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Chapter 4

🎓 Class 9📖 Vigyan📖 12 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~18 मिनट
Chapter 3अध्याय 4 / 12Chapter 5

Chapter 4अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 12 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

परमाणु की खोज

व्याख्या

परमाणु की खोज

परमाणु की खोज विज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना है। प्रारंभ में, यूनानी दार्शनिक डेमोक्रीटस ने यह विचार प्रस्तुत किया था कि सभी पदार्थ अति सूक्ष्म, अविभाज्य कणों से बने होते हैं, जिन्हें उन्होंने 'परमाणु' कहा। डाल्टन ने भी अपने परमाणु सिद्धांत में परमाणु को अविभाज्य और अविनाशी माना। लेकिन 19वीं शताब्दी के अंत तक यह स्पष्ट हो गया कि परमाणु अविभाज्य नहीं है। कई वैज्ञानिकों ने प्रयोगों के माध्यम से परमाणु के भीतर छोटे कणों की खोज की। 1886 में ई. गोल्डस्टीन ने धनावेशित किरणों (केनाल किरणें) की खोज की। 1897 में जे. जे. टॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की खोज की, जो ऋणात्मक आवेशित कण थे। इलेक्ट्रॉन के बाद प्रोटॉन की खोज हुई, जो धनात्मक आवेशित कण हैं। इन खोजों ने साबित किया कि परमाणु अविभाज्य नहीं है, बल्कि इसमें इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन जैसे अवपरमाणुक कण होते हैं। इन कणों के आवेशों के कारण पदार्थों में विद्युत चालन और अन्य गुण होते हैं।

  • डेमोक्रीटस ने परमाणु की अवधारणा दी थी।
  • डाल्टन ने परमाणु को अविभाज्य माना था।
  • 19वीं शताब्दी में परमाणु अविभाज्य नहीं माना गया।
  • ई. गोल्डस्टीन ने केनाल किरणों की खोज की।
  • जे. जे. टॉमसन ने इलेक्ट्रॉन की खोज की।
  • प्रोटॉन धनात्मक आवेशित कण हैं।
  • 📌 परमाणु: पदार्थ का सबसे सूक्ष्म, मूलभूत कण।
  • 📌 इलेक्ट्रॉन (e⁻): ऋणात्मक आवेशित अवपरमाणुक कण।
  • 📌 प्रोटॉन (p⁺): धनात्मक आवेशित अवपरमाणुक कण।

4.1 पदार्थों में आवेशित कण

व्याख्या

4.1 पदार्थों में आवेशित कण

पदार्थों में विद्युत आवेशित कणों की उपस्थिति को समझने के लिए कुछ सरल क्रियाकलाप किए जा सकते हैं। जब दो वस्तुओं को आपस में रगड़ा जाता है, तो उनमें विद्युत आवेश उत्पन्न हो जाता है। उदाहरण के लिए, सूखे बालों पर कंची रगड़ने से कंची कागज के टुकड़ों को आकर्षित करती है। इसी प्रकार, काँच की छड़ को सिल्क के कपड़े पर रगड़ने के बाद वह गुब्बारे को आकर्षित करती है। यह विद्युत आवेश कहाँ से आता है? इसका उत्तर तब मिला जब यह पता चला कि परमाणु विभाज्य है और इसमें ऋणात्मक और धनात्मक आवेशित कण होते हैं। 19वीं शताब्दी के अंत तक यह ज्ञात हो गया था कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन नामक ऋणात्मक आवेशित कण होते हैं, जिनका आविष्कार जे. जे. टॉमसन ने किया। इसके पहले ई. गोल्डस्टीन ने धनावेशित किरणों (केनाल किरणें) की खोज की, जिनसे प्रोटॉन की खोज हुई। प्रोटॉन का द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन से लगभग 2000 गुना अधिक होता है और इसका आवेश +1 होता है। इलेक्ट्रॉन का आवेश -1 होता है। परमाणु में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन की संख्या समान होती है, जिससे परमाणु विद्युत् रूप से उदासीन रहता है।

  • रगड़ने से वस्तुओं में विद्युत आवेश उत्पन्न होता है।
  • इलेक्ट्रॉन ऋणात्मक आवेशित कण हैं।
  • प्रोटॉन धनात्मक आवेशित कण हैं।
  • परमाणु में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन की संख्या समान होती है।
  • केनाल किरणें धनावेशित विकिरण होती हैं।
  • 📌 आवेशित कण: ऐसे कण जिनमें विद्युत आवेश होता है।
  • 📌 इलेक्ट्रॉन (e⁻): ऋणात्मक आवेशित कण।
  • 📌 प्रोटॉन (p⁺): धनात्मक आवेशित कण।

4.2 परमाणु की संरचना

व्याख्या

4.2 परमाणु की संरचना

डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार, परमाणु अविभाज्य और अविनाशी होते थे। लेकिन इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन की खोज ने इस धारणा को बदल दिया। अब यह समझना आवश्यक था कि ये कण परमाणु के भीतर किस प्रकार व्यवस्थित हैं। इस प्रश्न का उत्तर देने के लिए कई वैज्ञानिकों

अभ्यास प्रश्नChapter 4

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.कार्य का SI मात्रक क्या है?
A.न्यूटन
B.न्यूटन/मीटर ²
C.जूल
D.दोनों विकल्प 2 और 3

उत्तर:

जूल

व्याख्या:

[{"id": "323f2306-926e-4a74-b2a2-135800a3891a", "type": "html", "value": " कार्य का SI मात्रक जूल है। "}]

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Q2.ऋणात्मक कार्य के स्तिथि में बल और विस्थापन के बीच का कोण (angle) क्या है?
A.360°
B.180°
C.90°
D.45°

उत्तर:

180°

व्याख्या:

[{"id": "52828d65-81c9-4708-84ca-a77c7b7315a8", "type": "html", "value": " ऋणात्मक कार्य के स्तिथि में, विस्थापन लागू बल के विपरीत दिशा में होता है। अतः बनने वाला कोण 180° है। "}]

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Q3.5 किलोग्राम द्रव्यमान की एक ट्रॉली एक निश्चित दिशा में 6 मीटर/सेकंड के प्रारंभिक वेग से गतिशील है। घर्षण बल के कारण ट्रॉली 20 मीटर के विस्थापन के बाद विरामावस्था में आ जाती है। यदि ट्रॉली को 6 मीटर/सेकंड के नियत वेग से गति करना है तो ट्रॉली पर कितना कार्य करना होगा?
A.90 जूल
B.0 जूल
C.540 जूल
D.दी गई जानकारी पूर्ण नहीं है

उत्तर:

90 जूल

व्याख्या:

[{"id": "ff2ec10a-6653-4a83-a21f-be240c7edd23", "type": "html", "value": " ट्रॉली के स्थिति में, u = 6 मीटर/सेकंड, v = 0, दूरी = 20 मीटर , द्रव्यमान = 5 किलोग्राम समीकरण से, v²- u² = 2aS a = v²- u²/2 s = (0 - 36)/2 × 20 = - 0.9 मीटर/सेकंड² बल (घर्षण बल) = 5 × (-0.9) = - 4.5 न्यूटन किया गया कार्य = 4.5 × 20 = 90 जूल "}]

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Q4.एक वस्तु पर 10 न्यूटन का बल लगाया जाता है जो बल की दिशा के लंबवत 10 मीटर चलती है। किए गए कार्य का परिकलन कीजिए ।
A.100 जूल
B.98 जूल
C.0 जूल
D.- 100 जूल

उत्तर:

0 जूल

व्याख्या:

[{"id": "799c9a3c-9004-4486-8f77-23ba750fbfc3", "type": "html", "value": " चूंकि विस्थापन की दिशा बल की दिशा के लंबवत है, इसलिए किया गया कार्य शून्य होता है। अत: विकल्प 3 सही है "}]

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Q5.एक गोलकीपर ने एक गोल बचाया। निम्नलिखित में से कौन सा कथन कीपर द्वारा किए गए कार्य का सही वर्णन करता है?
A.किया गया कार्य ऋणात्मक है क्योंकि बल विस्थापन की दिशा के विपरीत कार्य करता है।
B.किया गया कार्य शून्य है क्योंकि बल विस्थापन की दिशा के लंबवत कार्य करता है।
C.किया गया कार्य धनात्मक होता है क्योंकि बल विस्थापन को रोकता है।
D.कोई विकल्प नहीं

उत्तर:

किया गया कार्य ऋणात्मक है क्योंकि बल विस्थापन की दिशा के विपरीत कार्य करता है।

व्याख्या:

[{"id": "a33bc289-3a2c-4f0a-ba77-ffafd659d8da", "type": "html", "value": " यहां गोलकीपर गेंद को रोकने के लिए विस्थापन की विपरीत दिशा में बल का प्रयोग करता है। अतः किया गया कार्य ऋणात्मक है। विकल्प 1 सही है "}]

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Q6.निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
A.किया गया कार्य गुरुत्वाकर्षण बल से प्रभावित होता है।
B.कार्य में परिमाण होता है लेकिन दिशा नहीं।
C.किया गया कार्य बल और विस्थापन पर निर्भर करता है।
D.किया गया कार्य धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है।

उत्तर:

किया गया कार्य धनात्मक या ऋणात्मक हो सकता है।

व्याख्या:

[{"id": "c9bed849-4e79-4f21-909c-62d9dfb2dec2", "type": "html", "value": " किया गया कार्य धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है। अत: विकल्प 4 सही उत्तर है "}]

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Q7.20 किलोग्राम भार वाली एक वस्तु को 4 मीटर के विस्थापन द्वारा ऊपर की ओर उठाया जाता है। क्या कार्य किया गया है?
A.100 जूल
B.784 जूल
C.0 जूल
D.इनमें से कोई नहीं

उत्तर:

784 जूल

व्याख्या:

[{"id": "8903ee0a-0ff8-41f5-aebb-dc5e7c275c18", "type": "html", "value": " बल = 20 × 9.8 = 196 न्यूटन किया गया कार्य = 196 × 4 = 784 जूल "}]

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Q8.शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने वाले ऊतक (tissue) को _________ कहा जाता है।
A.एपिथेलियम ऊतक (Epithelium tissue)
B.संयोजी ऊतक (Connective tissue)
C.पेशीय ऊतक (Muscular tissue)
D.तंत्रिका ऊतक (Nervous tissue)

उत्तर:

संयोजी ऊतक (Connective tissue)

व्याख्या:

[{"id": "e20e199b-91b1-452e-ac12-5cf9e4cc00d3", "type": "html", "value": " शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने वाले ऊतक को संयोजी ऊतक (connective tissue) कहते हैं। "}]

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