Chapter 4
Chapter 4 — अध्ययन नोट्स
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स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी क्या है?
परिभाषास्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी क्या है?
स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी वह क्षेत्र है जो कंप्यूटर, आंकड़ों के प्रबंधन, विश्लेषण और चित्रण के लिए हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर का संयोजन करता है। 'स्थानिक' शब्द का अर्थ है भौगोलिक रूप से परिभाषित क्षेत्र जिसमें मापनीय आयाम होते हैं। हमारे दैनिक जीवन में अधिकांश आंकड़े स्थानिक घटक जैसे किसी नगरपालिका का पता या कृषि जोत की सीमाएँ होते हैं। इस प्रकार स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी का संबंध स्थानिक सूचना के संग्रहण, भंडारण, पुनर्प्राप्ति, प्रदर्शन, हेरफेर, प्रबंधन और विश्लेषण में प्रौद्योगिकी निवेश के प्रयोग से है। यह सुदूर-संवेदन, वैश्विक स्थिति-निर्धारण तंत्र (GPS), भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS), आंकिक मानचित्र कला और सूचनाधार प्रबंध प्रणालियों का सम्मिश्रण है। स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी का उद्देश्य विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों को कंप्यूटर आधारित प्रणालियों में समन्वित कर निर्णय पोषक प्रणाली विकसित करना है, जिससे प्रश्न जैसे "कोई वस्तु कहाँ है?", "वह वहाँ क्यों है?", "यदि इसे नयी अवस्थिति पर स्थानांतरित किया जाए तो क्या होगा?" आदि के उत्तर प्राप्त किए जा सकें। यह तकनीक भौगोलिक आंकड़ों के प्रग्रहण, भंडारण, विश्लेषण और प्रदर्शन में अत्यंत उपयोगी है।
- स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का संयोजन होता है।
- 'स्थानिक' का अर्थ है भौगोलिक रूप से परिभाषित क्षेत्र।
- स्थानिक आंकड़े जैसे किसी स्थान की अवस्थिति, सीमाएँ आदि शामिल हैं।
- यह तकनीक सुदूर-संवेदन, GPS, GIS आदि का सम्मिश्रण है।
- स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी निर्णय पोषक प्रणाली विकसित करने में सहायक है।
- 📌 स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी: भौगोलिक आंकड़ों के प्रबंधन, विश्लेषण और प्रदर्शन की तकनीक।
- 📌 स्थानिक: भौगोलिक रूप से परिभाषित क्षेत्र।
- 📌 सुदूर-संवेदन: पृथ्वी की सतह से आंकड़े प्राप्त करने की तकनीक।
भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS) क्या है?
परिभाषाभौगोलिक सूचना तंत्र (GIS) क्या है?
भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS) एक कंप्यूटर-आधारित प्रणाली है जो स्थानिक दृष्टि से संदर्भित आंकड़ों के प्रग्रहण, भंडारण, जाँच, समन्वय, हेरफेर, विश्लेषण और प्रदर्शन के लिए प्रयुक्त होती है। 1970 के दशक के मध्य से GIS ने स्थानिक आंकड़ों और गुण न्यास के प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। यह प्रणाली कंप्यूटर सहायक मानचित्र कला और सूचनाधारित प्रबंधन तंत्र का सम्मिश्रण है, जो कंप्यूटर विज्ञान, सांख्यिकी, मानचित्र कला, सुदूर-संवेदन, भूगोल, पर्यावरण विज्ञान आदि से संबंधित है। GIS में स्थानिक आंकड़े (जैसे बिंदु, रेखा, क्षेत्र) और गैर-स्थानिक आंकड़े (गुण न्यास) दोनों शामिल होते हैं। स्थानिक आंकड़े किसी वस्तु या घटना की अवस्थिति को दर्शाते हैं, जबकि गुण न्यास उनके गुणों या विशेषताओं को। GIS का प्रयोग विभिन्न क्षेत्रों में जैसे संसाधन प्रबंधन, पर्यावरणीय अध्ययन, कृषि, जल विज्ञान, लोक प्रशासन आदि में किया जाता है। **Table on page 2 (6×6)** | साइकिल की दुकान का स्टॉक रजिस्टर | | | 1981 में राज्यों की साक्षर जनसंख्या | | | | --- | --- | --- | --- | --- | --- | | पार्ट संख्या | मात्रा | विवरण | राज्य | % पुरुष | % स्त्री | | 101435 | 54 | चक्रार | केरल | 75.3 | 65.7 | | 108943 | 68 | बाल बियरिंग | महाराष्ट्र | 58.8 | 34.8 | | 105956 | 25 | पहिए का रिम | गुजरात | 54.4 | 32.3 | | 123545 | 108 | टायर | पंजाब | 47.2 | 33.7 | **Table on page 7 (2×3)** | चित्ररेखापूजन (रैस्टर) सत्ताएँ | यथार्थ विश्व की सत्ताएँ | सदिश (वेक्टर) सत्ताएँ | | --- | --- | --- | | | | |
- GIS एक कंप्यूटर आधारित प्रणाली है।
- यह स्थानिक और गैर-स्थानिक आंकड़ों के प्रबंधन में सक्षम है।
- GIS विभिन्न विज्ञानों जैसे भूगोल, कंप्यूटर विज्ञान आदि का सम्मिश्रण है।
- यह आंकड़ों के संग्रहण, विश्लेषण और प्रदर्शन के लिए उपयोगी है।
- GIS का उपयोग पर्यावरण, कृषि, जल विज्ञान, प्रशासन आदि में होता है।
- 📌 GIS: भौगोलिक सूचना तंत्र, स्थानिक आंकड़ों का प्रबंधन प्रणाली।
- 📌 स्थानिक आंकड़े: किसी वस्तु की अवस्थिति से संबंधित आंकड़े।
- 📌 गुण न्यास: स्थानिक आंकड़ों के गुणों या विशेषताओं से संबंधित आंकड़े।
भौगोलिक सूचना के प्रकार
अवधारणाभौगोलिक सूचना के प्रकार
भौगोलिक सूचना दो प्रकार की होती है: स्थानिक आंकड़े और गैर-स्थानिक आंकड़े (गुण न्यास)। स्थानिक आंकड़े वे होते हैं जिनमें किसी वस्तु या घटना की अवस्थिति, रेखा, क्षेत्रीय रूप या बनावट का उल्लेख होता है। ये आंकड़े ज्यामितीय निर्देशांक प्रणाली से पंजीकृत
अभ्यास प्रश्न — Chapter 4
NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित
Q1.संदिश (वेक्टर )फाइलों का प्रयोग अधिकतर प्रायः के लिए किया जाता है-
उत्तर:
उपर्युक्त सभी
Q2.आंकड़ों का प्रत्यानयन तंत्र में निवेश संचय प्रबंध रूपांतरण विश्लेषण आदि सम्मिलित हैं
उत्तर:
प्रक्रिया
Q3.आवेशित यूनिट साधन कहा जाता है-
उत्तर:
एक सारणी में व्यवस्थित विशेष संविदकॉ को
Q4.वियोजन का निर्धारण होता है-
उत्तर:
यांत्रिक भुजा की अपेक्षा संवेदक सतह की ज्यामिति और स्मृति की मात्रा द्वारा
Q5.भौगोलिक सूचना तंत्र का प्रमाण चिन्ह कहलाता है
उत्तर:
अधि चित्रण विश्लेषण
Q6.स्थानिक आंकड़ों के लक्षण निम्नांकित स्वरूप में दिखाई देते हैं
उत्तर:
रैखिक
Q7.विश्लेषक मॉड्यूल सॉफ्टवेयर के लिए कौन सा एक प्रचालन आवश्यक है?
उत्तर:
बफरिंग
Q8.चित्ररेखा पूजं( रेस्टर) आंकड़ा फॉर्मेट का एक अवगुण क्या है
उत्तर:
कठिन परिपथ चाल विश्लेषण
Bhugol main peryojnatmak pryogatmak karye के सभी 4 अध्याय
Geography · Class 12