NCERTCh 3निःशुल्क

Chapter 3

🎓 Class 12📖 Bhugol main peryojnatmak pryogatmak karye📖 11 नोट्स🧠 15 प्रश्न-उत्तर⏱️ ~17 मिनट
Chapter 2अध्याय 3 / 4Chapter 4

Chapter 3अध्ययन नोट्स

NCERT-संरेखित · 11 नोट्स · 3 निःशुल्क दिखाए गए

आंकड़ों का प्रदर्शन

अवधारणा

आंकड़ों का प्रदर्शन

आंकड़े वे तथ्य होते हैं जो किसी विषय वस्तु की विशेषताओं को संख्यात्मक रूप में दर्शाते हैं। ये विभिन्न स्रोतों से एकत्रित किए जाते हैं, जैसे जनगणना, सर्वेक्षण, वैज्ञानिक अध्ययन आदि। भूगोल, अर्थशास्त्र, संसाधन विज्ञान और निर्णय निर्माण में आंकड़ों का अत्यधिक उपयोग होता है। केवल तालिकाओं में आंकड़ों को प्रस्तुत करना सीमित होता है क्योंकि इससे जटिल तथ्यों को समझना कठिन हो जाता है। इसलिए आंकड़ों को दृश्य रूप में प्रस्तुत करने के लिए आलेख, आरेख, मानचित्र और चार्ट का उपयोग किया जाता है, जिसे आंकड़ों का प्रदर्शन कहा जाता है। आंकड़ों का आलेखी निरूपण जटिल तथ्यों को सरल, स्पष्ट और तुलनात्मक रूप में प्रस्तुत करता है। इससे हमें विभिन्न भौगोलिक सीमाओं में जनसंख्या वृद्धि, वितरण, घनत्व, लिंगानुपात, व्यावसायिक संरचना आदि को आसानी से समझने में मदद मिलती है। एक कहावत है कि "एक चित्र हजार शब्दों के बराबर होता है।" इसी प्रकार, आलेखी विधियाँ हमारी समझ को बढ़ाती हैं, तुलनात्मक विश्लेषण को सरल बनाती हैं और दीर्घकालिक स्मृति में आंकड़ों को स्थायी रूप से स्थापित करती हैं।

  • आंकड़े विभिन्न स्रोतों से एकत्रित होते हैं और तथ्यात्मक जानकारी देते हैं।
  • तालिकाओं के अलावा आंकड़ों को आलेख, आरेख, मानचित्र आदि द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।
  • आलेखी निरूपण जटिल तथ्यों को सरल, स्पष्ट और तुलनात्मक बनाता है।
  • यह विभिन्न भौगोलिक और सामाजिक विषयों की समझ को आसान बनाता है।
  • आलेखी विधियाँ दीर्घकालिक स्मृति में आंकड़ों को स्थायी बनाती हैं।
  • 📌 आंकड़े: तथ्यात्मक संख्यात्मक डेटा जो किसी विषय वस्तु की विशेषता दर्शाते हैं।
  • 📌 आलेखी निरूपण: आंकड़ों को आलेख, आरेख, मानचित्र आदि के माध्यम से दृश्य रूप में प्रस्तुत करना।

आलेखों, आरेखों और मानचित्रों के चित्रांकन के सामान्य नियम

अवधारणा

आलेखों, आरेखों और मानचित्रों के चित्रांकन के सामान्य नियम

आंकड़ों को सही और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए कुछ सामान्य नियमों का पालन आवश्यक होता है। ये नियम आलेख, आरेख और मानचित्रों के निर्माण में सटीकता, आकर्षकता और अर्थपूर्णता सुनिश्चित करते हैं। 1. उपयुक्त विधि का चयन: आंकड़ों की प्रकृति के अनुसार सही आलेखी विधि चुनना आवश्यक है। जैसे तापमान, वर्षा, जनसंख्या वृद्धि आदि के लिए रेखा ग्राफ उपयुक्त होता है, जबकि वितरण के लिए बिंदुकित मानचित्र या वर्णमात्री मानचित्र बेहतर होते हैं। 2. उपयुक्त मापनी का चयन: मापनी वह मापदंड है जिससे आंकड़ों को आरेख या मानचित्र पर सही अनुपात में दर्शाया जाता है। मापनी न तो बहुत बड़ी होनी चाहिए जिससे आरेख असुविधाजनक हो, न ही बहुत छोटी जिससे आंकड़े अस्पष्ट दिखें। 3. अभिकल्पना: आरेख या मानचित्र के सभी आवश्यक घटकों जैसे शीर्षक, निर्देशिका, दिशा आदि को स्पष्ट और उचित स्थान पर अंकित करना चाहिए। शीर्षक में क्षेत्र का नाम, विषय और संदर्भ वर्ष शामिल होते हैं। निर्देशिका में रंग, छाया, प्रतीक आदि की व्याख्या होती है। दिशा सूचक से मानचित्र की दिशा का पता चलता है। 4. आरेखों की रचना: आंकड़ों के आधार पर आरेखों को एक-आयामी, द्वि-आयामी और त्रि-आयामी वर्गों में बांटा जाता है। प्रत्येक प्रकार के आरेख की अपनी विशेषता और उपयोगिता होती है।

  • आंकड़ों की प्रकृति के अनुसार उपयुक्त आलेखी विधि का चयन जरूरी है।
  • मापनी का चुनाव सावधानी से करना चाहिए ताकि आंकड़े स्पष्ट और सटीक दिखें।
  • आलेख/मानचित्र में शीर्षक, निर्देशिका और दिशा सूचक अनिवार्य होते हैं।
  • आरेखों को एक-आयामी, द्वि-आयामी और त्रि-आयामी वर्गों में बांटा जाता है।
  • 📌 मापनी: आंकड़ों को आरेख या मानचित्र पर सही अनुपात में दर्शाने का मानक।
  • 📌 अभिकल्पना: आरेख या मानचित्र के सभी आवश्यक घटकों का उचित संयोजन।
  • 📌 निर्देशिका: मानचित्र या आरेख में प्रयुक्त रंग, प्रतीक आदि की व्याख्या।

रेखा ग्राफ और बहुरेखाचित्र

अवधारणा

रेखा ग्राफ और बहुरेखाचित्र

रेखा ग्राफ एक-आयामी आरेख है जो समय-क्रमिक आंकड़ों जैसे तापमान, वर्षा, जनसंख्या वृद्धि, जन्म दर, मृत्यु दर आदि को प्रदर्शित करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें X-अक्ष पर समय (वर्ष, माह) और Y-अक्ष पर आंकड़ों का मान अंकित होता है। आंकड़ों को बिंदुओं क

अभ्यास प्रश्नChapter 3

NCERT अभ्यास प्रश्न और उत्तर सहित

Q1.प्रवाह सचित्र का सबसे अच्छा उदाहरण है
A.फसलों के उत्पादन का प्रदर्शन
B.यात्रियों एवं वाहनों की संख्या का प्रदर्शन
C.प्रशासनिक आंकड़ों का प्रदर्शन
D.उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर:

यात्रियों एवं वाहनों की संख्या का प्रदर्शन

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Q2.क्षेपक का उपयोग दो स्थानों का प्रेक्षित मानो के बीच-------- को प्राप्त करने के लिए किया जाता है
A.माध्यिका
B.बहुलक
C.मध्यमान
D.उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर:

मध्यमान

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Q3.वर्णमात्री मानचित्र संबंधित है
A.उत्पादन इकाइयों से
B.प्रशासनिक इकाइयों से
C.वितरण इकाइयों से
D.उपर्युक्त सभी से

उत्तर:

प्रशासनिक इकाइयों से

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Q4.प्रतिरूपों अथवा स्थानों पर विविधताओं की विशेषताओं को समझने वाले मानचित्र कहलाते हैं
A.मात्रात्मक मानचित्र
B.गतिदर्शी मानचित्र
C.अमात्रात्मक मानचित्र
D.वितरण मानचित्र

उत्तर:

वितरण मानचित्र

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Q5.जनसंख्या वितरण दर्शाया जाता है
A.वर्ण मात्री मानचित्र द्वारा
B.सममान रेखा मानचित्र द्वारा
C.बिंदु किस मानचित्र द्वारा
D.ऊपर में से कोई भी नहीं

उत्तर:

बिंदु किस मानचित्र द्वारा

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Q6.जनसंख्या की दशकीय वृद्धि को सबसे अच्छा प्रदर्शित करने का तरीका है
A.रेखा ग्राफ
B.दंड आरेख
C.व्रत आरेख
D.ऊपर मैसे कोई भी नहीं

उत्तर:

रेखा ग्राफ

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Q7.बहु रेखा चित्र की रचना प्रदर्शित करती है
A.केवल एक चर
B.दो चरों से अधिक
C.केवल दो चर
D.उपर्युक्त में से कोई नहीं

उत्तर:

उपर्युक्त में से कोई नहीं

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Q8.कौन सा मानचित्र गति दर्शी माना जाता है
A.बिंदु कित मानचित्र
B.सममान रेखा मानचित्र
C.वरुण मात्री मानचित्र
D.प्रवाह संचित्र

उत्तर:

प्रवाह संचित्र

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