NCERTCh 3निःशुल्क

Chapter 3

🎓 Class 10📖 Sparsh📖 8 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~12 मिनट
पदअध्याय 3 / 14Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 8 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

मैथिलीशरण गुप्त

व्याख्या

मैथिलीशरण गुप्त

मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 1886 में झाँसी के निकट चिरगाँव में हुआ था। वे हिंदी साहित्य के एक महान कवि थे और अपने जीवनकाल में ही राष्ट्रकवि के रूप में विख्यात हुए। उनकी शिक्षा-दीक्षा घर पर ही हुई, जहाँ उन्होंने संस्कृत, बांग्ला, मराठी और अंग्रेजी भाषाओं का समान अधिकार प्राप्त किया। गुप्त जी रामभक्त कवि थे और राम का कीर्तिगान उनकी चिरसंचित अभिलाषा रहा। उन्होंने भारतीय जीवन को समग्रता में समझने और प्रस्तुत करने का प्रयास किया। उनकी कविता की भाषा विशुद्ध खड़ी बोली है, जिसमें संस्कृत का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। उनकी काव्य कथावस्तु भारतीय इतिहास के ऐसे अंशों से ली गई है जो भारत के अतीत का स्वर्ण चित्र पाठक के सामने प्रस्तुत करते हैं। मैथिलीशरण गुप्त की प्रमुख कृतियाँ हैं—साकेत, यशोधरा, जयद्रथ वध। उनके पिता सेठ रामचरण दास भी कवि थे और उनके छोटे भाई सियारामशरण गुप्त भी प्रसिद्ध कवि हुए।

  • मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 1886 में झाँसी के निकट चिरगाँव में हुआ।
  • वे राष्ट्रकवि के रूप में विख्यात हुए।
  • उनकी शिक्षा-दीक्षा घर पर हुई, संस्कृत, बांग्ला, मराठी और अंग्रेजी भाषाओं में दक्षता।
  • रामभक्त कवि थे और राम का कीर्तिगान उनकी अभिलाषा।
  • काव्य की भाषा विशुद्ध खड़ी बोली और संस्कृत प्रभाव।
  • प्रमुख कृतियाँ: साकेत, यशोधरा, जयद्रथ वध।
  • 📌 राष्ट्रकवि - वह कवि जो राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव रखता हो।
  • 📌 खड़ी बोली - हिंदी की एक शुद्ध और मानक बोली।
  • 📌 कीर्तिगान - किसी की प्रशंसा में गाया गया गीत।

पाठ प्रवेश

व्याख्या

पाठ प्रवेश

इस खंड में कवि ने मनुष्य की चेतना-शक्ति की प्रबलता पर प्रकाश डाला है। मनुष्य केवल अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के हित के लिए भी सोचने और कार्य करने में सक्षम होता है। पशु केवल अपने हिस्से का चरागाह चरते हैं, पर मनुष्य अपने उत्पादन और कमाई को दूसरों के लिए भी करता है। कवि यह मानते हैं कि मनुष्य वही महान होता है जिसमें दूसरों के हित की चिंता अपने और अपनों के हित से भी ऊपर हो। ऐसे मनुष्य की मृत्यु भी सुमृत्यु होती है, अर्थात् उसकी मृत्यु के बाद भी उसकी यादें युगों तक जीवित रहती हैं। इस खंड में कवि ने मनुष्यता के गुणों और उसके महत्व को समझाया है।

  • मनुष्य में चेतना-शक्ति की प्रबलता होती है।
  • मनुष्य अपने और दूसरों के हित के लिए कार्य करता है।
  • पशु केवल अपने हिस्से का चरते हैं, मनुष्य साझा करता है।
  • महान मनुष्य वही जो दूसरों के हित को सर्वोपरि रखता है।
  • सुमृत्यु वह मृत्यु है जो युगों तक याद रखी जाए।
  • 📌 चेतना-शक्ति - जागरूकता और समझने की क्षमता।
  • 📌 सुमृत्यु - ऐसी मृत्यु जिसकी यादें सदैव जीवित रहती हैं।

मनुष्यता

व्याख्या

मनुष्यता

यह कविता मनुष्य के जीवन के उच्चतम आदर्शों को प्रस्तुत करती है। कवि ने बताया है कि मृत्यु से भयभीत नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसी मृत्यु होनी चाहिए कि सब लोग उसे याद करें। यदि मृत्यु के बाद भी याद न रहे तो जीवन व्यर्थ है। मनुष्य वही है जो अपने लिए नहीं, ब

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.नायक के संकेत से कहने पर नायिका क्या करती है
A.प्रसन्न हो जाती है
B.मनाकर देती है
C.चिढ़ जाती है
D.हाँ कर देती है

उत्तर:

मनाकर देती है

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Q2.गर्मी में सभी जीव-जन्तुओं के एक स्थान पर बैठने से जंगल कैसा लगता है
A.तपोवन
B.तुलसीवन
C.उपवन
D.चन्द्रवन

उत्तर:

तपोवन

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Q3.पीताम्बरधारी कृष्ण ऐसे लगते हैं जैसे नीले पर्वत पर
A.चाँदनी
B.सूरज
C.काले बादल
D.सुबह की धूप

उत्तर:

सुबह की धूप

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Q4.द्विज का अर्थ नहीं है
A.पक्षी
B.हिरन
C.दाँत
D.ब्राहमण

उत्तर:

हिरन

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Q5.निदाघ का क्या अर्थ है
A.शीत ऋतु
B.वर्षा ऋतु
C.ग्रीष्म ऋतु
D.वसंत ऋतु

उत्तर:

ग्रीष्म ऋतु

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Q6.श्रीकृष्ण अपने अंगों में क्या – क्या धारण किये हुए हैं?
A.पैरों में नूपुर
B.कमर में करधनी
C.ह्रदय पर वनमाला
D.उपर्युक्त सभी।

उत्तर:

उपर्युक्त सभी।

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Q7.ब्रजदूलह कौन हैं?
A.श्रीराम
B.श्रीकृष्ण
C.बलराम
D.वासुदेव

उत्तर:

श्रीकृष्ण

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Q8.बालक बसंत किसका पुत्र है?
A.ऋतुओं का
B.कामदेव का
C.बादलों का
D.समुद्र का

उत्तर:

कामदेव का

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