Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 9 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
रासायनिक आबंधन का परिचय
व्याख्यारासायनिक आबंधन का परिचय
रासायनिक आबंधन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा दो या दो से अधिक परमाणु आपस में जुड़कर अणु या आयन बनाते हैं। परमाणु अपने बाह्य कक्ष में पूर्ण इलेक्ट्रॉन प्राप्त करके स्थिरता प्राप्त करना चाहते हैं। यह स्थिरता प्राप्त करने की प्रवृत्ति को 'आदर्श इलेक्ट्रॉन विन्यास' कहा जाता है, जो सामान्यतः निओन जैसे नोबेल गैसों के इलेक्ट्रॉन विन्यास के समान होती है। रासायनिक आबंधन के माध्यम से परमाणु अपनी बाह्य कक्ष की इलेक्ट्रॉन संख्या को पूर्ण करते हैं, जिससे वे अधिक स्थिर हो जाते हैं। आबंधन के कारण परमाणु आपस में मजबूती से जुड़ते हैं और नए पदार्थ बनाते हैं। रासायनिक आबंधन के मुख्य प्रकार आयनिक, सहसंयोजक (कोवैलेंट) और धात्विक आबंधन हैं। प्रत्येक प्रकार के आबंधन में इलेक्ट्रॉनों के आदान-प्रदान या साझा करने की प्रक्रिया अलग होती है। इस अध्याय में हम इन आबंधनों के सिद्धांत, प्रकार, और उनके आधार पर बनने वाली आण्विक संरचनाओं का अध्ययन करेंगे।
- परमाणु स्थिरता प्राप्त करने के लिए बाह्य कक्ष के इलेक्ट्रॉन पूर्ण करना चाहते हैं।
- रासायनिक आबंधन के माध्यम से परमाणु आपस में जुड़ते हैं।
- आदर्श इलेक्ट्रॉन विन्यास नोबेल गैसों के समान होता है।
- मुख्य रासायनिक आबंधन आयनिक, सहसंयोजक और धात्विक होते हैं।
- आबंधन से नए पदार्थों के अणु या आयन बनते हैं।
- 📌 रासायनिक आबंधन: परमाणुओं के बीच जुड़ाव की प्रक्रिया।
- 📌 आदर्श इलेक्ट्रॉन विन्यास: बाह्य कक्ष में पूर्ण इलेक्ट्रॉन संख्या।
आयनिक आबंधन
व्याख्याआयनिक आबंधन
आयनिक आबंधन तब बनता है जब एक परमाणु से इलेक्ट्रॉन दूसरे परमाणु को स्थानांतरित हो जाता है, जिससे एक धनात्मक आयन (कैटायन) और एक ऋणात्मक आयन (ऐनायन) बनते हैं। यह आबंधन मुख्यतः धातु और अधातु के बीच बनता है। धातु अपने बाह्य कक्ष के इलेक्ट्रॉन खोकर कैटायन बनता है जबकि अधातु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऐनायन बनता है। इस प्रकार बने दो विपरीत आवेश वाले आयन आपस में विद्युत् आकर्षण बल से जुड़ते हैं, जिससे आयनिक यौगिक बनता है। उदाहरण के लिए, सोडियम (Na) एक इलेक्ट्रॉन खोकर Na+ कैटायन बनता है और क्लोरीन (Cl) एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर Cl- ऐनायन बनता है। Na+ और Cl- के बीच आकर्षण बल से NaCl बनता है। आयनिक यौगिकों की संरचना क्रिस्टलीय होती है, जिसमें आयन नियमित त्रि-आयामी व्यवस्था में व्यवस्थित होते हैं। आयनिक यौगिकों के गुणों में उच्च गलनांक, विद्युत चालकता (पिघले या जल में घुले हुए), और कठोरता शामिल हैं।
- आयनिक आबंधन में इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण होता है।
- धातु कैटायन (धनात्मक आयन) बनाते हैं।
- अधातु ऐनायन (ऋणात्मक आयन) बनाते हैं।
- विपरीत आवेश वाले आयन विद्युत् आकर्षण से जुड़ते हैं।
- आयनिक यौगिक क्रिस्टलीय संरचना रखते हैं।
- आयनिक यौगिकों का उच्च गलनांक और विद्युत चालकता होती है।
- 📌 कैटायन: धनात्मक आवेश वाला आयन।
- 📌 ऐनायन: ऋणात्मक आवेश वाला आयन।
- 📌 आयनिक यौगिक: आयनों के बीच विद्युत् आकर्षण से बना यौगिक।
सहसंयोजक (कोवैलेंट) आबंधन
व्याख्यासहसंयोजक (कोवैलेंट) आबंधन
सहसंयोजक आबंधन में दो परमाणु अपने बाह्य कक्ष के इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं ताकि दोनों को स्थिरता मिल सके। यह आबंधन मुख्यतः अधातु परमाणुओं के बीच बनता है। सहसंयोजक बंध एकल, द्वि-गुणित, या त्रि-गुणित हो सकते हैं, जिनमें क्रमशः एक, दो या तीन इलेक्ट्रॉन जो
अभ्यास प्रश्न — Chapter 4
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.प्रश्न. निम्न में से कौन-सा पदार्थ अर्धचालक के रूप में प्रयुक्त होता है?
उत्तर:
(घ) Si
Q2.प्रश्न . निम्नलिखित में से कौन सा यौगिक एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक और साथ ही एक लुईस अम्ल है-
उत्तर:
(ख) BF 3
Q3.प्रश्न. शुष्क बर्फ है-
उत्तर:
(ग)ठोस कार्बन डाईऑक्साइड
Q4.प्रश्न . हीरे के अणु में होता है-
उत्तर:
(ग) sp 3 - संकरणित कार्बन परमाणु एकल बंधों से जुड़े होते हैं
Q5.प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन सबसे अधिक आयनिक है?
उत्तर:
(ख) PbCl 2
Q6.प्रश्न. सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) किस रूप में जाना जाता है?
उत्तर:
(ख) ट्रायडिमाइड
Q7.प्रश्न. निम्नलिखित में से कौन एक शुद्ध अम्लीय ऑक्साइड है?
उत्तर:
(क) SiO 2
Q8.प्रश्न . सिलिकॉन्स, ऑर्गेनोसिलिकॉन पॉलिमर युक्त एक समूह है-
उत्तर:
(क) Si - O - Si लिंकेज
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Chemistry · Class 11