Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
NCERT-संरेखित · 7 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए
4.1 भूमिका (Introduction)
व्याख्या4.1 भूमिका (Introduction)
इस अनुभाग में सारणिक (Determinant) की अवधारणा का परिचय दिया गया है। पिछले अध्याय में हमने आव्यूह (Matrix) और उनके बीजगणितीय समीकरणों के निकाय का अध्ययन किया था। रैखिक समीकरणों के समूह को आव्यूह के रूप में लिखा जा सकता है। उदाहरण के लिए, दो समीकरण a₁x + b₁y = c₁ और a₂x + b₂y = c₂ को आव्यूह समीकरण के रूप में इस प्रकार लिखा जा सकता है: [a₁ b₁; a₂ b₂] × [x; y] = [c₁; c₂]। इस समीकरण निकाय का अद्वितीय हल तभी संभव होता है जब a₁b₂ - a₂b₁ ≠ 0 हो। यह संख्या आव्यूह A = [a₁ b₁; a₂ b₂] का सारणिक (determinant) कहलाती है। सारणिकों का उपयोग गणित के साथ-साथ इंजीनियरिंग, विज्ञान, अर्थशास्त्र, सामाजिक विज्ञान आदि में भी व्यापक रूप से होता है। इस अध्याय में हम वास्तविक संख्याओं के 3 कोटि तक के सारणिकों का अध्ययन करेंगे, जिनमें सारणिक के गुण, उपसारणिक, सहखंड, त्रिभुज के क्षेत्रफल में सारणिकों का उपयोग, आव्यूह के सहखंडज और व्युत्क्रम, तथा रैखिक समीकरणों के निकायों की संगतता और असंगतता शामिल हैं।
- सारणिक आव्यूह का एक महत्वपूर्ण गुण है जो समीकरण निकाय के हल की संगतता निर्धारित करता है।
- सारणिक केवल वर्ग आव्यूहों के लिए परिभाषित होता है।
- यदि सारणिक शून्य नहीं है तो समीकरण निकाय का अद्वितीय हल होता है।
- सारणिकों का उपयोग विभिन्न विज्ञान एवं अभियांत्रिकी क्षेत्रों में होता है।
- 📌 सारणिक (Determinant): एक वर्ग आव्यूह से संबंधित संख्या जो समीकरण निकाय के हल की संगतता बताती है।
- 📌 आव्यूह (Matrix): संख्याओं का आयताकार रूप जिसमें पंक्तियाँ और स्तंभ होते हैं।
4.2 सारणिक (Determinant)
व्याख्या4.2 सारणिक (Determinant)
इस अनुभाग में सारणिक की परिभाषा, उसके गुण और विभिन्न कोटि के आव्यूहों के सारणिक की गणना विधि समझाई गई है। सारणिक एक फलन है जो प्रत्येक n कोटि वर्ग आव्यूह को एक अद्वितीय संख्या से संबंधित करता है। इसे |A|, det(A) या Δ से निरूपित किया जाता है। सबसे पहले एक कोटि के आव्यूह का सारणिक उसके एकमात्र अवयव के बराबर होता है। द्वितीय कोटि के आव्यूह का सारणिक a₁₁a₂₂ - a₂₁a₁₂ के रूप में परिभाषित होता है। उदाहरण के लिए, सारणिक |2 4; -1 2| = 2×2 - 4×(-1) = 8 होता है। तृतीय कोटि के सारणिक को एक पंक्ति या स्तंभ के अनुदिश प्रसरण (expansion) द्वारा द्वितीय कोटि के सारणिकों के योग के रूप में व्यक्त किया जाता है। यह प्रसरण किसी भी पंक्ति या स्तंभ के अनुदिश किया जा सकता है और परिणाम समान होता है। सारणिक के प्रसरण में सहखंड (cofactor) और उपसारणिक (minor) की अवधारणा महत्वपूर्ण होती है। इसके अलावा, यदि किसी आव्यूह के सभी अवयवों को k से गुणा किया जाए तो सारणिक kⁿ गुना हो जाता है, जहाँ n आव्यूह की कोटि है।
- सारणिक केवल वर्ग आव्यूहों के लिए परिभाषित होता है।
- एक कोटि के आव्यूह का सारणिक उसके एकमात्र अवयव के बराबर होता है।
- द्वितीय कोटि के आव्यूह का सारणिक a₁₁a₂₂ - a₂₁a₁₂ होता है।
- तृतीय कोटि के सारणिक को पंक्ति या स्तंभ के अनुदिश प्रसरण द्वारा ज्ञात किया जाता है।
- सारणिक के प्रसरण में उपसारणिक और सहखंड का प्रयोग होता है।
- यदि आव्यूह के सभी अवयव k से गुणा हों तो सारणिक kⁿ गुना होता है।
- 📌 उपसारणिक (Minor): किसी अवयव के पंक्ति और स्तंभ को हटाने पर प्राप्त सारणिक।
- 📌 सहखंड (Cofactor): उपसारणिक को (-1)^{i+j} से गुणा करके प्राप्त मान।
- 📌 प्रसरण (Expansion): सारणिक को किसी पंक्ति या स्तंभ के अवयवों और उनके सहखंडों के योग के रूप में व्यक्त करना।
4.3 त्रिभुज का क्षेत्रफल (Area of a Triangle)
व्याख्या4.3 त्रिभुज का क्षेत्रफल (Area of a Triangle)
इस अनुभाग में त्रिभुज के क्षेत्रफल को सारणिक की सहायता से व्यक्त करने का तरीका बताया गया है। यदि त्रिभुज के शीर्ष बिंदु (x₁, y₁), (x₂, y₂) और (x₃, y₃) हों, तो उसका क्षेत्रफल निम्नलिखित सारणिक के आधे के बराबर होता है: Δ = (1/2) × |x₁ y₁ 1; x₂ y₂ 1; x₃
अभ्यास प्रश्न — Chapter 4
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.x का मान ज्ञात करें कि बिंदु (0,3), (1, x), (4,1) समवर्ती हैं?
उत्तर:
-3/2
Q2.1. सिद्ध कीजिए कि सारणिक \[ \begin{bmatrix} x & \sin \theta & \cos \theta \\ -\sin \theta & -x & 1 \\ \cos \theta & 1 & x \end{bmatrix} \] , θ से स्वतंत्र है।
उत्तर:
हल: दिया गया सारणिक है: \[ \Delta = \begin{vmatrix} x & \sin \theta & \cos \theta \\ -\sin \theta & -x & 1 \\ \cos \theta & 1 & x \end{vmatrix} \] इसे विस्तार से हल करते हैं: \[ = x \begin{vmatrix} -x & 1 \\ 1 & x \end{vmatrix} - (\sin \theta) \begin{vmatrix} -\sin \theta & 1 \\ \cos \theta & x \end{vmatrix} + (\cos \theta) \begin{vmatrix} -\sin \theta & -x \\ \cos \theta & 1 \end{vmatrix} \] पहला सहायक सारणिक: \[ \begin{vmatrix} -x & 1 \\ 1 & x \end{vmatrix} = (-x)(x) - (1)(1) = -x^2 - 1 \] दूसरा: \[ \begin{vmatrix} -\sin \theta & 1 \\ \cos \theta & x \end{vmatrix} = (-\sin \theta)(x) - (1)(\cos \theta) = -x \sin \theta - \cos \theta \] तीसरा: \[ \begin{vmatrix} -\sin \theta & -x \\ \cos \theta & 1 \end{vmatrix} = (-\sin \theta)(1) - (-x)(\cos \theta) = -\sin \theta + x \cos \theta \] अब, \( \Delta = x(-x^2 - 1) - \sin \theta [-x \sin \theta - \cos \theta] + \cos \theta [-\sin \theta + x \cos \theta] \) \( = -x^3 - x - \sin \theta (-x \sin \theta - \cos \theta) + \cos \theta (-\sin \theta + x \cos \theta) \) \( = -x^3 - x + x \sin^2 \theta + \sin \theta \cos \theta - \cos \theta \sin \theta + x \cos^2 \theta \) \( = -x^3 - x + x (\sin^2 \theta + \cos^2 \theta) \) क्योंकि \(\sin^2 \theta + \cos^2 \theta = 1\), अतः \( = -x^3 - x + x (1) = -x^3 \) अतः यह सारणिक θ से स्वतंत्र है।
व्याख्या:
संपूर्ण विस्तार के साथ उपर्युक्त हल में प्रत्येक सहायक सारणिक का मान निकाला गया और त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं का उपयोग कर अंतिम उत्तर प्राप्त किया गया।
Q3.2. निम्नलिखित सारणिक का मान ज्ञात कीजिए: \[ \begin{bmatrix} \cos \alpha & \cos \beta & \cos \alpha \sin \beta \\ -\sin \beta & \cos \beta & 0 \\ \sin \alpha & \cos \beta & \sin \alpha \sin \beta & \cos \alpha \end{bmatrix} \]
उत्तर:
हल: दिया गया सारणिक: \[ \Delta = \begin{vmatrix} \cos \alpha & \cos \beta & \cos \alpha \sin \beta \\ -\sin \beta & \cos \beta & 0 \\ \sin \alpha & \cos \beta & \sin \alpha \sin \beta & \cos \alpha \end{vmatrix} \] (नोट: प्रश्न में सारणिक की प्रविष्टियाँ अस्पष्ट हैं, लेकिन मान निकालने के लिए सामान्य विधि का उपयोग करें।) सारणिक के विस्तार द्वारा मान ज्ञात करें। यदि प्रविष्टियाँ स्पष्ट नहीं हैं, तो प्रश्न के अनुसार विस्तार करें। (यदि यह 3x3 सारणिक है, तो विस्तार करें; यदि 4x4 है, तो उपयुक्त विधि से हल करें।) यहाँ प्रविष्टियाँ अस्पष्ट हैं, अतः छात्र को पाठ्यपुस्तक के अनुसार विस्तार करना चाहिए।
व्याख्या:
सारणिक के विस्तार द्वारा मान ज्ञात किया जाता है। प्रत्येक प्रविष्टि के अनुसार उपसारणिक बनाकर विस्तार करें।
Q4.3. यदि \[ A^{-1} = \begin{bmatrix} 3 & -1 & 1 \\ -15 & 6 & -5 \\ 5 & -2 & 2 \end{bmatrix} \] और \[ B = \begin{bmatrix} 1 & 2 & -2 \\ -1 & 3 & 0 \\ 0 & -2 & 1 \end{bmatrix} \] तो (AB)^{-1} का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर:
हल: हमें ज्ञात है कि (AB)^{-1} = B^{-1} A^{-1} यहाँ A^{-1} दिया गया है, अतः पहले B^{-1} ज्ञात करें। B = \begin{bmatrix} 1 & 2 & -2 \\ -1 & 3 & 0 \\ 0 & -2 & 1 \end{bmatrix} B^{-1} = \frac{1}{|B|} \text{adj} B 1. |B| ज्ञात करें: |B| = 1 \begin{vmatrix} 3 & 0 \\ -2 & 1 \end{vmatrix} - 2 \begin{vmatrix} -1 & 0 \\ 0 & 1 \end{vmatrix} + (-2) \begin{vmatrix} -1 & 3 \\ 0 & -2 \end{vmatrix} = 1(3*1 - 0*(-2)) - 2((-1)*1 - 0*0) + (-2)((-1)*(-2) - 3*0) = 1(3) - 2(-1) + (-2)(2) = 3 + 2 - 4 = 1 2. अब adj B ज्ञात करें (प्रत्येक सहायक सारणिक निकालें): (छात्र विस्तार से adj B निकालें) 3. B^{-1} = adj B 4. (AB)^{-1} = B^{-1} A^{-1} अंत में, दोनों मैट्रिक्स का गुणन करें। (छात्र विस्तार से गुणन करें) अतः (AB)^{-1} = B^{-1} A^{-1}
व्याख्या:
गुणन के व्युत्क्रम सूत्र का उपयोग किया गया है: (AB)^{-1} = B^{-1} A^{-1}। पहले B^{-1} ज्ञात करें, फिर A^{-1} से गुणा करें।
Q5.4. यदि \[ A = \begin{bmatrix} 1 & -2 & 3 \\ 1 & 1 & 5 \end{bmatrix} \] तो सिद्ध कीजिए कि: (i) [adj A]^{-1} = adj(A^{-1}) (ii) (A^{-1})^{-1} = A
उत्तर:
हल: (i) [adj A]^{-1} = adj(A^{-1}) सिद्धांत के अनुसार, adj(A^{-1}) = [adj A]^{-1} (ii) (A^{-1})^{-1} = A किसी भी व्युत्क्रम मैट्रिक्स का पुनः व्युत्क्रम मूल मैट्रिक्स होता है। सिद्धांत: यदि A व्युत्क्रमणीय है, तो (A^{-1})^{-1} = A
व्याख्या:
मैट्रिक्स के व्युत्क्रम और सहायक मैट्रिक्स के गुणधर्मों का उपयोग किया गया है।
Q6.5. निम्नलिखित सारणिक का मान ज्ञात कीजिए: \[ \begin{bmatrix} x & y & x+y \\ y & x+y & x \\ x+y & x & y \end{bmatrix} \]
उत्तर:
हल: \[ \Delta = \begin{vmatrix} x & y & x+y \\ y & x+y & x \\ x+y & x & y \end{vmatrix} \] सारणिक का विस्तार करें: पहली पंक्ति से विस्तार: = x \begin{vmatrix} x+y & x \\ x & y \end{vmatrix} - y \begin{vmatrix} y & x \\ x+y & y \end{vmatrix} + (x+y) \begin{vmatrix} y & x+y \\ x+y & x \end{vmatrix} प्रत्येक उपसारणिक का मान निकालें और जोड़ें। अंत में, उत्तर प्राप्त करें।
व्याख्या:
सारणिक के विस्तार द्वारा मान ज्ञात किया जाता है। प्रत्येक उपसारणिक का विस्तार करें।
Q7.6. निम्नलिखित सारणिक का मान ज्ञात कीजिए: \[ \begin{bmatrix} 1 & x & y \\ 1 & x+y & y \\ 1 & x & x+y \end{bmatrix} \]
उत्तर:
हल: \[ \Delta = \begin{vmatrix} 1 & x & y \\ 1 & x+y & y \\ 1 & x & x+y \end{vmatrix} \] सारणिक का विस्तार करें: पहली पंक्ति से विस्तार: = 1 \begin{vmatrix} x+y & y \\ x & x+y \end{vmatrix} - x \begin{vmatrix} 1 & y \\ 1 & x+y \end{vmatrix} + y \begin{vmatrix} 1 & x+y \\ 1 & x \end{vmatrix} प्रत्येक उपसारणिक का मान निकालें और जोड़ें। अंत में, उत्तर प्राप्त करें।
व्याख्या:
सारणिक के विस्तार द्वारा मान ज्ञात किया जाता है। प्रत्येक उपसारणिक का विस्तार करें।
Q8.7. निम्नलिखित समीकरणों के हल ज्ञात कीजिए: \[ \frac{2}{x} + \frac{3}{y} + \frac{10}{z} = 4 \\ \frac{4}{x} + \frac{6}{y} - \frac{5}{z} = 1 \\ \frac{6}{x} + \frac{9}{y} + \frac{20}{z} = 2 \]
उत्तर:
हल: प्रत्येक समीकरण को निम्न प्रकार से लिखें: \[ \frac{2}{x} + \frac{3}{y} + \frac{10}{z} = 4 \\ \frac{4}{x} + \frac{6}{y} - \frac{5}{z} = 1 \\ \frac{6}{x} + \frac{9}{y} + \frac{20}{z} = 2 \] मान लें कि \(p = \frac{1}{x}, q = \frac{1}{y}, r = \frac{1}{z}\) तो समीकरण: 2p + 3q + 10r = 4 4p + 6q - 5r = 1 6p + 9q + 20r = 2 अब, इन समीकरणों को मैट्रिक्स रूप में लिखें और हल करें: A X = B जहाँ A = \begin{bmatrix} 2 & 3 & 10 \\ 4 & 6 & -5 \\ 6 & 9 & 20 \end{bmatrix}, X = \begin{bmatrix} p \\ q \\ r \end{bmatrix}, B = \begin{bmatrix} 4 \\ 1 \\ 2 \end{bmatrix} अब, X = A^{-1} B A^{-1} ज्ञात करें और B से गुणा करें। अंत में, p, q, r के मान से x, y, z के मान ज्ञात करें: x = 1/p, y = 1/q, z = 1/r
व्याख्या:
समीकरणों को मैट्रिक्स रूप में लिखकर व्युत्क्रम विधि से हल करें।
Ganit-I के सभी 6 अध्याय
Mathematics · Class 12