Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
राजनीतिक संस्थाएँ और उनका कामकाज
व्याख्याराजनीतिक संस्थाएँ और उनका कामकाज
राजनीतिक संस्थाएँ वे संगठन होती हैं जो समाज में नियम बनाने, कानून लागू करने और जनता के हितों की रक्षा करने का काम करती हैं। भारत में मुख्य राजनीतिक संस्थाएँ संसद, सरकार, न्यायपालिका और राजनीतिक दल हैं। संसद वह संस्था है जहाँ देश के प्रतिनिधि मिलकर कानून बनाते हैं, नीतियों पर चर्चा करते हैं और सरकार की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हैं। सरकार संसद द्वारा बनाए गए कानूनों को लागू करती है और प्रशासनिक कार्यों को संचालित करती है। न्यायपालिका स्वतंत्र और निष्पक्ष होती है, जो कानूनों की व्याख्या करती है और न्याय प्रदान करती है। राजनीतिक दल वे संगठन होते हैं जो चुनावों में भाग लेते हैं और सरकार बनाने का प्रयास करते हैं। ये दल जनता के विभिन्न विचारों और हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस प्रकार राजनीतिक संस्थाएँ मिलकर लोकतंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती हैं।
- राजनीतिक संस्थाएँ समाज में नियम बनाने और लागू करने का कार्य करती हैं।
- भारत की मुख्य राजनीतिक संस्थाएँ हैं: संसद, सरकार, न्यायपालिका और राजनीतिक दल।
- संसद में बहस और मतदान के माध्यम से कानून बनाए जाते हैं।
- सरकार संसद के बनाए कानूनों को लागू करती है।
- न्यायपालिका स्वतंत्र होकर न्याय प्रदान करती है।
- राजनीतिक दल चुनावों में भाग लेकर सरकार बनाने का प्रयास करते हैं।
- 📌 राजनीतिक संस्थाएँ: वे संगठन जो समाज में शासन और नियम बनाने का काम करते हैं।
- 📌 संसद: देश के प्रतिनिधियों का वह समूह जो कानून बनाता है।
- 📌 सरकार: वह संस्था जो कानूनों को लागू करती है।
सरकारी आदेश और उनका क्रियान्वयन
व्याख्यासरकारी आदेश और उनका क्रियान्वयन
सरकारी आदेश वे निर्देश होते हैं जो सरकार के विभिन्न विभागों और अधिकारियों को दिए जाते हैं ताकि वे नीतियों और योजनाओं को लागू कर सकें। ये आदेश संसद या कैबिनेट के निर्णयों के आधार पर जारी किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, जब संसद कोई नया कानून बनाती है, तो सरकार के संबंधित विभाग उस कानून के अनुसार आदेश जारी करते हैं ताकि वह कानून जमीन पर लागू हो सके। आदेश जारी करने की प्रक्रिया में कैबिनेट के फैसले को संबंधित विभाग को भेजा जाता है, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आदेश तैयार करते हैं और मंत्री की स्वीकृति के बाद उसे लागू किया जाता है। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होता है कि सरकार के निर्णय सही ढंग से क्रियान्वित हों।
- सरकारी आदेश सरकार के निर्णयों को लागू करने के लिए निर्देश होते हैं।
- आदेश संसद या कैबिनेट के फैसलों पर आधारित होते हैं।
- कैबिनेट के फैसले को संबंधित विभाग को भेजा जाता है।
- विभाग के अधिकारी आदेश तैयार करते हैं।
- मंत्री की स्वीकृति के बाद आदेश जारी किया जाता है।
- आदेशों के माध्यम से नीतियाँ जमीन पर लागू होती हैं।
- 📌 सरकारी आदेश: सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देश।
- 📌 कैबिनेट: सरकार के मुख्य निर्णय लेने वाला समूह।
- 📌 क्रियान्वयन: किसी योजना या आदेश को लागू करना।
संसद में बहस और निर्णय लेना
व्याख्यासंसद में बहस और निर्णय लेना
संसद लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण संस्था है जहाँ देश के प्रतिनिधि मिलकर कानून बनाते हैं, नीतियों पर चर्चा करते हैं और सरकार की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हैं। संसद में बहस का उद्देश्य विभिन्न मुद्दों पर विभिन्न विचारों को सामने लाना होता है ताकि सभी
अभ्यास प्रश्न — Chapter 4
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.संवेग परिवर्तन की दर ________ के बराबर होती है।
उत्तर:
बल
व्याख्या:
[{"id": "cca1a783-e0b2-40af-aa3b-f01062933213", "type": "html", "value": " संवेग परिवर्तन की दर लागू बल के सीधे आनुपातिक है। तो, यह बल के बराबर है। अत: विकल्प 2 सही है. "}]
Q2.10 किलोग्राम और 15 किलोग्राम द्रव्यमान की दो वस्तुएँ आपस में टकराती हैं। यदि वस्तुओं का वेग क्रमशः 5 मीटर/सेकंड और 4 मीटर/सेकंड है, तो समान दिशा में गति करने पर टक्कर के पश्चात उनका वेग क्या होगा?
उत्तर:
4.4 मीटर/सेकंड
व्याख्या:
[{"id": "11e80f21-8457-48dc-a31e-47ed7ef57b71", "type": "html", "value": " टक्कर से पूर्व का कुल संवेग = 10 × 5 + 15 × 4 =110 किलोग्राम मीटर/सेकंड संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, टक्कर से पूर्व का कुल संवेग टक्कर के पश्चात के कुल संवेग के बराबर होता है अत: टक्कर से पूर्व का कुल संवेग = 110 किलोग्राम मीटर/सेकंड अंतिम संवेग =m × v= 25v m × v = 110 25 v = 110 v = 110/25 = 4.4 मीटर/सेकंड "}]
Q3.M द्रव्यमान का एक पिंड V वेग से एक दीवार से टकराता है और उसी वेग से उच्छलन (rebound) करता है। इसके संवेग में परिवर्तन का परिमाण है:
उत्तर:
2mV
व्याख्या:
[{"id": "00b83e7d-a42b-47bd-8968-38ce85b45e6c", "type": "html", "value": " गेंद का प्रारंभिक संवेग = MV उच्छलन के बाद गेंद का वेग = -V अंतिम संवेग है = -MV संवेग में परिवर्तन = अंतिम संवेग - प्रारंभिक संवेग = -mV-mV =-2mV या संवेग में परिवर्तन का परिमाण = 2mV "}]
Q4.3 किलोग्राम द्रव्यमान की एक बंदूक 20 ग्राम द्रव्यमान की गोली चलाती है। गोली का वेग 125 मीटर/सेकंड है, बंदूक का प्रतिक्षेप(recoil) वेग क्या है?
उत्तर:
-0.8333 मीटर/सेकंड
व्याख्या:
[{"id": "7aaefb50-058a-4273-9ae1-ce74d4a688cb", "type": "html", "value": " बंदूक का द्रव्यमान = 3 किलोग्राम गोली का द्रव्यमान = 20 ग्राम = 0.02 किलोग्राम गोली का वेग = 125 मीटर/सेकंड बंदूक चलाने से पहले का कुल संवेग = 3 × 0 + 0.02 × 0 = 0 (बंदूक और गोली दोनों का वेग 0 है, क्योंकि वे विरामावस्था में थे।) बंदूक से दागे जाने के बाद कुल संवेग = 3×v + 0.02 × 125 = 3v + 2.5 हम लोग जानते हैं, बंदूक चलाने से पूर्व का कुल संवेग = बंदूक चलाने के पश्चात कुल संवेग 0 = 3v + 2.5 v = -2.5 / 3 = -0.8333 मीटर/सेकंड "}]
Q5.एक बल्लेबाज 0.10 सेकंड में 40 न्यूटन का बल लगाकर 0.8 ग्राम द्रव्यमान की गेंद को हिट करता है। यदि बल्ले का द्रव्यमान 2 किलोग्राम हो तो गेंद के संवेग में परिवर्तन का परिमाण क्या होगा?
उत्तर:
4 किलोग्राम मीटर/सेकंड
व्याख्या:
[{"id": "71bda703-da04-4431-88c3-db9e136b0749", "type": "html", "value": " F = 40 न्यूटन , t = 0.10 सेकंड संवेग परिवर्तन = 40 × 0.10 = 4 किलोग्राम मीटर/सेकंड "}]
Q6.1500 किग्रा वजन का एक लाल वाहन 10 मीटर/सेकंड के वेग से यात्रा कर रहा था, 500 किग्रा वजन वाले और 20 मीटर/सेकंड की गति से चल रहे नीले वाहन के सिरे से टकरा जाता है। टक्कर के पश्चात वेग क्या होगा? मान लें कि लाल वाहन बाएं से दाएं और नीला वाहन दाएं से बाएं यात्रा कर रहा है।
उत्तर:
2.5 मीटर/सेकंड
व्याख्या:
[{"id": "5d46f53c-090f-42ad-bc34-99134893d0e6", "type": "html", "value": " यदि लाल वाहन बाएं से दाएं यात्रा कर रहा है, तो नीला वाहन दाएं से बाएं यात्रा कर रहा है। लाल वाहन का संवेग = 1500 × 10 = 15000 किग्रा मीटर/सेकंड नीले वाहन का संवेग = 500 × (-20) = -10000 किग्रा मीटर/सेकंड (ऋणात्मक चिन्ह विपरीत दिशा को दर्शाता है) संवेग संरक्षण के नियम का पालन करते हुए, हम कह सकते हैं, टक्कर से पहले कुल संवेग = 15,000 - 10,000 = 5000 किग्रा मीटर/सेकंड कुल द्रव्यमान = 2000 किग्रा टक्कर के बाद वेग = 5000/2000 = 2.5 मीटर/सेकंड "}]
Q7.राजनीतिक संस्थाएँ क्या होती हैं और वे समाज में क्या भूमिका निभाती हैं?
उत्तर:
राजनीतिक संस्थाएँ वे संगठन होती हैं जो समाज में नियम बनाने, कानून लागू करने और जनता के हितों की रक्षा करती हैं। उदाहरण के लिए, भारत में संसद, सरकार, न्यायपालिका और राजनीतिक दल मुख्य राजनीतिक संस्थाएँ हैं।
व्याख्या:
राजनीतिक संस्थाएँ समाज में नियम और कानून बनाकर व्यवस्था बनाए रखती हैं। वे जनता के हितों की रक्षा करती हैं और लोकतंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती हैं। भारत में संसद कानून बनाती है, सरकार उन्हें लागू करती है, न्यायपालिका न्याय प्रदान करती है और राजनीतिक दल चुनावों में भाग लेते हैं।
Q8.संसद में बहस का उद्देश्य क्या होता है और यह लोकतंत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
संसद में बहस का उद्देश्य विभिन्न मुद्दों पर विभिन्न विचारों को सामने लाना होता है ताकि सभी पक्षों की राय सुनी जा सके। यह लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित होती है और निर्णय पारदर्शी होते हैं। उदाहरण के लिए, संसद में विधेयकों पर चर्चा और संशोधन होते हैं।
व्याख्या:
बहस से सभी सदस्यों को अपने विचार रखने का अवसर मिलता है, जिससे बेहतर निर्णय लिए जा सकते हैं। इससे सरकार की कार्यप्रणाली की समीक्षा होती है और लोकतंत्र मजबूत होता है। बहस के बाद मतदान द्वारा निर्णय लिया जाता है।
Loktantrik Rajniti-I के सभी 5 अध्याय
Social Science · Class 9