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Chapter 4

🎓 Class 11📖 Bhartiya Airthryavstha Ka Vikas📖 10 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~15 मिनट
Chapter 3अध्याय 4 / 8Chapter 5

Chapter 4अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 10 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

4.1 परिचय

व्याख्या

4.1 परिचय

मानव जाति के विकास में सबसे महत्वपूर्ण कारक मनुष्य की ज्ञान-संग्रह करने और उसे प्रसारित करने की क्षमता है। मनुष्य ने यह समझ लिया है कि कार्यों को कुशलतापूर्वक करने के लिए प्रशिक्षण और कौशल आवश्यक हैं। शिक्षित व्यक्ति का श्रम कौशल अशिक्षित व्यक्ति से अधिक होता है, इसलिए वह अधिक आय अर्जित करता है और आर्थिक समृद्धि में अधिक योगदान देता है। शिक्षा केवल आय बढ़ाने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को सामाजिक स्थिति, सम्मान, बेहतर विकल्प चुनने की क्षमता और समाज में हो रहे परिवर्तनों को समझने में सक्षम बनाती है। शिक्षित श्रम शक्ति नई तकनीक को अपनाने में सहायक होती है। इसलिए शिक्षा के अवसरों का विस्तार आवश्यक है क्योंकि यह विकास प्रक्रिया को तेज करता है।

  • मनुष्य की ज्ञान संग्रहण और प्रसारण क्षमता विकास का मुख्य आधार है।
  • शिक्षा से व्यक्ति का कौशल और उत्पादकता बढ़ती है।
  • शिक्षा सामाजिक स्थिति और सम्मान प्रदान करती है।
  • शिक्षित व्यक्ति नवाचार और तकनीकी विकास को अपनाने में सक्षम होता है।
  • शिक्षा के विस्तार से विकास प्रक्रिया तेज होती है।
  • 📌 श्रम कौशल: कार्य करने की दक्षता जो शिक्षा से बढ़ती है।
  • 📌 आर्थिक समृद्धि: देश की वास्तविक आय और विकास की वृद्धि।

4.2 मानव पूँजी क्या है?

परिभाषा

4.2 मानव पूँजी क्या है?

मानव पूँजी का अर्थ है मानव संसाधनों को शिक्षा, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य आदि के माध्यम से उत्पादक और कुशल बनाना। जैसे एक देश अपनी भूमि को कारखानों जैसी भौतिक पूँजी में परिवर्तित करता है, उसी प्रकार मानव संसाधनों को नर्स, किसान, शिक्षक, डॉक्टर, अभियंता आदि में परिवर्तित करना मानव पूँजी निर्माण है। इसके लिए शिक्षकों और प्रशिक्षकों जैसी बेहतर मानव पूँजी की आवश्यकता होती है। मानव पूँजी निर्माण के लिए निवेश आवश्यक होता है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण, प्रवासन और सूचना के माध्यम से होता है। यह पूँजी भौतिक पूँजी से भिन्न होती है क्योंकि यह व्यक्ति के शरीर और मस्तिष्क में निहित होती है और इसे बाजार में सीधे बेचा नहीं जा सकता, केवल इसकी सेवाएँ प्रदान की जा सकती हैं।

  • मानव पूँजी मानव संसाधनों का उत्पादक रूप है।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण, प्रवासन और सूचना मानव पूँजी के स्रोत हैं।
  • मानव पूँजी का निर्माण निवेश पर निर्भर करता है।
  • यह भौतिक पूँजी से भिन्न होती है क्योंकि इसे व्यक्ति से अलग नहीं किया जा सकता।
  • मानव पूँजी सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • 📌 मानव पूँजी: शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण से विकसित मानव संसाधन।
  • 📌 भौतिक पूँजी: मशीन, भवन आदि भौतिक संसाधन।

4.3 मानव पूँजी के स्रोत

व्याख्या

4.3 मानव पूँजी के स्रोत

मानव पूँजी के मुख्य स्रोतों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कार्यस्थल प्रशिक्षण, प्रवासन और सूचना शामिल हैं। शिक्षा में निवेश से व्यक्ति में ज्ञान, कौशल और सामाजिक मूल्य विकसित होते हैं, जो उसकी रोजगार योग्यता बढ़ाते हैं। स्वास्थ्य पर व्यय से स्वस्थ श्रमबल उप

अभ्यास प्रश्नChapter 4

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.भारत के विदेशी व्यापार पर ब्रिटिश नियंत्रण को बढ़ाने वाला मुख्य कारक क्या था?
A.अंग्रेजों की व्यापार नीतियाँ
B.औद्योगिक विकास
C.स्वेज नहर का उद्घाटन
D.उपरोक्त में से कोई नहीं

उत्तर:

स्वेज नहर का उद्घाटन

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Q2.औपनिवेशिक काल के दौरान भारत द्वारा मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किसे निर्यात किया गया था?
A.कच्चा रेशम
B.मशीनरी
C.ऊनी कपड़े
D.उपरोक्त सभी

उत्तर:

कच्चा रेशम

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Q3.स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर सार्वजनिक क्षेत्र के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
A.एक बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र प्रचालन में था।
B.सार्वजनिक क्षेत्र ने रेलवे, बंदरगाहों को अपवर्जित रखा।
C.सार्वजनिक क्षेत्र के संचालन का सीमित क्षेत्र।
D.इसने नए औद्योगिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उत्तर:

सार्वजनिक क्षेत्र के संचालन का सीमित क्षेत्र।

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Q4.1907 में निम्नलिखित में से किस उद्योग को शामिल किया गया था?
A.जूट उद्योग
B.टाटा के स्वामित्व वाली आयरन एंड स्टील कंपनी
C.चाय उद्योग
D.मसाला उद्योग

उत्तर:

टाटा के स्वामित्व वाली आयरन एंड स्टील कंपनी

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Q5.निम्नलिखित में से कौन-सा उद्योग मुख्य रूप से स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर कच्चे माल की कमी के कारण पड़ा?
A.इस्पात उद्योग
B.कॉफी उद्योग
C.जूट उद्योग
D.चाय उद्योग

उत्तर:

जूट उद्योग

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Q6.निम्नलिखित में से कृषि क्षेत्र से भारत के उत्पादन पर किसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा?
A.विभाजन ने पाकिस्तान को अविभाजित देश की सिंचित और अत्यधिक उपजाऊ भूमि के लिए सक्षम किया।
B.भारत में आधुनिक औद्योगिक आधार।
C.औपनिवेशिक सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियाँ।
D.उपरोक्त सभी।

उत्तर:

विभाजन ने पाकिस्तान को अविभाजित देश की सिंचित और अत्यधिक उपजाऊ भूमि के लिए सक्षम किया।

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Q7.औपनिवेशिक काल के दौरान राष्ट्रीय और प्रति व्यक्ति आय अध्ययन में सबसे महत्वपूर्ण खोज कौन-सी थी?
A.भारत अच्छा औद्योगिक आधार था।
B.औपनिवेशिक सरकार भारतीय औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध थी।
C.औपनिवेशिक काल में प्रति व्यक्ति उत्पादन के आंकड़ों में वृद्धि बहुत उत्साहजनक थी।
D.प्रति व्यक्ति उत्पादन में वृद्धि प्रतिवर्ष आधा प्रतिशत थी।

उत्तर:

प्रति व्यक्ति उत्पादन में वृद्धि प्रतिवर्ष आधा प्रतिशत थी।

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Q8.भारत में औपनिवेशिक सरकार की आर्थिक नीतियों का निम्नलिखित में से कौन-सा उद्देश्य नहीं था?
A.भारत को ब्रिटेन में कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता के रूप में परिवर्तित करना।
B.भारत के आर्थिक हितों को बढ़ावा देना।
C.भारत को ब्रिटेन में निर्मित उत्पादों के लिए एक बाजार बनाना।
D.ग्रेट ब्रिटेन के आधुनिक औद्योगिक आधार का विस्तार करने के लिए।

उत्तर:

भारत के आर्थिक हितों को बढ़ावा देना।

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