में जेम्स चैडविक ने की, जिन्होंने बेरिलियम पर α-कणों की बौछार से निकलने वाले उदासीन विकिरण का अध्ययन किया। न्यूट्रॉन का द्रव्यमान प्रोटॉन के लगभग बराबर होता है। नाभिक की संरचना को प्रोटॉन (Z), न्यूट्रॉन (N) और द्रव्यमान संख्या (A = Z + N) के रूप में व्यक्त किया जाता है। समस्थानिक वे परमाणु होते हैं जिनके परमाणु क्रमांक समान लेकिन न्यूट्रॉन संख्या भिन्न होती है। समभारिक वे नाभिक होते हैं जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है। समन्यूट्रॉनिक वे नाभिक होते हैं जिनकी न्यूट्रॉन संख्या समान लेकिन परमाणु क्रमांक भिन्न होता है।
- परमाणु द्रव्यमान मात्रक (u) 12C के द्रव्यमान के 1/12वें भाग के बराबर होता है।
- समस्थानिक वे परमाणु होते हैं जिनके परमाणु क्रमांक समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है।
- नाभिक में धन आवेश केवल प्रोटॉनों का होता है, जिनकी संख्या परमाणु क्रमांक Z के बराबर होती है।
- न्यूट्रॉन की खोज 1932 में जेम्स चैडविक ने की थी।
- नाभिक की संरचना प्रोटॉन (Z), न्यूट्रॉन (N) और द्रव्यमान संख्या (A) से व्यक्त की जाती है।
- 📌 परमाणु द्रव्यमान मात्रक (u): परमाणु द्रव्यमान मापन की इकाई।
- 📌 समस्थानिक (Isotopes): एक ही तत्व के ऐसे परमाणु जिनके परमाणु क्रमांक समान लेकिन न्यूट्रॉन संख्या भिन्न हो।
- 📌 प्रोटॉन: धनावेशित कण जो नाभिक में होते हैं।
13.3 नाभिक का साइज़
व्याख्या13.3 नाभिक का साइज़
इस अनुभाग में नाभिक के आकार (त्रिज्या) की गणना और उसका महत्व समझाया गया है। रदरफोर्ड के प्रयोगों से ज्ञात हुआ कि 5.5 MeV ऊर्जा वाले α-कणों की स्वर्ण नाभिकों के निकटतम पहुँच की दूरी लगभग 4.0 × 10⁻¹⁴ मीटर होती है। प्रकीर्णन को केवल कूलॉम प्रतिकर्षण बल
अभ्यास प्रश्न — Chapter 5
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.द्रव्यमान संख्या 8 और 27 के साथ नाभिक की त्रिज्या का अनुपात होगा
उत्तर:
2/3
Q2.एक रेडियोएक्टिव तत्व का आधा जीवन काल 1600 वर्ष होता है। 6400 वर्षों के बाद कौन सी राशि रहेगी?
उत्तर:
1/16
Q3.एक रेडियोधर्मी नाभिक का आधा जीवन 3 घंटे है। 9 घंटों में, इसकी गतिविधि घटकर एक कारक हो जाएगी
उत्तर:
1/8
Q4.वह मात्रा जो किसी परमाणु प्रतिक्रिया में संरक्षित नहीं होती है ____
उत्तर:
द्रव्यमान।
Q5.जब एक नाभिक एक नाभिक से उत्सर्जित होता है तो उसका न्यूट्रॉन-प्रोटान अनुपात ____
उत्तर:
घट जाती है
Q6.यूरेनियम नाभिक के घनत्व के परिमाण का क्रम है
उत्तर:
10 17 kg m -3
Q7.लौह नाभिक का द्रव्यमान 56 परमाणु घनत्व है
उत्तर:
2.29 × 10 17 kg m -3
Q8.बीटा विकिरण में उत्सर्जित एक इलेक्ट्रॉन से उत्पन्न होता है
उत्तर:
एक नाभिक में एक न्यूट्रॉन का क्षय
Bhautiki-II के सभी 6 अध्याय
Physics · Class 12